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भारत सरकारजल शक्ति मंत्रालय (जल संसाधन) एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालयसक्रियअपडेट 13 जुलाई 2026

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana (PMKSY)

“हर खेत को पानी” — हर खेत तक पानी पहुँचाने का लक्ष्य — और “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के तहत ड्रिप व स्प्रिंकलर सिस्टम पर 55% (लघु/सीमांत किसान) या 45% (अन्य किसान) की पूँजीगत सब्सिडी।

सूक्ष्म सिंचाई सब्सिडी
55% (लघु/सीमांत) · 45% (अन्य किसान)
योजना शुरू हुई
1 जुलाई 2015
मौजूदा चरण
PMKSY 2021-26 (AIBP, HKKP, वाटरशेड)
सब्सिडी सीमा
प्रति किसान 5 हेक्टेयर
केंद्र : राज्य वित्तपोषण
60:40 (पूर्वोत्तर/पहाड़ी राज्यों में 90:10)
मंत्रालय
जल शक्ति + कृषि एवं किसान कल्याण
पर ड्रॉप मोर क्रॉप अब
RKVY-RAFTAAR के तहत (2022-23 से)
आवेदन का तरीका
राज्य MIS पोर्टल या कृषि/बागवानी कार्यालय

परिचय

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) केंद्र सरकार की व्यापक सिंचाई योजना है, जो 1 जुलाई 2015 को “हर खेत को पानी” के नारे के साथ शुरू हुई थी। इसने त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP), हर खेत को पानी (जल स्रोत निर्माण व वितरण), वाटरशेड विकास और पर ड्रॉप मोर क्रॉप (सूक्ष्म सिंचाई) को एक ही ढाँचे में जोड़ा — जिसे जल शक्ति मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और भूमि संसाधन विभाग मिलकर चलाते हैं। कैबिनेट ने इसके मौजूदा चरण 2021-26 को AIBP, हर खेत को पानी और वाटरशेड विकास के लिए ₹93,068 करोड़ के परिव्यय के साथ मंज़ूरी दी है।

एक व्यक्तिगत किसान के लिए PMKSY का सबसे अहम हिस्सा पर ड्रॉप मोर क्रॉप (PDMC) है — ड्रिप और स्प्रिंकलर (सूक्ष्म सिंचाई) सिस्टम पर मिलने वाली सब्सिडी। इसमें लघु व सीमांत किसानों को सिस्टम की लागत का 55% और अन्य किसानों को 45% मिलता है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में साझा करते हैं (पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों में 90:10, केंद्र शासित प्रदेशों में 100% केंद्र-वित्तपोषित) — और यह प्रति लाभार्थी कुल 5 हेक्टेयर तक सीमित है।

2022-23 से पर ड्रॉप मोर क्रॉप को PMKSY के सीधे बजट मद के बजाय राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY-RAFTAAR) के तहत वित्तपोषित व क्रियान्वित किया जा रहा है — लेकिन PMKSY के तहत तय सब्सिडी पैटर्न, सीमाएँ और दिशानिर्देश जस के तस लागू रहते हैं। व्यवहार में किसान अब भी राज्य के कृषि या बागवानी विभाग के ज़रिए आवेदन करता है और राज्य-पंजीकृत निर्माता से सिस्टम खरीदता है; ज़्यादातर किसान, डीलर और राज्य पोर्टल इसे अब भी “PMKSY सब्सिडी” ही कहते हैं।

योजना की मुख्य बातें

  • हर खेत को पानी

    योजना का मूल वादा — हर खेत तक पानी — नए जल स्रोतों, बेहतर वितरण और खेत-स्तर की दक्षता के ज़रिए।

  • पर ड्रॉप मोर क्रॉप

    सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर) पर सब्सिडी दी जाती है, ताकि उतने ही पानी में ज़्यादा ज़मीन सिंचित हो और उसी लाइन से खाद भी ज़्यादा दूर तक पहुँचे।

  • 55% / 45% पूँजीगत सब्सिडी

    लघु व सीमांत किसानों को सिस्टम की लागत का 55% और अन्य किसानों को 45% वापस मिलता है — डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के ज़रिए, एक बार।

