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भारत सरकारमत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय (पशुपालन एवं डेयरी विभाग), राज्य पशुपालन विभागों के ज़रिए क्रियान्वितसक्रियअपडेट 6 सितंबर 2026

पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी)

Livestock Health and Disease Control Programme (LHDCP)

एक केंद्र प्रायोजित योजना — गाय, भैंस, भेड़, बकरी व सुअर के लिए मुफ़्त FMD व ब्रुसेलोसिस टीका, भारत पशुधन पोर्टल पर कान का टैग, 1962 पर चल पशु चिकित्सा इकाई, और पशु औषधि के ज़रिए सस्ती जेनरिक पशु दवाएँ।

परिव्यय (संशोधित)
2024-25 व 2025-26 के लिए ₹3,880 करोड़
क्या कवर होता है
मुफ़्त FMD व ब्रुसेलोसिस टीका
कौन-से पशु
गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सुअर
अब तक FMD टीके
147+ करोड़ (~8 करोड़ परिवार)
कान-टैग वाले पशु
भारत पशुधन पर 39+ करोड़, 12 अंकों की पहचान
हिस्से
NADCP + LH&DC + पशु औषधि
दरवाज़े पर पशु चिकित्सा
1962 (टोल-फ्री) पर चल पशु चिकित्सा इकाई
FMD प्रकोप
132 (2019) से घटकर 40 (2025)

त्वरित सारांश

इस पेज की मुख्य बातें लगभग दो मिनट में — पढ़ें या सुनें।

त्वरित सारांश

पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम केंद्र की वह एक योजना है जो पशुओं को उन बीमारियों से बचाती है जो चुपचाप पशुपालक को सबसे ज़्यादा नुक़सान देती हैं — सबसे बढ़कर खुरपका-मुँहपका (FMD) और ब्रुसेलोसिस। इसका सबसे जाना-पहचाना हिस्सा, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP), घर-घर जाकर मुफ़्त टीकाकरण के दौर चलाता है: हर गाय, भैंस, भेड़, बकरी व सुअर को FMD का टीका, और 4 से 8 महीने की हर मादा गोवंश बछड़ी को ब्रुसेलोसिस का टीका। हर पशु के कान में 12 अंकों की पहचान वाला टैग लगता है और उसे भारत पशुधन पोर्टल पर दर्ज किया जाता है, ताकि उसके टीकों का रिकॉर्ड जीवन भर उसके साथ रहे। साथ में दो हिस्से और हैं — पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण (LH&DC), जो राज्य के पशु अस्पताल, 1962 टोल-फ्री नंबर पर बुलाई जा सकने वाली चल पशु चिकित्सा इकाइयाँ, और भेड़-बकरी में पीपीआर व सुअर में क्लासिकल स्वाइन फ़ीवर जैसी बीमारियों का नियंत्रण फंड करता है; और पशु औषधि, एक नया हिस्सा जो सस्ती जेनरिक पशु दवाएँ पीएम किसान समृद्धि केंद्रों व सहकारी समितियों पर उपलब्ध कराता है।

किसान एलएचडीसीपी के लिए आवेदन नहीं करता। जब टीकाकरण टीम आपके गाँव पहुँचे, अपने पशु ले आएँ; दौरों के बीच बीमार पशु को नज़दीकी सरकारी पशु अस्पताल या डिस्पेंसरी ले जाएँ, या चल इकाई के लिए 1962 पर कॉल करें। टीका, कान का टैग व स्वास्थ्य शिविर — सब मुफ़्त। इस योजना को केंद्र सरकार की कैबिनेट ने मार्च 2025 में संशोधित किया, 2024-25 व 2025-26 के लिए ₹3,880 करोड़ के परिव्यय के साथ, और यह 2026-27 में भी जारी है। 2019 से अब तक इसने 147 करोड़ से ज़्यादा FMD टीके लगाए हैं और सालाना FMD प्रकोप 132 से घटाकर 40 पर लाने में मदद की है। आगे का पन्ना हिस्सेवार विवरण, फंडिंग बँटवारा व हेल्पलाइन नंबर देता है।

