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मध्यमअपडेट 22 जुलाई 2026

संतरा

Citrus reticulata

भारत का संतरा — नागपुर और कुर्ग मशहूर नाम — बहार प्रणाली पर उगाया जाता है जो सर्दी (अंबिया) या मानसून (मृग) में से एक फूल चुनती है, दोनों नहीं। ख़राब जल-निकासी और उपेक्षित जड़ स्वास्थ्य से होने वाला सिट्रस ह्रास वह धीमा हत्यारा है जो ज़्यादातर बाग़ों को जल्दी ख़त्म कर देता है।

An orange tree laden with ripe oranges against a clear blue sky
फसल प्रकार
बारहमासी नींबू-वर्गी (मैंडरिन)
फलन
बहार (अंबिया या मृग)
उपयुक्त राज्य
10+ प्रमुख राज्य
पहला फलन
4–5 साल
जल आवश्यकता
मध्यम; अच्छी निकासी
तापमान
20–32°C; पाला-संवेदी
मिट्टी
हल्की, गहरी, अच्छी निकासी वाली दोमट
कठिनाई स्तर
मध्यम
अपेक्षित उपज
100–150 क्विंटल/हेक्टेयर
मुख्य तरीक़ा
बहार + निकासी/जड़-स्वास्थ्य

परिचय

संतरा (Citrus reticulata) — नागपुर संतरा व कुर्ग मैंडरिन सबसे बढ़कर — भारत का प्रमुख नींबू-वर्गी फल है, मुख्यतः महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान व पंजाब में, पूर्वोत्तर व कुर्ग में अलग पहाड़ी मैंडरिन पट्टी सहित। इसका आसानी-छिलने वाला, ढीले-छिलके फल ताज़ा-संतरा बाज़ार परिभाषित करता।

संतरा बहार प्रणाली पर काम करता है: किसान एक केंद्रित फूल प्रेरित करता — या तो अंबिया बहार (सर्दी फूल, मानसून-पकता फल) या मृग बहार (मानसून फूल, सर्दी-पकता फल) — पेड़ को दो बार फलने व ख़ुद थकने देने के बजाय। कौन-सी बहार ली जाए यह क्षेत्र, बाज़ार व पानी पर निर्भर।

हर संतरा बाग़ का चुपचाप दुश्मन सिट्रस ह्रास है: शक्ति का धीमा नुक़सान व जल्दी मृत्यु, ख़राब निकासी, दबे कलम-जोड़, गमोसिस, उपेक्षित जड़-स्वास्थ्य, व असाध्य वायरस तथा ग्रीनिंग रोगों से। निकासी व जड़-स्वास्थ्य, और कैंकर–पत्ती-सुरंगक तथा सिल्ला–ग्रीनिंग जोड़े संभालना ही बाग़ को उसके पूरे जीवन फलदार रखता। यह गाइड इन्हीं लीवरों से फसल का अनुसरण करती।

फसल की समयरेखा, बुवाई से कटाई तक

पूरे सीज़न की एक झलक — हर अवस्था की पूरी जानकारी के लिए नीचे संबंधित सेक्शन पर जाएँ।

  1. वर्ष 0

    रोपाई

    मज़बूत मूलवृंत (रफ़ लेमन/रंगपुर लाइम) पर चश्मा-चढ़ी पौध मानसून-भरे गड्ढे में 6 × 6 मी पर लगाकर सहारा दें।

  2. वर्ष 1–4

    साधना व ढाँचा

    युवा पेड़ साफ़ तना व खुले सिर पर साधा जाता; व्यावसायिक फलन वर्ष 4–5 में शुरू।

  3. बहार उपचार

    विश्राम व बहार

    चुनी बहार (अंबिया या मृग) को पानी रोककर केंद्रित फूल प्रेरित किया जाता, फिर खिलाकर फिर शुरू।

  4. माह 0–1

    फूल

    फ़्लश पर सुगंधित फूल खुलते; केवल एक बहार ली जाती ताकि पेड़ दो फसलों से न थके।

  5. माह 2–6

    फल विकास

    फल फूलता; निकासी, जड़-स्वास्थ्य, कैंकर व सिल्ला (ग्रीनिंग वाहक) अथक निगरानी में।

  6. माह 7–9

    परिपक्वता

    छिलका रंगता व रस मीठा होता; संतरा खाने-योग्य पकने पर तोड़ा जाता, क्योंकि यह पेड़ से हटकर नहीं सुधरता।