  • AIBP — बड़ी परियोजनाएँ

    त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम राज्यों में बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने के लिए धन देता है।

  • वाटरशेड विकास

    रिज उपचार, जल संचयन संरचनाएँ और मृदा संरक्षण — भूमि संसाधन विभाग द्वारा संचालित।

  • सिर्फ़ BIS-प्रमाणित सिस्टम

    सब्सिडी सिर्फ़ राज्य-पंजीकृत निर्माताओं के BIS मानक वाले ड्रिप/स्प्रिंकलर घटकों पर मिलती है, जिन पर कम से कम 3 साल की बिक्री-पश्चात सेवा अनिवार्य है।

आपको क्या मिलता है

  • आर्थिक लाभ

    लघु व सीमांत किसानों के लिए ड्रिप/स्प्रिंकलर सिस्टम की लागत का 55% और अन्य किसानों के लिए 45% — यह एकबारगी पूँजीगत सब्सिडी है, सालाना नकद भुगतान नहीं।

  • किसे मिलता है

    कोई भी किसान — मालिक या दीर्घकालिक पट्टेदार — जो 5 हेक्टेयर तक ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई लगवा रहा हो।

  • पानी व इनपुट की बचत

    सूक्ष्म सिंचाई से पानी की खपत घटती है और खेत में उर्वरक-उपयोग दक्षता बढ़ती है — यह सब्सिडी के अलावा एक अतिरिक्त फ़ायदा है।

  • भुगतान का तरीका

    स्थापना की पुष्टि होने के बाद सब्सिडी सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से भेजी जाती है।

कौन पात्र है

दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।

आप पात्र हैं अगर

  • खेती योग्य ज़मीन वाला किसान — मालिकाना हक़ से, या कम से कम 7 साल के लिखित पट्टा समझौते पर ली गई
  • कवर की जाने वाली ज़मीन 5 हेक्टेयर या उससे कम हो (प्रति लाभार्थी सीमा), भले ही कई खेतों में बँटी हो
  • आधार उपलब्ध हो, या नामांकन की प्रक्रिया में हो, और DBT के लिए बैंक खाते से जुड़ा हो
  • ड्रिप/स्प्रिंकलर सिस्टम राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) से पंजीकृत, BIS-प्रमाणित निर्माता से ख़रीदा जाए
  • पिछले 7 वर्षों में इसी ज़मीन पर सूक्ष्म सिंचाई सब्सिडी न ली हो

ज़मीन होते हुए भी अपात्र

  • ऐसी ज़मीन जिस पर पिछले 7 वर्षों में सब्सिडी वाली सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लग चुकी हो — उसी खेत पर दोबारा सब्सिडी सिस्टम की तय आयु (7 साल) पूरी होने के बाद ही मिलेगी
  • 5 हेक्टेयर प्रति लाभार्थी सीमा से अधिक का क्षेत्र
  • राज्य में अपंजीकृत निर्माता से ख़रीदा गया सिस्टम (गैर-पंजीकृत या गैर-BIS उपकरण)
  • पट्टे/ठेके पर ली गई ज़मीन जिसका पट्टा समझौता कम से कम 7 साल का न हो

यह योजना कहाँ लागू है

पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।

  • आधार कार्ड

    पंजीकरण के लिए ज़रूरी; अगर अभी नामांकन नहीं हुआ है, तो वैकल्पिक पहचान पत्र (वोटर आईडी, पैन, राशन कार्ड, बैंक पासबुक) अस्थायी रूप से मान्य है।

  • भूमि रिकॉर्ड

    खसरा/खतौनी या अधिकार अभिलेख जिसमें ज़मीन दर्ज हो, या पट्टे पर ली गई ज़मीन के लिए कम से कम 7 साल का पंजीकृत पट्टा समझौता।

