दलहन आत्मनिर्भरता मिशन
Mission for Aatmanirbharta in Pulses
तुअर, उड़द और मसूर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 6 साल की, ₹11,440 करोड़ की योजना — मुफ्त बीज किट, सस्ता प्रमाणित बीज, और अगले 4 साल तक इन तीन दलहनों की पूरी उपज सरकार द्वारा खरीदने की गारंटी।
- कुल बजट
- ₹11,440 करोड़
- योजना की स्थिति
- चालू
- अवधि
- 2025-26 से 2030-31
- कैबिनेट मंज़ूरी
- 1 अक्टूबर 2025
- मुख्य फसलें
- तुअर, उड़द, मसूर
- खरीद गारंटी
- 100% MSP खरीद, 4 साल
- उत्पादन लक्ष्य (2030-31)
- 350 लाख टन
- आत्मनिर्भरता लक्ष्य
- दिसंबर 2027
परिचय
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 अक्टूबर 2025 को मंज़ूरी दी। इसका बजट ₹11,440 करोड़ है और यह छह साल (2025-26 से 2030-31) तक चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 11 अक्टूबर 2025 को पीएम धन-धान्य कृषि योजना के साथ लॉन्च किया।
यह मिशन सिर्फ तीन दलहनों पर केंद्रित है — तुअर (अरहर), उड़द और मसूर — क्योंकि भारत को अभी भी इनका बड़ा हिस्सा बाहर से मंगाना पड़ता है। सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2027 तक भारत दालों में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन जाए।
यह मिशन दोनों तरफ से काम करता है: एक तरफ खेती बढ़ाने में मदद (मुफ्त बीज किट, सस्ता प्रमाणित बीज, ज़्यादा ज़मीन दलहन के नीचे लाना), दूसरी तरफ फसल बेचने की गारंटी (NAFED और NCCF अगले चार साल तक पंजीकृत किसानों की पूरी तुअर, उड़द और मसूर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेंगे)।
यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM/NFSNM) से अलग है, जो दलहन के साथ-साथ चावल, गेहूं, मोटे अनाज, कपास, जूट और गन्ना जैसी कई फसलों को भी सहारा देता है। यह नया मिशन सिर्फ दलहन के लिए है, इसका अपना अलग ₹11,440 करोड़ का बजट है, और इसमें 4 साल की गारंटीशुदा खरीद जैसी सुविधा है जो NFSM में नहीं है।
योजना की मुख्य बातें
सरकार से पक्की खरीद
NAFED और NCCF अगले चार साल तक पंजीकृत किसानों की पूरी तुअर, उड़द और मसूर MSP पर खरीदेंगे — कोई तय कोटा नहीं है।
88 लाख मुफ्त बीज किट
छह साल में किसानों को बेहतर, जलवायु-सहनशील दलहन किस्मों के मुफ्त बीज किट दिए जाएंगे।
बड़े पैमाने पर सस्ता प्रमाणित बीज
मिशन की अवधि में 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज बांटने और 370 लाख हेक्टेयर दलहन बुवाई को कवर करने का लक्ष्य।
1,000 नई प्रोसेसिंग इकाइयां
खेत के पास दाल मिल व प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए प्रोजेक्ट लागत का 33% या अधिकतम ₹25 लाख तक की सब्सिडी।
35 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त ज़मीन
धान की परती ज़मीन और अंतर-फसल खेती को बढ़ावा देकर, बिना दूसरी फसलों को हटाए, दलहन का रकबा बढ़ाया जा रहा है।
छोटे किसानों व महिलाओं को प्राथमिकता
दिशानिर्देशों में छोटे व सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी गई है, और कम-से-कम 20% फंड महिला किसानों के लिए आरक्षित है।
आपको क्या मिलता है
MSP पर पक्का खरीदार