परिचय

पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी) पशुपालन एवं डेयरी विभाग की एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो केंद्र के पशु-रोग कार्य को एक छतरी के नीचे लाती है। इसके तीन हिस्से हैं। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP), जो सितंबर 2019 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू हुआ, का लक्ष्य है गाय, भैंस, भेड़, बकरी व सुअर की पूरी आबादी को खुरपका-मुँहपका (FMD) का 100% टीका, और 4-8 महीने की मादा गोवंश बछड़ियों को ब्रुसेलोसिस का 100% टीका — मक़सद है 2030 तक FMD पर नियंत्रण और उन्मूलन की ओर बढ़ना।

दूसरा हिस्सा, पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण (LH&DC), राज्यों को फंड देता है: अन्य अधिसूचित, ज़ूनोटिक व उभरती बीमारियों के लिए ASCAD; भेड़-बकरी में पीपीआर (PPR) और सुअर में क्लासिकल स्वाइन फ़ीवर (CSF) को कवर करने वाला महत्वपूर्ण पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम; और पशु अस्पताल, डिस्पेंसरी व चल पशु चिकित्सा इकाइयों की स्थापना व मज़बूती, जो 1962 टोल-फ्री नंबर पर बुलाई जा सकती हैं और किसान के दरवाज़े पर इलाज देती हैं। तीसरा हिस्सा, पशु औषधि, 2025 के संशोधन में ₹75 करोड़ के प्रावधान के साथ जोड़ा गया, जो गुणवत्ता वाली जेनरिक व एथ्नो-वेटरनरी दवाएँ पीएम किसान समृद्धि केंद्रों व सहकारी समितियों पर उपलब्ध कराता है।

केंद्र सरकार की कैबिनेट ने 5 मार्च 2025 को संशोधित एलएचडीसीपी को मंज़ूरी दी, 2024-25 व 2025-26 के लिए ₹3,880 करोड़ के परिव्यय के साथ; 2026-27 का बजट प्रावधान लगभग ₹2,010 करोड़ है। टीकाकरण, कान का टैग व पशु स्वास्थ्य शिविर किसान के लिए मुफ़्त हैं — NADCP के टीके व कोल्ड-चेन की लागत पूरी तरह केंद्र वहन करता है, जबकि परिचालन व अन्य हिस्से मानक 60:40 केंद्र-राज्य हिस्सेदारी पर चलते हैं (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों में 90:10, केंद्र शासित प्रदेशों में 100%)। 2026 तक 147 करोड़ से ज़्यादा FMD टीके लगाए जा चुके थे, जिससे लगभग 8 करोड़ पशुपालक परिवारों को लाभ हुआ, और 39 करोड़ से ज़्यादा पशुओं को भारत पशुधन पोर्टल पर 12 अंकों की विशिष्ट कान-टैग पहचान के साथ पंजीकृत किया जा चुका था।

योजना की मुख्य बातें

  • मुफ़्त टीकाकरण, आपके गाँव तक लाया गया

    NADCP के तहत टीकाकरण टीमें तय दौरे पर गाँव पहुँचती हैं — हर गाय, भैंस, भेड़, बकरी व सुअर को FMD का टीका, और 4-8 महीने की हर मादा गोवंश बछड़ी को ब्रुसेलोसिस का टीका, मालिक के लिए बिना किसी लागत के।

  • 12 अंकों का कान-टैग जो पशु के साथ रहता है

    हर टीका लगे पशु के कान में टैग लगता है और उसे भारत पशुधन पोर्टल पर दर्ज किया जाता है, ताकि उसके टीके व इलाज का रिकॉर्ड जीवन भर रहे — पशु बेचते समय या बीमा दावे में काम आता है।

