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भारत सरकारकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (कृषि एवं किसान कल्याण विभाग), विस्तार निदेशालय द्वारा क्रियान्वितसक्रियअपडेट 2 सितंबर 2026

उप-मिशन कृषि विस्तार (एसएमएई)

Sub-Mission on Agriculture Extension (SMAE)

कृषोन्नति योजना की एक उप-मिशन जो राज्यों को एटीएमए-आधारित किसान प्रशिक्षण, प्रदर्शन व फार्म स्कूल चलाने के लिए फंड देती है, साथ ही किसान कॉल सेंटर, mKisan सलाह व कृषि स्नातकों के लिए कृषि-क्लिनिक व कृषि-व्यवसाय केंद्र जैसी केंद्रीय सेवाएँ जो कोई भी किसान सीधे इस्तेमाल कर सकता है।

एटीएमए कवर ज़िले
734 ज़िले, 28 राज्य व 5 केंद्र शासित प्रदेश
छतरी योजना
कृषोन्नति योजना (वित्त वर्ष 2017-18 से)
फंडिंग पैटर्न
60:40 केंद्र:राज्य (NE व हिमालयी राज्यों में 90:10)
किसान कॉल सेंटर
1800-180-1551, 22 भाषाएँ, 21 केंद्र
प्रशिक्षित किसान (2021-22 से 2023-24)
~39.9 लाख
स्वीकृत विस्तार पद
देशभर में 28,000+
मौजूदा दिशा-निर्देश
एटीएमए परिचालन दिशा-निर्देश, 2025
लघु/सीमांत व महिला कोटा
न्यूनतम 50% लघु/सीमांत, 30% महिलाएँ

त्वरित सारांश

इस पेज की मुख्य बातें लगभग दो मिनट में — पढ़ें या सुनें।

त्वरित सारांश

उप-मिशन कृषि विस्तार इसलिए बना क्योंकि सही फ़सल अच्छी तरह उगाना सिर्फ़ बीज व खाद पर निर्भर नहीं करता — इसके लिए किसान को समय पर यह पता चलना ज़रूरी है कि नई शोध, मौसम व बाज़ार की स्थिति क्या माँगती है। एसएमएई केंद्र की वह छतरी है जो यह जानकारी किसान तक पहुँचाती है: यह राज्यों को एटीएमए (ATMA) चलाने के लिए फंड देती है — वह ज़िला-स्तरीय तंत्र जो हर सीज़न चुने गए किसानों के लिए प्रशिक्षण, खेत-प्रदर्शन, भ्रमण व "फार्म स्कूल" आयोजित करता है — और अलग से कुछ केंद्रीय सेवाएँ भी फंड करता है जिन्हें कोई भी किसान सीधे इस्तेमाल कर सकता है: किसान कॉल सेंटर, mKisan एसएमएस/वॉयस सलाह सेवा, और कृषि स्नातकों के लिए कृषि-क्लिनिक व कृषि-व्यवसाय केंद्र।

कोई किसान "एसएमएई" में सीधे नामांकन नहीं करता। प्रशिक्षण, प्रदर्शन व फार्म स्कूल के लिए, ज़िला एटीएमए व उसकी ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम गाँवों को बारी-बारी चुनती है, एक तय कोटे के साथ — कम से कम आधे लघु व सीमांत किसान, कम से कम तीन में से एक महिला — ताकि हमेशा वही जाने-पहचाने कुछ लोग लाभ न उठाएँ। तुरंत सलाह के लिए, कोई भी किसान कॉल सेंटर पर टोल-फ्री, अपनी भाषा में, हफ़्ते के किसी भी दिन कॉल कर सकता है। और कृषि स्नातक के लिए एक असली अपना रास्ता है: एक मुफ़्त 45-दिन की आवासीय ट्रेनिंग, जिसके बाद सरकारी सब्सिडी वाला बैंक ऋण कृषि-क्लिनिक या कृषि-व्यवसाय केंद्र खोलने में मदद करता है। एसएमएई आज कृषोन्नति योजना छतरी के तहत आती है, केंद्र की बाक़ी कृषि योजनाओं के साथ-साथ। आगे का पन्ना सटीक फंडिंग हिस्सेदारी, लागत मानदंड व हेल्पलाइन विवरण देता है।

