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आसानअपडेट 22 जुलाई 2026

धनिया

Coriandrum sativum

राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में उगाई जाने वाली एक रबी बीज-मसाला फसल — और नए किसान जो एक काम छोड़ देते हैं वह है बुवाई से पहले हर गोल बीज को धीरे से दो हिस्सों में तोड़ना, जिससे एक-सा और तेज़ जमाव मिलता है। फूल आने पर ज़्यादा पानी तना-गाँठ और उकठा को न्योता देता है।

A cluster of fresh green coriander (dhania) leaves on a white surface
फसल प्रकार
मसाला (बीज व पत्ती)
सीज़न
रबी
उपयुक्त राज्य
10+ प्रमुख राज्य
बढ़वार अवधि
90–110 दिन (बीज)
जल आवश्यकता
कम; फूल पर सूखा रखें
तापमान
20–25°C, ठंडा व सूखा
मिट्टी
अच्छी जल-निकासी वाली दोमट
कठिनाई स्तर
आसान
अपेक्षित उपज
10–15 क्विंटल/हेक्टेयर (बीज)
मुख्य तरीक़ा
बुवाई से पहले बीज तोड़ें

परिचय

धनिया (Coriandrum sativum) भारत के सबसे महत्वपूर्ण बीज-मसालों में है, जो मुख्यतः राजस्थान, मध्य प्रदेश व गुजरात में अपने सुगंधित सूखे बीज (धनिया) के लिए रबी फसल के रूप में, और ताज़ी हरी पत्ती (कोथमीर/हरा धनिया) के लिए भी उगाया जाता है।

फसल का एक विशिष्ट क़दम बीज तोड़ना है। हर गोल धनिया "बीज" असल में एक फल है जिसमें दो बीज होते हैं; बुवाई से पहले इसे धीरे रगड़कर दो हिस्सों में तोड़ना तेज़, अधिक एक-सा अंकुरण देता है — वह काम जो नए किसान अक्सर अपने नुक़सान पर छोड़ देते हैं।

वहाँ से आगे, धनिया एक ठंडी-ऋतु फसल है जो पानी में संयम का इनाम देती है। इसकी दो मुख्य समस्याएँ — तना-गाँठ व उकठा — दोनों फूल के समय अधिक सिंचाई से बिगड़ती हैं, और फसल पकते माहू आते हैं। यह गाइड इन्हीं लीवरों और बीज-बनाम-पत्ती फ़ैसले को ध्यान में रखकर फसल का अनुसरण करती है।

फसल की समयरेखा, बुवाई से कटाई तक

पूरे सीज़न की एक झलक — हर अवस्था की पूरी जानकारी के लिए नीचे संबंधित सेक्शन पर जाएँ।

  1. दिन 0

    बुवाई

    तोड़ा (आधा किया) बीज 2–3 सेमी गहरा, 30 सेमी कतारों में, बारीक-नम रबी बीज-क्यारी में ड्रिल करें।

  2. दिन 7–15

    अंकुरण

    तोड़े बीज से पौध साबुत गोल बीज की तुलना में अधिक एक-सी व तेज़ निकलती है।

  3. दिन 20–40

    वानस्पतिक बढ़वार

    पत्तेदार बढ़वार बनती है; पत्ती व बीज दोनों के लिए उगा रहे हों तो यहाँ एक अगेती पत्ती कटाई ली जा सकती है।

  4. दिन 45–60

    फूल

    छत्रक ठंडे मौसम में फूलते हैं; अब फसल को सूखी ओर रखना गाँठ व उकठा से बचाता है।

  5. दिन 60–80

    बीज-बंधन व भराव

    छत्रकों में बीज बँधते व भरते हैं; समान, हल्की नमी उन्हें रोग न्योते बिना भरती है।

  6. दिन 80–100

    दाना सख़्त होना

    बीज सख़्त होता व पौधा सूखने लगता है; माहू अब चरम पर, निगरानी ज़रूरी।

  7. दिन 90–110

    कटाई

    बीज पका पर अब भी हरा-भूरा रहते काटें — पूरी तरह सूखने व झड़ने से पहले।

उपयुक्त राज्य

जिन राज्यों में यह फसल बड़े पैमाने पर उगाई जाती है, वे नीचे हाइलाइट हैं। आपके खेत के लिए अंतिम सलाह हमेशा आपका नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र ही देगा।

