राष्ट्रीय गोकुल मिशन
Rashtriya Gokul Mission (RGM)
भारत की देशी गाय-भैंस नस्लों को सहेजने और सुधारने का केंद्रीय मिशन — उन्नत सांड, सेक्स-सॉर्टेड सीमन, घर-द्वार पर कृत्रिम गर्भाधान, और हेइफ़र रीयरिंग सेंटर लगाने पर 35% सहायता।
- कुल परिव्यय
- ₹3,400 करोड़ (2021-22 से 2025-26)
- योजना की स्थिति
- सक्रिय
- शुरुआत
- दिसंबर 2014
- केंद्रीय नोडल एजेंसी
- NDDB + राज्य पशुधन विकास बोर्ड
- कैसे पहुँचें
- राज्य पशुपालन विभाग / दुग्ध संघ से — सीधा ऑनलाइन फ़ॉर्म नहीं
- किन पशुओं के लिए
- सिर्फ़ देशी गाय-भैंस नस्लें
- हेइफ़र रीयरिंग सेंटर सहायता
- पूंजीगत लागत का 35% (एकमुश्त)
- ब्याज छूट (HGM IVF हेइफ़र लोन)
- 3%
परिचय
राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) दिसंबर 2014 से चल रहा है — इसका मकसद देशी गाय-भैंस नस्लों को सहेजना और विकसित करना, गोवंश की आनुवंशिक गुणवत्ता बढ़ाना, और दूध उत्पादन व उत्पादकता को बढ़ाना है। जुलाई 2021 में इसे संशोधित किया गया, और 2025 में बढ़े हुए बजट के साथ फिर संशोधित किया गया।
RGM ऐसी योजना नहीं है जिसमें कोई किसान सीधे नकद पाने के लिए आवेदन करे। यह बुनियादी ढांचा और सेवाएँ देता है — उन्नत नस्ल के सांड, सेक्स-सॉर्टेड सीमन, IVF तकनीक, मुफ़्त घर-द्वार कृत्रिम गर्भाधान (AI), गोकुल ग्राम (एकीकृत गोवंश विकास केंद्र), और 2025 से हेइफ़र रीयरिंग सेंटर — जो राज्य कार्यान्वयन एजेंसियों, दुग्ध संघों और मिशन की केंद्रीय नोडल एजेंसी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के ज़रिए दिए जाते हैं।
गाय-भैंस पालने वाला किसान मुख्यतः इन सेवाओं के उपयोगकर्ता के रूप में लाभ पाता है — घर-द्वार मुफ़्त AI, सस्ता सेक्स-सॉर्टेड सीमन, या उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता (HGM) वाली IVF हेइफ़र खरीदने के लोन पर ब्याज छूट। कोई उद्यमी, गौशाला, दुग्ध संघ या सहकारी समिति हेइफ़र रीयरिंग सेंटर या नस्ल गुणन फ़ार्म जैसी सुविधा लगाने के लिए राज्य कार्यान्वयन एजेंसी या NDDB के परियोजना पोर्टल के ज़रिए आवेदन कर सकता है — पीएम-किसान जैसा सीधा व्यक्तिगत आवेदन नहीं है।
योजना की मुख्य बातें
देशी नस्लों पर फ़ोकस
भारत की देशी गाय-भैंस नस्लों को सहेजता और सुधारता है — क्रॉसब्रीड या विदेशी नस्लों के लिए नहीं।
मुफ़्त घर-द्वार कृत्रिम गर्भाधान
RGM के तहत राष्ट्रव्यापी AI कार्यक्रम (NAIP) उन ज़िलों में घर-द्वार मुफ़्त AI देता है जहाँ AI कवरेज 50% से कम थी।
IVF और सेक्स-सॉर्टेड सीमन
IVF तकनीक उन्नत गायों से प्राकृतिक प्रजनन से कहीं तेज़ बछड़े/बछिया पैदा करती है; सेक्स-सॉर्टेड सीमन से मादा बछिया की संभावना बढ़ती है।
हेइफ़र रीयरिंग सेंटर (नया, 2025)
हेइफ़र (बछिया) के लिए आवास बनाने और पालने वाली कार्यान्वयन एजेंसी को पूंजीगत लागत का 35% एकमुश्त सहायता।
HGM हेइफ़र लोन पर ब्याज छूट
जो किसान उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाली, IVF से जन्मी हेइफ़र खरीदने के लिए लोन लेता है, उसे उस लोन पर 3% ब्याज छूट मिलती है।
₹3,400 करोड़ का मिशन परिव्यय
15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) का कुल परिव्यय — मार्च 2025 में कैबिनेट ने ₹1,000 करोड़ और जोड़े।