परिचय

भारत में कृषि विस्तार मूल रूप से एटीएमए (कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी) योजना से चलता है — "विस्तार सुधारों के लिए राज्य विस्तार कार्यक्रमों को सहायता," जो 2005-06 में शुरू हुई थी। 2014-15 से, इसे व संबंधित विस्तार गतिविधियों को एक व्यापक राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन (NMAET) के तहत उप-मिशन कृषि विस्तार (एसएमएई) के रूप में संगठित किया गया। यह अलग छतरी लंबे समय तक नहीं चली: वित्त वर्ष 2017-18 से, एसएमएई को औपचारिक रूप से "कृषोन्नति योजना" (KY) छतरी की उप-योजना बना दिया गया, जहाँ यह आज भी है — केंद्र सरकार की कैबिनेट द्वारा 3 अक्टूबर 2024 को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की योजनाओं को ठीक दो छतरियों — टिकाऊ कृषि के लिए PM-RKVY और खाद्य सुरक्षा व फ़सल प्रबंधन के लिए कृषोन्नति योजना — में युक्तिसंगत बनाए जाने के बाद इसकी फिर पुष्टि हुई, दोनों का संयुक्त परिव्यय ₹1,01,321.61 करोड़ है।

एसएमएई के दो हिस्से हैं। एक केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में, यह एटीएमए को फंड करती है — हर कवर ज़िले में एक स्वायत्त सोसाइटी, हर ब्लॉक में एक ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम, जो किसानों के लिए गतिविधियों का एक "कैफेटेरिया" चलाती है: बहु-दिवसीय प्रशिक्षण (अंतर-राज्य, राज्य के भीतर, और 2025 के दिशा-निर्देशों के बाद से एक छोटा ज़िले-के-भीतर पूर्व-ज्ञान-मान्यता कोर्स), खेत-प्रदर्शन, भ्रमण, किसी प्रगतिशील किसान के खेत पर फार्म स्कूल, किसान मेले, और किसान हित समूहों व खाद्य सुरक्षा समूहों को अंततः एफ़पीओ बनाने की दिशा में संगठित करना। केंद्र द्वारा सीधे चलाई जाने वाली केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं के रूप में, एसएमएई किसान कॉल सेंटर, कृषि-क्लिनिक व कृषि-व्यवसाय केंद्र (ACABC), जनसंचार माध्यम योजना (डिजिटल कृषि विस्तार ढाँचे सहित), इनपुट डीलरों के लिए कृषि विस्तार सेवा डिप्लोमा (DAESI), चार क्षेत्रीय विस्तार शिक्षा संस्थानों, और राष्ट्रीय विस्तार-प्रबंधन संस्थान MANAGE को भी फंड करती है।

एटीएमए गतिविधियों के लिए लाभार्थी चयन जान-बूझकर संरचित है, पहले-आओ-पहले-पाओ नहीं: किसी ब्लॉक की हर पंचायत बारी-बारी कवर होती है, कम से कम 50% लाभार्थी लघु व सीमांत किसान होने चाहिए, कम से कम 30% महिलाएँ होनी चाहिए, और हर दो गाँवों पर एक "किसान मित्र" ही असली स्थानीय संपर्क बिंदु होता है जो किसानों की पहचान व लामबंदी में मदद करता है। एटीएमए परिचालन दिशा-निर्देशों के 2025 संशोधन ने कटाई-बाद व बाज़ार-केंद्रित विस्तार (किसानों को e-NAM, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग व एफ़पीओ से जोड़ना) पर तीखा ध्यान जोड़ा, और पूर्व-ज्ञान की मान्यता (RPL) शुरू की — एक 2-दिवसीय गाँव-स्तरीय कोर्स जो पहले यह आँकता है कि किसान पहले से क्या जानता है, फिर विशेष कमियाँ भरता है, अंत में "प्रगतिशील किसान" प्रमाणपत्र के साथ।

योजना की मुख्य बातें

  • एक कोर्स नहीं, प्रशिक्षण प्रारूपों का पूरा कैफेटेरिया

    सात-दिवसीय अंतर-राज्य प्रशिक्षण, पाँच-दिवसीय राज्य-के-भीतर प्रशिक्षण, और एक नया 2-दिवसीय ज़िले-के-भीतर पूर्व-ज्ञान-मान्यता कोर्स — 2025 के दिशा-निर्देशों के तहत हर एक की अलग क़ीमत व संरचना।

  • चयन में ही कोटा तय

    कम से कम 50% एटीएमए लाभार्थी लघु या सीमांत किसान होने चाहिए और कम से कम 30% महिलाएँ, और किसी ब्लॉक की हर पंचायत बारी-बारी कवर होती है — हर सीज़न वही जाने-पहचाने नाम नहीं।