NAFED (e-Samridhi) या NCCF (e-Samyukti) पर पंजीकरण करें, और तय गुणवत्ता मानक (FAQ) की हर क्विंटल तुअर, उड़द या मसूर अगले 4 सालों तक MSP पर खरीदी जाएगी।
बेहतर बीज, कम लागत
मुफ्त बीज किट (प्रति किसान 1 एकड़ तक सीमित) और राज्य द्वारा तय सब्सिडी पर प्रमाणित बीज, बिना पूरी लागत उठाए बेहतर किस्मों पर जाने में मदद करते हैं।
स्थानीय प्रोसेसिंग से कमाई
किसान समूह, FPO और उद्यमी दाल मिल या प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर पूंजी सब्सिडी पा सकते हैं — खेत के पास ही मूल्य बढ़ाकर कमाई का मौका।
सीधे खाते में भुगतान
खरीद का पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT से आता है — खरीद केंद्र पर नकद लेन-देन की ज़रूरत नहीं।
कौन पात्र है
दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।
आप पात्र हैं अगर
- भारत में कहीं भी तुअर (अरहर), उड़द या मसूर उगाने वाले किसान
- आधार उपलब्ध हो, और उससे जुड़वाया जा सके ऐसा बैंक खाता हो
- दलहन वाली ज़मीन का रिकॉर्ड, या खेती का मान्य प्रमाण
- MSP पर बेचने के लिए NAFED या NCCF पर पंजीकरण (सीधे, या PACS/FPO के ज़रिए)
- उपज सीज़न के लिए तय Fair Average Quality (FAQ) मानक पर खरी उतरे
ज़मीन होते हुए भी अपात्र
- तुअर, उड़द और मसूर के अलावा दूसरी दालें इस मिशन की 4 साल वाली गारंटीशुदा खरीद में शामिल नहीं हैं (वे सामान्य मूल्य समर्थन योजना प्रक्रिया में ही रहती हैं)
- NAFED/NCCF के खरीद केंद्र के बाहर बिना पंजीकरण बेची गई उपज पर MSP गारंटी लागू नहीं होती
- जिस किसान ने किसी फसल/किस्म का मुफ्त बीज किट पहले ले लिया है, उसे उसी फसल/किस्म का दूसरा किट 2 साल तक नहीं मिलेगा
- एक किसान को बीज सहायता एक सीज़न में अधिकतम 5 हेक्टेयर तक ही मिल सकती है; मुफ्त बीज किट अधिकतम 1 एकड़ प्रति किसान तक सीमित है
यह योजना कहाँ लागू है
पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।
आधार कार्ड
e-Samridhi/e-Samyukti पर पंजीकरण के समय e-KYC और DBT भुगतान के लिए ज़रूरी।
ज़मीन का रिकॉर्ड (खसरा / खतौनी)
यह साबित करने के लिए कि आप जिस ज़मीन का पंजीकरण कर रहे हैं, उस पर तुअर, उड़द या मसूर उगा रहे हैं।
बैंक पासबुक
आधार से जुड़ा सक्रिय खाता — खरीद के भुगतान और किसी भी DBT सब्सिडी के लिए।
मोबाइल नंबर
ऑनलाइन पंजीकरण के समय OTP और खरीद-सीज़न की सूचना के लिए।
PACS/FPO सदस्यता (अगर लागू हो)
अगर आप अकेले की जगह किसी सहकारी समिति या किसान उत्पादक संगठन के ज़रिए पंजीकरण करा रहे हैं।
आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम
चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।
- 1
MSP पर बेचने के लिए पंजीकरण करें
esamridhi.in (NAFED) या esamyukti.in (NCCF) पर आधार और ज़मीन के ब्यौरे के साथ पंजीकरण करें — सीधे, या अपने PACS/FPO के ज़रिए।
- 2
e-KYC पूरा करें
खरीद एजेंसी द्वारा मांगे गए आधार-आधारित e-KYC (बायोमेट्रिक या फेस) को पूरा करें।
- 3
उपज खरीद केंद्र पर लाएं
अपने राज्य और सीज़न के लिए तय खरीद विंडो के दौरान अपनी तुअर, उड़द या मसूर तय केंद्र पर पहुंचाएं।
- 4
गुणवत्ता जांच और तौल
