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भारत सरकारकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालयसक्रियअपडेट 9 अगस्त 2026

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना

Prime Minister Dhan-Dhaanya Krishi Yojana (PMDDKY)

11 मंत्रालयों की 36 केंद्रीय योजनाओं को 100 चुने गए “आकांक्षी कृषि जिलों” में एक साथ केंद्रित करने का मॉडल — अपना कोई अलग लाभ नहीं, बस पहले से मौजूद योजनाओं को तेज़ी और प्राथमिकता से पहुंचाना।

कवर किए गए जिले
100 आकांक्षी कृषि जिले
लाभान्वित किसान (अनुमानित)
लगभग 1.7 करोड़
सालाना परिव्यय
₹24,000 करोड़ / वर्ष
योजना अवधि
2025-26 से 2030-31 (6 वर्ष)
अभिसरित योजनाएं
11 मंत्रालयों की 36 योजनाएं
योजना की स्थिति
सक्रिय
किसानों को लाभ कैसे मिलता है
अप्रत्यक्ष — जिला-स्तरीय अभिसरण से
अग्रणी मंत्रालय
कृषि एवं किसान कल्याण (DA&FW)

परिचय

पीएम धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) अपने आप में कोई अलग लाभ देने वाली योजना नहीं है — यह 11 मंत्रालयों की 36 मौजूदा केंद्रीय योजनाओं को, राज्य योजनाओं और निजी भागीदारी के साथ, 100 चुने गए “आकांक्षी कृषि जिलों” में केंद्रित करने का अभिसरण मॉडल है। इसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 (1 फ़रवरी 2025) में हुई, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को इसे मंज़ूरी दी, और प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2025 को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली से इसका औपचारिक शुभारंभ किया।

इन 100 जिलों का चयन तीन आधारों पर हुआ — कम कृषि उत्पादकता, कम-से-मध्यम फसल सघनता, और औसत से कम ऋण उपलब्धता। हर राज्य को मिलने वाले जिलों की संख्या उसके शुद्ध बोए गए क्षेत्र और परिचालन जोतों के हिस्से पर आधारित है, और हर राज्य व केंद्रशासित प्रदेश को कम से कम एक जिला ज़रूर मिलता है। नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम से प्रेरित इस योजना का सालाना परिव्यय छह वर्षों (वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31) के लिए ₹24,000 करोड़ है — यह कोई नई बनाई गई राशि नहीं, बल्कि इन 36 योजनाओं के मौजूदा बजट को इन जिलों में प्राथमिकता देने का मूल्य है। इससे लगभग 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।

किसी किसान के लिए पीएमडीडीकेवाई में भरने को कोई नया फॉर्म या पंजीकरण पोर्टल नहीं है। यदि आपका जिला इन 100 में शामिल है, तो जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला धन-धान्य कृषि योजना समिति एक कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना बनाती है, जो पीएम-किसान की संतृप्ति, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, सिंचाई और भंडारण जैसे लाभों को हर पात्र किसान तक तेज़ी से पहुंचाने की कोशिश करती है — लेकिन हर मूल योजना (पीएम-किसान, केसीसी, पीएमएफबीवाई, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एआईएफ आदि) के लिए आपको सामान्य तरीके से खुद ही आवेदन करना होता है; पीएमडीडीकेवाई सिर्फ़ आपके जिले को इनके वित्त-पोषण और क्रियान्वयन में प्राथमिकता दिलाती है।

योजना की मुख्य बातें

  • नई योजना नहीं, संतृप्ति मॉडल

    पीएमडीडीकेवाई का अपना कोई स्वतंत्र लाभ नहीं है — यह 36 मौजूदा केंद्रीय योजनाओं के बजट और क्रियान्वयन को प्राथमिकता देकर 100 जिलों में ज़्यादा पात्र किसानों तक पहुंचाती है।

  • 100 आकांक्षी कृषि जिले

    कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और औसत से कम ऋण उपलब्धता के आधार पर चुने गए — हर राज्य व केंद्रशासित प्रदेश को कम से कम एक जिला ज़रूर मिला है।