  • कॉल सेंटर जो आपकी अपनी भाषा में काम करता है

    किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) हफ़्ते के हर दिन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक, 21 केंद्रों से, 22 भारतीय भाषाओं में जवाब देता है — किसी अपॉइंटमेंट या ज़िला कार्यालय जाने की ज़रूरत नहीं।

  • एक असली व्यक्तिगत रास्ता: कृषि-क्लिनिक

    कोई कृषि (या संबद्ध विषय) स्नातक मुफ़्त 45-दिन का MANAGE-समन्वित प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपना कृषि-क्लिनिक व कृषि-व्यवसाय केंद्र खोलने के लिए 36-44% सरकारी सब्सिडी वाले बैंक ऋण के लिए आवेदन कर सकता है।

  • सिर्फ़ एकबारगी प्रशिक्षण नहीं, किसानों को FPO की ओर ले जाना

    एटीएमए के तहत संगठित किसान हित समूह व खाद्य सुरक्षा समूह समय के साथ किसान उत्पादक संगठनों (FPO) में समेकित होने के लिए बनाए जाते हैं, प्रशिक्षण को एक लंबी सामूहिक दिशा से जोड़ते हुए।

  • 2025 में सिर्फ़ खेत नहीं, बाज़ार की ओर भी बदलाव

    नवीनतम एटीएमए दिशा-निर्देश समर्पित बाज़ार-केंद्रित विस्तार मॉड्यूल जोड़ते हैं — e-NAM, APLM अधिनियम, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग व भंडारण को कवर करते हुए — पुराने उत्पादन-केंद्रित पाठ्यक्रम के साथ-साथ।

प्रमुख घटक

राज्य स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से इनमें से चुनाव करते हैं — हर घटक की अपनी पात्रता और आवेदन प्रक्रिया है, जहाँ अलग पेज मौजूद है वहाँ पूरी जानकारी उसी पर है।

  • एटीएमए (कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी)

    एसएमएई का केंद्र प्रायोजित मूल हिस्सा — ज़िला-स्तरीय प्रशिक्षण, प्रदर्शन, भ्रमण, फार्म स्कूल व किसान मेले, राज्य-स्वीकृत वार्षिक कार्ययोजना के ज़रिए दिए जाते हैं।

    अपने ज़िला एटीएमए व ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम द्वारा चुने गए किसान

  • किसान कॉल सेंटर (KCC)

    एक टोल-फ्री, बहुभाषी फ़ोन सलाह सेवा जिसे कोई भी किसान फ़सल, मौसम, योजना या बाज़ार के सवालों के लिए सीधे कॉल कर सकता है, ज़रूरत पड़ने पर विषय विशेषज्ञों तक भेजा जाता है।

    तुरंत सलाह चाहने वाला कोई भी किसान, बिना किसी नामांकन के

  • कृषि-क्लिनिक व कृषि-व्यवसाय केंद्र (ACABC)

    कृषि स्नातकों के लिए मुफ़्त 45-दिन का प्रशिक्षण, उसके बाद सरकारी सब्सिडी वाला बैंक ऋण, ताकि वे स्थानीय किसानों को सेवा देने वाला सशुल्क सलाह या इनपुट-आपूर्ति व्यवसाय शुरू कर सकें।

    अपना उद्यम शुरू करना चाहने वाले कृषि व संबद्ध विषयों के स्नातक

  • जनसंचार माध्यम व डिजिटल कृषि विस्तार

    रेडियो, टेलीविज़न व डिजिटल सामग्री — सामुदायिक रेडियो स्टेशनों व डिजिटल कृषि विस्तार ढाँचे सहित — जो व्यक्तिगत प्रशिक्षण से कहीं बड़े दर्शक वर्ग तक खेती की सलाह पहुँचाती है।

    रेडियो, टीवी या डिजिटल सलाह माध्यमों से जुड़ने वाले किसान

  • MANAGE, विस्तार शिक्षा संस्थान व DAESI

    राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान, चार क्षेत्रीय विस्तार शिक्षा संस्थान, और इनपुट डीलरों के लिए कृषि विस्तार सेवा डिप्लोमा उन विस्तार कर्मियों व इनपुट डीलरों को प्रशिक्षित करते हैं जो अंततः किसानों तक पहुँचते हैं।