  • बैंक पासबुक

    DBT के लिए खाते का विवरण — स्थापना की पुष्टि होते ही सब्सिडी यहीं आती है।

  • मोबाइल नंबर

    OTP, पंजीकरण और आवेदन व सब्सिडी जारी होने की SMS सूचना के लिए इस्तेमाल होता है।

  • कोटेशन / मात्रा-बिल (BoQ)

    आपके खेत के लिए उपयुक्त ड्रिप या स्प्रिंकलर डिज़ाइन का पंजीकृत निर्माता द्वारा दिया गया लागत अनुमान।

  • पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो

    ज़िला कृषि या बागवानी कार्यालय में आवेदन करते समय, ऊपर दिए दस्तावेज़ों के साथ ज़रूरी है।

आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।

  1. 1

    आवेदन करें

    अपने राज्य के सूक्ष्म सिंचाई MIS पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करें, या ज़िला कृषि अधिकारी/ज़िला बागवानी अधिकारी के कार्यालय में ऑफ़लाइन आवेदन करें — आवेदन साल भर खुले रहते हैं।

  2. 2

    पंजीकृत निर्माता चुनें

    राज्य की स्वीकृत सूची में से कोई भी SLSC-पंजीकृत, BIS-प्रमाणित ड्रिप/स्प्रिंकलर निर्माता चुनें; कंपनी आपकी फ़सल की पानी की ज़रूरत आँककर सिस्टम डिज़ाइन करती है।

  3. 3

    अनुमान व कार्यादेश

    निर्माता लागत का अनुमान (मात्रा-बिल) प्रस्तुत करता है; क्रियान्वयन एजेंसी उसे मंज़ूर कर कार्यादेश जारी करती है।

  4. 4

    स्थापना

    कंपनी सिस्टम लगाकर उसे चालू करती है, वारंटी व उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका देती है, और आपको संचालन व रखरखाव का प्रशिक्षण देती है।

  5. 5

    सत्यापन

    क्रियान्वयन एजेंसी स्थापना का भौतिक सत्यापन करती है, और आप पूर्णता प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करते हैं।

  6. 6

    सब्सिडी का भुगतान

    स्वीकृत लागत का 55% (लघु/सीमांत) या 45% (अन्य किसान) DBT के ज़रिए आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाता है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • योजना की शुरुआत

    1 जुलाई 2015

    “हर खेत को पानी” का नारा; AIBP, IWMP और OFWM को एक योजना में मिलाया गया

  • PMKSY 2021-26 को मंज़ूरी

    15 दिसंबर 2021

    CCEA की मंज़ूरी — AIBP, हर खेत को पानी और वाटरशेड विकास के लिए ₹93,068 करोड़ का परिव्यय

  • पर ड्रॉप मोर क्रॉप RKVY-RAFTAAR में स्थानांतरित

    2022-23 से

    वित्त वर्ष 2022-23 से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY-RAFTAAR) के तहत वित्तपोषित व क्रियान्वित, सब्सिडी पैटर्न वही 55%/45% बना हुआ

  • आवेदन की अंतिम तिथि

    कोई नहीं — आवेदन साल भर खुले रहते हैं

    ऑनलाइन (राज्य MIS) और ऑफ़लाइन, दोनों तरीके मान्य हैं

  • तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए

    13 जुलाई 2026

    pmksy.gov.in, agriwelfare.gov.in और pib.gov.in के आधार पर — FY 2025-26 के बाद PMKSY/AIBP/HKKP की आधिकारिक निरंतरता की पुष्टि इन स्रोतों पर अभी नहीं मिली