  • पांच मुख्य उद्देश्य

    कृषि उत्पादकता बढ़ाना, टिकाऊ फसल विविधीकरण, पंचायत/ब्लॉक-स्तर पर भंडारण क्षमता, सिंचाई सुविधाएं, और अल्पकालिक-दीर्घकालिक ऋण की बेहतर उपलब्धता।

  • जिला धन-धान्य कृषि योजना समिति

    जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली यह समिति — जिसमें केंद्र सरकार द्वारा नामित दो प्रगतिशील किसान भी शामिल हैं — हर महीने जिले की कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना बनाती और उसकी समीक्षा करती है।

  • मासिक जिला रैंकिंग डैशबोर्ड

    नीति आयोग आकांक्षी जिला कार्यक्रम की तर्ज़ पर एक सार्वजनिक डैशबोर्ड बना रहा है, जो सभी 100 जिलों को करीब 117 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर हर महीने रैंक करेगा।

  • आकांक्षी जिला कार्यक्रम पर आधारित

    जनवरी 2018 से 112 आकांक्षी जिलों को बदलने वाले मॉडल का यह पहला क्षेत्र-विशेष संस्करण है — इस बार सिर्फ़ कृषि व संबद्ध क्षेत्रों पर केंद्रित।

आपको क्या मिलता है

  • आर्थिक लाभ

    व्यक्तिगत किसानों को कोई सीधी नकद राशि नहीं — ₹24,000 करोड़ सालाना का आंकड़ा उन 36 मौजूदा योजनाओं के बजट का मूल्य है जिन्हें इन 100 जिलों में प्राथमिकता दी जा रही है, और भुगतान उन्हीं योजनाओं के अपने तरीके (DBT, सब्सिडी, ब्याज सहायता आदि) से होता है।

  • किसे मिलता है

    100 चुने गए जिलों के किसान, मछुआरे, डेयरी व पशुपालक — खासकर वे जो अब तक पीएम-किसान, केसीसी, पीएमएफबीवाई, मृदा स्वास्थ्य कार्ड या भंडारण/सिंचाई सहायता से छूटे हुए थे, अब जिन्हें पीएमडीडीकेवाई संतृप्त करने पर ज़ोर देती है।

  • यह किसलिए है

    उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण, पंचायत/ब्लॉक-स्तर पर कटाई के बाद भंडारण, बेहतर सिंचाई, और आसान अल्पकालिक-दीर्घकालिक कृषि ऋण — यही पांच उद्देश्य जिला योजना का आधार हैं।

  • लाभ कैसे मिलता है

    जिले की कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना के ज़रिए, जो हर अभिसरित योजना के लिए सालाना भौतिक व वित्तीय लक्ष्य तय करती है — किसान को हर लाभ ठीक उसी तरह मिलता है जैसे वह योजना सामान्यतः देती है।

कौन पात्र है

दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।

आप पात्र हैं अगर

  • आपका खेत, मत्स्य पालन, डेयरी या पशुपालन इकाई पीएमडीडीकेवाई की आधिकारिक अनुसूची-I में सूचीबद्ध 100 जिलों में से किसी एक में स्थित है
  • आप 36 अभिसरित योजनाओं में से कम से कम एक — पीएम-किसान, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएमएफबीवाई/आरडब्ल्यूबीसीआईएस, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एआईएफ, एमआईडीएच, पीकेवीवाई, एसएमएएम, नमो ड्रोन दीदी आदि — के लिए पात्र हैं या पहले से पंजीकृत हैं
  • आपकी गतिविधि जिले की कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना में शामिल है — फसल खेती, बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी या कृषि वानिकी
  • आप जिला डीडीकेवाई समिति द्वारा आयोजित मौसम-आरंभ जागरूकता कार्यक्रमों, क्लस्टर प्रदर्शनों और आधार-सर्वेक्षण में भाग लेने को तैयार हैं
  • आप जिस भी विशिष्ट अभिसरित योजना का लाभ चाहते हैं, उसकी अपनी पात्रता शर्तें भी पूरी करते हैं — पीएमडीडीकेवाई उन्हें माफ़ नहीं करती