  • 1962 पर दरवाज़े पर पशु चिकित्सक

    योजना से फंडेड चल पशु चिकित्सा इकाइयाँ 1962 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर आती हैं, इलाज, छोटी सर्जरी व सलाह खेत तक लाती हैं — बीमार पशु को ढोकर ले जाने की ज़रूरत नहीं।

  • झुंड ख़त्म कर देने वाली बीमारियों से बचाव

    FMD व ब्रुसेलोसिस के अलावा, योजना भेड़-बकरी में पीपीआर (PPR) और सुअर में क्लासिकल स्वाइन फ़ीवर (CSF) का नियंत्रण भी फंड करती है — वे प्रकोप जो छोटे पशुपालक का बाड़ा हफ़्तों में ख़ाली कर सकते हैं।

  • पशु औषधि: दुकान पर सस्ती दवा

    2025 के संशोधन ने ₹75 करोड़ का पशु औषधि हिस्सा जोड़ा, जो पीएम किसान समृद्धि केंद्रों व सहकारी समितियों पर गुणवत्ता वाली जेनरिक व एथ्नो-वेटरनरी दवाएँ रखता है, जिससे रोज़मर्रा के पशु इलाज की क़ीमत घटती है।

  • प्रकोपों में मापने लायक गिरावट

    सालाना FMD प्रकोप 2019 में 132 से घटकर 2025 में 40 रह गए और इसी अवधि में ब्रुसेलोसिस प्रकोप 22 से 15, साथ ही 147 करोड़ से ज़्यादा FMD टीके लगाए गए।

प्रमुख घटक

राज्य स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से इनमें से चुनाव करते हैं — हर घटक की अपनी पात्रता और आवेदन प्रक्रिया है, जहाँ अलग पेज मौजूद है वहाँ पूरी जानकारी उसी पर है।

  • राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP)

    सभी गाय, भैंस, भेड़, बकरी व सुअर का मुफ़्त, व्यवस्थित FMD टीकाकरण, साथ ही 4-8 महीने की मादा गोवंश बछड़ियों का ब्रुसेलोसिस टीका, कान-टैग व भारत पशुधन पर दर्ज। टीके व कोल्ड-चेन की लागत 100% केंद्र की।

    हर पशुपालक व डेयरी किसान जिसके पशुओं का टीका बाक़ी है

  • पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण (LH&DC)

    राज्यों को ASCAD (अधिसूचित व ज़ूनोटिक बीमारियाँ), महत्वपूर्ण पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (भेड़-बकरी में PPR, सुअर में CSF), और दरवाज़े पर इलाज के लिए पशु अस्पताल, डिस्पेंसरी व चल पशु चिकित्सा इकाइयाँ फंड करता है।

    भेड़, बकरी व सुअर पालक, और सरकारी पशु चिकित्सक चाहने वाला कोई भी किसान

  • पशु औषधि

    ₹75 करोड़ का हिस्सा जो पीएम किसान समृद्धि केंद्रों व सहकारी दुकानों के ज़रिए गुणवत्ता वाली जेनरिक व एथ्नो-वेटरनरी दवाएँ किफ़ायती दाम पर उपलब्ध कराता है।

    रोज़मर्रा की पशु दवा ख़रीदने वाला कोई भी पशु मालिक

आपको क्या मिलता है

  • किसान के लिए कोई लागत नहीं

    FMD व ब्रुसेलोसिस का टीका, कान का टैग, टीका लगाने वाले का दौरा व पशु स्वास्थ्य शिविर — सब मुफ़्त। किसान को बस टीम आने पर पशु सामने लाने होते हैं।

  • कम नुक़सान, बेहतर दाम

    टीका लगा, रोगमुक्त झुंड मतलब अचानक मौतें कम, दूध ज़्यादा, और — जैसे-जैसे भारत FMD-मुक्त क्षेत्रों की ओर बढ़ता है — दूध, मांस व पशु बेहतर दाम पर बेचने का मज़बूत दावा।

