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भारत सरकारकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (कृषि एवं किसान कल्याण विभाग); प्रशिक्षण MANAGE, हैदराबाद द्वारा समन्वित; सब्सिडी नाबार्ड द्वारा वितरितसक्रियअपडेट 6 सितंबर 2026

कृषि-क्लिनिक एवं कृषि-व्यवसाय केंद्र (एसीएबीसी) योजना

Agri-Clinics and Agri-Business Centres (ACABC) Scheme

एक केंद्रीय क्षेत्र योजना जो कृषि स्नातकों व प्रशिक्षित ग्रामीण युवाओं को 45-दिन का मुफ़्त आवासीय प्रशिक्षण और गाँव-स्तर की मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, इनपुट दुकान, कस्टम-हायरिंग सेवा या पशु क्लिनिक खोलने के लिए 36-44% की नाबार्ड ऋण-से-जुड़ी पश्च-भारित सब्सिडी देती है।

प्रशिक्षण
45-दिन मुफ़्त आवासीय, MANAGE के ज़रिए
सब्सिडी (सामान्य)
परियोजना लागत का 36%, ऋण से जुड़ी व पश्च-भारित
सब्सिडी (महिला, SC/ST, NE व पहाड़ी राज्य)
परियोजना लागत का 44%
सब्सिडी के लिए परियोजना-लागत सीमा
₹20 लाख व्यक्तिगत / ₹100 लाख 5+ का समूह
ऋण चुकौती
5-10 साल, अधिकतम 2 साल रियायत
कब से चल रही
2002 (केंद्रीय क्षेत्र योजना)
प्रगति
~82,776 प्रशिक्षित, ~36,265 उद्यम स्थापित
आवेदन / पंजीकरण
agriclinics.net (MANAGE पोर्टल)

त्वरित सारांश

इस पेज की मुख्य बातें लगभग दो मिनट में — पढ़ें या सुनें।

त्वरित सारांश

कृषि-क्लिनिक एवं कृषि-व्यवसाय केंद्र योजना किसी कृषि स्नातक या प्रशिक्षित ग्रामीण युवा को गाँव-स्तर का कृषि-उद्यमी बनाती है, और ऐसा करके उसके आस-पास के किसानों को सलाह व सेवा का एक सशुल्क पर स्थानीय स्रोत देती है। उम्मीदवार MANAGE, हैदराबाद द्वारा उसके नोडल प्रशिक्षण संस्थानों के ज़रिए समन्वित 45-दिन का मुफ़्त आवासीय प्रशिक्षण करता है, फिर एक परियोजना बनाता है — मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, इनपुट दुकान, कृषि यंत्र किराया या कस्टम-हायरिंग सेवा, पशु चिकित्सा या पैरा-वेट क्लिनिक, बीज या नर्सरी इकाई, पौध-संरक्षण या मधुमक्खी पालन व्यवसाय। बैंक परियोजना के लिए मियादी ऋण मंज़ूर करता है, और नाबार्ड (NABARD) ऋण से जुड़ी, पश्च-भारित समग्र सब्सिडी जारी करता है: सामान्य उम्मीदवार के लिए परियोजना लागत का 36% और महिलाओं तथा अनुसूचित जाति/जनजाति व पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों के उम्मीदवारों के लिए 44%। सब्सिडी की सीमा है व्यक्तिगत के लिए ₹20 लाख परियोजना लागत (ख़ासतौर पर सफल व्यक्तिगत उद्यम के लिए ₹25 लाख) और कम से कम पाँच प्रशिक्षित व्यक्तियों के समूह के लिए ₹100 लाख।

