प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana (PM-KISAN)
भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की आय सहायता — ₹2,000 की तीन किस्तों में, सीधे बैंक खाते में।
- लाभ राशि
- ₹6,000 / वर्ष
- योजना की स्थिति
- सक्रिय
- शुरुआत
- 2019
- आवेदन का तरीका
- ऑनलाइन / CSC
- लाभार्थी
- 9.44 करोड़ परिवार
- मंत्रालय
- कृषि एवं किसान कल्याण
- श्रेणी
- आर्थिक सहायता
- किस्तें
- ₹2,000 × 3 प्रति वर्ष
परिचय
पीएम-किसान केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका पूरा खर्च भारत सरकार उठाती है। हर भूमिधारक किसान परिवार — पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे — को साल में ₹6,000 मिलते हैं।
यह राशि ₹2,000 की तीन किस्तों में आती है — हर चार महीने की अवधि (अप्रैल–जुलाई, अगस्त–नवंबर, दिसंबर–मार्च) में एक — सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में (DBT)।
ज़्यादातर भुगतान तीन कारणों से रुकते हैं: ई-केवाईसी पूरी नहीं, भूमि रिकॉर्ड पोर्टल से लिंक नहीं, या आधार और बैंक खाते में नाम अलग-अलग। ये तीन चीज़ें ठीक कर लें, किस्तें आती रहेंगी।
योजना की मुख्य बातें
सीधा बैंक ट्रांसफर (DBT)
पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आता है। न कोई बिचौलिया, न भुगतान के लिए दफ़्तर के चक्कर।
₹6,000 सालाना सहायता
बिना किसी शर्त की आय सहायता — बीज, खाद या खेती की जिस ज़रूरत पर चाहें, खर्च करें।
साल में 3 किस्तें
हर चार महीने की अवधि में ₹2,000: अप्रैल–जुलाई, अगस्त–नवंबर, दिसंबर–मार्च।
ऑनलाइन पंजीकरण
pmkisan.gov.in पर खुद, किसी भी CSC पर, या राज्य कृषि कार्यालय से पंजीकरण करें।
100% केंद्र सरकार से वित्त-पोषित
केंद्रीय क्षेत्र की योजना — पूरा लाभ केंद्र सरकार देती है।
9.44 करोड़ परिवारों को भुगतान
23वीं किस्त (जून 2026) एक ही दिन में 9.44 करोड़ किसान परिवारों तक पहुँची।
आपको क्या मिलता है
आर्थिक लाभ
प्रति परिवार ₹6,000 प्रति वर्ष। यह अनुदान है, कर्ज़ नहीं — कुछ भी लौटाना नहीं है।
किसे मिलता है
वे सभी भूमिधारक किसान परिवार जिनका नाम भूमि रिकॉर्ड में है — बशर्ते कोई अपात्रता लागू न हो।
कितनी बार
हर चार महीने में। किस्त अवधियाँ: अप्रैल–जुलाई, अगस्त–नवंबर और दिसंबर–मार्च।
भुगतान का तरीका
आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधा लाभ अंतरण (DBT)। ई-केवाईसी अनिवार्य है।
कौन पात्र है
दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।
आप पात्र हैं अगर
- भारतीय नागरिक
- किसान परिवार — पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे एक परिवार माने जाते हैं
- परिवार के नाम राज्य के भूमि रिकॉर्ड में खेती योग्य ज़मीन दर्ज है
- आधार उपलब्ध और लिंक है (ई-केवाईसी पूरी)
- DBT के लिए बैंक खाता आधार से जुड़ा है
ज़मीन होते हुए भी अपात्र
- संस्थागत भूमिधारक (ट्रस्ट, कंपनी या संस्था के नाम की ज़मीन)
- संवैधानिक पद के वर्तमान/पूर्व धारक, मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष
- सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार (समूह D / MTS को छूट)
- ₹10,000 या अधिक मासिक पेंशन पाने वाले (समूह D / MTS को छूट)
- पिछले कर-निर्धारण वर्ष में आयकर देने वाला कोई भी सदस्य
- प्रैक्टिस करने वाले पेशेवर — डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट
यह योजना कहाँ लागू है
पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।
आधार कार्ड
अनिवार्य। नाम बैंक खाते से हूबहू मिलना चाहिए — अंतर होने पर भुगतान रुक जाता है।
भूमि रिकॉर्ड (खतौनी / RoR)
परिवार के किसी सदस्य के नाम खेती योग्य ज़मीन दिखाता अधिकार-अभिलेख।
बैंक पासबुक
चालू खाते का नंबर और IFSC — खाता DBT के लिए आधार से जुड़ा हो।
मोबाइल नंबर
पंजीकरण, ई-केवाईसी और स्थिति की जानकारी के OTP इसी पर आते हैं।
पासपोर्ट साइज़ फोटो
CSC या राज्य कृषि कार्यालय से आवेदन करने पर ज़रूरी।
ई-केवाईसी
पोर्टल पर OTP से, या किसी भी CSC पर बायोमेट्रिक से। इसके बिना कोई किस्त जारी नहीं होती।
आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम
चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।
- 1
पंजीकरण
pmkisan.gov.in पर “New Farmer Registration” खोलें, या नज़दीकी CSC / राज्य कृषि कार्यालय जाएँ।
- 2
आवेदन भरें
आधार नंबर, राज्य, जिला और बैंक विवरण भरें। भूमि रजिस्ट्री में दर्ज जानकारी फ़ॉर्म में पहले से भर जाती है।
- 3
भूमि रिकॉर्ड जोड़ें
अधिकार-अभिलेख से खाता/खसरा विवरण भरें, ताकि जोत का सत्यापन हो सके।
- 4
सत्यापन
राज्य सरकार भूमि रिकॉर्ड से आपके विवरण का मिलान करती है। “Status of Self Registered Farmer” में प्रगति देखें।
- 5
ई-केवाईसी पूरी करें
पोर्टल पर OTP से या CSC पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराएँ। इसे छोड़ना भुगतान रुकने की सबसे आम वजह है।
- 6
पैसा आता है
मंज़ूरी के बाद हर किस्त DBT से आधार-जुड़े खाते में आती है। “Beneficiary Status” में कभी भी देखें।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
योजना प्रभावी
1 दिसंबर 2018
योजना की शुरुआत
24 फ़रवरी 2019
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश से शुभारंभ
ताज़ा किस्त (23वीं)
20 जून 2026
9.44 करोड़ परिवारों को ₹18,880 करोड़ — अप्रैल–जुलाई 2026-27 अवधि
अगली किस्त (24वीं)
अगस्त–नवंबर 2026 अवधि
तारीख़ जारी होते समय मंत्रालय घोषित करता है — अभी कोई आधिकारिक तारीख़ नहीं
आवेदन की अंतिम तिथि
कोई नहीं — पंजीकरण सालभर खुला है
तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए
12 जुलाई 2026
pmkisan.gov.in से
अपनी पात्रता जाँचें
सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।
7 में से 0 जवाब दिए
यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।
लाभ कैलकुलेटर
जितने साल योजना में रहेंगे, कुल कितना मिलेगा।
अनुमानित कुल लाभ
30,000
₹6,000 प्रति वर्ष, ₹2,000 की 3 किस्तों में — 5 वर्षों में कुल 15 किस्तें, मौजूदा दर जारी रहने पर।
डाउनलोड
केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।
आधिकारिक लिंक और हेल्पलाइन
पोर्टल को ही बुकमार्क करें — कोई भी तीसरी वेबसाइट भुगतान न जारी कर सकती है, न रोक सकती है, न तेज़ कर सकती है।
- आधिकारिक वेबसाइटpmkisan.gov.in — एकमात्र आधिकारिक पोर्टल
- नया किसान पंजीकरणआधार और भूमि रिकॉर्ड से ऑनलाइन आवेदन
- लाभार्थी स्थितिपंजीकरण और किस्त की स्थिति देखें
- ई-केवाईसीOTP आधारित आधार ई-केवाईसी
- CSC खोजेंनज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर खोजें
- हेल्प डेस्क / शिकायतशिकायत दर्ज करें और ट्रैक करें
हेल्पलाइन
24×7 IVRS और हेल्प डेस्क, मंत्रालय चलाता है — अटके भुगतान की जाँच का सबसे तेज़ तरीका फोन ही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीएम-किसान क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) केंद्र सरकार की योजना है, जो हर पात्र भूमिधारक किसान परिवार को आय सहायता के रूप में साल के ₹6,000 देती है — ₹2,000 की तीन किस्तों में, सीधे बैंक खाते में।
पीएम-किसान के लिए कौन पात्र है?
वे सभी भूमिधारक किसान परिवार — पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे — जिनका नाम राज्य के भूमि रिकॉर्ड में है, बशर्ते कोई अपात्रता लागू न हो (आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, ₹10,000+ मासिक पेंशनधारी, प्रैक्टिस करने वाले पेशेवर, संस्थागत भूमिधारक और सार्वजनिक पदधारी)।
पीएम-किसान के लिए कौन पात्र नहीं है?
संस्थागत भूमिधारक; ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य संवैधानिक पद, मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर या जिला पंचायत अध्यक्ष है/रहा है; सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी (समूह D/MTS छोड़कर); ₹10,000 या अधिक मासिक पेंशन पाने वाले (समूह D/MTS छोड़कर); पिछले कर-निर्धारण वर्ष में आयकर देने वाला कोई भी व्यक्ति; और प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट व आर्किटेक्ट।
पीएम-किसान में साल में कितना पैसा मिलता है?