  • जम्मू और कश्मीर
  • हिमाचल प्रदेश
  • पंजाब
  • उत्तराखंड
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • उत्तर प्रदेश
  • राजस्थान
  • बिहार
  • झारखंड
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • असम
  • अरुणाचल प्रदेश
  • मेघालय
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिज़ोरम
  • त्रिपुरा
  • गुजरात
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • महाराष्ट्र
  • ओडिशा
  • गोवा
  • तेलंगाना
  • आंध्र प्रदेश
  • कर्नाटक
  • केरल
  • तमिलनाडु
  • पुदुचेरी
  • लद्दाख
  • चंडीगढ़

यहाँ उगाई जाती है

जलवायु की ज़रूरतें

धनिया ठंडे, सूखे मौसम की फसल है। फूल के समय बादली, नम या कोहरे वाला मौसम इसका शत्रु है — यह बीज-बंधन गिराता, चूर्णिल फफूँदी व माहू न्योतता, और बीज गहरा कर देता है। फूल पर पाला फसल हानि करता है। बुवाई ऐसे समय करें कि फूल साफ़, ठंडे, पाला-सुरक्षित मौसम में आए।

  • आदर्श तापमान

    20–25°C, ठंडा व सूखा आदर्श; फूल के समय पाला और बादली-नम मौसम हानिकारक

  • वर्षा

    हल्की सिंचाई पर सूखा रबी सीज़न उपयुक्त; फूल के समय बारिश या भारी ओस रोग व ख़राब बीज-बंधन करती है

  • नमी

    कम आर्द्रता; बादली, नम दौर चूर्णिल फफूँदी व माहू लाते और बीज-रंग बिगाड़ते हैं

  • धूप

    अच्छे फूल, बीज-भराव व सुगंध को ठंडे, सूखे मौसम में भरपूर धूप

मिट्टी की ज़रूरतें

उपजाऊ, अच्छी जल-निकासी वाली दोमट आदर्श है। भारी, जलभराव-प्रवण ज़मीन से बचें, जहाँ उकठा व जड़-सड़न जमते हैं। जहाँ तना-गाँठ ज्ञात समस्या हो, रोधी किस्म चुनें और अधिक सिंचाई से बचें, जो सबसे बड़ा कारक है।

  • उपयुक्त मिट्टी

    अच्छी जल-निकासी वाली दोमट व चिकनी दोमट; सिंचाई में बलुई दोमट

  • pH स्तर

    6.5–7.5

  • जल निकासी

    अच्छी जल-निकासी ज़रूरी — गीली मिट्टी पर फसल उकठा व जड़-सड़न को प्रवण

  • जैविक तत्व

    मध्यम; धनिया अच्छी खाद वाली पिछली फसल की अवशिष्ट उर्वरता पर अच्छा करता है

खेत की तैयारी

क्षेत्र चाहे जो हो, चार कदम वही रहते हैं — बस समय बुवाई के अनुसार बदलता है।

  1. 1

    बारीक, नम बीज-क्यारी

    दो-तीन जुताई व पाटा चलाकर बारीक भुरभुरी तक तैयार करें जिसमें छोटे बीज के एक-से अंकुरण भर नमी हो।

  2. 2

    बीज तोड़ें

    बुवाई से ठीक पहले गोल बीज को धीरे रगड़कर हर एक को दो हिस्सों में तोड़ें — तेज़, एक-से जमाव का मुख्य क़दम।

  3. 3

    आधारीय खाद

    आधारीय नाइट्रोजन, फ़ॉस्फ़ोरस व पोटाश क्यारी में मिलाएँ; इस कम-भक्षक फसल को हल्की खुराक उपयुक्त।

बीज की जानकारी

मुख्य किस्मों की तुलना — अवधि, उपज, रोग-प्रतिरोध या आप किस मक़सद से उगा रहे हैं, इसके आधार पर चुनें।

किस्मअवधिउपजरोग-प्रतिरोधसर्वश्रेष्ठ राज्यकिसके लिए उपयुक्त

पूसा सेलेक्शन / RCr-41

भरोसेमंद उपज व अच्छी दाना गुणवत्ता वाली व्यापक उगाई बीज किस्में।

110–120 दिनमध्यममध्यमराजस्थानबीज फसल, मुख्य क्षेत्र

RCr-436

मोटे दाने व व्यापक अनुकूलन वाली लोकप्रिय राजस्थान किस्म, बीज फसल को।

110–120 दिनमध्यम–उच्चमध्यमराजस्थानमोटा बीज, सूखे क्षेत्र

हिसार सुगंध

पत्ती व बीज दोनों के लिए मूल्यवान सुगंधित, दोहरे-उद्देश्य किस्म।

100–115 दिनमध्यममध्यमहरियाणापत्ती व बीज, सुगंध

गुजरात धनिया (GC / GDC) किस्में

पश्चिमी सूखी-फसल पट्टी को बनी राज्य-विश्वविद्यालय बीज किस्में।

105–115 दिनमध्यम–उच्चमध्यमगुजरातबीज फसल, पश्चिम भारत

तना-गाँठ-रोधी किस्में (जैसे RCr-684)