  7. कटाई खिड़की

    कटाई

    अंबिया फल लगभग नव–जन व मृग फल फ़र–अप्रैल पकता, छोटी खिड़की में पका काटा।

उपयुक्त राज्य

जिन राज्यों में यह फसल बड़े पैमाने पर उगाई जाती है, वे नीचे हाइलाइट हैं। आपके खेत के लिए अंतिम सलाह हमेशा आपका नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र ही देगा।

  • जम्मू और कश्मीर
  • हिमाचल प्रदेश
  • पंजाब
  • उत्तराखंड
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • उत्तर प्रदेश
  • राजस्थान
  • बिहार
  • झारखंड
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • असम
  • अरुणाचल प्रदेश
  • मेघालय
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिज़ोरम
  • त्रिपुरा
  • गुजरात
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • महाराष्ट्र
  • ओडिशा
  • गोवा
  • तेलंगाना
  • आंध्र प्रदेश
  • कर्नाटक
  • केरल
  • तमिलनाडु
  • पुदुचेरी
  • लद्दाख
  • चंडीगढ़

यहाँ उगाई जाती है

जलवायु की ज़रूरतें

मैंडरिन को गरम बढ़वार सीज़न व फल रंगने-मीठा करने तथा बहार विश्राम को अलग ठंडी, सूखी अवधि चाहिए। इसीलिए फसल मध्य-भारतीय व पहाड़ी पट्टियों को उपयुक्त, और इसीलिए वह बहार चुनना जो फल सूखे, ठंडे मौसम में पकाए, सर्वोत्तम गुणवत्ता व सबसे कम रोग देता।

  • आदर्श तापमान

    20–32°C मैंडरिन को उपयुक्त; अच्छे फल-रंग व शक्कर को अलग ठंडी, सूखी अवधि चाहिए, और युवा पेड़ पाला-संवेदी

  • वर्षा

    600 से 1,200 मिमी तक उगता; बहार विश्राम को सूखा दौर चाहिए व लंबी आर्द्रता नापसंद, जो कैंकर व फल-सड़न चलाती

  • नमी

    मध्यम; अधिक आर्द्रता सिट्रस कैंकर व फल-सड़न को अनुकूल, तो हवा-प्रवाह व सूखी-ऋतु फलन मायने रखते

  • धूप

    फल-रंग, शक्कर व समान पकने को भरपूर धूप; भीड़-भरा छत्र ख़राब फलता व रोग भीतर रखता

मिट्टी की ज़रूरतें

हर सिट्रस अपनी निकासी व जड़-स्वास्थ्य से जीता-मरता, और मैंडरिन अपवाद नहीं — वह “सिट्रस ह्रास” जो इतने बाग़ जल्दी ख़त्म करता, मूल में निकासी व जड़-स्वास्थ्य समस्या है। हल्की, गहरी, अच्छी निकासी वाली मिट्टी पर लगाएँ, कलम-जोड़ ऊँचा रखें, व थाला कभी जलभराव न होने दें।

  • उपयुक्त मिट्टी

    हल्की से मध्यम, गहरी, अच्छी निकासी वाली दोमट; मज़बूत मूलवृंत पर कलम इसे हल्की व मध्यम-समस्या मिट्टी पर फलने देती

  • pH स्तर

    6.0–7.5

  • जल निकासी

    उत्तम निकासी अहम — जलभराव जड़-सड़न, गमोसिस व वह सिट्रस ह्रास करता जो बाग़ जल्दी मारता

  • जैविक तत्व

    मध्यम; गोबर-खाद पर प्रतिक्रिया देता, पर प्राथमिकता कच्ची समृद्धि नहीं, गहरा, स्वतंत्र-निकासी जड़-क्षेत्र

खेत की तैयारी

क्षेत्र चाहे जो हो, चार कदम वही रहते हैं — बस समय बुवाई के अनुसार बदलता है।

  1. 1

    लेआउट व गड्ढे

    6 × 6 मी ग्रिड बनाएँ व मानसून से पहले गड्ढे खोदें, ऊपरी मिट्टी, गोबर-खाद व फ़ॉस्फ़ोरस से भरें।

  2. 2

    निकासी व टीला

    खेत स्वतंत्र बहे सुनिश्चित करें; भारी ज़मीन पर टीले पर लगाएँ ताकि जड़ें व कॉलर खड़े पानी से बाहर रहें।

