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भारत सरकारखाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालयसक्रियअपडेट 10 अगस्त 2026

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना

Pradhan Mantri Formalisation of Micro Food Processing Enterprises Scheme (PM-FME)

सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई शुरू करने या उन्नत करने के लिए 35% ऋण-आधारित पूंजी सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख — साथ में स्वयं सहायता समूहों के लिए बीज पूंजी और आपके जिले के अपने ODOP उत्पाद पर आधारित ब्रांडिंग सहायता।

सब्सिडी (व्यक्तिगत इकाई)
परियोजना लागत का 35%, अधिकतम ₹10 लाख
योजना की स्थिति
सक्रिय
शुरुआत
29 जून 2020
परिव्यय
₹10,000 करोड़ (2020-21 से 2025-26)
लक्ष्य इकाइयाँ
2 लाख सूक्ष्म उद्यम
मंत्रालय
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
दृष्टिकोण
एक जिला एक उत्पाद (ODOP)
SHG बीज पूंजी
₹40,000 प्रति सदस्य

परिचय

पीएम-एफएमई (सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण) खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की केंद्र प्रायोजित योजना है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 29 जून 2020 को शुरू हुई। इसका परिव्यय ₹10,000 करोड़ है और इसका लक्ष्य 2 लाख सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को ऋण-आधारित सब्सिडी, प्रशिक्षण और बाज़ार तक पहुँच से सीधे सहायता देना है।

योजना एक जिला एक उत्पाद (ODOP) दृष्टिकोण अपनाती है — हर राज्य हर जिले के लिए एक प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद चुनता है, आमतौर पर फल, सब्ज़ी, मसाला, मछली, शहद या हल्दी जैसा जल्दी खराब होने वाला उत्पाद। साझा अवसंरचना, ब्रांडिंग और नई इकाइयों की सहायता इसी उत्पाद के इर्द-गिर्द बनाई जाती है।

सहायता चार तरह के आवेदकों तक अलग-अलग तरीके से पहुँचती है: पहले से चल रही व्यक्तिगत सूक्ष्म इकाई को 35% पूंजी सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख) मिलती है; किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और उत्पादक सहकारी समितियों को 35% ऋण-आधारित अनुदान मिलता है; स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों को ₹40,000 प्रति सदस्य बीज पूंजी मिलती है, और अगर वे इकाई के रूप में निवेश करना चाहें तो वही 35%/₹10 लाख वाला रास्ता भी खुला है; और FPO/SHG/सहकारी समितियों के समूह साझा अवसंरचना तथा ब्रांडिंग एवं विपणन सहायता के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं।

योजना की मुख्य बातें

  • आपके जिले के ODOP पर आधारित

    हर जिले का एक तय उत्पाद है — अक्सर फल, मसाला या मछली जैसा जल्दी खराब होने वाला उत्पाद। नई इकाइयों को सहायता तभी मिलती है जब वे यही उत्पाद बनाएँ; पुरानी इकाइयाँ किसी भी उत्पाद पर आवेदन कर सकती हैं।

  • 35% ऋण-आधारित पूंजी सब्सिडी

    प्रति इकाई अधिकतम ₹10 लाख। आप खुद कम-से-कम 10% लगाते हैं; बाकी बैंक ऋण से पूरा होता है।

  • SHG सदस्यों के लिए बीज पूंजी

    कार्यशील पूंजी और छोटे औज़ारों के लिए प्रति स्वयं सहायता समूह सदस्य ₹40,000, SHG फेडरेशन के ज़रिये दिया जाता है।

  • ब्रांडिंग और विपणन सहायता

    ODOP उत्पाद पर साझा ब्रांड बनाने वाले FPO, SHG, सहकारी समिति या SPV के लिए कुल खर्च का 50% तक सहायता।

  • साझा अवसंरचना सहायता

    छँटाई, ग्रेडिंग, कोल्ड स्टोरेज, साझा प्रसंस्करण सुविधा और इनक्यूबेशन सेंटर — 35% ऋण-आधारित अनुदान पर।