आपको क्या मिलता है
मुफ़्त/सस्ती AI सेवाएँ
NAIP के तहत घर-द्वार कृत्रिम गर्भाधान मुफ़्त है; सुनिश्चित गर्भाधान पर सेक्स-सॉर्टेड सीमन पर ₹750 या लागत का 50% तक की सब्सिडी मिलती है।
उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाली हेइफ़र तक पहुँच
IVF तकनीक उन्नत देशी गायों से बछिया की संख्या बढ़ाती है, जिससे धीरे-धीरे आम किसानों तक ज़्यादा दूध देने वाली मादा बछिया पहुँचती हैं।
3% ब्याज छूट
उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाली IVF हेइफ़र खरीदने के लिए बैंक/दुग्ध संघ से लिए लोन पर — असल उधारी लागत घट जाती है।
हेइफ़र रीयरिंग सेंटर के लिए 35% पूंजीगत सहायता
आवास बनाकर हेइफ़र पालने वाली कार्यान्वयन एजेंसी को एकमुश्त सहायता, ताकि किसानों के नज़दीक ज़्यादा उन्नत हेइफ़र उपलब्ध हों।
नस्ल गुणन फ़ार्म सब्सिडी
देशी गाय-भैंस के नस्ल गुणन फ़ार्म लगाने वाले उद्यमियों को परियोजना लागत का 50% तक, अधिकतम ₹2 करोड़, पूंजीगत सब्सिडी मिल सकती है।
कौन पात्र है
दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।
आप पात्र हैं अगर
- देशी या देशी-क्रॉस गाय-भैंस पालने वाले किसान — मुफ़्त AI, सेक्स-सॉर्टेड सीमन और (जहाँ उपलब्ध हो) HGM IVF हेइफ़र लोन पर ब्याज छूट के हक़दार
- दुग्ध संघ, राज्य पशुधन विकास बोर्ड, राज्य दुग्ध महासंघ, गौशालाएँ और पंजीकृत प्रजनक समितियाँ — कार्यान्वयन एजेंसी बनने या उसके साथ जुड़ने के पात्र
- व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह, कृषक उत्पादक संगठन, कृषक सहकारी समितियाँ, संयुक्त देयता समूह और धारा 8 कंपनियाँ — नस्ल गुणन फ़ार्म या (जहाँ राज्य अनुमति दे) हेइफ़र रीयरिंग सेंटर के लिए उद्यमी के तौर पर आवेदन के पात्र
- उद्यमी-केंद्रित घटकों के लिए प्रस्ताव राज्य कार्यान्वयन एजेंसी से या NDDB के परियोजना पोर्टल पर भेजे जाते हैं
ज़मीन होते हुए भी अपात्र
- विदेशी या क्रॉसब्रीड गाय-भैंस विकास — RGM केवल देशी नस्ल संरक्षण और सुधार को फंड करता है, विदेशी/क्रॉसब्रीड प्रजनन कार्यक्रम को नहीं
- गाय-भैंस के अलावा अन्य पशु — मुर्गी, बकरी, भेड़ और सुअर पालन का बुनियादी ढांचा अलग योजना राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत आता है, RGM के तहत नहीं
- जो भी घटक किसी मान्यता-प्राप्त कार्यान्वयन एजेंसी या NDDB पोर्टल से न गुज़रे — पीएम-किसान जैसा कोई सीधा व्यक्तिगत नकद-लाभ आवेदन नहीं है
- जिन घटकों के लिए स्वीकृत राज्य कार्ययोजना ज़रूरी है, उससे बाहर के ज़िले/क्षेत्र (जैसे NAIP का ज़िला चयन आधार AI कवरेज पर निर्भर है)
यह योजना कहाँ लागू है
पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।
आधार / किसान पहचान
दुग्ध संघ या पशुपालन विभाग से घर-द्वार AI सेवा या ब्याज-छूट लाभ के लिए पंजीकरण में ज़रूरी।
पशु स्वामित्व / ईयर-टैग रिकॉर्ड
सबूत कि गाय/भैंस राज्य की पशुधन टैगिंग व्यवस्था (INAPH/पशु आधार) में दर्ज है।
बैंक खाते का विवरण
ब्याज-छूट के लिए ज़रूरी — छूट नकद नहीं, लोन खाते में समायोजित होती है।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)