अपनी पात्रता जाँचें

सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।

  1. 1.क्या आपके पास अपने नाम खेती योग्य ज़मीन है, या कम से कम 7 साल के लिखित पट्टा समझौते पर ली गई ज़मीन है?
  2. 2.क्या आप जिस क्षेत्र में ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई लगवाना चाहते हैं, वह — कहीं और पहले से कवर ज़मीन मिलाकर — 5 हेक्टेयर या उससे कम है?
  3. 3.क्या आपको पिछले 7 वर्षों में इसी खेत के लिए सूक्ष्म सिंचाई सब्सिडी मिल चुकी है?
  4. 4.क्या आपके पास आधार है (या नामांकन प्रक्रिया में है), और एक बैंक खाता है जिसे DBT के लिए जोड़ा जा सके?
  5. 5.क्या आप किसी अपंजीकृत स्थानीय विक्रेता के बजाय राज्य-पंजीकृत, BIS-प्रमाणित निर्माता से सिस्टम ख़रीदने को तैयार हैं?
  6. 6.क्या आप किसी निजी एजेंट के बजाय अपने राज्य के कृषि/बागवानी विभाग — ऑनलाइन MIS या ज़िला कार्यालय — के ज़रिए आवेदन कर रहे हैं?

6 में से 0 जवाब दिए

यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।

डाउनलोड

केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PMKSY क्या है?

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) केंद्र सरकार की व्यापक सिंचाई योजना है, जो 1 जुलाई 2015 को “हर खेत को पानी” के नारे के साथ शुरू हुई। यह बड़ी परियोजनाओं की सिंचाई (AIBP), जल स्रोत व वितरण कार्य (हर खेत को पानी), वाटरशेड विकास, और सूक्ष्म सिंचाई सब्सिडी (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) को एक ही ढाँचे में जोड़ती है।

PMKSY के घटक क्या हैं?

चार घटक हैं: (1) त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP) — बड़ी व मध्यम सिंचाई परियोजनाएँ पूरी करना, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित; (2) हर खेत को पानी — जल स्रोत निर्माण, जल वितरण व भूजल विकास, यह भी जल शक्ति मंत्रालय के तहत; (3) वाटरशेड विकास — रिज उपचार, जल संचयन व मृदा संरक्षण, भूमि संसाधन विभाग द्वारा संचालित; और (4) पर ड्रॉप मोर क्रॉप — ड्रिप/स्प्रिंकलर सूक्ष्म सिंचाई सब्सिडी, जो अब RKVY-RAFTAAR के ज़रिए वित्तपोषित है।

PMKSY का कौन-सा हिस्सा किसी किसान को सीधे पैसा देता है?

पर ड्रॉप मोर क्रॉप (PDMC), यानी सूक्ष्म सिंचाई घटक। यह नकद हस्तांतरण नहीं, बल्कि पूँजीगत सब्सिडी देता है — लघु व सीमांत किसानों के लिए ड्रिप/स्प्रिंकलर सिस्टम की लागत का 55%, और अन्य किसानों के लिए 45%। AIBP और हर खेत को पानी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को वित्तपोषित करते हैं, व्यक्तिगत भुगतान नहीं।

PMKSY सूक्ष्म सिंचाई सब्सिडी की दर क्या है?

लघु व सीमांत किसानों के लिए सिस्टम लागत का 55%, और अन्य किसानों के लिए 45%। इसे केंद्र और राज्य सरकार ज़्यादातर राज्यों में 60:40 के अनुपात में, पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों में 90:10 के अनुपात में, और केंद्र शासित प्रदेशों में 100% केंद्र द्वारा वहन किया जाता है।

क्या सब्सिडी की कोई भूमि-सीमा है?

हाँ। सहायता प्रति लाभार्थी कुल 5 हेक्टेयर तक सीमित है। यह ज़मीन एक ही जगह हो सकती है या अलग-अलग स्थानों पर, लेकिन सब्सिडी के लिए गिनी जाने वाली कुल भूमि 5 हेक्टेयर से अधिक नहीं हो सकती।

क्या कुछ राज्य केंद्रीय सब्सिडी के ऊपर अतिरिक्त राशि देते हैं?

कुछ राज्य सरकारें PMKSY दर के ऊपर अतिरिक्त (टॉप-अप) सब्सिडी देती हैं, जो नाबार्ड के साथ बने सूक्ष्म सिंचाई कोष (MIF) या राज्य के अपने बजट से वित्तपोषित होती है। यह टॉप-अप राशि राज्य-दर-राज्य अलग है — अपने राज्य के कृषि या बागवानी विभाग से मौजूदा दर की पुष्टि करें।

पर ड्रॉप मोर क्रॉप सब्सिडी के लिए कौन पात्र है?