  3. 3

    मूलवृंत व साफ़ कलम

    प्रमाणित, रोग-मुक्त नर्सरी से मज़बूत, सहिष्णु मूलवृंत (रफ़ लेमन/रंगपुर लाइम) पर चश्मा-चढ़ी पेड़ लगाएँ।

बीज की जानकारी

मुख्य किस्मों की तुलना — अवधि, उपज, रोग-प्रतिरोध या आप किस मक़सद से उगा रहे हैं, इसके आधार पर चुनें।

किस्मअवधिउपजरोग-प्रतिरोधसर्वश्रेष्ठ राज्यकिसके लिए उपयुक्त

नागपुर मैंडरिन (संतरा)

भारत का प्रमुख मैंडरिन — आसानी-छिलने वाला, रसदार, अच्छे-रंग फल; मध्य-भारतीय पट्टी का आधार।

बहार फसलअधिककैंकर/ह्रास-प्रवणमहाराष्ट्रताज़ा बाज़ार, मध्य भारत

कुर्ग मैंडरिन

कर्नाटक के कोडगु का क्लासिक पहाड़ी मैंडरिन, ऊँचाई पर ताज़ा बाज़ार को उगाया।

बहार फसलअधिकमध्यमकर्नाटकपहाड़ी ताज़ा बाज़ार

खासी मैंडरिन

असम, मेघालय व क्षेत्र का पूर्वोत्तर पहाड़ी मैंडरिन, पहाड़ी ढलानों पर उगाया।

बहार फसलमध्यम–उच्चमध्यमअसम/मेघालयपूर्वोत्तर पहाड़

किन्नू (मैंडरिन संकर)

बहुत अधिक-उपज, रसदार मैंडरिन संकर जो उत्तर-पश्चिम (पंजाब, राजस्थान) ताज़ा व्यापार में प्रमुख।

सर्दी कटाईबहुत अधिकमध्यमपंजाबताज़ा व रस, उत्तर-पश्चिम

दार्जिलिंग / पहाड़ी चयन

ऊँचाई पर विशेष ताज़ा बाज़ार को उगाए स्थानीय पहाड़ी मैंडरिन चयन।

बहार फसलमध्यममध्यमपश्चिम बंगाल पहाड़विशेष पहाड़ी बाज़ार
बीज दर
6 × 6 मी पर लगभग 275 चश्मा-चढ़ी पेड़/हेक्टेयर (किन्नू व उच्च-घनत्व को अधिक)
प्रमाणित बीज
मज़बूत मूलवृंत पर प्रमाणित, रोग-मुक्त चश्मा-चढ़ी पेड़ लगाएँ — कभी बीज-पौध नहीं। सिट्रस ग्रीनिंग व वायरस बीज- व कलम-संचारित हैं, तो साफ़, प्रमाणित नर्सरी स्टॉक पहला बचाव, और सहिष्णु मूलवृंत जड़-सड़न व लवणता के विरुद्ध दीर्घकालीन बीमा।
दूरी
मानक बाग़ों को 6 × 6 मी (लगभग 275 पेड़/हेक्टेयर); किन्नू व उच्च-घनत्व रोपाई को नज़दीक
बीज उपचार
बीज फसल नहीं — साफ़ चश्मा-चढ़ी पेड़ चुनें, कलम-जोड़ मिट्टी से ऊँचा रखें, व रोपाई बाद कॉलर को गमोसिस से बचाएँ।

बुवाई गाइड

मानसून की शुरुआत में लगाएँ, कलम-जोड़ ऊँचा व कॉलर खड़े पानी से मुक्त रखते — दबा जोड़ व गीला कॉलर उस गमोसिस व ह्रास की शुरुआत जो बाग़ जल्दी ख़त्म करते। तय करें कि क्षेत्र व आपका पानी कौन-सी बहार को उपयुक्त, व बाग़-कैलेंडर उसी एक फूल के इर्द-गिर्द बनाएँ।

