एग्रीश्योर — कृषि स्टार्ट-अप्स एवं ग्रामीण उद्यम कोष
AgriSURE — Agri Fund for Start-Ups & Rural Enterprises
₹750 करोड़ का SEBI-पंजीकृत निवेश कोष — भारत सरकार व नाबार्ड द्वारा बराबर समर्थित — जो प्रारंभिक चरण के कृषि व ग्रामीण स्टार्टअप्स में सीधे ₹25 करोड़ तक की हिस्सेदारी लगाता है, या ऐसा करने वाले अन्य निवेश कोषों को नाबार्ड की नैबवेंचर्स के ज़रिए समर्थन देता है।
- कुल कोष
- ₹750 करोड़
- शुरुआत
- 3 सितंबर 2024
- निवेश प्रबंधक
- नैबवेंचर्स लिमिटेड (नाबार्ड की सहायक कंपनी)
- पंजीकरण
- SEBI श्रेणी-II वैकल्पिक निवेश कोष (AIF)
- कोष अवधि
- 10 साल (+2 साल विस्तार)
- लक्षित स्टार्टअप
- कोष के जीवनकाल में लगभग 85
- अधिकतम निवेश राशि
- प्रति स्टार्टअप/AIF ₹25 करोड़ तक
- दो योजनाएँ
- डायरेक्ट (₹300 करोड़) + FoF (₹450 करोड़)
त्वरित सारांश
इस पेज की मुख्य बातें लगभग दो मिनट में — पढ़ें या सुनें।
त्वरित सारांश
एग्रीश्योर कोई सब्सिडी या क़र्ज़ नहीं है — यह भारत सरकार और नाबार्ड द्वारा उम्मीद भरे कृषि व ग्रामीण स्टार्टअप्स की हिस्सेदारी में सीधे पैसा लगाना है, ठीक वैसे ही जैसे कोई वेंचर-कैपिटल फंड करता है, यानी उनके विकास पर दांव लगाना। 3 सितंबर 2024 को शुरू हुआ यह ₹750 करोड़ का मिश्रित-पूँजी कोष है, जो कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नाबार्ड और अभी जुड़ रहे निजी निवेशकों के बीच बराबर बँटा है, और इसे रोज़मर्रा में नाबार्ड की अपनी निवेश-प्रबंधन शाखा नैबवेंचर्स (NABVENTURES) चलाती है।
यह दो तरीक़ों से काम करता है। डायरेक्ट स्कीम किसी ऐसे स्टार्टअप में सीधे ₹25 करोड़ तक की हिस्सेदारी लगाती है जो विचार/प्रोटोटाइप चरण से आगे बढ़ चुका है और एक वाक़ई अलग बिज़नेस मॉडल के साथ स्थिर आमदनी कमा रहा है — एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि मशीनीकरण, जैव-प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, FPO सहायता व इसी तरह के क्षेत्रों में। FoF स्कीम इसके बजाय अन्य SEBI-पंजीकृत निवेश कोषों में पैसा लगाती है, इसलिए जो स्टार्टअप पहले से किसी ऐसे कोष से पैसा जुटा रहा है, वह भी एग्रीश्योर तक अप्रत्यक्ष रूप से पहुँच सकता है। इसके लिए कोई आवेदन पोर्टल नहीं है — स्टार्टअप बस अपने प्रस्ताव के साथ नैबवेंचर्स को लिखता है, और हर निवेश का फ़ैसला सिर्फ़ उस मामले की योग्यता के आधार पर होता है — सूचीबद्ध मानदंड पूरे करना अपने-आप में कुछ भी गारंटी नहीं देता। नैबवेंचर्स ने सार्वजनिक रूप से यह भी चेताया है कि विचार के लिए कभी कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
परिचय
एग्रीश्योर — कृषि स्टार्ट-अप्स एवं ग्रामीण उद्यम कोष — को 3 सितंबर 2024 को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में लॉन्च किया, साथ ही एक "ग्रीनाथॉन" इनोवेशन चैलेंज भी था जिसने 12 जुलाई 2024 को अपनी शुरुआत के बाद से लगभग 2,000 स्टार्टअप आवेदन जुटा लिए थे और 500 से ज़्यादा प्रोटोटाइप छाँट चुका था। यह ₹750 करोड़ के कुल कोष वाला मिश्रित-पूँजी, SEBI-पंजीकृत श्रेणी-II वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) है — ₹250 करोड़ कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से, ₹250 करोड़ नाबार्ड से, और आगे ₹250 करोड़ बैंकों, बीमा कंपनियों व अन्य निजी निवेशकों से जुटाया जाना है। किसी सब्सिडी या ब्याज-राहत योजना के उलट, एग्रीश्योर सरकार व नाबार्ड का पैसा सीधे किसी स्टार्टअप की हिस्सेदारी में, या ऐसा ही करने वाले अन्य कोषों में लगाता है — किसी इनपुट लागत की भरपाई करने की बजाय नवाचार पर दांव लगाते हुए।