  • प्रशिक्षण और हैंडहोल्डिंग

    ज़िला संसाधन व्यक्ति (Resource Person) DPR तैयार करने, बैंक ऋण दिलाने और FSSAI, उद्यम आधार, GST पंजीकरण पूरा कराने में मदद करता है।

आपको क्या मिलता है

  • आर्थिक लाभ

    व्यक्तिगत इकाई, FPO, सहकारी समिति और SHG इकाई — सभी के लिए 35% ऋण-आधारित पूंजी सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख)। यह पहले से दी जाने वाली नकद राशि नहीं, बल्कि आपके बैंक ऋण के विरुद्ध समायोजित होने वाली सब्सिडी है।

  • किसे मिलता है

    पहले से चल रही व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ, किसान उत्पादक संगठन, उत्पादक सहकारी समितियाँ, और स्वयं सहायता समूह के सदस्य व फेडरेशन।

  • अतिरिक्त ऋण सहायता

    2018 की MSME ब्याज सबवेंशन योजना के तहत बकाया ऋण राशि पर 2% ब्याज छूट, साथ ही CGTMSE के तहत क्रेडिट-गारंटी सुरक्षा।

  • पैसे से आगे भी

    मुफ़्त DPR तैयार करने में मदद, कौशल व स्वच्छता प्रशिक्षण, और FSSAI, उद्यम आधार, GST पंजीकरण में सहायता — यही "औपचारीकरण" है जिसके नाम पर योजना बनी है।

कौन पात्र है

दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।

आप पात्र हैं अगर

  • व्यक्तिगत: पहले से चल रही सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई (बिजली बिल से प्रमाण, या बिना बिजली कनेक्शन वाली इकाई के लिए इन्वेंट्री/बिक्री रिकॉर्ड से)
  • व्यक्तिगत: असंगठित उद्यम (एकल स्वामित्व या साझेदारी फर्म) जिसमें 10 से कम कर्मचारी हों
  • व्यक्तिगत: आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक और कम-से-कम आठवीं पास शैक्षणिक योग्यता
  • व्यक्तिगत: एक परिवार (स्वयं, पति/पत्नी और बच्चे मिलाकर) से केवल एक व्यक्ति को सहायता मिल सकती है
  • नई इकाइयाँ — व्यक्तिगत या समूह — केवल तभी, जब वे जिले के तय ODOP उत्पाद का प्रसंस्करण करेंगी
  • FPO / उत्पादक सहकारी समिति: न्यूनतम ₹1 करोड़ का टर्नओवर, सदस्यों को उस उत्पाद का कम-से-कम 3 साल का अनुभव
  • SHG सदस्य: बीज पूंजी के लिए फिलहाल खाद्य प्रसंस्करण में सक्रिय होना ज़रूरी; SHG फेडरेशन: पूंजी निवेश सहायता के लिए सदस्यों को ODOP उत्पाद का 3+ साल का अनुभव
  • परियोजना लागत का न्यूनतम 10% खुद लगाने और बाकी के लिए बैंक ऋण लेने की तैयारी

ज़मीन होते हुए भी अपात्र

  • निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में पंजीकृत उद्यम (व्यक्तिगत श्रेणी केवल असंगठित इकाइयों के लिए है)
  • 10 या उससे अधिक कर्मचारी रखने वाली व्यक्तिगत इकाइयाँ
  • ऐसे परिवार से दूसरा आवेदक, जिसके किसी सदस्य को पहले ही योजना से सहायता मिल चुकी है
  • नई इकाई जो जिले के तय ODOP उत्पाद के अलावा कोई और उत्पाद बनाने का प्रस्ताव देती है
  • ज़मीन की लागत — सब्सिडी के लिए दावा की गई परियोजना लागत में शामिल नहीं की जा सकती (अधिकतम 3 साल का वर्कशेड किराया शामिल हो सकता है)
  • ऐसे FPO/सहकारी समिति प्रस्ताव, जिनकी परियोजना लागत आवेदक के मौजूदा टर्नओवर से ज़्यादा हो
  • खुदरा दुकान खोलने के प्रस्ताव — ब्रांडिंग व विपणन सहायता में यह स्पष्ट रूप से शामिल नहीं है