सबसे अच्छा समय
चश्मा-चढ़ी पेड़ मानसून की शुरुआत (जुलाई–अगस्त) में, या हल्के इलाक़ों में पक्की सिंचाई के तहत फ़रवरी–मार्च में लगाएँ
क़तार की दूरी
कतारों के बीच 6 मी
पौधे की दूरी
कतार में 6 मी
बुवाई की गहराई
कलम-जोड़ मिट्टी-रेखा से अच्छा ऊपर रखें; निकासी जोखिम हो तो टीले पर नर्सरी गहराई पर लगाएँ
तरीक़ा
चश्मा-चढ़ी पेड़ गोबर-खाद-भरे गड्ढों/टीलों में लगाएँ, सहारा दें, व तुरंत थाला-सिंचाई दें

खाद कार्यक्रम

बुवाई के समय एक साथ पूरी खाद डालने से बँटी हुई मात्रा बेहतर है — खासकर नाइट्रोजन का बड़ा हिस्सा हवा में उड़ जाता है या रिसकर बह जाता है।

  1. 1

    बहार उपचार के साथ

    बहार शुरू

    बहार विश्राम ख़त्म व सिंचाई फिर शुरू होने पर मुख्य गोबर-खाद व NPK खुराक फूल-फ़्लश को खिलाने दें।

  2. 2

    फल विकास

    मध्य-सीज़न

    फल-बढ़वार भर आकार, रस व रंग को पोटाश सहित समर्थक खुराक; पछेती नाइट्रोजन मामूली रखें।

  3. 3

    सूक्ष्म पोषक

    ज़रूरत अनुसार

    पर्णीय ज़िंक, मैंगनीज़ व लोहा क्षारीय मिट्टी पर मैंडरिन को अपंग करने वाली लगभग सार्वभौमिक सिट्रस सूक्ष्म-पोषक कमियाँ ठीक करते।

सिंचाई कार्यक्रम

  1. 1. बहार विश्राम

    बहार से पहले

    पेड़ पर तनाव डाल केंद्रित फूल प्रेरित करने को कुछ अवधि सिंचाई रोकें — बहार प्रणाली का केंद्र।

  2. 2. फूल व बंधन

    माह 0–2

    खाद खुराक के साथ समान सिंचाई फिर शुरू करें; अब समान नमी फसल बाँधती व टिकाती।

  3. 3. फल विकास

    माह 2–6

    फल-बढ़वार भर नियमित, समान सिंचाई; बड़े सूखे-गीले उतार-चढ़ाव फल-झड़न व छिलका-समस्या करते।

महत्वपूर्ण अवस्थाएँ

  • फूल व बंधन
  • फल विकास

पानी बचाने के तरीक़े

  • बहार विश्राम जान-बूझकर सूखी अवधि है — यह पानी नहीं लगाती व फसल लाती।
  • थाला-मल्च सहित ड्रिप मध्यम माँग कुशलता से पूरी करती व सड़न-प्रवण कॉलर सूखा रखती।
  • फल-बढ़वार भर समान सिंचाई वह फल-झड़न व छिलका-समस्या रोकती जो अनियमित सिंचाई करती।

खरपतवार प्रबंधन

आम खरपतवार

जैविक नियंत्रण

  • थाला मल्चिंग उथली जड़ों के आसपास नमी बचाती व खरपतवार दबाती।
  • फलदार बाग़ों में अंतर-कतार में प्रबंधित आवरण खरपतवार दबाता व मिट्टी बनाता।

रासायनिक नियंत्रण

  • युवा बाग़ों में स्पॉट शाकनाशी से पेड़-थाले साफ़ रखें, तने से दूर।
  • उथली भोजन-जड़ों के पास गहरी जुताई के बजाय गलियारे कतरें।

पोषक तत्व की कमी की पहचान

हर पोषक तत्व की कमी पौधे पर असल में कैसी दिखती है — ताकि ग़लत स्प्रे करने से पहले आप कमी और रोग में फ़र्क़ कर सकें।

ध्यान देने योग्य रोग

लक्षण, संभावित कारण और असल में क्या इलाज करता है — सिर्फ़ किसी स्प्रे का नाम नहीं।

ध्यान देने योग्य कीट

नुक़सान दिखने से पहले क्या देखें, और रसायन से पहले जैविक विकल्प क्या हैं।

आम ग़लतियाँ जिनसे बचें

जो ग़लतियाँ किसानों को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुँचाती हैं, खेत में जितनी बार दिखती हैं उसी क्रम में — हमेशा वैसे नहीं जैसा आप सोचें।