यह कोष शुरुआत से 10 साल तक चलेगा, जिसे दो और साल तक बढ़ाया जा सकता है, और इसे अपने पूरे जीवनकाल में लगभग 85 स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। नाबार्ड की पूर्ण-स्वामित्व वाली सहायक कंपनी नैबवेंचर्स लिमिटेड इसकी निवेश प्रबंधक है, जो एक ही छत के नीचे दो अलग योजनाएँ चलाती है। ₹300 करोड़ के कोष वाली एग्रीश्योर डायरेक्ट स्कीम किसी प्रारंभिक-चरण के स्टार्टअप में सीधे ₹25 करोड़ तक की हिस्सेदारी लगाती है — ऐसे स्टार्टअप में जो विचार व प्रोटोटाइप चरण से आगे बढ़ चुका है और एक भिन्न बिज़नेस मॉडल के इर्द-गिर्द स्थिर आमदनी बना चुका है। ₹450 करोड़ के कोष वाली एग्रीश्योर FoF (फंड ऑफ़ फंड्स) स्कीम इसके बजाय अन्य SEBI-पंजीकृत क्षेत्र-विशिष्ट, क्षेत्र-निरपेक्ष या ऋण AIF को समर्थन देती है — उस कोष के अपने कोष का अधिकतम 5% या ₹25 करोड़, जो भी कम हो — ताकि कोई स्टार्टअप उस AIF के ज़रिए, जिससे उसने पहले ही पैसा जुटाया हो, अप्रत्यक्ष रूप से भी एग्रीश्योर तक पहुँच सके।
डायरेक्ट स्कीम के लिए वाक़ई योग्य होने के लिए, स्टार्टअप को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) से मान्यता प्राप्त और भारत में निगमित होना चाहिए, और एग्रीश्योर के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से किसी एक में काम करना चाहिए — एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, आपूर्ति शृंखला प्रबंधन, कृषि मशीनीकरण, जैव-प्रौद्योगिकी, अपशिष्ट प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि मूल्य शृंखला (प्राथमिक सहकारी समितियों व FPO सहायता सहित), खेत-स्तरीय तकनीक, या जलवायु परिवर्तन। इसके लिए कोई आवेदन पोर्टल या तय फ़ॉर्म नहीं है — स्टार्टअप या AIF बस अपने प्रस्ताव के साथ agrisure@nabard.org पर निवेश प्रबंधक को लिखता है, जिसका आकलन फिर SEBI के AIF विनियमों व कोष के प्राइवेट प्लेसमेंट मेमोरेंडम के तहत होता है — काग़ज़ पर योग्यता मानदंड पूरे करना अपने-आप में निवेश की गारंटी नहीं देता। नैबवेंचर्स ने सार्वजनिक रूप से यह भी चेताया है कि एग्रीश्योर से पैसा पाने पर विचार के लिए कभी कोई शुल्क नहीं लिया जाता; जो कोई शुल्क माँगे, वह कोष की ओर से काम नहीं कर रहा।
योजना की मुख्य बातें
एक कोष तक पहुँचने के दो रास्ते
₹300 करोड़ की डायरेक्ट स्कीम किसी योग्य स्टार्टअप में सीधे हिस्सेदारी लगाती है; ₹450 करोड़ की FoF स्कीम इसके बजाय अन्य SEBI-पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों को समर्थन देती है, जो आगे निवेश करते हैं — स्टार्टअप दोनों रास्तों से एग्रीश्योर तक पहुँच सकता है।
सब्सिडी या क़र्ज़ नहीं, हिस्सेदारी
एग्रीश्योर किसी स्टार्टअप में ₹25 करोड़ तक की हिस्सेदारी लेता है, उसके विकास पर दांव लगाते हुए — ज़्यादातर कृषि-योजनाओं की तरह किसी लागत की भरपाई या ब्याज वसूलने के बजाय।
DPIIT मान्यता ही प्रवेश-टिकट है
डायरेक्ट स्कीम केवल उन्हीं स्टार्टअप्स पर विचार करती है जो पहले से उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग से मान्यता प्राप्त व भारत में निगमित हैं — काग़ज़ पर सिर्फ़ एक विचार काफ़ी नहीं है।
प्रोटोटाइप चरण से आगे बढ़े स्टार्टअप्स के लिए