यह योजना कहाँ लागू है

पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।

  • चालू परिचालन का प्रमाण

    इकाई का बिजली बिल, या — बिना बिजली कनेक्शन के मामले में — इन्वेंट्री, मशीनरी और बिक्री रिकॉर्ड जिसे संसाधन व्यक्ति सत्यापित कर सके।

  • स्वामित्व प्रमाण

    एकल स्वामित्व या साझेदारी विलेख, जो उद्यम पर आपके स्वामित्व अधिकार को दिखाए।

  • उम्र व शिक्षा प्रमाण

    यह पुष्टि करने के लिए कि आप 18 वर्ष से अधिक और कम-से-कम आठवीं पास हैं।

  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)

    संसाधन व्यक्ति की मदद से तैयार, जिसमें परियोजना लागत, उत्पाद और नकदी प्रवाह शामिल हो — यही बैंक ऋण के लिए भेजी जाती है।

  • बैंक KYC

    प्रसंस्करण समय घटाने के लिए आवेदन के साथ ऋणदाता बैंक शाखा को भेजे जाने वाले बुनियादी KYC दस्तावेज़।

  • वर्कशेड किराया विलेख (लागू होने पर)

    अगर परियोजना में किराए का वर्कशेड शामिल है, तो उसका किराया विलेख — परियोजना लागत में अधिकतम 3 साल का किराया ही गिना जाएगा।

आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।

  1. 1

    जिला स्तर पर पहचान या आवेदन

    संसाधन व्यक्ति (Resource Person) क्लस्टरों का सर्वे कर संभावित इकाइयाँ पहचानते हैं; आप सीधे भी सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

  2. 2

    फील्ड सत्यापन

    संसाधन व्यक्ति आपका टर्नओवर, भुगतान रिकॉर्ड, मौजूदा अवसंरचना और बाज़ार संपर्क जाँचता है।

  3. 3

    जिला स्तरीय समिति की समीक्षा

    ज़िलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति (DLC) संसाधन व्यक्ति की रिपोर्ट देखती है और आपका साक्षात्कार लेती है।

  4. 4

    DPR तैयार करना

    सिफारिश मिलने पर संसाधन व्यक्ति बैंक ऋण के लिए ज़रूरी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में मदद करता है।

  5. 5

    बैंक ऋण मंज़ूरी

    DPR बैंक के पास ऋण के लिए जाती है। मंज़ूरी मिलने पर बैंक आपके नाम पर एक "मिरर" खाता खोलता है।

  6. 6

    सब्सिडी अंतरण व वितरण

    केंद्र और राज्य अपने-अपने हिस्से की सब्सिडी नोडल बैंक को भेजते हैं, जो आपकी ऋणदाता शाखा को जमा करता है — फिर बैंक ऋण वितरित करता है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • योजना की शुरुआत

    29 जून 2020

    आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय

  • योजना अवधि व परिव्यय

    2020-21 से 2025-26, ₹10,000 करोड़

    मूल रूप से 2020-21 से 2024-25 तक स्वीकृत; जून 2025 के एक सरकारी दस्तावेज़ में अवधि 2025-26 तक बढ़ी हुई दर्ज है

  • नवीनतम आधिकारिक प्रगति आँकड़े

    30 जून 2025

    1,44,517 ऋण-आधारित ऋण मंज़ूर (₹11,501.79 करोड़); 3,48,907 SHG सदस्यों को बीज पूंजी स्वीकृत (₹1,182.48 करोड़) — PIB बैकग्राउंडर

  • तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए

    10 अगस्त 2026

    pmfme.mofpi.gov.in, mofpi.gov.in और pib.gov.in के अनुसार

अपनी पात्रता जाँचें

सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।

  1. 1.क्या आपकी खाद्य प्रसंस्करण इकाई पहले से चल रही है (सिर्फ़ योजना नहीं)?
  2. 2.क्या आपका उद्यम निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में पंजीकृत है?
  3. 3.क्या आपकी इकाई में 10 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं?
  4. 4.क्या आपकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है और आप कम-से-कम आठवीं पास हैं?
  5. 5.क्या आपके परिवार (पति/पत्नी या बच्चे) में किसी को पहले ही पीएम-एफएमई की व्यक्तिगत सहायता मिल चुकी है?
  6. 6.क्या आप परियोजना लागत का कम-से-कम 10% खुद लगा सकते हैं, बाकी बैंक ऋण से?
  7. 7.अगर आपकी इकाई अभी शुरू नहीं हुई है, तो क्या वह आपके जिले के तय ODOP उत्पाद का प्रसंस्करण करेगी?