गाँठ-प्रवण क्षेत्रों में फसल के मुख्य रोग तना-गाँठ के प्रति रोधी बनी सुधरी किस्में।

110–120 दिनमध्यम–उच्चतना-गाँठ रोधीराजस्थानगाँठ-प्रवण क्षेत्र
बीज दर
बीज फसल को 10–15 किग्रा/हेक्टेयर; घनी पत्ती फसल को अधिक (20–25 किग्रा/हेक्टेयर)
प्रमाणित बीज
तना-गाँठ-प्रवण क्षेत्रों में रोधी किस्म फसल के मुख्य रोग से सबसे सस्ता बीमा है। किस्म जो भी हो, बुवाई से पहले बीज तोड़ें और उपचारित करें — गोल फल में दो बीज होते हैं, और तोड़ना तेज़, अधिक एक-सा जमाव देता है।
दूरी
कतारों के बीच 30 सेमी × कतार में 10–15 सेमी
बीज उपचार
बीज तोड़ें, फिर बुवाई से पहले थायरम या कार्बेन्डाज़िम (व Trichoderma जैसे जैव-कारक) से बीज-जनित उकठा व आर्द्र-गलन के विरुद्ध उपचारित करें।

बुवाई गाइड

बुवाई का समय कैलेंडर जितना ही रोग नियंत्रित करता है: बहुत जल्दी फूल को गरम, माहू-प्रवण मौसम में धकेलती है, बहुत देर फूल पर पाला व बादली-मौसम रोग का जोखिम। बीज हमेशा पहले तोड़ें — साबुत गोल बीज बोना धीमा, पैचदार जमाव देता है जो कभी पूरी तरह नहीं उबरता।

सबसे अच्छा समय
अक्टूबर–नवंबर — ऐसे बोएँ कि फूल साफ़, ठंडे, पाला-सुरक्षित मौसम में आए
क़तार की दूरी
30 सेमी
पौधे की दूरी
कतार में 10–15 सेमी
बुवाई की गहराई
2–3 सेमी
तरीक़ा
तोड़ा, उपचारित बीज नम क्यारी में 30 सेमी कतारों में ड्रिल करें और हल्का ढकें

खाद कार्यक्रम

बुवाई के समय एक साथ पूरी खाद डालने से बँटी हुई मात्रा बेहतर है — खासकर नाइट्रोजन का बड़ा हिस्सा हवा में उड़ जाता है या रिसकर बह जाता है।

  1. 1

    आधारीय (बुवाई पर)

    दिन 0

    नाइट्रोजन का एक हिस्सा पूरे फ़ॉस्फ़ोरस व पोटाश के साथ — लगभग 20–30 N : 30 P₂O₅ : 20 K₂O किग्रा/हेक्टेयर; धनिया कम-भक्षक है।

  2. 2

    पहली टॉप-ड्रेसिंग

    वानस्पतिक (30–35 दिन)

    सक्रिय पत्ती-बढ़वार पर बची नाइट्रोजन, एक सिंचाई के साथ।

  3. 3

    पछेती नाइट्रोजन से बचें

    फूल से आगे

    फूल पर नाइट्रोजन न धकेलें — नरम, हरी-भरी बढ़वार माहू व रोग न्योतती और बीज-परिपक्वता में देरी करती है।