  • सत्यापन योग्य पशु रिकॉर्ड

    भारत पशुधन कान-टैग रिकॉर्ड पशु के टीके व स्वास्थ्य इतिहास का सबूत है, जो बिक्री के समय, पशु बीमा दावे में, और किसी भी अन्य DAHD योजना के लाभ में मदद करता है।

  • बीमार पशु को हिलाए बिना इलाज

    1962 पर एक कॉल चल पशु चिकित्सा इकाई को खेत तक लाती है, ताकि बीमार या घायल पशु को कभी-कभी घंटों दूर शहर की डिस्पेंसरी ले जाने के बजाय वहीं इलाज मिले।

कौन पात्र है

दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।

आप पात्र हैं अगर

  • आप भारत में कहीं भी गाय, भैंस, भेड़, बकरी या सुअर रखते हैं — टीकाकरण के लिए कोई ज़मीन, आय या श्रेणी की शर्त नहीं
  • आप 4 से 8 महीने की मादा गोवंश (गाय या भैंस) बछड़ियाँ रखते हैं — उनका मुफ़्त ब्रुसेलोसिस टीका बाक़ी है
  • आपको बीमार पशु का इलाज चाहिए — कोई भी किसान सरकारी पशु अस्पताल, डिस्पेंसरी या 1962 चल पशु चिकित्सा इकाई का उपयोग कर सकता है
  • आप सस्ती रोज़मर्रा की पशु दवा चाहते हैं — कोई भी मालिक पशु औषधि के तहत पीएम किसान समृद्धि केंद्र पर जेनरिक पशु दवाएँ ख़रीद सकता है

ज़मीन होते हुए भी अपात्र

  • नक़द भुगतान की उम्मीद करना — एलएचडीसीपी टीकाकरण, पशु चिकित्सा सेवाएँ व सस्ती दवा देता है, आय हस्तांतरण नहीं
  • टीके के लिए ऑनलाइन आवेदन की उम्मीद करना — टीकाकरण राज्य पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित गाँव के दौरों से होता है, व्यक्तिगत बुकिंग से नहीं
  • कान-टैग से इनकार करना — जो पशु टैग नहीं लगा और भारत पशुधन पर दर्ज नहीं, उसका टीका औपचारिक रूप से रिकॉर्ड नहीं हो सकता
  • FMD/ब्रुसेलोसिस दौरों के लिए मुर्गी व घोड़े-गधे — ये जुगाली करने वाले पशुओं व सुअर के लिए हैं; मुर्गी व अन्य प्रजातियाँ अलग रोग कार्यक्रमों में आती हैं

यह योजना कहाँ लागू है

पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।

  • मालिक की पहचान (आधार)

    टीकाकरण के समय भारत पशुधन पोर्टल पर पशु के कान-टैग रिकॉर्ड को मालिक से जोड़ने के लिए इस्तेमाल होता है।

  • पशु ख़ुद

    सभी पात्र पशु टीकाकरण टीम के सामने लाएँ — हर एक को मौक़े पर ही टैग, टीका व भारत पशुधन पर दर्ज किया जाता है; किसान से पहले से कोई काग़ज़ी काम नहीं चाहिए।

  • मौजूदा कान-टैग नंबर (अगर पहले से लगा है)

    अगर पशु को पिछले दौर में टैग लगा था, तो 12 अंकों का नंबर बताएँ ताकि नया टीका उसी रिकॉर्ड में जुड़े, डुप्लिकेट न बने।

आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।

  1. 1

    राज्य टीकाकरण दौर की योजना बनाता है

    राज्य पशुपालन विभाग ज़िले-दर-ज़िले NADCP दौर तय करता है और टीका, कोल्ड बॉक्स व कान-टैग के साथ टीका लगाने वाली टीमें भेजता है।