7 में से 0 जवाब दिए

यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।

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केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीएम-एफएमई क्या है?

पीएम-एफएमई (सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण) खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की योजना है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 29 जून 2020 को शुरू हुई। यह पहले से चल रही सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, FPO, सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों को 35% ऋण-आधारित पूंजी सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख), साथ ही बीज पूंजी, प्रशिक्षण और ब्रांडिंग सहायता देती है, ताकि वे औपचारिक बनें और आगे बढ़ें।

इस योजना में ODOP (एक जिला एक उत्पाद) का क्या मतलब है?

हर राज्य हर जिले के लिए एक प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद चुनता है — आमतौर पर फल, सब्ज़ी, मसाला, मछली उत्पाद, शहद या हल्दी जैसा जल्दी खराब होने वाला उत्पाद। किसी भी उत्पाद पर काम कर रही पुरानी इकाई आवेदन कर सकती है, लेकिन बिल्कुल नई इकाई को सहायता तभी मिलती है जब वह जिले के तय ODOP उत्पाद का प्रसंस्करण करे।

पीएम-एफएमई के तहत व्यक्तिगत इकाई को कितनी सब्सिडी मिलती है?

पात्र परियोजना लागत का 35% ऋण-आधारित पूंजी सब्सिडी, प्रति इकाई अधिकतम ₹10 लाख। आप परियोजना लागत का न्यूनतम 10% खुद लगाते हैं; बाकी बैंक ऋण से आता है, और सब्सिडी उसी ऋण के विरुद्ध समायोजित होती है।

क्या पीएम-एफएमई की सहायता ऋण है या अनुदान?

यह आपके बैंक ऋण के ज़रिये काम करती है। सब्सिडी ऋण के विरुद्ध "मिरर" खाते में जमा होती है; अगर आपका खाता 3 साल तक मानक (NPA नहीं) रहता है और इकाई चालू रहती है, तो वह राशि ऋण मूलधन के विरुद्ध समायोजित हो जाती है — यानी उस हिस्से पर असल में अनुदान जैसा असर होता है, और बैंक को राशि मिलने की तारीख़ से उस पर कोई ब्याज नहीं लगता।

इस योजना में "सूक्ष्म" खाद्य प्रसंस्करण उद्यम किसे माना जाता है?

व्यक्तिगत श्रेणी के लिए: एक असंगठित उद्यम (एकल स्वामित्व या साझेदारी फर्म) जिसमें 10 से कम कर्मचारी हों, जो पहले से चल रहा हो, और जिस पर आवेदक का स्वामित्व अधिकार हो।

अगर मेरी खाद्य प्रसंस्करण इकाई अभी शुरू नहीं हुई है, तो क्या मैं आवेदन कर सकता/सकती हूँ?

हाँ, लेकिन तभी जब वह आपके जिले के तय ODOP उत्पाद का प्रसंस्करण करेगी — गैर-ODOP उत्पाद पर नई इकाई को योजना के तहत सहायता नहीं मिलती।

स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को कितनी बीज पूंजी मिलती है?

कार्यशील पूंजी और छोटे औज़ारों के लिए प्रति SHG सदस्य ₹40,000। यह SHG फेडरेशन को अनुदान के रूप में मिलती है, जो फिर इसे सदस्यों को चुकाने योग्य ऋण के रूप में देती है। जिले के ODOP उत्पाद पर काम कर रहे SHG को प्राथमिकता मिलती है।

क्या SHG सदस्य को बीज पूंजी के अलावा 35% पूंजी सब्सिडी भी अलग से मिल सकती है?