खरीद पक्की होने से पहले आपकी उपज को Fair Average Quality (FAQ) मानकों पर जांचा और तौला जाता है।
- 5
DBT से भुगतान
आपकी उपज का MSP भुगतान सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाता है।
- 6
बीज किट या बीज सब्सिडी के लिए
यह हिस्सा ऑनलाइन आवेदन से नहीं मिलता — अपने ब्लॉक/ज़िला कृषि कार्यालय या नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें; राज्य का कृषि विभाग अपने नेटवर्क से मुफ्त किट और बीज सब्सिडी बांटता है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
कैबिनेट मंज़ूरी
1 अक्टूबर 2025
मिशन लॉन्च
11 अक्टूबर 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम धन-धान्य कृषि योजना के साथ लॉन्च किया
मिशन की अवधि
2025-26 से 2030-31
तथ्य आख़िरी बार जांचे गए
18 अगस्त 2026
pulsesmission.da.gov.in और PIB प्रेस विज्ञप्तियों के आधार पर
अपनी पात्रता जाँचें
सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।
6 में से 0 जवाब दिए
यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।
डाउनलोड
केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।
आधिकारिक लिंक और हेल्पलाइन
पोर्टल को ही बुकमार्क करें — कोई भी तीसरी वेबसाइट भुगतान न जारी कर सकती है, न रोक सकती है, न तेज़ कर सकती है।
- आधिकारिक मिशन पोर्टलpulsesmission.da.gov.in — दिशानिर्देश, घटक और मिशन अपडेट
- MSP पर बेचें — NAFED (e-Samridhi)तुअर, उड़द या मसूर NAFED को गारंटीशुदा दाम पर बेचने के लिए पंजीकरण करें
- MSP पर बेचें — NCCF (e-Samyukti)तुअर, उड़द या मसूर NCCF को गारंटीशुदा दाम पर बेचने के लिए पंजीकरण करें
- NAFED किसान हेल्पलाइनखरीद संबंधी सवालों के लिए टोल-फ्री नंबर व ईमेल
हेल्पलाइन
24×7 IVRS और हेल्प डेस्क, मंत्रालय चलाता है — अटके भुगतान की जाँच का सबसे तेज़ तरीका फोन ही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन क्या है?
यह केंद्र सरकार का एक मिशन है, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 अक्टूबर 2025 को ₹11,440 करोड़ के बजट और छह साल (2025-26 से 2030-31) की अवधि के साथ मंज़ूरी दी। इसका मकसद उत्पादन बढ़ाकर और फसल बेचने की गारंटी देकर तुअर (अरहर), उड़द और मसूर में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।
यह मिशन कौन-सी फसलों को कवर करता है?
सिर्फ तीन दालें — तुअर (अरहर), उड़द और मसूर। बाकी दालें इस मिशन की खास गारंटियों में शामिल नहीं हैं।
क्या मेरी फसल सरकार द्वारा खरीदने की गारंटी है?
अगर आप तुअर, उड़द या मसूर उगाते हैं और NAFED (e-Samridhi) या NCCF (e-Samyukti) पर पंजीकरण करते हैं, तो ये एजेंसियां अगले चार खरीद सालों तक आपकी पूरी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेंगी — कोई तय कोटा नहीं है।
MSP पर अपनी दाल बेचने के लिए पंजीकरण कैसे करें?
esamridhi.in (NAFED) या esamyukti.in (NCCF) पर आधार और ज़मीन के ब्यौरे के साथ, सीधे या अपने PACS/FPO के ज़रिए पंजीकरण करें, फिर अपने राज्य की खरीद विंडो खुलने से पहले e-KYC पूरा करें।
इस मिशन के तहत मुफ्त बीज किट कैसे मिलेगा?