  2. 2

    टीम आपके गाँव पहुँचती है

    तारीख़ें पंचायत, पशु चिकित्सा डिस्पेंसरी व क्षेत्रीय कर्मचारियों के ज़रिए स्थानीय रूप से बताई जाती हैं। अपने पशु बताए गए स्थान पर लाएँ या बाड़े में तैयार रखें।

  3. 3

    हर पशु को टैग व टीका लगता है

    पशु को 12 अंकों का कान-टैग, FMD (और पात्र बछड़ियों के लिए ब्रुसेलोसिस) टीका, और भारत पशुधन पर आपके नाम से जुड़ी प्रविष्टि मिलती है — सब मुफ़्त।

  4. 4

    दौरों के बीच पशु चिकित्सा सेवाएँ इस्तेमाल करें

    बीमार पशु के लिए नज़दीकी सरकारी पशु अस्पताल या डिस्पेंसरी जाएँ, या चल पशु चिकित्सा इकाई के लिए 1962 पर कॉल करें। रोज़मर्रा की दवा पशु औषधि के तहत सस्ती ख़रीदें।

  5. 5

    टैग सुरक्षित रखें

    कान का टैग पशु की स्थायी स्वास्थ्य पहचान है। अगर खो जाए, तो पशु चिकित्सा डिस्पेंसरी पर बताएँ ताकि उसी रिकॉर्ड पर नया टैग जारी हो।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • NADCP शुरू

    सितंबर 2019

    प्रधानमंत्री द्वारा, 2019-20 से 2023-24 के लिए मूल परिव्यय ₹13,343 करोड़

  • पशु औषधि हिस्सा जोड़ा गया

    मार्च 2025

    जेनरिक व एथ्नो-वेटरनरी दवाओं के लिए ₹75 करोड़ का प्रावधान

  • संशोधित एलएचडीसीपी मंज़ूर

    5 मार्च 2025

    कैबिनेट मंज़ूरी, 2024-25 व 2025-26 के लिए परिव्यय ₹3,880 करोड़

  • FMD नियंत्रण / उन्मूलन लक्ष्य

    2030

    FMD व ब्रुसेलोसिस पर नियंत्रण, उन्मूलन की ओर बढ़ना

  • तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए

    6 सितंबर 2026

    dahd.gov.in के योजना पन्नों, एलएचडीसीपी परिचालन दिशा-निर्देश (मई 2025), 5 मार्च 2025 की कैबिनेट फ़ैसले पर पीएमओ विज्ञप्ति, और जुलाई 2026 तक बताए गए FMD टीके व भारत पशुधन पंजीकरण के DAHD आँकड़ों के आधार पर

अपनी पात्रता जाँचें

सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।

  1. 1.क्या आप गाय, भैंस, भेड़, बकरी या सुअर रखते हैं?
  2. 2.क्या आप हर पशु के कान में टैग लगवाने व उसे भारत पशुधन पोर्टल पर दर्ज करवाने को तैयार हैं?
  3. 3.क्या आप समझते हैं कि यह गाँव के टीकाकरण दौरों व सरकारी पशु चिकित्सा सेवाओं से मिलता है, ऑनलाइन आवेदन या नक़द की उम्मीद से नहीं?

3 में से 0 जवाब दिए

यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।

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केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एलएचडीसीपी के तहत किसान को असल में क्या मिलता है?

गाय, भैंस, भेड़, बकरी व सुअर का खुरपका-मुँहपका के ख़िलाफ़ मुफ़्त टीका, 4-8 महीने की मादा गोवंश बछड़ियों का मुफ़्त ब्रुसेलोसिस टीका, मुफ़्त 12 अंकों का कान-टैग, मुफ़्त पशु स्वास्थ्य शिविर, 1962 पर चल पशु चिकित्सा इकाई से दरवाज़े पर इलाज, और पशु औषधि के तहत सस्ती जेनरिक दवा।

क्या योजना अब भी चल रही है?