नस्ल गुणन फ़ार्म या हेइफ़र रीयरिंग सेंटर लगाने के लिए आवेदन करने वाले उद्यमी या कार्यान्वयन एजेंसी से ज़रूरी।
संस्था का पंजीकरण प्रमाणपत्र
कार्यान्वयन साझेदार के रूप में आवेदन करने वाले SHG, FPO, सहकारी समिति, धारा 8 कंपनी, गौशाला या प्रजनक समिति के लिए।
आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम
चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।
- 1
मुफ़्त AI या सेक्स-सॉर्टेड सीमन चाहने वाला किसान
अपने ज़िले के नज़दीकी पशु अस्पताल, AI केंद्र, या राष्ट्रव्यापी AI कार्यक्रम के तहत सूचीबद्ध घर-द्वार AI तकनीशियन (MAITRI) से संपर्क करें।
- 2
ब्याज छूट चाहने वाला किसान
अपने दुग्ध संघ, सहकारी समिति या बैंक से पूछें कि क्या वह HGM IVF हेइफ़र ब्याज-छूट के लिए सूचीबद्ध है, और उसी के ज़रिए खरीद-लोन के लिए आवेदन करें।
- 3
सुविधा लगाने के इच्छुक उद्यमी/गौशाला/सहकारी समिति
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करें और अपना प्रस्ताव राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (राज्य पशुधन विकास बोर्ड / राज्य दुग्ध महासंघ) से भेजें, या NDDB के परियोजना पोर्टल पर जमा करें।
- 4
परीक्षण और स्वीकृति
केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में NDDB और राज्य सरकार प्रस्ताव को परिचालन दिशानिर्देशों के अनुसार जांचते हैं, फिर कार्यान्वयन एजेंसी को सहायता जारी करते हैं।
- 5
सहायता जारी होती है
पूंजीगत सहायता (जैसे हेइफ़र रीयरिंग सेंटर की 35% अनुदान राशि) स्वीकृत कार्यान्वयन एजेंसी को जारी होती है — किसी व्यक्ति के बैंक खाते में सीधा नकद हस्तांतरण नहीं होता।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
मिशन शुरू
दिसंबर 2014
पहला बड़ा संशोधन
जुलाई 2021
15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) के लिए घटकों को पुनर्गठित किया गया
ताज़ा कैबिनेट संशोधन
मार्च 2025
₹1,000 करोड़ जोड़े गए, कुल परिव्यय ₹3,400 करोड़ हुआ; हेइफ़र रीयरिंग सेंटर और ब्याज छूट शुरू हुई
मौजूदा वित्त आयोग चक्र
2021-22 से 2025-26
तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए
19 अगस्त 2026
dahd.gov.in और pib.gov.in से
अपनी पात्रता जाँचें
सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।
5 में से 0 जवाब दिए
यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।
डाउनलोड
केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।
आधिकारिक लिंक और हेल्पलाइन
पोर्टल को ही बुकमार्क करें — कोई भी तीसरी वेबसाइट भुगतान न जारी कर सकती है, न रोक सकती है, न तेज़ कर सकती है।
- आधिकारिक योजना पेजdahd.gov.in — पशुपालन एवं डेयरी विभाग
- नस्ल गुणन फ़ार्म / उद्यमी प्रस्तावRGM के उद्यमी-केंद्रित घटकों के लिए NDDB का परियोजना पोर्टल
- कैबिनेट स्वीकृति प्रेस विज्ञप्तिPIB — 2024-25 और 2025-26 के लिए बढ़े हुए आवंटन के साथ संशोधित RGM
- RGM प्रेस विज्ञप्ति (PIB)PIB — राष्ट्रीय गोकुल मिशन सारांश विज्ञप्ति
- प्रशासनिक स्वीकृति आदेश2021-22 से 2025-26 के लिए संशोधित/पुनर्गठित RGM घटकों की स्वीकृति
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राष्ट्रीय गोकुल मिशन क्या है?
