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खरपतवारVicia sativaसमीक्षा 27 अगस्त 2026

अंकरी / जंगली मटरी (Vicia sativa)

तंतु से चढ़ने वाला सर्दी फलीदार खरपतवार जो मसूर व अलसी पर फैल जाता, व जिसका चपटा बीज कटी उपज में मिल जाता।

प्रकार
चौड़ी-पत्ती खरपतवार (वार्षिक फलीदार, सर्दी)
जीवन-चक्र
वार्षिक; सख़्त बीज, मिट्टी में टिकता
फैलाव
बीज; मसूर के दाने में मिल जाता
मुख्य हानि
चढ़कर होड़; कटे लॉट का दाम घटाता

परिचय

जंगली मटरी (Vicia sativa), जिसे अंकरी, अकरी या अकरा कहते, उत्तर व मध्य भारत में मसूर, अलसी, चना, मटर, गेहूँ व जौ का एक आम सर्दी (रबी) खरपतवार है। यह एक फैलने वाला वार्षिक फलीदार है — कमज़ोर कोणदार तने, संयुक्त पत्तियाँ जो सिरे पर एक शाखित तंतु में ख़त्म होतीं, 4–8 जोड़ी पतली पत्तियाँ जिनके सिरे पर छोटी कटान होती, व पत्ती के कोने में अकेले या जोड़े में लगे छोटे गुलाबी-बैंगनी मटर-फूल। यह तंतु के सहारे फसल पर चढ़ जाता व चपटी फलियाँ बनाता जिनमें कई गोल-चपटे बीज होते।

यह फसल को दो तरह से नुकसान करता। खेत में यह नमी, नाइट्रोजन, रोशनी व जगह के लिए होड़ करता, और फलीदार होने से उसी कमज़ोर, बिना-खाद ज़मीन पर भी पनपता जहाँ अलसी व मसूर उगाई जातीं; घना जमाव फसल पर चढ़कर उसे नीचे गिरा देता, जिससे फसल लेट जाती व कटाई धीमी हो जाती। बाज़ार में हाल और बुरा — इसका चपटा बीज मसूर के दाने जितना ही होता, आम सफ़ाई से अलग करना बहुत मुश्किल, व मटरी-मिला लॉट खरीदार कम ग्रेड में लेकर दाम घटाते। बचाव की नींव — साफ़ प्रमाणित बीज, फली बनने से पहले खरपतवार हाथ से उखाड़ना, एक ज़ोरदार फसल, व बुवाई के तुरंत बाद खरपतवारनाशी।

कैसे पहचानें

  • कमज़ोर, कोणदार, फैलते तनों वाला एक सर्दी वार्षिक फलीदार जो फसल पर चढ़ जाता।
  • संयुक्त पत्तियाँ जो सिरे पर एक शाखित तंतु में ख़त्म होतीं, 4–8 जोड़ी पतली पत्तियाँ सिरे पर छोटी कटान के साथ।
  • छोटे गुलाबी-बैंगनी मटर-फूल, पत्ती व तने के जोड़ पर अकेले या जोड़े में।
  • चपटी फलियाँ जिनमें मसूर के दाने जितने कई गोल-चपटे बीज होते।

यह समस्या क्यों है

  • फसल से नमी, नाइट्रोजन, रोशनी व जगह के लिए होड़ करता, और फलीदार होने से कमज़ोर बिना-खाद ज़मीन पर भी पनपता।
  • घना जमाव फसल पर चढ़कर उसे गिरा देता, जिससे फसल लेट जाती व कटाई धीमी व मुश्किल हो जाती।
  • इसका चपटा बीज मसूर के दाने जितना ही, साफ़ करना कठिन, व मटरी-मिला लॉट खरीदार दाम घटाकर लेते।
  • विपुल बीज बनाता, व सख़्त बीज मिट्टी में बचा रहकर आगे की रबी फसलों में फिर उग आता।
  • नए खेतों में मुख्यतः बोए गए फसल-बीज में मिलावट के रूप में फैलता।

सांस्कृतिक व निवारक नियंत्रण

  • साफ़, प्रमाणित, मटरी-मुक्त बीज से शुरू करें — दूषित बीज ही इसके नए खेत तक पहुँचने का मुख्य रास्ता है।
  • फसल में घूमते हुए मटरी को फूल व फली बनने से पहले हाथ से उखाड़ें, ताकि इसका बीज लॉट में कभी न आए।
  • एक ज़ोरदार, उचित-दूरी फसल उगाएँ, और जहाँ मटरी ज़्यादा हो वहाँ मसूर/अलसी के साथ गेहूँ या सरसों की अदला-बदली करें, ताकि चौड़ी-पत्ती खरपतवारनाशी इस्तेमाल हो सके।
  • हर सीज़न बीज बनने से रोकें व मेड़ें साफ़ रखें ताकि मिट्टी का बीज-भंडार घटे।
  • कटी उपज अच्छी तरह साफ़ करें, व अगले साल बोने के बीज से मटरी-भरे लॉट अलग रखें।