एग्रीश्योर की प्रारंभिक-चरण की परिभाषा में ख़ासतौर पर वही उद्यम आते हैं जो विचार व प्रोटोटाइप से आगे बढ़ चुके हैं और एक भिन्न बिज़नेस मॉडल के इर्द-गिर्द पहले से स्थिर आमदनी कमा रहे हैं।
सरकार व नाबार्ड बराबर जोखिम साझा करते हैं
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय व नाबार्ड, दोनों से ₹250-₹250 करोड़ कोष की नींव बनाते हैं, और आगे ₹250 करोड़ बैंकों, बीमा कंपनियों व निजी निवेशकों से जुटाने का इरादा है।
विचार के लिए कभी कोई शुल्क नहीं
नैबवेंचर्स ने सार्वजनिक रूप से चेताया है कि एग्रीश्योर किसी प्रस्ताव पर विचार करने के लिए कभी कोई शुल्क नहीं लेता — कोष तक पहुँच में "मदद" के नाम पर भुगतान माँगने वाला कोई भी व्यक्ति कोष की ओर से काम नहीं कर रहा।
आपको क्या मिलता है
नियंत्रण किसी बैंक को सौंपे बिना पूँजी
हिस्सेदारी-निवेश किसी स्टार्टअप को शुरू से ही क़र्ज़ जैसी चुकौती-ज़िम्मेदारी लिए बिना ₹25 करोड़ तक जुटाकर आगे बढ़ने देता है।
जिस AIF से आप पहले से जुड़े हैं, उसी के ज़रिए रास्ता
जो स्टार्टअप पहले से किसी क्षेत्र-विशिष्ट या क्षेत्र-निरपेक्ष वैकल्पिक निवेश कोष से पैसा जुटा रहा है, वह भी अप्रत्यक्ष रूप से एग्रीश्योर तक पहुँच सकता है, अगर उस AIF को FoF स्कीम के तहत समर्थन मिलता है।
पात्र क्षेत्रों का व्यापक दायरा
एग्रीटेक व जैव-प्रौद्योगिकी से लेकर FPO सहायता, कृषि मशीनीकरण व नवीकरणीय ऊर्जा तक, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की सूची इतनी व्यापक है कि ज़्यादातर वाक़ई कृषि- या ग्रामीण-केंद्रित उद्यम इसमें आ जाते हैं।
निवेश प्रबंधक तक सीधी पहुँच
यहाँ कई परतों वाली आवेदन-प्रक्रिया नहीं है — स्टार्टअप का पहला क़दम बस अपने प्रस्ताव के साथ सीधे नैबवेंचर्स को लिखना है।
कौन पात्र है
दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।
आप पात्र हैं अगर
- आपका स्टार्टअप DPIIT (उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग) से मान्यता प्राप्त और भारत में निगमित है
- आप विचार व प्रोटोटाइप चरण से आगे बढ़ चुके हैं, और एक भिन्न बिज़नेस मॉडल के इर्द-गिर्द स्थिर आमदनी बना चुके हैं (डायरेक्ट स्कीम के लिए)
- आप एग्रीश्योर के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से किसी एक में काम करते हैं — एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, आपूर्ति शृंखला प्रबंधन, कृषि मशीनीकरण, जैव-प्रौद्योगिकी, अपशिष्ट प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि मूल्य शृंखला/FPO सहायता, खेत-स्तरीय तकनीक, या जलवायु परिवर्तन
- आप किसी SEBI-पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोष का प्रबंधन करते हैं, या उससे पैसा जुटा रहे हैं, जो ख़ुद इन्हीं क्षेत्रों में निवेश करता है (FoF स्कीम के लिए)
ज़मीन होते हुए भी अपात्र
- सिर्फ़ विचार या प्रोटोटाइप चरण का उद्यम, जिसकी कोई स्थापित आमदनी न हो — डायरेक्ट स्कीम स्पष्ट रूप से इससे आगे बढ़ चुके स्टार्टअप्स के लिए है
- ऐसा स्टार्टअप जो DPIIT से मान्यता प्राप्त न हो, या भारत में निगमित न हो
- किसी को भी एग्रीश्योर फंडिंग पर "विचार" के लिए शुल्क देने को कहा जाना — नैबवेंचर्स ने कहा है कि ऐसा कोई शुल्क कभी नहीं लिया जाता
- यह मान लेना कि सूचीबद्ध मानदंड पूरे करने से निवेश की गारंटी मिल जाती है — हर प्रस्ताव का आकलन उसकी अपनी योग्यता पर होता है, और निवेश प्रबंधक का फ़ैसला अंतिम होता है
यह योजना कहाँ लागू है
पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।
DPIIT मान्यता प्रमाणपत्र