  1. 1

    पेड़ को साल में दो बहार लेने देना।

    नुक़सान क्यों होता है

    अंबिया व मृग दोनों फूल फलाना पेड़ थकाता, छोटा ख़राब फल देता व उसका जीवन घटाता — अपने क्षेत्र व पानी को उपयुक्त एक केंद्रित बहार लें।

  2. 2

    निकासी व जड़-स्वास्थ्य अनदेखा करना।

    नुक़सान क्यों होता है

    ख़राब निकासी, दबा जोड़ व उपेक्षित जड़ें वह धीमा सिट्रस ह्रास करते जो मैंडरिन बाग़ सालों जल्दी मारता — निकासी व जड़-स्वास्थ्य फसल का असली दीर्घ-खेल।

  3. 3

    ग्रीनिंग (HLB) पेड़ खड़े रहने देना व सिल्ला अनदेखा करना।

    नुक़सान क्यों होता है

    ग्रीनिंग-ग्रस्त पेड़ असाध्य भंडार जिसे सिल्ला पूरे खेत में फैलाता — संक्रमित पेड़ जल्दी उखाड़ें व सिल्ला नियंत्रित करें, ह्रासशील पेड़ नर्सिंग के बजाय।

  4. 4

    बीज-पौध या अप्रमाणित कलम-लकड़ी लगाना।

    नुक़सान क्यों होता है

    बीज-पौध परिवर्तनशील व धीमी, और अप्रमाणित कलम-लकड़ी ग्रीनिंग व वायरस बाग़ में लाती — हमेशा सहिष्णु मूलवृंत पर प्रमाणित, रोग-मुक्त चश्मा-चढ़ी पेड़ लगाएँ।

  5. 5

    कलम-जोड़ दबाना या गीले थाले में लगाना।

    नुक़सान क्यों होता है

    दबा जोड़ व जलभराव कॉलर गमोसिस व ह्रास बुलाते — जोड़ ऊँचा रखें, ज़रूरत हो तो टीले पर लगाएँ, व तने पर पानी कभी न खड़ा होने दें।

  6. 6

    क्षारीय मिट्टी पर सूक्ष्म पोषक छोड़ना।

    नुक़सान क्यों होता है

    ज़िंक, मैंगनीज़ व लोहा कमियाँ क्षारीय मिट्टी पर मैंडरिन में लगभग सार्वभौमिक व बढ़वार-उपज अपंग करतीं — पर्णीय कार्यक्रम इन्हें सस्ते में ठीक करता।

  7. 7

    कैंकर–पत्ती-सुरंगक जोड़ी अनदेखा करना।

    नुक़सान क्यों होता है

    पत्ती-सुरंगक सुरंगें कैंकर का द्वार खोलतीं, तो अलग-अलग संभालना विफल — हर नई फ़्लश को सुरंगक से बचाएँ व कैंकर रोकने कॉपर छिड़कें।

  8. 8

    पछेती नाइट्रोजन अधिक देना।

    नुक़सान क्यों होता है

    भारी पछेती नाइट्रोजन नरम, कैंकर- व कीट-प्रवण फ़्लश धकेलती व फल की देरी व हरापन करती — मुख्य खुराक बहार के साथ दें व पछेता खिलाना हल्का रखें।

  9. 9

    कच्चा फल तोड़ना।

    नुक़सान क्यों होता है

    मैंडरिन पेड़ से हटकर नहीं मीठा होता, तो कच्चा तोड़ना खट्टा, ख़राब-रंग, कम-ग्रेड फल देता — केवल फल खाने-योग्य पकने पर काटें।

  10. 10

    ढीले-छिलके फल का कठोर काटना/खींचना।

    नुक़सान क्यों होता है

    मैंडरिन का ढीला छिलका खींचने पर फटता व “प्लग” होता, सड़न घुसने देता — फल छोटी डंठल सहित सतह-बराबर काटें व धीरे संभालें।

कटाई

खाने-योग्य पका काटें: मैंडरिन पेड़ से हटकर नहीं सुधरता, तो तब तोड़ें जब छिलका रंग जाए, फल थोड़ा नरम हो व रस पूर्ण मिठास (लक्ष्य TSS/अम्ल अनुपात) पर पहुँचे। फल खींचने के बजाय छोटी डंठल सहित सतह-बराबर काटें, जो ढीला छिलका फाड़ता व सड़न बुलाता। अंबिया फल लगभग नवंबर–जनवरी व मृग फल फ़रवरी–अप्रैल पकता, प्रति बहार काफ़ी छोटी खिड़की में।