एक आम किसान के लिए यह लाभ अप्रत्यक्ष पर असली है: मिट्टी जाँच, कोई पुर्ज़ा या छिड़काव की सलाह के लिए ज़िला शहर जाने के बजाय, गाँव में या पास एक प्रशिक्षित व्यक्ति है जो यह देता है — और जिसके पास किसानों की अच्छी सेवा करते रहने का व्यावसायिक कारण है। यह 2002 से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तहत चल रही एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है; हाल की गिनती में लगभग 82,776 उम्मीदवार प्रशिक्षित हुए और लगभग 36,265 कृषि-उद्यम स्थापित हुए, जिसमें महाराष्ट्र आगे है। आवेदन व प्रशिक्षण पंजीकरण आधिकारिक पोर्टल, agriclinics.net पर हैं। आगे का पन्ना पात्रता सूची, सब्सिडी का गणित व प्रशिक्षण-से-ऋण के चरण देता है।

परिचय

कृषि-क्लिनिक एवं कृषि-व्यवसाय केंद्र (एसीएबीसी) योजना 2002 में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा नाबार्ड और राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (MANAGE), हैदराबाद के सहयोग से शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है। इसका मक़सद है कृषि स्नातकों, डिप्लोमा धारकों व अन्य पात्र युवाओं के लिए स्व-रोज़गार बनाना, और — एक उपफल के रूप में — जहाँ सरकारी विस्तार तंत्र कमज़ोर है वहाँ किसानों तक अंतिम-छोर की सलाह व इनपुट सेवाएँ पहुँचाना।

चुना गया उम्मीदवार 45-दिन का मुफ़्त आवासीय प्रशिक्षण करता है, जो MANAGE के नोडल प्रशिक्षण संस्थानों के नेटवर्क के ज़रिए देशभर में दिया जाता है, जिसमें तकनीकी विषय और बैंक-योग्य परियोजना बनाना व छोटा उद्यम चलाना शामिल है। प्रशिक्षण के बाद उम्मीदवार परियोजना प्रस्ताव बनाता है — एक कृषि-क्लिनिक (मिट्टी, पानी व इनपुट जाँच, फ़सल व पशु सलाह, पौध संरक्षण) या एक कृषि-व्यवसाय केंद्र (इनपुट खुदरा, कृषि यंत्र कस्टम हायरिंग व किराया, बीज प्रसंस्करण, नर्सरी, कटाई-बाद इकाइयाँ, मधुमक्खी पालन, वग़ैरह)। बैंक इसके लिए मियादी ऋण मंज़ूर करता है।

नाबार्ड बैंक ऋण के बदले ऋण से जुड़ी, पश्च-भारित समग्र सब्सिडी जारी करता है: सामान्य उम्मीदवारों के लिए परियोजना लागत का 36% और महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति उम्मीदवारों व पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों के उम्मीदवारों के लिए 44%। सब्सिडी के लिए परियोजना-लागत की सीमा है व्यक्तिगत उद्यम के लिए ₹20 लाख (बेहद सफल व्यक्तिगत मामले के लिए ₹25 लाख) और कम से कम पाँच प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा बनाई गई समूह परियोजना के लिए ₹100 लाख। ऋण चुकौती 5 से 10 साल में, अधिकतम दो साल की रियायत अवधि के साथ। हाल की गिनती में योजना के तहत लगभग 82,776 उम्मीदवार प्रशिक्षित हुए और लगभग 36,265 कृषि-उद्यम स्थापित हुए, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र का है।

योजना की मुख्य बातें

  • 45-दिन का मुफ़्त आवासीय प्रशिक्षण

    MANAGE, हैदराबाद देशभर के नोडल प्रशिक्षण संस्थानों के ज़रिए प्रशिक्षण चलाता है — ठहरना, खाना व पाठ्य सामग्री शामिल। यह तकनीकी विषय और बैंक-योग्य परियोजना बनाना दोनों सिखाता है।

  • असली 36-44% पूँजी सब्सिडी

    नाबार्ड सामान्य उम्मीदवारों के लिए परियोजना लागत का 36% और महिलाओं, SC/ST उम्मीदवारों व पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों वालों के लिए 44% की ऋण से जुड़ी, पश्च-भारित समग्र सब्सिडी जारी करता है — सब्सिडी आरक्षित कोष में रखकर ऋण के बदले समायोजित।