ज़मीन होते हुए भी अपात्र

  • आपकी ज़मीन या गतिविधि इन 100 चुने गए जिलों से बाहर है — तब पीएमडीडीकेवाई की जिला-स्तरीय प्राथमिकता आप पर लागू नहीं होती, हालांकि आप 36 योजनाओं में से किसी को भी सामान्य तरीके से खुद आवेदन कर सकते हैं
  • आप उस मूल योजना की अपनी शर्तें पूरी नहीं करते — जैसे पीएम-किसान की आयकर या संस्थागत भूमिधारक संबंधी अपात्रताएं पीएमडीडीकेवाई वाले जिले में भी लागू रहती हैं
  • आप पीएमडीडीकेवाई से अलग किसी सीधी नकद राशि, सब्सिडी या प्रमाणपत्र की उम्मीद कर रहे हैं — ऐसा कोई अलग, योजना-विशिष्ट लाभ मौजूद नहीं है
  • आपके जिले में अभी आधार-सर्वेक्षण या कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना पूरी नहीं हुई है — वहां अभिसरण की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई
  • आप पीएमडीडीकेवाई की अपनी अलग ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया या पोर्टल खोज रहे हैं — पीएमडीडीकेवाई का ऐसा कोई पोर्टल नहीं है; आवेदन संबंधित मूल योजना पर ही होता है

यह योजना कहाँ लागू है

पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।

  • भूमि रिकॉर्ड (खसरा / खतौनी)

    पीएमडीडीकेवाई में सीधे जमा नहीं होता, पर जिले के आधार-सर्वेक्षण और पीएम-किसान, केसीसी, मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी ज़्यादातर अभिसरित योजनाओं के लिए ज़रूरी है।

  • आधार

    लगभग हर अभिसरित योजना के अपने DBT और लाभार्थी-सत्यापन के लिए ज़रूरी — पीएमडीडीकेवाई का अपना कोई अलग आधार चरण नहीं है।

  • बैंक खाता

    जो भी अभिसरित योजना आपको भुगतान करती है — पीएम-किसान, केसीसी ब्याज सहायता, पीएमएफबीवाई दावे — उसके लिए ज़रूरी, क्योंकि पीएमडीडीकेवाई खुद कोई सीधा भुगतान नहीं करती।

  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड

    जिला योजना जिन चीज़ों को संतृप्त करने पर ज़ोर देती है, उनमें से एक — यदि अभी तक नहीं है तो अपने कृषि विज्ञान केंद्र या जिला कृषि कार्यालय से बनवाएं।

आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।

  1. 1

    देखें कि आपका जिला शामिल है या नहीं

    ऑपरेशनल गाइडलाइंस पीडीएफ़ की आधिकारिक अनुसूची-I में 100 जिलों की सूची देखें, या अपने जिला कृषि कार्यालय से पूछें कि क्या आपका जिला पीएमडीडीकेवाई का “आकांक्षी कृषि जिला” है।

  2. 2

    पीएमडीडीकेवाई का कोई अलग आवेदन फॉर्म नहीं है

    पीएमडीडीकेवाई का अपना कोई किसान पंजीकरण, पोर्टल या फॉर्म नहीं है — यह सीधे आवेदन लेने के बजाय आपके जिले को 36 मौजूदा योजनाओं में प्राथमिकता देकर काम करती है।

  3. 3

    जिले की कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना पर नज़र रखें

    जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली डीडीकेवाई समिति हर साल जिले के लिए भौतिक व वित्तीय लक्ष्य तय करती है — मौसम-आरंभ जागरूकता कार्यक्रम की तारीख़ अपनी ग्राम पंचायत या केवीके से पूछें।