सिंचाई कार्यक्रम

  1. 1. अंकुरण

    दिन 0–10

    तोड़े बीज के एक-से अंकुरण को बुवाई के बाद एक हल्की सिंचाई।

  2. 2. वानस्पतिक बढ़वार

    25–40 दिन

    फसल बनाने को एक-दो हल्की सिंचाई; समान रखें, भारी नहीं।

  3. 3. फूल व बीज-भराव

    45–75 दिन

    केवल हल्की, सावधान सिंचाई — यहाँ अधिक पानी तना-गाँठ व उकठा का मुख्य कारक है।

महत्वपूर्ण अवस्थाएँ

  • वानस्पतिक बढ़वार
  • बीज-भराव

पानी बचाने के तरीक़े

  • धनिया को कम पानी चाहिए — कुछ हल्की, सही समय की सिंचाई काम कर देती है, और अधिक पानी सूखे से अधिक नुक़सान करता है।
  • तना-गाँठ व उकठा से बचाव को फसल फूल पर सूखी ओर रखें।
  • अच्छी सिंची पिछली फसल के बाद अच्छी अवशिष्ट नमी में बुवाई एक सिंचाई बचाती है।

खरपतवार प्रबंधन

जैविक नियंत्रण

  • फसल घनी होने से पहले 30–40 दिन तक एक-दो हाथ निराई।
  • अच्छा जमा, एक-सा अंकुरित जमाव (तोड़े बीज से) खरपतवारों से बेहतर मुक़ाबला करता है।

रासायनिक नियंत्रण

  • बुवाई के बाद नम मिट्टी पर पेंडिमेथालिन पूर्व-अंकुरण, धीमे शुरू होती फसल में अगेते खरपतवार रोकता है।
  • 30–35 दिन पर एक हाथ निराई नाज़ुक बढ़वार के दौरान फसल साफ़ रखती है।

पोषक तत्व की कमी की पहचान

हर पोषक तत्व की कमी पौधे पर असल में कैसी दिखती है — ताकि ग़लत स्प्रे करने से पहले आप कमी और रोग में फ़र्क़ कर सकें।

ध्यान देने योग्य रोग

लक्षण, संभावित कारण और असल में क्या इलाज करता है — सिर्फ़ किसी स्प्रे का नाम नहीं।

ध्यान देने योग्य कीट

नुक़सान दिखने से पहले क्या देखें, और रसायन से पहले जैविक विकल्प क्या हैं।

आम ग़लतियाँ जिनसे बचें

जो ग़लतियाँ किसानों को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुँचाती हैं, खेत में जितनी बार दिखती हैं उसी क्रम में — हमेशा वैसे नहीं जैसा आप सोचें।

  1. 1

    साबुत गोल बीज बिना तोड़े बोना।

    नुक़सान क्यों होता है

    गोल फल में दो बीज होते हैं और साबुत धीरे व पैचदार अंकुरित होता है; बुवाई से पहले दो हिस्सों में तोड़ना तेज़, एक-सा जमाव देता है — नए किसानों द्वारा सबसे अधिक छोड़ा जाने वाला क़दम।

  2. 2

    अधिक सिंचाई, ख़ासकर फूल पर।

    नुक़सान क्यों होता है

    फूल पर अधिक नमी तना-गाँठ व उकठा, फसल के दो सबसे बुरे रोगों, का मुख्य कारक है — धनिया सूखी ओर रखा जाना चाहता है।

  3. 3

    तना-गाँठ क्षेत्र में संवेदनशील किस्म उगाना।

    नुक़सान क्यों होता है

    गाँठदार छत्रक सिकुड़ा, बेकार बीज देते हैं; गाँठ-प्रवण पट्टियों में रोधी किस्म सबसे सस्ती व पक्की सुरक्षा है।

  4. 4

    बुवाई का समय ग़लत रखना।

    नुक़सान क्यों होता है

    बहुत जल्दी फूल को गरम, माहू-प्रवण मौसम में धकेलती है; बहुत देर फूल पर पाला व बादली-मौसम रोग का जोखिम — ऐसे बोएँ कि फूल साफ़, ठंडे, पाला-सुरक्षित मौसम में आए।

  5. 5

    फसल में देर से नाइट्रोजन धकेलना।

    नुक़सान क्यों होता है

    पछेती नाइट्रोजन नरम, हरी-भरी बढ़वार देती है जो माहू व रोग खींचती और बीज-परिपक्वता में देरी करती है — धनिया कम-भक्षक है जो पछेता बूस्ट नहीं चाहता।

  6. 6

    माहू को छत्रक ढकने तक अनदेखा करना।

    नुक़सान क्यों होता है

    तब तक वे बीज-बंधन घटा व हनीड्यू से बीज गहरा कर चुके होते हैं; फूल पर अगेती निगरानी व नियंत्रण उपज व ग्रेड दोनों बचाते हैं।