यह केंद्र सरकार का मिशन है, जो दिसंबर 2014 से भारत की देशी गाय-भैंस नस्लों को सहेजने और विकसित करने, गोवंश की आनुवंशिक गुणवत्ता बढ़ाने, और दूध उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने के लिए चल रहा है। इसे पशुपालन एवं डेयरी विभाग लागू करता है, और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) इसकी केंद्रीय नोडल एजेंसी है।
RGM का कुल परिव्यय कितना है?
मिशन का कुल परिव्यय 15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) के लिए ₹3,400 करोड़ है — मूल ₹2,400 करोड़ में मार्च 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹1,000 करोड़ और जोड़े।
क्या कोई किसान पीएम-किसान की तरह सीधे RGM के लिए आवेदन कर सकता है?
नहीं। RGM ज़्यादातर बुनियादी ढांचा और सेवाओं का मिशन है, सीधा नकद-हस्तांतरण नहीं। किसान इसके लाभ — मुफ़्त कृत्रिम गर्भाधान, सस्ता सेक्स-सॉर्टेड सीमन, या HGM IVF हेइफ़र लोन पर ब्याज छूट — अपने नज़दीकी पशु/AI केंद्र, दुग्ध संघ या बैंक के ज़रिए पाता है, किसी ऑनलाइन व्यक्तिगत आवेदन फ़ॉर्म से नहीं।
2024-25/2025 के संशोधन में जोड़े गए दो नए घटक क्या हैं?
पहला, हेइफ़र रीयरिंग सेंटर लगाने वाली कार्यान्वयन एजेंसियों को पूंजीगत लागत का 35% एकमुश्त सहायता (लक्ष्य: लगभग 15,000 हेइफ़र क्षमता के 30 आवास ढांचे)। दूसरा, बैंक या दुग्ध संघ से उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता (HGM), IVF से जन्मी हेइफ़र खरीदने के लिए लिए गए लोन पर 3% ब्याज छूट।
हेइफ़र रीयरिंग सेंटर क्या करता है?
यह मादा बछड़ों (हेइफ़र) को — ख़ासकर उन्नत गायों से IVF द्वारा जन्मी हेइफ़र को — प्रजनन/ब्याने की उम्र तक आवास देकर पालता है, ताकि आम किसानों तक ज़्यादा उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाली मादा पशु पहुँच सकें।
HGM IVF हेइफ़र लोन पर ब्याज छूट कैसे काम करती है?
जो किसान किसी सूचीबद्ध बैंक या दुग्ध संघ से उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाली, IVF से जन्मी हेइफ़र खरीदने के लिए लोन लेता है, उस लोन की ब्याज दर में 3% की छूट मिलती है — इससे उन्नत पशु ख़रीदने की असल लागत घट जाती है।
क्या RGM के तहत कृत्रिम गर्भाधान मुफ़्त है?