  4. 4

    हर योजना के लिए सामान्य तरीके से खुद आवेदन करें

    पीएम-किसान, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएमएफबीवाई, मृदा स्वास्थ्य कार्ड या एआईएफ़-समर्थित भंडारण ऋण के लिए उसी योजना की सामान्य प्रक्रिया से आवेदन करें — पीएमडीडीकेवाई वाले जिले में होने से सिर्फ़ आपको वित्त-पोषण व पहुंच में प्राथमिकता मिलती है।

  5. 5

    क्लस्टर प्रदर्शन और प्रशिक्षण में भाग लें

    आपके जिले से जुड़े कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालय पूरे मौसम फील्ड डे, फसल-प्रणाली प्रशिक्षण और विविधीकरण प्रदर्शन आयोजित करते हैं।

  6. 6

    अपने जिले की प्रगति देखें

    शुरू होने पर, नीति आयोग का निगरानी डैशबोर्ड आपके जिले की उत्पादकता, सिंचाई, भंडारण और ऋण संकेतकों पर मासिक रैंकिंग दिखाएगा।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • घोषणा

    1 फ़रवरी 2025

    केंद्रीय बजट 2025-26 के भाषण में

  • मंत्रिमंडल की मंज़ूरी

    16 जुलाई 2025

    प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल बैठक

  • औपचारिक शुभारंभ

    11 अक्टूबर 2025

    प्रधानमंत्री द्वारा भा.कृ.अनु.सं. (IARI), पूसा, नई दिल्ली से — दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के साथ

  • योजना अवधि

    वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31

    मंत्रिमंडल की मंज़ूरी अनुसार छह वर्ष

  • तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए

    9 अगस्त 2026

    DA&FW ऑपरेशनल गाइडलाइंस (2025) और PIB विज्ञप्तियों के आधार पर

अपनी पात्रता जाँचें

सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।

  1. 1.क्या आपका खेत, मत्स्य पालन, डेयरी या पशुपालन इकाई पीएमडीडीकेवाई के 100 चुने गए जिलों में से किसी एक में है?
  2. 2.क्या आप 36 अभिसरित योजनाओं (पीएम-किसान, केसीसी, पीएमएफबीवाई, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एआईएफ, एमआईडीएच, पीकेवीवाई आदि) में से कम से कम एक के लिए पात्र हैं या पहले से पंजीकृत हैं?
  3. 3.क्या आप उस जिले में खेती करते हैं, या बागवानी, मत्स्य पालन, डेयरी, पशुपालन या कृषि वानिकी की कोई गतिविधि चलाते हैं?
  4. 4.क्या आप जिस योजना का लाभ चाहते हैं, उसकी विशिष्ट पात्रता शर्तें (जैसे पीएम-किसान की भूमिधारण व अपात्रता संबंधी शर्तें) पूरी करते हैं?
  5. 5.क्या आप पीएमडीडीकेवाई से सीधे किसी नकद लाभ, सब्सिडी या प्रमाणपत्र की उम्मीद कर रहे हैं?
  6. 6.क्या आपके जिले में आधार-सर्वेक्षण पूरा होकर कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना प्रकाशित हो चुकी है?

6 में से 0 जवाब दिए

यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।

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केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीएम धन-धान्य कृषि योजना क्या है?

पीएमडीडीकेवाई एक छह-वर्षीय, ₹24,000 करोड़ सालाना की अभिसरण योजना है, जो 11 मंत्रालयों की 36 मौजूदा केंद्रीय योजनाओं को 100 चुने गए “आकांक्षी कृषि जिलों” में केंद्रित करती है, ताकि उत्पादकता, फसल विविधीकरण, सिंचाई, भंडारण और ऋण उपलब्धता बढ़े। इसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में हुई, मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को मंज़ूरी दी, और प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2025 को इसका शुभारंभ किया।

क्या पीएमडीडीकेवाई पीएम-किसान जैसी नकद लाभ वाली योजना है?