तैयार होने के संकेत

  • छिलका किस्म को पूरा रंगा
  • फल थोड़ा नरम, रस से भारी
  • रस पूर्ण मिठास पर (लक्ष्य शक्कर/अम्ल अनुपात)

उपकरण

  • सतह-बराबर छोटी-डंठल कट को क्लिपर
  • छिलका-चोट रोकने को गद्देदार क्रेटें
  • धीरे संभालना — ढीला छिलका आसानी से चोटिल व प्लग होता

अपेक्षित उपज

अच्छे प्रबंधन वाले फलदार बाग़ में 100–150 क्विंटल/हेक्टेयर (परिपक्व पेड़ कई सौ फल देता), किन्नू व उच्च-घनत्व प्रणालियों को अधिक

कटाई के बाद व भंडारण

  • भंडारण

    मैंडरिन मध्यम रूप से भंडारित होता — फल ठंडे भंडारण (लगभग 5–7°C व अधिक आर्द्रता) में 1–4 हफ़्ते रहता, सिकुड़न व सड़न घटाने को हल्के वैक्स व फफूँदनाशी उपचार सहित।

  • पैकेजिंग

    आकार व रंग से ग्रेड करें, व गद्दी सहित हवादार कार्टन में पैक करें; ढीले छिलके को प्लगिंग व सड़न टालने को धीरे संभालना चाहिए।

  • परिवहन

    तुरंत भेजें; शीत-शृंखला परिवहन दूर बाज़ारों तक पहुँच बढ़ाता व फल-गुणवत्ता बनाए।

  • भंडारण अवधि

    सही ठंडे भंडारण में 1–4 हफ़्ते; सामान्य तापमान पर लगभग एक हफ़्ता।

मंडी भाव

सरकार के अपने एगमार्कनेट डेटा से, आपके नज़दीक का आज का मंडी भाव — लाइव।

सरकारी एगमार्कनेट डेटा से रोज़ाना लाइव मंडी भाव।

आज के भाव ला रहे हैं…

data.gov.in (एगमार्कनेट) से सिंक होता है। भाव ₹ प्रति क्विंटल हैं।

मौसम

आपके चुने गए स्थान की मौजूदा स्थिति और 5-दिन का पूर्वानुमान, फसल की अवस्था के अनुसार एक सलाह के साथ।

मौजूदा स्थिति और 5-दिन के पूर्वानुमान के लिए अपना राज्य चुनें।

मौसम की जानकारी ला रहे हैं…

Open-Meteo से लाइव डेटा

मुनाफ़ा कैलकुलेटर

आपकी अपनी लागत, अपेक्षित उपज और बिक्री भाव — हमारी नहीं।

पैसा कहाँ जाता है

नीचे कैलकुलेटर की डिफ़ॉल्ट लागत के अनुसार प्रति एकड़ कुल लागत में हर मद का हिस्सा — वहाँ अपने आँकड़े बदलने पर यह तस्वीर पूरी तरह आप पर लागू नहीं रहेगी, पर क्रम शायद ही बदलता है।

  • मज़दूरी24% (₹14,000)
  • ज़मीन का किराया19% (₹11,000)
  • खाद16% (₹9,000)
  • कीटनाशक और खरपतवारनाशक12% (₹7,000)
  • सिंचाई12% (₹7,000)
  • बीज7% (₹4,000)
  • मशीन5% (₹3,000)
  • ब्याज4% (₹2,500)

आधिकारिक डाउनलोड

केवल सरकार और ICAR के दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ किसी आधिकारिक सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बहार प्रणाली क्या है और संतरे को कौन-सी बहार लूँ?

बहार प्रणाली का अर्थ है पेड़ को सूखा विश्राम देकर फिर पानी व खिलाना फिर शुरू कर एक केंद्रित फूल प्रेरित करना, उसे दो बार फलने व ख़ुद थकने देने के बजाय। मैंडरिन अंबिया बहार (सर्दी फूल, मानसून-पास पकता फल) या मृग बहार (मानसून फूल, सर्दी में पकता फल) में फलाया जा सकता। कौन-सी लें यह आपके क्षेत्र, पानी-उपलब्धता व बाज़ार पर निर्भर — मार्गदर्शक लक्ष्य फल को ठंडे, सूखे मौसम में पकाना है, सर्वोत्तम रंग, शक्कर व सबसे कम रोग को। आप एक बहार लेते हैं, दोनों नहीं।

सिट्रस ह्रास क्या है और कैसे रोकूँ?