₹6,000 प्रति परिवार प्रति वर्ष — ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में; हर चार महीने की अवधि में एक: अप्रैल–जुलाई, अगस्त–नवंबर और दिसंबर–मार्च।
पीएम-किसान के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
pmkisan.gov.in पर जाएँ, “New Farmer Registration” खोलें, आधार नंबर, राज्य और कैप्चा भरें, फिर व्यक्तिगत, बैंक और भूमि रिकॉर्ड के विवरण भरें। किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या राज्य कृषि कार्यालय से भी आवेदन हो सकता है।
पीएम-किसान पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
आधार कार्ड (अनिवार्य), भूमि रिकॉर्ड (खतौनी / अधिकार-अभिलेख), IFSC सहित ऐसा बैंक खाता जो आधार से जुड़ा हो, और मोबाइल नंबर। CSC से आवेदन करने पर पासपोर्ट साइज़ फोटो भी चाहिए।
क्या पीएम-किसान के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है?
हाँ। ई-केवाईसी के बिना कोई किस्त जारी नहीं होती। pmkisan.gov.in पर OTP से, किसी भी CSC पर बायोमेट्रिक से, या आधिकारिक पीएम-किसान मोबाइल ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन से ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं।
पीएम-किसान लाभार्थी स्थिति कैसे देखें?
pmkisan.gov.in पर “Know Your Status / Beneficiary Status” खोलकर पंजीकरण संख्या से खोजें, या 24×7 IVRS हेल्पलाइन 155261 पर कॉल करें। स्थिति में पंजीकरण, ई-केवाईसी और हर किस्त दिखती है।
पीएम-किसान की ताज़ा किस्त कब जारी हुई?
23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई — अप्रैल–जुलाई 2026-27 अवधि के लिए 9.44 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को ₹18,880 करोड़ से अधिक। 24वीं किस्त अगस्त–नवंबर 2026 की अवधि की होगी; उसकी तारीख़ जारी होते समय मंत्रालय घोषित करता है।
मेरी पीएम-किसान किस्त क्यों नहीं आई?
तीन सबसे आम वजहें: ई-केवाईसी पूरी नहीं, भूमि रिकॉर्ड पोर्टल से लिंक/सत्यापित नहीं, या आधार और बैंक खाते के नाम में अंतर। pmkisan.gov.in पर “Beneficiary Status” देखें — कौन सा चरण अटका है वह दिखेगा; उसे ठीक करते ही अगली किस्त फिर शुरू हो जाती है।
क्या बटाईदार या किराये की ज़मीन जोतने वाले किसान पीएम-किसान पा सकते हैं?
नहीं। योजना केवल उन परिवारों के लिए है जिनका नाम भूमि रिकॉर्ड में भूमिधारक के रूप में दर्ज है। बिना दर्ज ज़मीन के किराये की ज़मीन जोतने वाले किसान इसमें शामिल नहीं हैं।
क्या पति और पत्नी दोनों अलग-अलग पीएम-किसान पा सकते हैं?
नहीं। योजना में परिवार का मतलब है पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे — और लाभ प्रति परिवार साल के ₹6,000 ही है, भले ही दोनों के नाम अलग-अलग ज़मीन हो।
क्या पीएम-किसान का पैसा कर्ज़ है? क्या लौटाना पड़ता है?
नहीं। पीएम-किसान अनुदान है — बिना शर्त आय सहायता। न कुछ लौटाना है, न कोई ब्याज है। (वसूली केवल उनसे होती है जिन्होंने अपात्र होते हुए लाभ लिया।)
क्या पीएम-किसान पंजीकरण की कोई फ़ीस है?
pmkisan.gov.in पर पंजीकरण मुफ़्त है। CSC सहायता-प्राप्त पंजीकरण और बायोमेट्रिक ई-केवाईसी के लिए तयशुदा मामूली शुल्क ले सकते हैं। किस्त “जारी कराने” के लिए कोई अधिकारी कभी पैसे नहीं माँगता — ऐसी कोई भी कॉल धोखाधड़ी समझें।
पीएम-किसान में बैंक खाता या मोबाइल नंबर कैसे बदलें?
pmkisan.gov.in पर “Updation of Self Registered Farmer” / मोबाइल अपडेट विकल्प इस्तेमाल करें, या CSC जाएँ। भुगतान आधार-आधारित DBT से होता है, इसलिए बैंक की दिक्कत का सबसे सुरक्षित हल है — बैंक जाकर मौजूदा खाते को आधार से जुड़वाना।
पीएम-किसान हेल्पलाइन नंबर क्या है?
24×7 IVRS हेल्पलाइन 155261 है और पीएम-किसान हेल्प डेस्क 011-24300606। [email protected] पर ईमेल या pmkisan.gov.in पर शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।
अब भी कोई सवाल है?
आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन 155261 ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।