  7. 7

    बीज फसल को काटने से पहले अधिक सूखने देना।

    नुक़सान क्यों होता है

    पूरी सूखी छत्रक हैंडलिंग पर झड़कर बीज गिराती हैं, और बीज अपना बेशक़ीमती हरा रंग खोता है — बीज पका पर अब भी हरा-भूरा रहते काटें।

  8. 8

    बीज को तेज़ धूप में मड़ाई व सुखाना।

    नुक़सान क्यों होता है

    तेज़ धूप-सुखाई वह हरा रंग व सुगंध फीकी करती है जो अच्छा दाम पाते हैं — बीज धीरे, छाया या हल्की धूप में उपचारित-सुखाएँ ताकि रंग व ख़ुशबू बनी रहे।

  9. 9

    जलभराव-प्रवण ज़मीन पर धनिया उगाना।

    नुक़सान क्यों होता है

    गीली मिट्टी पौध अवस्था से उकठा व जड़-सड़न लाती है — अच्छी निकासी वाली ज़मीन चुनें और फसल में पानी न भरें।

  10. 10

    धनिया के बाद धनिया उगाना।

    नुक़सान क्यों होता है

    उकठा व तना-गाँठ मिट्टी में तब तक जमा होते हैं कि फसल पैच में विफल हो जाती — अनाज या अन्य असंबंधित फसल से फ़सल-चक्र लें।

कटाई

बीज के लिए तब काटें जब बीज पूरी तरह बना व पका पर अब भी हरा-भूरा हो — पूरी तरह सूखने व झड़ने से पहले, आमतौर पर बुवाई के 90–110 दिन बाद। झड़न घटाने को ठंडी अल-सुबह काटें, फिर धीरे सुखाकर मड़ाई करें। पत्ती के लिए हरी फसल पहले व बार-बार काटें।

तैयार होने के संकेत

  • बीज पूरी तरह बना व सख़्त होता
  • छत्रक हरे से हरे-भूरे होते
  • फसल सूखती पर अभी झड़ती नहीं

उपकरण

  • पूरे पौधे काटने को हँसिया
  • सुखाने व धीरे मड़ाई को तिरपाल
  • रंग बनाए रखने को छाया या हल्की धूप

अपेक्षित उपज

अच्छी संभाली फसल में 10–15 क्विंटल/हेक्टेयर बीज; दोहरे-उद्देश्य फसल कुछ पत्ती व हल्की बीज कटाई देती है

कटाई के बाद व भंडारण

  • भंडारण

    बीज को धीरे सुरक्षित कम नमी तक सुखाएँ और साफ़-सूखा ठंडे, हवादार भंडार में रखें; अच्छा सूखा धनिया बीज बहुत सुगंध खोए बिना महीनों रहता है। धीमी उपचार-सुखाई वह हरा रंग बचाती है जो अच्छा दाम पाता है।

  • पैकेजिंग

    अच्छा सूखा, साफ़ बीज सूखे भंडार में फ़र्श से ऊपर रखे साफ़ बोरों में पैक करें; ताज़ी हरी पत्ती गुच्छाबंद कर तेज़ी से भेजी जाती है क्योंकि यह अत्यधिक नाशवान है।

  • परिवहन

    सूखा बीज नमी से बचाकर भेजें; ताज़ी पत्ती ठंडी व जल्दी भेजें, क्योंकि यह एक दिन में मुरझाती है।

  • भंडारण अवधि

    अच्छा सूखा बीज कई महीने; ताज़ी हरी पत्ती एक-दो दिन।

मंडी भाव

सरकार के अपने एगमार्कनेट डेटा से, आपके नज़दीक का आज का मंडी भाव — लाइव।

सरकारी एगमार्कनेट डेटा से रोज़ाना लाइव मंडी भाव।

आज के भाव ला रहे हैं…

data.gov.in (एगमार्कनेट) से सिंक होता है। भाव ₹ प्रति क्विंटल हैं।

मौसम

आपके चुने गए स्थान की मौजूदा स्थिति और 5-दिन का पूर्वानुमान, फसल की अवस्था के अनुसार एक सलाह के साथ।

मौजूदा स्थिति और 5-दिन के पूर्वानुमान के लिए अपना राज्य चुनें।

मौसम की जानकारी ला रहे हैं…

Open-Meteo से लाइव डेटा

मुनाफ़ा कैलकुलेटर

आपकी अपनी लागत, अपेक्षित उपज और बिक्री भाव — हमारी नहीं।

पैसा कहाँ जाता है

नीचे कैलकुलेटर की डिफ़ॉल्ट लागत के अनुसार प्रति एकड़ कुल लागत में हर मद का हिस्सा — वहाँ अपने आँकड़े बदलने पर यह तस्वीर पूरी तरह आप पर लागू नहीं रहेगी, पर क्रम शायद ही बदलता है।