सिट्रस ह्रास शक्ति का धीमा नुक़सान व जल्दी मृत्यु है जो इतने मैंडरिन बाग़ अपने समय से साल पहले ख़त्म करता। यह एक रोग नहीं, संयोजन है: ख़राब निकासी व जड़-सड़न, दबा कलम-जोड़ व गमोसिस, उपेक्षित जड़-स्वास्थ्य, व असाध्य ग्रीनिंग (HLB) तथा वायरस रोग। रोकथाम बुनियादी बातों की है — सहिष्णु मूलवृंत पर प्रमाणित चश्मा-चढ़ी पेड़ लगाएँ, जोड़ ऊँचा व कॉलर सूखा रखें, उत्तम निकासी सुनिश्चित करें, जड़ें खिलाएँ-संभालें, व ग्रीनिंग-ग्रस्त पेड़ उखाड़ते हुए उन्हें फैलाने वाला सिल्ला नियंत्रित करें।

सिट्रस ग्रीनिंग क्या है और इतना गंभीर क्यों?

सिट्रस ग्रीनिंग, या HLB (हुआंगलोंगबिंग), सिट्रस सिल्ला व संक्रमित कलम-लकड़ी से फैला जीवाणु रोग है। यह चित्तीदार पत्तियाँ, टहनी-मृत्यु, व छोटा, टेढ़ा, कड़वा, ख़राब-रंग फल करता, और पेड़ धीरे मारता — इलाज नहीं। यह सिट्रस ह्रास का प्रमुख चालक। एकमात्र बचाव रोकथाम है: प्रमाणित रोग-मुक्त पेड़ लगाएँ, सिल्ला वाहक सख़्ती से नियंत्रित करें, व संक्रमित पेड़ बाक़ी खेत में बीज बोने से पहले जल्दी उखाड़ें।

मैंडरिन संतरा कब तोड़ूँ?

खाने-योग्य पका तोड़ें, क्योंकि मैंडरिन पेड़ छोड़ने के बाद मीठा नहीं होता। तब काटें जब छिलका पूरा रंग जाए, फल थोड़ा नरम हो व रस से भारी लगे, और रस पूर्ण मिठास पर पहुँचे। फल खींचने के बजाय छोटी डंठल सहित सतह-बराबर काटें — ढीला छिलका खींचने पर फटता व “प्लग” होता, जो सड़न घुसने देता। अंबिया फल लगभग नवंबर–जनवरी व मृग फल फ़रवरी–अप्रैल पकता।

सिट्रस पेड़ों को सूक्ष्म-पोषक छिड़काव क्यों चाहिए?

मैंडरिन व अन्य सिट्रस ज़िंक, मैंगनीज़ व लोहा कमियों को बहुत प्रवण हैं, ख़ासकर उगाने-पट्टियों में आम क्षारीय व कैल्शियमी मिट्टी पर। ये कमियाँ चित्तीदार “छोटी-पत्ती” बढ़वार व शिरा-मध्य पीलापन के रूप में दिखतीं व बिना ठीक किए बढ़वार, फल-बंधन व उपज बुरी तरह अपंग करतीं। नई फ़्लश पर लगाया पर्णीय सूक्ष्म-पोषक कार्यक्रम इन्हें सस्ते में ठीक करता व मैंडरिन पोषण का नियमित, लगभग-आवश्यक हिस्सा है।

क्या संतरे (मैंडरिन) का एमएसपी है?

नहीं। मैंडरिन संतरा बिना न्यूनतम समर्थन मूल्य वाला बाज़ार फल है — दाम ग्रेड, रंग, आकार, सीज़न व माँग से तय होता, और अच्छे-रंग, मीठा फल खट्टे या दागदार फल से कहीं अधिक पाता। योजना बनाते इस पृष्ठ के लाइव मंडी भाव व लाभ कैलकुलेटर का उपयोग करें; ग्रेडिंग, शीत-शृंखला व रस/प्रसंस्करण बहुत मुनाफ़ा जोड़ते।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके खेत और मिट्टी से जुड़ी किसी भी ख़ास बात के लिए आपका नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र ही आधिकारिक जवाब है।