खरपतवारनाशी नियंत्रण

  • बुवाई के 2–3 दिन के भीतर पेंडिमेथालिन जैसा बुवाई-पूर्व खरपतवारनाशी फसल के अहम पहले 30–40 दिनों में मटरी की शुरुआती लहर रोकता है।
  • मसूर व अलसी में खड़ी फसल पर छिड़कने लायक चुनिंदा विकल्प बहुत कम हैं व फसल-सुरक्षा सीमित — स्थानीय सलाह मानें और खड़ी दलहन पर बिना-परखा उत्पाद कभी न छिड़कें।
  • गेहूँ या सरसों वाले साल में अनुशंसित चौड़ी-पत्ती खरपतवारनाशी (जैसे गेहूँ में 2,4-D या मेट्सल्फ़्यूरॉन) वह मटरी हटा देता जो दलहन फसल नहीं हटा सकती।
  • अपनी फसल के लिए मौजूदा खरपतवारनाशी, मात्रा व समय स्थानीय KVK से पक्का करें।

एकीकृत प्रबंधन

  • साफ़ बीज, फली बनने से पहले जल्दी हाथ-उखाड़, एक ज़ोरदार फसल व बुवाई-पूर्व खरपतवारनाशी मिलाएँ।
  • अदला-बदली में गेहूँ या सरसों वाले साल का इस्तेमाल कर मटरी को चौड़ी-पत्ती खरपतवारनाशी से साफ़ करें।
  • बीज बनने से रोकें व उपज साफ़ करें ताकि खरपतवार न मिट्टी में बढ़े न दाने में जाए।

सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें

हमारी फसल गाइडों में जहाँ यह समस्या बताई गई है — पूरी पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ के लिए कोई फसल खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरी मसूर या अलसी में बैंगनी फूलों वाला चढ़ने वाला खरपतवार कौन-सा है?

कमज़ोर कोणदार तनों, सिरे पर शाखित तंतु वाली संयुक्त पत्तियों, पतली कटान वाली पत्तियों व छोटे गुलाबी-बैंगनी मटर-फूलों वाला एक फैलने वाला सर्दी फलीदार जंगली मटरी (Vicia sativa) है, जिसे अंकरी या अकरी कहते। यह फसल पर चढ़कर नमी व नाइट्रोजन की होड़ करता, व इसका चपटा बीज कटी उपज में मिल जाता। इसे साफ़ प्रमाणित बीज, फली बनने से पहले हाथ-उखाड़, एक ज़ोरदार फसल व पेंडिमेथालिन जैसे बुवाई-पूर्व खरपतवारनाशी से रोकें।

जंगली मटरी मेरी मसूर का दाम क्यों घटा देती है?

क्योंकि मटरी का बीज चपटा व मसूर के दाने जितना ही होता, आम सफ़ाई व छलनी से ठीक से अलग नहीं होता, तो कटे लॉट में मिला रह जाता। खरीदार मटरी-मिला माल का दाम घटाते क्योंकि मिलावट से ग्रेड गिरता व मटरी के बीज में कड़वे, पोषण-विरोधी तत्व होते। इसीलिए फ़ायदा इसमें है कि खरपतवार को फली बनने से पहले खेत में हाथ से उखाड़ें, बजाय बाद में दाने से साफ़ करने की कोशिश के।

जंगली मटरी को हर रबी लौटने से कैसे रोकूँ?

इसका सख़्त बीज मिट्टी में सालों टिकता, तो कुंजी है इसे बीज बनने से रोकना व बीज-भंडार घटाना। फली बनने से पहले हाथ से उखाड़ें, साफ़ प्रमाणित बीज बोएँ, व मेड़ें साफ़ रखें। जहाँ मटरी ज़्यादा हो वहाँ अदला-बदली में गेहूँ या सरसों का साल डालें ताकि चौड़ी-पत्ती खरपतवारनाशी इसे साफ़ कर सके, क्योंकि मसूर व अलसी में इसके ख़िलाफ़ लगभग कोई सुरक्षित चुनिंदा छिड़काव नहीं। कुछ सीज़न बीज न बनने पर दबाव घट जाता।

लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.