  • ज़मीन का किराया30% (₹8,000)
  • मज़दूरी23% (₹6,000)
  • सिंचाई11% (₹3,000)
  • खाद9% (₹2,500)
  • मशीन9% (₹2,500)
  • कीटनाशक और खरपतवारनाशक8% (₹2,000)
  • बीज6% (₹1,500)
  • ब्याज4% (₹1,000)

आधिकारिक डाउनलोड

केवल सरकार और ICAR के दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ किसी आधिकारिक सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

धनिया बीज बुवाई से पहले क्यों तोड़ूँ?

हर गोल धनिया "बीज" असल में एक फल है जिसमें दो बीज होते हैं। साबुत बोने पर यह धीरे व असमान अंकुरित होता है। बुवाई से ठीक पहले बीज को धीरे रगड़कर उसके दो हिस्सों में तोड़ना तेज़, अधिक एक-सा जमाव देता है — इसीलिए यह सबसे ज़रूरी क़दम है, और वह जो नए किसान अक्सर अपने नुक़सान पर छोड़ देते हैं।

धनिया में तना-गाँठ क्यों होता है और कैसे रोकूँ?

तना-गाँठ फफूँद Protomyces macrosporus से होता है और तनों-छत्रकों पर सूजी, विकृत गाँठें बनाता है, सिकुड़ा, बेकार बीज छोड़कर। यह फूल के समय अधिक आर्द्रता व अधिक मृदा-नमी से बिगड़ता है। रोकें: गाँठ-प्रवण क्षेत्रों में गाँठ-रोधी किस्म उगाकर, उपचारित बीज लेकर, फूल पर अधिक सिंचाई से बचकर, और फ़सल-चक्र लेकर। यह मुख्य धनिया पट्टी का परिभाषी रोग है।

धनिया को कितना पानी चाहिए?

बहुत कम। धनिया ठंडे, सूखे मौसम की फसल है जो सूखे से अधिक अधिक-पानी से परेशान होती है। कुछ हल्की, सही समय की सिंचाई — अंकुरण पर, वानस्पतिक बढ़वार के दौरान और बीज-भराव में हल्की — काफ़ी हैं। फसल फूल पर सूखी ओर रखें, क्योंकि तब अधिक नमी तना-गाँठ व उकठा का मुख्य कारक है।

धनिया बीज कब काटूँ?

तब काटें जब बीज पूरी तरह बना व पका पर अब भी हरा-भूरा हो, पूरी तरह सूखने व झड़ने से पहले — आमतौर पर बुवाई के 90–110 दिन बाद। झड़न घटाने को ठंडी अल-सुबह काटें, फिर धीरे सुखाकर मड़ाई करें। फसल को पौधे पर अधिक सूखने देना झड़न से बीज खोता है और बेशक़ीमती हरा रंग फीका करता है।

क्या मैं पत्ती व बीज दोनों के लिए धनिया उगा सकता हूँ?

हाँ — कई किसान हरी पत्ती (कोथमीर) की एक-दो अगेती कटाई लेकर फिर फसल को बीज पर जाने देते हैं, या हिसार सुगंध जैसी दोहरे-उद्देश्य किस्में उगाते हैं। ध्यान रखें कि भारी पत्ती कटाई अंतिम बीज उपज घटाती है, तो बीज मुख्य लक्ष्य हो तो पत्ती कटाई हल्की रखें। घना जमाव पत्ती फसल को उपयुक्त; सामान्य बीज दर बीज फसल को।

क्या धनिया का एमएसपी है?

नहीं। धनिया बिना न्यूनतम समर्थन मूल्य वाली बाज़ार बीज-मसाला फसल है — इसका दाम मंडी व मसाला-बाज़ार माँग से तय होता है और सालों के बीच व्यापक रूप से घट-बढ़ सकता है, और हरा रंग व सुगंध अच्छा दाम पाते हैं। फसल की योजना बनाते व कब बेचें तय करते इस पृष्ठ के लाइव मंडी भाव व लाभ कैलकुलेटर का उपयोग करें।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके खेत और मिट्टी से जुड़ी किसी भी ख़ास बात के लिए आपका नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र ही आधिकारिक जवाब है।