खेती योग्य ज़मीन रखने वाला कोई भी किसान — मालिक, या कम से कम 7 साल के लिखित पट्टा समझौते वाला पट्टेदार — जिसे पिछले 7 वर्षों में उसी ज़मीन पर सूक्ष्म सिंचाई सब्सिडी न मिली हो, और जो राज्य-पंजीकृत निर्माता से सिस्टम ख़रीदता हो।

PMKSY ड्रिप/स्प्रिंकलर सब्सिडी के लिए किसान कैसे आवेदन करे?

अपने राज्य के सूक्ष्म सिंचाई MIS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें, या ज़िला कृषि अधिकारी या ज़िला बागवानी अधिकारी के कार्यालय में ऑफ़लाइन आवेदन करें। आवेदन साल भर स्वीकार किए जाते हैं — कोई तय समय-सीमा नहीं है।

आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

आधार (या नामांकन का प्रमाण), भूमि रिकॉर्ड या मान्य पट्टा समझौता, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के लिए बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, और निर्माता का लागत अनुमान (मात्रा-बिल)। कार्यालय में आवेदन करने पर पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो भी चाहिए।

क्या मैं किसी भी डीलर से ड्रिप/स्प्रिंकलर सिस्टम ख़रीद सकता हूँ?

नहीं। सब्सिडी सिर्फ़ राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) से पंजीकृत और BIS मानकों के अनुरूप निर्माता से ख़रीदे गए सिस्टम पर मिलती है। राज्य एक स्वीकृत सूची प्रकाशित करता है — किसान उसमें से कोई भी कंपनी चुन सकता है, और उस कंपनी को कम से कम 3 साल की बिक्री-पश्चात सेवा देनी अनिवार्य है।

सब्सिडी कैसे मिलती है — खरीद से पहले नकद, या बाद में प्रतिपूर्ति?

सब्सिडी स्थापना के बाद जारी होती है, जब क्रियान्वयन एजेंसी पूरे सिस्टम का भौतिक सत्यापन कर लेती है और किसान उसकी पुष्टि करता है। भुगतान इलेक्ट्रॉनिक रूप से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के ज़रिए किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में जाता है।

क्या मुझे उसी खेत के लिए दोबारा सब्सिडी मिल सकती है?

तुरंत नहीं। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की तय आयु 7 साल है, और किसान उसी खेत के लिए दोबारा सब्सिडी का पात्र तभी बनता है जब यह अवधि पूरी हो जाए — भले ही बीच में कोई और फ़सल क्यों न उगाई गई हो।

क्या पर ड्रॉप मोर क्रॉप को अब भी “PMKSY” कहा जाता है, या इसका नाम बदल गया है?

आधिकारिक रूप से, 2022-23 से पर ड्रॉप मोर क्रॉप को PMKSY के सीधे बजट मद के बजाय राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY-RAFTAAR) के तहत वित्तपोषित व क्रियान्वित किया जा रहा है — लेकिन PMKSY के तहत तय 55%/45% सब्सिडी पैटर्न, सीमाएँ और दिशानिर्देश वैसे ही लागू हैं, और ज़्यादातर राज्य पोर्टल व डीलर अब भी इसे “PMKSY सब्सिडी” ही कहते हैं।

ड्रिप/स्प्रिंकलर (सूक्ष्म सिंचाई) सिस्टम पर कितना GST लगता है?

सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों पर 12% GST लगता है, जैसा कि वित्त मंत्रालय की अधिसूचना संख्या 6/2018-केंद्रीय कर (दर), दिनांक 25 जनवरी 2018 में तय किया गया है।

PMKSY / सूक्ष्म सिंचाई की हेल्पलाइन क्या है?

PMKSY और अन्य कृषि योजनाओं से जुड़े सामान्य सवालों के लिए टोल-फ़्री किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर कॉल करें। पर ड्रॉप मोर क्रॉप से जुड़े लिखित सवालों के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का तकनीकी सहायता ईमेल है [email protected].

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन 1800-180-1551 ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।