हाँ। किसी SHG सदस्य को एकल खाद्य-प्रसंस्करण इकाई के रूप में वही 35% ऋण-आधारित अनुदान (अधिकतम ₹10 लाख) मिल सकता है जो व्यक्तिगत आवेदकों को मिलता है — यह ₹40,000 वाली बीज पूंजी से अलग और उसके अतिरिक्त है।

पीएम-एफएमई के तहत FPO और सहकारी समितियों को क्या सहायता मिलती है?

किसान उत्पादक संगठन और उत्पादक सहकारी समितियों को पूंजी निवेश के लिए 35% ऋण-आधारित अनुदान मिलता है, बशर्ते उनका टर्नओवर न्यूनतम ₹1 करोड़ हो, प्रस्तावित परियोजना लागत उनके मौजूदा टर्नओवर से ज़्यादा न हो, और सदस्यों को उस उत्पाद का कम-से-कम 3 साल का अनुभव हो।

"साझा अवसंरचना" सहायता क्या है?

साझा सुविधाओं के लिए फंडिंग (35% ऋण-आधारित अनुदान) — फार्म-गेट पर छँटाई, ग्रेडिंग और कोल्ड स्टोरेज, ODOP उत्पाद के लिए साझा प्रसंस्करण इकाई, और छोटी इकाइयाँ किराए पर ले सकें ऐसे इनक्यूबेशन सेंटर। यह FPO, SHG, सहकारी समितियों, सरकारी एजेंसियों या निजी उद्यमों को मिलती है, और सुविधा को व्यावसायिक आधार पर चलाना तथा अन्य इकाइयों को किराए पर उपलब्ध कराना ज़रूरी है।

ब्रांडिंग व विपणन सहायता क्या है और इसके लिए कौन आवेदन कर सकता है?

ODOP उत्पाद पर साझा ब्रांड, पैकेजिंग और खुदरा टाई-अप बनाने के लिए कुल खर्च का 50% तक सहायता। इसके लिए केवल समूह — FPO, SHG, सहकारी समिति या SPV — आवेदन कर सकते हैं, व्यक्ति नहीं, और उत्पाद का न्यूनतम टर्नओवर ₹5 करोड़ होना चाहिए। यह खुदरा दुकान खोलने को कवर नहीं करती।

पीएम-एफएमई के लिए आवेदन कैसे करें?

राज्य नोडल एजेंसी द्वारा नियुक्त ज़िला संसाधन व्यक्ति आपकी इकाई की पहचान या सत्यापन करता है, ड्यू डिलिजेंस करता है, और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में मदद करता है। जिला स्तरीय समिति इसकी समीक्षा करती है, फिर यह ऋण के लिए बैंक के पास जाती है; बैंक से ऋण मंज़ूर होते ही उसके विरुद्ध सब्सिडी जारी होती है। आप पीएम-एफएमई MIS पोर्टल पर सीधे भी पंजीकरण कर सकते हैं।

क्या बैंक ऋण पर ब्याज छूट भी मिलती है?

हाँ — 2018 की MSME ब्याज सबवेंशन योजना के तहत बकाया ऋण राशि पर 2% ब्याज छूट, 35% पूंजी सब्सिडी के अतिरिक्त। ऋणों को CGTMSE के तहत बिना गिरवी वाली क्रेडिट-गारंटी सुरक्षा भी मिलती है।

अब तक पीएम-एफएमई से कितनी इकाइयों को सहायता मिली है?

30 जून 2025 के नवीनतम आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 2 लाख सीधे सहायता प्राप्त इकाइयों के लक्ष्य के मुकाबले 1,44,517 ऋण-आधारित ऋण (₹11,501.79 करोड़) मंज़ूर हो चुके थे, 3,48,907 SHG सदस्यों को बीज पूंजी (₹1,182.48 करोड़) स्वीकृत हो चुकी थी, और 1,16,666 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका था।

पीएम-एफएमई से जुड़ी किसी समस्या में मदद कहाँ से मिलेगी?

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय से 011-2640 6500 या [email protected] पर संपर्क करें, या योजना-विशेष मदद के लिए अपने ज़िला संसाधन व्यक्ति या राज्य नोडल एजेंसी से संपर्क करें।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन 011-2640 6500 ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।