नहीं। पीएमडीडीकेवाई का अपना कोई स्वतंत्र लाभ नहीं है — यह 100 चुने गए जिलों में 36 मौजूदा योजनाओं (जिसमें पीएम-किसान भी शामिल है) के वितरण को प्राथमिकता देती है। किसान को जो भी पैसा मिलता है, वह उन्हीं मूल योजनाओं से, सामान्य तरीके से मिलता है।

पीएमडीडीकेवाई में कौन-से 100 जिले शामिल हैं?

पूरी आधिकारिक सूची DA&FW ऑपरेशनल गाइडलाइंस (2025) की अनुसूची-I में है — हर राज्य व केंद्रशासित प्रदेश में कम से कम एक जिला शामिल है, जैसे श्री सत्य साईं और अनंतपुर (आंध्र प्रदेश), मधुबनी और दरभंगा (बिहार), पालघर और यवतमाल (महाराष्ट्र), बाड़मेर और जैसलमेर (राजस्थान), और नूंह (हरियाणा)। अपने जिले की स्थिति के लिए गाइडलाइंस पीडीएफ़ या जिला कृषि कार्यालय देखें।

इन 100 जिलों का चयन कैसे हुआ?

तीन आधारों पर — कम कृषि उत्पादकता, कम-से-मध्यम फसल सघनता, और औसत से कम ऋण उपलब्धता। हर राज्य को मिलने वाले जिलों की संख्या उसके शुद्ध बोए गए क्षेत्र और परिचालन जोतों के हिस्से पर निर्भर करती है, और हर राज्य व केंद्रशासित प्रदेश को कम से कम एक जिला ज़रूर मिलता है।

पीएमडीडीकेवाई में कितनी राशि शामिल है?

छह वर्षों — वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक — के लिए ₹24,000 करोड़ सालाना का परिव्यय। यह उन 36 अभिसरित योजनाओं के बजट का मूल्य है जिन्हें इन 100 जिलों में प्राथमिकता दी जा रही है — ऑपरेशनल गाइडलाइंस के अनुसार, योजना फ़िलहाल “मौजूदा योजनाओं के अभिसरण से, बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय परिव्यय के” चल रही है, यानी इन योजनाओं के अपने बजट से अलग कोई नया कोष नहीं बनाया गया है।

पीएमडीडीकेवाई से कितने किसानों को लाभ मिलेगा?

केंद्रीय बजट 2025-26 और मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के अनुसार, लगभग 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।

पीएमडीडीकेवाई के तहत कौन-सी योजनाएं अभिसरित होती हैं?

11 मंत्रालयों/विभागों की 36 योजनाएं, जिनमें पीएम-किसान, पीएमएफबीवाई/आरडब्ल्यूबीसीआईएस, संशोधित ब्याज सहायता योजना (किसान क्रेडिट कार्ड के लिए), कृषि अवसंरचना कोष, पीएम-आशा, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, प्रति बूंद अधिक फसल, कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन, नमो ड्रोन दीदी, बागवानी के समग्र विकास मिशन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, DAY-NRLM और पीएम कौशल विकास योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं — पूरी सूची ऑपरेशनल गाइडलाइंस की अनुसूची-II में है।

जिला स्तर पर पीएमडीडीकेवाई का संचालन कौन करता है?

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला धन-धान्य कृषि योजना समिति, जिसमें जिला कृषि अधिकारी सदस्य-सचिव, विभागीय अधिकारी, लीड बैंक अधिकारी, नाबार्ड प्रतिनिधि, केवीके वैज्ञानिक और केंद्र सरकार द्वारा नामित दो प्रगतिशील किसान शामिल होते हैं। यह समिति महीने में कम से कम एक बार मिलकर जिले की कृषि एवं संबद्ध गतिविधि योजना बनाती और उसकी समीक्षा करती है।

पीएमडीडीकेवाई के लिए आवेदन कैसे करें?