हाँ, राष्ट्रव्यापी AI कार्यक्रम (NAIP) से कवर उन ज़िलों में — यह RGM का घटक है जो उन ज़िलों में घर-द्वार मुफ़्त AI देता है जहाँ बेसलाइन AI कवरेज 50% से कम थी, MAITRI नाम के प्रशिक्षित तकनीशियनों के ज़रिए।
RGM में सेक्स-सॉर्टेड सीमन पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
त्वरित नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत सुनिश्चित गर्भाधान पर किसानों को ₹750 या सेक्स-सॉर्टेड सीमन की लागत का 50% तक सब्सिडी मिलती है। सेक्स-सॉर्टेड सीमन से मादा बछिया पैदा होने की संभावना बढ़ती है, जो ज़्यादातर डेयरी किसान चाहते हैं।
क्या RGM में IVF गर्भाधान पर भी सब्सिडी है?
हाँ। त्वरित नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत प्रति IVF गर्भाधान ₹5,000 की सब्सिडी भारत सरकार के हिस्से के रूप में उपलब्ध है, ताकि उन्नत देशी गायों से बछड़े बढ़ाने में IVF तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिले।
RGM किन पशुओं के लिए है?
सिर्फ़ देशी (देसी) गाय-भैंस नस्लों और उनकी क्रॉस के लिए। बाक़ी पशुधन — मुर्गी, बकरी, भेड़, सुअर और चारा-उद्यमिता इकाइयाँ — अलग योजना राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत सहायता पाते हैं, RGM के तहत नहीं।
RGM के तहत नस्ल गुणन फ़ार्म कौन लगा सकता है?
पात्र उद्यमी — व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह, कृषक उत्पादक संगठन, कृषक सहकारी समितियाँ, संयुक्त देयता समूह और धारा 8 कंपनियाँ — NDDB के परियोजना पोर्टल (eoi.nddb.coop) पर प्रस्ताव देकर परियोजना लागत का 50% तक, अधिकतम ₹2 करोड़, पूंजीगत सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
गोकुल ग्राम क्या है?
गोकुल ग्राम (एकीकृत देशी गोवंश विकास केंद्र) RGM से फंडेड एक सुविधा है, जो एक ही जगह गाय-बछड़ा शेड, बायोगैस संयंत्र, कृषि उपकरण, गोमूत्र आसवन इकाई और कंपोस्ट/वर्मीकंपोस्ट गड्ढे जोड़ती है, ताकि देशी नस्लों को वैज्ञानिक तरीक़े से सहेजा और विकसित किया जा सके। अब तक 16 गोकुल ग्राम लगाने के लिए धनराशि जारी हो चुकी है।
ज़मीनी स्तर पर RGM को कौन लागू करता है?
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और राज्य पशुधन विकास बोर्ड केंद्रीय नोडल एजेंसी की भूमिका निभाते हैं, जबकि राज्य कार्यान्वयन एजेंसियाँ — आमतौर पर राज्य पशुधन विकास बोर्ड, राज्य दुग्ध महासंघ, ICAR संस्थान, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय और सरकारी पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय — स्वीकृत घटकों को उप-एजेंसी के रूप में लागू करती हैं।
क्या RGM विदेशी या क्रॉसब्रीड गाय के प्रजनन को कवर करता है?
नहीं। RGM ख़ास तौर पर देशी नस्ल संरक्षण और आनुवंशिक सुधार के लिए है। विदेशी नस्ल का डेयरी विकास अन्य डेयरी-क्षेत्र योजनाओं से होता है, RGM से नहीं।
RGM, राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) से कैसे अलग है?
RGM सिर्फ़ गोवंश के लिए है — गाय-भैंस नस्ल संरक्षण, AI, IVF और हेइफ़र विकास। NLM बाक़ी पशुधन (मुर्गी, भेड़-बकरी, सुअर) और चारा-उद्यमिता को 50% बैक-एंडेड पूंजीगत सब्सिडी से कवर करता है। दोनों एक ही विभाग के तहत अलग-अलग, सहयोगी मिशन हैं।
अब भी कोई सवाल है?
आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन undefined ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।