  • गाँव में मिट्टी प्रयोगशाला व जाँच

    एक आम कृषि-क्लिनिक मॉडल है गाँव की मिट्टी व पानी जाँच प्रयोगशाला, ताकि किसान को दूर ज़िला प्रयोगशाला में नमूना भेजकर हफ़्तों इंतज़ार किए बिना खाद की सिफ़ारिश मिले।

  • कस्टम हायरिंग व यंत्र किराया

    एक कृषि-व्यवसाय केंद्र कृषि-यंत्र कस्टम-हायरिंग व किराया सेवा हो सकता है — ट्रैक्टर, रोटावेटर, स्प्रेयर या थ्रेशर छोटे किसानों को किराए पर, जो अपना नहीं ख़रीद सकते।

  • स्थानीय इनपुट व सलाह साथ-साथ

    प्रशिक्षित कृषि-उद्यमी द्वारा चलाई इनपुट खुदरा (बीज, खाद, पौध-संरक्षण उत्पाद) बिक्री के साथ मात्रा व समय की सही सलाह जोड़ती है — जिससे आम दुकान वाला दुरुपयोग घटता है।

  • बड़ी परियोजनाओं के लिए समूह उद्यम

    पाँच या ज़्यादा प्रशिक्षित व्यक्ति ₹100 लाख की सब्सिडी सीमा वाली समूह परियोजना बना सकते हैं — बीज-प्रसंस्करण इकाई, कोल्ड रूम या बड़े कस्टम-हायरिंग बेड़े के लिए काफ़ी।

आपको क्या मिलता है

  • खेत के पास सेवाएँ

    मिट्टी जाँच, पुर्ज़े, छिड़काव की सलाह, पैरा-वेट देखभाल व गुणवत्ता इनपुट सिर्फ़ ज़िला शहर में नहीं, बल्कि गाँव में या पास उपलब्ध हो जाते हैं।

  • नतीजे में हिस्सेदारी वाली सलाह

    व्यवसाय चलाने वाला कृषि-उद्यमी किसान के बार-बार लौटने पर निर्भर है, इसलिए ऐसी सलाह देने का व्यावसायिक कारण है जो वाक़ई काम करे, न कि एकबारगी दुकान बिक्री।

  • स्व-रोज़गार का वित्तपोषित रास्ता

    स्नातक या ग्रामीण युवा के लिए मुफ़्त प्रशिक्षण, 36-44% सब्सिडी व बैंक ऋण मिलकर सिर्फ़ वेतन वाली नौकरी खोजने के बजाय कृषि-उद्यम चलाने का असली रास्ता है।

  • प्रशिक्षित, सिर्फ़ लाइसेंस-धारी नहीं

    45-दिन का MANAGE प्रशिक्षण व बाद की मदद मतलब किसानों की सेवा करने वाला व्यक्ति विषय पर परखा गया है, सिर्फ़ व्यापार लाइसेंस नहीं दिया गया।

कौन पात्र है

दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।

आप पात्र हैं अगर

  • कृषि या संबद्ध विषयों (बागवानी, रेशम उत्पादन, पशु चिकित्सा, वानिकी, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, कृषि-अभियांत्रिकी, कृषि-विपणन, खाद्य प्रौद्योगिकी, कृषि विशेषज्ञता वाला गृह विज्ञान, वग़ैरह) में स्नातक
  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से कृषि व संबद्ध विषयों में डिप्लोमा (कम से कम 50% अंक) या स्नातकोत्तर डिप्लोमा धारक
  • कृषि या संबद्ध विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री वाले जैविक विज्ञान स्नातक
  • कम से कम 55% अंकों के साथ इंटरमीडिएट (10+2) स्तर के कृषि-संबंधी पाठ्यक्रम, और यूजीसी / आईसीएआर द्वारा मान्यता प्राप्त कृषि विषय वाले डिग्री पाठ्यक्रम