आपके स्टार्टअप की मान्यता-प्राप्त स्थिति की पुष्टि करता है — डायरेक्ट स्कीम के लिए एक बुनियादी ज़रूरत।
निगमन प्रमाणपत्र
दिखाता है कि आपका उद्यम भारत में निगमित है, जो एग्रीश्योर डायरेक्ट स्कीम की पात्रता के लिए ज़रूरी है।
विस्तृत बिज़नेस/निवेश प्रस्ताव
आपके बिज़नेस मॉडल, आमदनी स्रोत व क्षेत्र-केंद्रण को बताता है — किसी ऑनलाइन फ़ॉर्म में भरने के बजाय सीधे निवेश प्रबंधक को भेजा जाता है।
आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम
चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।
- 1
DPIIT मान्यता व निगमन जाँचें
अगर आप डायरेक्ट स्कीम के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो पुष्टि करें कि आपका स्टार्टअप DPIIT-मान्यता प्राप्त है, भारत में निगमित है, और विचार/प्रोटोटाइप चरण से आगे बढ़कर स्थापित आमदनी बना चुका है।
- 2
सही रास्ता तय करें
तय करें कि आप एग्रीश्योर तक सीधे पहुँच रहे हैं (डायरेक्ट स्कीम, ₹25 करोड़ तक हिस्सेदारी) या किसी ऐसे वैकल्पिक निवेश कोष के ज़रिए जिससे आप पहले से जुड़े हैं और जिसे ख़ुद FoF स्कीम का समर्थन मिल सकता है।
- 3
अपना प्रस्ताव तैयार करें
अपनी बिज़नेस योजना, वित्तीय विवरण व क्षेत्र-केंद्रण तैयार करें, यह दिखाते हुए कि आपका उद्यम एग्रीश्योर के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से किसी में कैसे फ़िट बैठता है।
- 4
नैबवेंचर्स को लिखें
अपना प्रस्ताव सीधे agrisure@nabard.org पर निवेश प्रबंधक को भेजें — इसके लिए कोई अलग ऑनलाइन आवेदन पोर्टल नहीं है।
- 5
आकलन व निवेश का फ़ैसला
नैबवेंचर्स प्रस्ताव का आकलन SEBI के AIF विनियमों व कोष के प्राइवेट प्लेसमेंट मेमोरेंडम के तहत करता है; निवेश केवल योग्यता के आधार पर जारी होता है, और इसका फ़ैसला अंतिम होता है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
ग्रीनाथॉन चैलेंज शुरू
12 जुलाई 2024
लॉन्च-पूर्व इनोवेशन चैलेंज, जिसने लगभग 2,000 स्टार्टअप आवेदन जुटाए और 500 से ज़्यादा प्रोटोटाइप छाँटे
एग्रीश्योर कोष लॉन्च
3 सितंबर 2024
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नई दिल्ली में लॉन्च
कोष अवधि
शुरुआत से 10 साल (+2 साल विस्तार)
वह अवधि जिसमें कोष निवेश करता है और अपने एग्ज़िट की दिशा में काम करता है
तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए
2 सितंबर 2026
nabventures.in पर प्रकाशित आधिकारिक एग्रीश्योर FAQ और 3 सितंबर 2024 के लॉन्च पर PIB की रिपोर्टिंग के आधार पर
अपनी पात्रता जाँचें
सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।
4 में से 0 जवाब दिए
यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।
डाउनलोड
केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।
आधिकारिक लिंक और हेल्पलाइन
पोर्टल को ही बुकमार्क करें — कोई भी तीसरी वेबसाइट भुगतान न जारी कर सकती है, न रोक सकती है, न तेज़ कर सकती है।
- एग्रीश्योर कोष — नाबार्डnabard.org — नाबार्ड का आधिकारिक एग्रीश्योर पेज
- नैबवेंचर्स लिमिटेडnabventures.in — कोष की निवेश प्रबंधक; प्रस्ताव संपर्क व FAQ
- निवेश प्रबंधक को ईमेल करेंagrisure@nabard.org — प्रस्ताव भेजने का एकमात्र माध्यम; कभी कोई शुल्क नहीं लिया जाता
हेल्पलाइन
24×7 IVRS और हेल्प डेस्क, मंत्रालय चलाता है — अटके भुगतान की जाँच का सबसे तेज़ तरीका फोन ही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एग्रीश्योर क्या है?