हाँ। केंद्र सरकार की कैबिनेट ने 5 मार्च 2025 को संशोधित एलएचडीसीपी को 2024-25 व 2025-26 के लिए ₹3,880 करोड़ के परिव्यय के साथ मंज़ूरी दी, और यह कार्यक्रम 2026-27 में भी जारी है। टीकाकरण दौर देशभर में चल रहे हैं।

मैं अपने पशुओं का टीका कैसे लगवाऊँ?

आप आवेदन नहीं करते। राज्य पशुपालन विभाग गाँव-दर-गाँव टीकाकरण दौर चलाता है; तारीख़ें पंचायत व स्थानीय पशु चिकित्सा डिस्पेंसरी के ज़रिए बताई जाती हैं। टीम आने पर अपने पशु सामने लाएँ। अगर दौर छूट गया हो, तो नज़दीकी सरकारी पशु अस्पताल से पूछें।

क्या टीके या कान-टैग की कोई क़ीमत है?

नहीं। FMD व ब्रुसेलोसिस का टीका, कान का टैग, टीका लगाने वाले का दौरा व स्वास्थ्य शिविर — सब मुफ़्त। NADCP के टीके व कोल्ड-चेन की लागत पूरी तरह केंद्र सरकार वहन करती है।

भारत पशुधन कान-टैग किसलिए है?

यह पशु के कान में लगी 12 अंकों की विशिष्ट पहचान है, जो भारत पशुधन पोर्टल पर आपको मालिक के रूप में जोड़ती है। यह पशु के जीवन भर हर टीका व इलाज दर्ज करती है, जो बिक्री व पशु बीमा दावों में मदद करता है।

मेरी भेड़-बकरियों को पीपीआर का ख़तरा है — क्या वह कवर है?

हाँ। पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण हिस्सा एक महत्वपूर्ण पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम फंड करता है जो FMD व ब्रुसेलोसिस के अलावा भेड़-बकरी में पीपीआर (PPR) और सुअर में क्लासिकल स्वाइन फ़ीवर (CSF) को कवर करता है।

पशु औषधि क्या है?

मार्च 2025 के संशोधन में ₹75 करोड़ के प्रावधान के साथ जोड़ा गया एक हिस्सा, जो पीएम किसान समृद्धि केंद्रों व सहकारी समितियों के ज़रिए गुणवत्ता वाली जेनरिक व एथ्नो-वेटरनरी दवाएँ किफ़ायती दाम पर रखता है — ताकि रोज़मर्रा की पशु दवा किसान को सस्ती पड़े।

एलएचडीसीपी, AHIDF, राष्ट्रीय गोकुल मिशन व NLM से कैसे अलग है?

AHIDF डेयरी व मांस अवसंरचना के लिए ऋण फंड है, राष्ट्रीय गोकुल मिशन देशी गाय के प्रजनन के बारे में है, और राष्ट्रीय पशुधन मिशन छोटे जुगाली पशु, मुर्गी व चारा विकास कवर करता है। एलएचडीसीपी अकेली ऐसी है जो मुफ़्त रोग टीकाकरण व पशु चिकित्सा इलाज सीधे पशु तक पहुँचाती है।

अब तक कितने पशुओं का टीका लगा है?

2026 तक 147 करोड़ से ज़्यादा FMD टीके लगाए जा चुके थे, जिससे लगभग 8 करोड़ पशुपालक परिवारों को लाभ हुआ, और 39 करोड़ से ज़्यादा पशुओं को भारत पशुधन पोर्टल पर कान-टैग लगाया जा चुका था।

पशु बीमार पड़ने पर मैं कौन-सा नंबर मिलाऊँ?

1962 — चल पशु चिकित्सा इकाई के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन, जो इलाज आपके खेत तक लाती है। टीकाकरण दौरों के बीच आप नज़दीकी सरकारी पशु अस्पताल या डिस्पेंसरी भी जा सकते हैं।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन 1962 ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।