ज़मीन होते हुए भी अपात्र

  • बिना कृषि या संबद्ध-विषय योग्यता वाले उम्मीदवार — योजना कृषि-स्नातकों, डिप्लोमा धारकों व समकक्ष के लिए है
  • बिना बैंक मियादी ऋण के सब्सिडी की उम्मीद करना — यह ऋण से जुड़ी है और सिर्फ़ मंज़ूर ऋण के बदले जारी होती है
  • सब्सिडी पहले मिलने की उम्मीद करना — यह पश्च-भारित है, सब्सिडी आरक्षित कोष में रखी जाती है और परियोजना संतोषजनक चलने के बाद समायोजित होती है
  • 45-दिन का MANAGE प्रशिक्षण छोड़ना — ऋण-व-सब्सिडी चरण से पहले इसे पूरा करना अनिवार्य है

यह योजना कहाँ लागू है

पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।

  • शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र

    डिग्री, डिप्लोमा या इंटरमीडिएट अंक-पत्र जो योजना के लिए ज़रूरी कृषि या संबद्ध-विषय योग्यता साबित करें।

  • पहचान व निवास प्रमाण

    agriclinics.net पर प्रशिक्षण पंजीकरण और बैंक ऋण आवेदन के लिए आधार व पता प्रमाण।

  • परियोजना रिपोर्ट

    प्रस्तावित कृषि-क्लिनिक या कृषि-व्यवसाय केंद्र के लिए एक बैंक-योग्य विस्तृत परियोजना रिपोर्ट — MANAGE प्रशिक्षण के दौरान मदद से बनाई जाती है।

  • बैंक खाता व वित्तीय दस्तावेज़

    बैंक खाते का विवरण और मियादी ऋण की जाँच व मंज़ूरी के लिए ऋण देने वाले बैंक द्वारा माँगे गए दस्तावेज़।

आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।

  1. 1

    agriclinics.net पर पंजीकरण करें

    MANAGE एसीएबीसी पोर्टल पर प्रोफ़ाइल बनाएँ और अपने पास के नोडल प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण बैच के लिए आवेदन करें।

  2. 2

    45-दिन का मुफ़्त आवासीय प्रशिक्षण पूरा करें

    तकनीकी विषय, उद्यम योजना और बैंक-योग्य परियोजना बनाने वाला MANAGE-समन्वित प्रशिक्षण करें। ठहरना व सामग्री मुफ़्त।

  3. 3

    परियोजना बनाएँ व बैंक से संपर्क करें

    अपने कृषि-क्लिनिक या कृषि-व्यवसाय केंद्र के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट अंतिम करें और मियादी ऋण के लिए बैंक को आवेदन दें।

  4. 4

    बैंक ऋण मंज़ूर करता है; नाबार्ड सब्सिडी आरक्षित करता है

    ऋण मंज़ूरी व वितरण पर, नाबार्ड 36% (या 44%) की ऋण से जुड़ी पश्च-भारित सब्सिडी आपके खाते के बदले सब्सिडी आरक्षित कोष में रखता है।

  5. 5

    उद्यम चलाएँ; सब्सिडी समायोजित होती है

    इकाई तय अवधि तक संतोषजनक चलने के बाद, आरक्षित सब्सिडी आपके ऋण के बदले समायोजित होती है, जिससे बकाया राशि घटती है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • योजना शुरू

    2002

    केंद्रीय क्षेत्र योजना, नाबार्ड व MANAGE के साथ

  • प्रशिक्षण अवधि

    45 दिन

    मुफ़्त आवासीय, MANAGE नोडल प्रशिक्षण संस्थानों के ज़रिए

  • ऋण चुकौती अवधि

    5-10 साल

    अधिकतम 2 साल की मोहलत/रियायत अवधि के साथ

  • तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए

    6 सितंबर 2026

    MANAGE एसीएबीसी पोर्टल (agriclinics.net), नाबार्ड एसीएबीसी योजना पन्ने, और सब्सिडी दरों व प्रशिक्षण-व-उद्यम आँकड़ों के प्रकाशित सारांशों के आधार पर

अपनी पात्रता जाँचें

सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।

  1. 1.क्या आपके पास कृषि या किसी संबद्ध विषय में स्नातक डिग्री, डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता है?
  2. 2.क्या आप ऋण चरण से पहले अनिवार्य 45-दिन का मुफ़्त आवासीय MANAGE प्रशिक्षण पूरा करने को तैयार हैं?
  3. 3.क्या आप परियोजना के लिए बैंक मियादी ऋण लेने को तैयार हैं, यह जानते हुए कि सब्सिडी ऋण से जुड़ी व पश्च-भारित है?