बीज किट के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं होता — अपने ब्लॉक या ज़िला कृषि कार्यालय, या नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें। मिशन के तहत बांटे जाने वाले 88 लाख मुफ्त बीज किट राज्यों द्वारा अपने कृषि विभाग के नेटवर्क से दिए जाते हैं।
कुल बजट कितना है और मिशन कितने समय तक चलेगा?
बजट ₹11,440 करोड़ है, जो छह साल — 2025-26 से 2030-31 तक फैला है।
भारत का लक्ष्य क्या है, और कब तक?
सरकार ने दिसंबर 2027 तक भारत को दालों में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है, और 2030-31 तक कुल दलहन उत्पादन 350 लाख टन तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) से कैसे अलग है, जो दलहन को भी कवर करता है?
NFSM (अब NFSNM) दलहन के साथ-साथ कई और फसलों — चावल, गेहूं, मोटे अनाज, कपास, जूट, गन्ना — को भी सहारा देता है, मुख्यतः बीज और प्रदर्शन सहायता के ज़रिए। यह मिशन सिर्फ दलहन के लिए है, खासकर तुअर, उड़द और मसूर पर केंद्रित है, इसका अपना अलग ₹11,440 करोड़ का बजट है, और इसमें 4 साल की गारंटीशुदा खरीद जैसी सुविधा है जो NFSM में नहीं है।
क्या दाल मिल या प्रोसेसिंग यूनिट लगाने में मदद मिल सकती है?
हां। मिशन के तहत 1,000 नई प्रोसेसिंग इकाइयों की योजना है, जिसमें योग्य इकाइयों को प्रोजेक्ट लागत का 33% या अधिकतम ₹25 लाख, जो भी कम हो, पूंजी सब्सिडी के रूप में मिलेगा।
क्या छोटे व सीमांत किसानों को कोई प्राथमिकता मिलती है?
हां। परिचालन दिशानिर्देशों में बीज किट सहायता में छोटे व सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी गई है, और संबंधित घटकों के कम-से-कम 20% फंड महिला किसानों के लिए आरक्षित हैं।
क्या एक किसान को मिलने वाली बीज सहायता की कोई सीमा है?
हां। मुफ्त बीज किट अधिकतम 1 एकड़ प्रति किसान तक सीमित है, कुल बीज सहायता एक सीज़न में अधिकतम 5 हेक्टेयर तक ही मिल सकती है, और एक बार किट मिलने के बाद उसी फसल/किस्म का दूसरा किट कम-से-कम 2 साल तक नहीं मिलेगा।
इस मिशन के तहत फसल बेचने पर भुगतान कैसे मिलेगा?
खरीद केंद्र पर गुणवत्ता जांच और तौल पूरी होने के बाद, भुगतान सीधे आधार से जुड़े आपके बैंक खाते में DBT के ज़रिए भेजा जाता है।
क्या यह मिशन मेरे राज्य में लागू है?
यह पूरे भारत में लागू केंद्र प्रायोजित योजना है — हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसमें शामिल है, हालांकि बीज किट बंटवारे और नई प्रोसेसिंग इकाइयों की रफ़्तार हर राज्य की अपनी मंज़ूर योजना पर निर्भर करती है।
NAFED किसान हेल्पलाइन नंबर क्या है?
NAFED के किसान हेल्पलाइन नंबर 1800 111 622 और 1800 210 1222 हैं, जो NAFED के कामकाजी दिनों में उपलब्ध हैं; आप [email protected] पर ईमेल भी कर सकते हैं।
पूरे आधिकारिक दिशानिर्देश कहां पढ़ सकते हैं?
पूरे परिचालन दिशानिर्देश 2025, मिशन के आधिकारिक पोर्टल pulsesmission.da.gov.in पर Guidelines सेक्शन में मौजूद हैं — इनमें फंडिंग पैटर्न, हर घटक की सहायता राशि और क्रियान्वयन ढांचा पूरी तरह दिया गया है।
अब भी कोई सवाल है?
आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन 1800 111 622 ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।