आपको करना ही नहीं है — पीएमडीडीकेवाई का अपना कोई व्यक्तिगत आवेदन, फॉर्म या पोर्टल नहीं है। यदि आपका जिला इन 100 में शामिल है, तो आप जिस भी मूल योजना (पीएम-किसान, केसीसी, पीएमएफबीवाई, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एआईएफ़-समर्थित भंडारण ऋण आदि) का लाभ चाहते हैं, उसकी सामान्य प्रक्रिया से आवेदन करें — पीएमडीडीकेवाई बस आपके जिले को उसके वित्त-पोषण और पहुंच में प्राथमिकता दिलाती है।

मेरा जिला इन 100 में नहीं है — क्या फिर भी इन योजनाओं का लाभ मिल सकता है?

हाँ। सभी 36 अभिसरित योजनाएं पूरे भारत में पात्र किसानों के लिए अपनी सामान्य शर्तों पर खुली हैं — पीएमडीडीकेवाई उन्हें सीमित नहीं करती। इन 100 जिलों से बाहर होने का मतलब बस इतना है कि आपको वह अतिरिक्त जिला-स्तरीय प्राथमिकता, तेज़ डिलीवरी और समर्पित समिति निगरानी नहीं मिलेगी जो पीएमडीडीकेवाई इन जिलों के भीतर जोड़ती है।

पीएमडीडीकेवाई कब शुरू हुई?

इसकी घोषणा सबसे पहले केंद्रीय बजट 2025-26 में 1 फ़रवरी 2025 को हुई, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को मंज़ूरी दी, और प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2025 को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली से — दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के साथ — इसका औपचारिक शुभारंभ किया।

पीएमडीडीकेवाई की प्रगति की निगरानी कैसे होती है?

हर जिले को नीति आयोग द्वारा तैयार किए जा रहे एक केंद्रीय डैशबोर्ड पर करीब 117 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर मासिक रूप से ट्रैक किया जाता है — यह आकांक्षी जिला कार्यक्रम में इस्तेमाल होने वाले डैशबोर्ड जैसा है। जिला योजनाओं की मासिक समीक्षा DA&FW की एक समिति करती है, और सचिव, DA&FW की अध्यक्षता वाली केंद्रीय समिति हर तिमाही समीक्षा करती है; केंद्रीय नोडल अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करते हैं।

क्या पीएमडीडीकेवाई का कोई मोबाइल ऐप है?

ऑपरेशनल गाइडलाइंस (2025) में एक समर्पित बहुभाषी मोबाइल ऐप का ज़िक्र है, जो किसानों को 100 जिलों में योजना की जानकारी देने के लिए “विकसित किया जाएगा” — आख़िरी जांच तक इसके सार्वजनिक शुभारंभ की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। अपडेट के लिए agriwelfare.gov.in और अपने जिला कृषि कार्यालय पर नज़र रखें।

क्या पीएमडीडीकेवाई की कोई हेल्पलाइन है?

आधिकारिक गाइडलाइंस या प्रेस विज्ञप्तियों में पीएमडीडीकेवाई की अपनी कोई हेल्पलाइन सूचीबद्ध नहीं है। सवालों के लिए जिला कलेक्टर या जिला कृषि कार्यालय के ज़रिए अपनी जिला धन-धान्य कृषि योजना समिति से संपर्क करें, या जिस विशिष्ट अभिसरित योजना के बारे में पूछना हो उसकी हेल्पलाइन (जैसे पीएम-किसान की 155261) इस्तेमाल करें।

पीएमडीडीकेवाई और नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम में क्या अंतर है?

जनवरी 2018 में शुरू हुआ आकांक्षी जिला कार्यक्रम भारत के 112 सबसे कम विकसित जिलों को स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना जैसे सभी क्षेत्रों में कवर करता है। पीएमडीडीकेवाई उसी अभिसरण-और-रैंकिंग मॉडल को अपनाती है, लेकिन इसे केवल कृषि व संबद्ध क्षेत्रों पर, कम कृषि उत्पादकता, फसल सघनता और ऋण उपलब्धता के आधार पर चुने गए एक अलग 100-जिलों के समूह में लागू करती है।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन undefined ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।