3 में से 0 जवाब दिए

यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।

डाउनलोड

केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह योजना किसके लिए है — किसान के लिए, या व्यवसाय खोलने वाले के लिए?

यह गाँव-स्तर का कृषि-उद्यम खोलने वाले व्यक्ति के लिए है — आम तौर पर कृषि स्नातक, डिप्लोमा धारक या प्रशिक्षित ग्रामीण युवा। आम किसानों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलता है: उन्हें प्रशिक्षित कृषि-उद्यमी द्वारा चलाई पास की मिट्टी प्रयोगशाला, इनपुट दुकान, कस्टम-हायरिंग सेवा या पशु क्लिनिक मिलती है।

45-दिन के प्रशिक्षण का क्या ख़र्च है?

कुछ नहीं। यह MANAGE, हैदराबाद द्वारा उसके नोडल प्रशिक्षण संस्थानों के ज़रिए समन्वित एक मुफ़्त आवासीय प्रशिक्षण है, जिसमें ठहरना, खाना व पाठ्य सामग्री शामिल है।

कितनी सब्सिडी मिलती है और कैसे दी जाती है?

सामान्य उम्मीदवारों के लिए परियोजना लागत का 36% और महिलाओं, SC/ST उम्मीदवारों व पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों के उम्मीदवारों के लिए 44% की ऋण से जुड़ी, पश्च-भारित समग्र सब्सिडी। नाबार्ड इसे आपके बैंक ऋण के बदले सब्सिडी आरक्षित कोष में रखता है और उद्यम संतोषजनक चलने के बाद समायोजित करता है।

सब्सिडी के लिए अधिकतम परियोजना लागत कितनी है?

व्यक्तिगत उद्यम के लिए ₹20 लाख (बेहद सफल व्यक्तिगत मामले के लिए ₹25 लाख) और कम से कम पाँच प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा बनाई समूह परियोजना के लिए ₹100 लाख।

किस तरह के उद्यम खोले जा सकते हैं?

कृषि-क्लिनिक (मिट्टी, पानी व इनपुट जाँच, फ़सल व पशु स्वास्थ्य सलाह, पौध संरक्षण) और कृषि-व्यवसाय केंद्र (इनपुट खुदरा, कृषि-यंत्र कस्टम हायरिंग व किराया, बीज प्रसंस्करण, नर्सरी, कटाई-बाद इकाइयाँ, मधुमक्खी पालन, वर्मीकम्पोस्ट, वग़ैरह)।

क्या बैंक ऋण अनिवार्य है?

सब्सिडी के लिए हाँ। सब्सिडी ऋण से जुड़ी है, इसलिए यह सिर्फ़ मंज़ूर परियोजना के लिए बैंक द्वारा दिए गए मियादी ऋण के बदले जारी होती है। चुकौती 5 से 10 साल में, अधिकतम दो साल की रियायत अवधि के साथ।

मैं आवेदन कैसे करूँ?

MANAGE एसीएबीसी पोर्टल, agriclinics.net पर पंजीकरण करें और अपने पास के नोडल प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण बैच के लिए आवेदन करें। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपनी परियोजना रिपोर्ट बनाएँ और बैंक से संपर्क करें।

एसीएबीसी, एसएमएई / किसान कॉल सेंटर से कैसे अलग है?

एसएमएई सरकारी विस्तार — एटीएमए प्रशिक्षण, किसान कॉल सेंटर, mKisan — फंड करता है, जो मुफ़्त सार्वजनिक सलाह है। एसीएबीसी निजी, प्रशिक्षित कृषि-उद्यमी बनाता है जो स्थानीय रूप से सशुल्क सलाह व सेवाएँ देते हैं, ऋण व सब्सिडी के सहारे।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन undefined ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।