एग्रीश्योर — कृषि स्टार्ट-अप्स एवं ग्रामीण उद्यम कोष — ₹750 करोड़ का SEBI-पंजीकृत मिश्रित-पूँजी कोष है, जो 3 सितंबर 2024 को लॉन्च हुआ, और कृषि व ग्रामीण स्टार्टअप्स में या ऐसा ही करने वाले अन्य कोषों में हिस्सेदारी लगाता है; इसे नाबार्ड की पूर्ण-स्वामित्व वाली सहायक कंपनी नैबवेंचर्स प्रबंधित करती है।
एग्रीश्योर को कौन फंड करता है?
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय व नाबार्ड, दोनों से ₹250-₹250 करोड़, और आगे ₹250 करोड़ बैंकों, बीमा कंपनियों व अन्य निजी निवेशकों से जुटाया जाना है — कुल ₹750 करोड़ के कोष के लिए।
एग्रीश्योर की दो योजनाएँ क्या हैं?
डायरेक्ट स्कीम (₹300 करोड़) किसी योग्य स्टार्टअप में सीधे ₹25 करोड़ तक की हिस्सेदारी लगाती है। FoF (फंड ऑफ़ फंड्स) स्कीम (₹450 करोड़) इसके बजाय अन्य SEBI-पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों को समर्थन देती है — उनके कोष का अधिकतम 5% या ₹25 करोड़, जो भी कम हो।
एग्रीश्योर डायरेक्ट स्कीम के लिए कौन पात्र है?
ऐसे प्रारंभिक-चरण के स्टार्टअप जो DPIIT-मान्यता प्राप्त हैं, भारत में निगमित हैं, और विचार/प्रोटोटाइप चरण से आगे बढ़कर एक भिन्न बिज़नेस मॉडल के इर्द-गिर्द स्थिर आमदनी बना चुके हैं।
एग्रीश्योर किन क्षेत्रों को कवर करता है?
एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, आपूर्ति शृंखला प्रबंधन, कृषि मशीनीकरण, जैव-प्रौद्योगिकी, अपशिष्ट प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि मूल्य शृंखला (प्राथमिक सहकारी समितियों व FPO सहायता सहित), खेत-स्तरीय तकनीक, और जलवायु परिवर्तन।
कोई स्टार्टअप एग्रीश्योर के लिए कैसे आवेदन करता है?
इसके लिए कोई ऑनलाइन आवेदन पोर्टल नहीं है। कोई स्टार्टअप या वैकल्पिक निवेश कोष सीधे निवेश प्रबंधक नैबवेंचर्स को agrisure@nabard.org पर अपने प्रस्ताव के साथ लिखता है; निवेश का फ़ैसला हर मामले की योग्यता के आधार पर होता है।
क्या एग्रीश्योर में आवेदन के लिए कोई शुल्क है?
नहीं। नैबवेंचर्स ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एग्रीश्योर से सहायता माँगने के लिए किसी भी तरह से कोई पैसा नहीं लिया जाता, और ऐसा दावा करने वाले एजेंटों के प्रति आगाह किया है।
एग्रीश्योर किसी एक स्टार्टअप में अधिकतम कितना निवेश करेगा?
डायरेक्ट स्कीम के तहत किसी एक स्टार्टअप में ₹25 करोड़ तक, जो SEBI के वैकल्पिक निवेश कोष विनियमों के अधीन है।
एग्रीश्योर कितने स्टार्टअप्स को समर्थन देने का लक्ष्य रखता है?
कोष के 10 साल के जीवनकाल में लगभग 85 स्टार्टअप्स, जिसे दो और साल तक बढ़ाया जा सकता है।
एग्रीश्योर में अंतिम निवेश फ़ैसला कौन लेता है?
नैबवेंचर्स लिमिटेड, कोष की निवेश प्रबंधक। पात्रता मानदंड पूरे करने से निवेश की गारंटी नहीं मिलती — हर प्रस्ताव का आकलन उसकी अपनी योग्यता पर होता है, और निवेश प्रबंधक का फ़ैसला अंतिम होता है।
अब भी कोई सवाल है?
आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन undefined ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।