    औपचारिक प्रशिक्षण चाहने वाले विस्तार अधिकारी, इनपुट डीलर व कृषि-पेशेवर

आपको क्या मिलता है

  • मुफ़्त प्रशिक्षण, कोई सशुल्क कोर्स नहीं

    चुने गए किसान बिना किसी लागत के प्रशिक्षण, प्रदर्शन, भ्रमण व फार्म स्कूल में शामिल होते हैं — यात्रा, ठहराव व सामग्री एटीएमए कैफेटेरिया के तय लागत मानदंडों के तहत कवर होते हैं।

  • माँग पर विशेषज्ञ सलाह, किसी भी दिन

    किसान कॉल सेंटर व mKisan एसएमएस/वॉयस सलाह सेवा एक फ़ोन कॉल पर विषय विशेषज्ञ को ला देती हैं, अगली तय गाँव-प्रशिक्षण की प्रतीक्षा किए बिना।

  • स्व-रोज़गार का सब्सिडी वाला रास्ता

    ACABC मुफ़्त प्रशिक्षण को कृषि स्नातकों के लिए अपना कृषि-क्लिनिक खोलने के असली ऋण-सह-सब्सिडी रास्ते में बदलता है, सिर्फ़ वेतन वाली नौकरी खोजने के बजाय।

  • सामूहिक सौदेबाज़ी की ताक़त की ओर धक्का

    किसानों को हित समूहों और अंततः FPO में संगठित करना छोटे किसानों को वह संयुक्त ख़रीद-बिक्री ताक़त देता है जो अकेला किसान-प्रशिक्षण सत्र नहीं दे सकता।

कौन पात्र है

दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।

आप पात्र हैं अगर

  • आप लघु या सीमांत किसान हैं, या महिला किसान हैं, जिनकी पंचायत आपके ज़िला एटीएमए की मौजूदा प्रशिक्षण/प्रदर्शन बारी में आती है
  • आप कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, वानिकी, डेयरी या पशु चिकित्सा विज्ञान के स्नातक/डिप्लोमा-धारक हैं (लगभग 18-60 वर्ष) और कृषि-क्लिनिक व कृषि-व्यवसाय केंद्र स्थापित करना चाहते हैं
  • आप 18 वर्ष या उससे अधिक के, कम से कम 5वीं कक्षा पास ग्रामीण युवा हैं, और कौशल प्रशिक्षण या पूर्व-ज्ञान-मान्यता प्रमाणपत्र चाहते हैं
  • आप कोई भी किसान हैं जो किसान कॉल सेंटर या mKisan के ज़रिए सलाह सहायता चाहते हैं — इस घटक के लिए किसी पूर्व चयन की ज़रूरत नहीं

ज़मीन होते हुए भी अपात्र

  • ख़ुद "एसएमएई" के लिए किसी एक ऑनलाइन फ़ॉर्म की उम्मीद करना — एटीएमए प्रशिक्षण, प्रदर्शन व फार्म स्कूल की सीटें ज़िला एटीएमए व ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम चुनती हैं, सीधे व्यक्तिगत आवेदन के लिए नहीं खुली होतीं
  • ऐसी पंचायत में रहना जिसे आपकी ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम ने इस बारी-चक्र में अभी तक कवर नहीं किया
  • MANAGE के अनिवार्य मुफ़्त 45-दिन प्रशिक्षण पूरा किए बिना ACABC ऋण-सह-सब्सिडी की उम्मीद करना
  • सीधे नक़द भुगतान की उम्मीद करना — एसएमएई प्रशिक्षण, सलाह सेवाएँ व अवसंरचना फंड करती है, PM-KISAN जैसा आय-सहायता हस्तांतरण नहीं

यह योजना कहाँ लागू है

पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।

  • आधार कार्ड

    ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम द्वारा प्रशिक्षण, प्रदर्शन या फार्म स्कूल के प्रतिभागी अंतिम करते समय लाभार्थी पहचान के लिए इस्तेमाल होता है।

  • शैक्षणिक प्रमाणपत्र

    कृषि-क्लिनिक व कृषि-व्यवसाय केंद्र और DAESI घटकों के लिए ज़रूरी, यह पुष्टि करने के लिए कि आपके पास MANAGE के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवश्यक कृषि/संबद्ध विषय योग्यता है।

  • बैंक पासबुक

    ACABC ऋण-सह-सब्सिडी वितरित करने के लिए, और जहाँ लागू हो वहाँ ग्रामीण युवा कौशल प्रशिक्षण के भत्ते के लिए ज़रूरी।

आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।

  1. 1

    ज़िला एटीएमए अपनी वार्षिक कार्ययोजना बनाता है

    ज़िला एटीएमए सोसाइटी, अपने गवर्निंग बोर्ड के तहत, उस साल के प्रशिक्षण, प्रदर्शन, भ्रमण व फार्म स्कूल की योजना बनाती है, राज्य की स्वीकृत योजना के आधार पर फंडेड।

  2. 2

    ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम गाँव व किसान चुनती है

    किसान मित्र नेटवर्क के साथ काम करते हुए, BTT पंचायतों को बारी-बारी कवर करती है, न्यूनतम 50% लघु/सीमांत-किसान व 30% महिला कोटा बनाए रखते हुए।

  3. 3

    किसान प्रशिक्षण, प्रदर्शन या फार्म स्कूल में शामिल होता है

    किसान के लिए बिना किसी लागत के — यात्रा, ठहराव व सामग्री उस गतिविधि के लिए एटीएमए कैफेटेरिया के तय लागत मानदंडों के तहत कवर होते हैं।

  4. 4

    अलग से: कृषि स्नातक MANAGE प्रशिक्षण पूरा करता है

    किसी भी ACABC बैंक ऋण आवेदन से पहले मुफ़्त 45-दिन की आवासीय ट्रेनिंग होती है — यह चरण एटीएमए के गाँव-स्तरीय चक्र से अलग चलता है।

  5. 5

    कोई भी किसान कभी भी किसान कॉल सेंटर पर कॉल कर सकता है

    किसी नामांकन की ज़रूरत नहीं — 1800-180-1551 डायल करें, और अगर फ़ार्म टेली एडवाइज़र सवाल हल न कर सके, तो वह विषय विशेषज्ञ तक भेजा जाता है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • एटीएमए शुरू

    2005-06

    केंद्र प्रायोजित योजना "विस्तार सुधारों के लिए राज्य विस्तार कार्यक्रमों को सहायता"

  • एसएमएई / NMAET शुरू

    2014-15

    राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी मिशन के तहत उप-मिशन कृषि विस्तार संगठित

  • कृषोन्नति योजना में समाहित

    वित्त वर्ष 2017-18

    NMAET एक अलग छतरी के रूप में समाप्त; एसएमएई कृषोन्नति योजना की उप-योजना बनी

  • कृषोन्नति योजना की पुनः पुष्टि

    3 अक्टूबर 2024

    कैबिनेट ने कृषि मंत्रालय की योजनाओं को PM-RKVY व कृषोन्नति योजना में युक्तिसंगत बनाया, संयुक्त परिव्यय ₹1,01,321.61 करोड़

  • तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए

    2 सितंबर 2026

    एटीएमए परिचालन दिशा-निर्देश, 2025 (agriwelfare.gov.in), आधिकारिक किसान कॉल सेंटर सूचना पत्र, और एटीएमए कवरेज व किसान प्रशिक्षण संख्याओं पर फ़रवरी 2025 व दिसंबर 2025 के PIB संसद जवाबों के आधार पर

अपनी पात्रता जाँचें

सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।

  1. 1.क्या आप सीधे किसी ऑनलाइन फ़ॉर्म की उम्मीद करने के बजाय अपने ज़िला एटीएमए / ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम, या MANAGE-समन्वित प्रशिक्षण के ज़रिए जाने को तैयार हैं?
  2. 2.यदि एटीएमए प्रशिक्षण, प्रदर्शन या फार्म स्कूल सीट के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो क्या आप लघु/सीमांत-किसान या महिला-किसान प्राथमिकता श्रेणी में आते हैं, या क्या आपकी पंचायत की बारी इस साल खुली है?
  3. 3.यदि कृषि-क्लिनिक व कृषि-व्यवसाय केंद्र सहायता चाहते हैं, तो क्या आप कृषि या संबद्ध विषय के स्नातक हैं और पहले मुफ़्त 45-दिन का MANAGE प्रशिक्षण पूरा करने को तैयार हैं?
  4. 4.अगर आपको बस अभी विशेषज्ञ सलाह चाहिए, तो क्या आप नक़द लाभ की उम्मीद करने के बजाय किसान कॉल सेंटर पर कॉल कर रहे हैं या mKisan पर पंजीकरण कर रहे हैं?

4 में से 0 जवाब दिए

यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।

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केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एसएमएई क्या है, और क्या यह ऐसी योजना है जिसमें किसान नामांकन करता है?

एसएमएई कृषोन्नति योजना की एक उप-मिशन है जो राज्यों को मुख्यतः ज़िला-स्तरीय एटीएमए तंत्र के ज़रिए किसान विस्तार कार्यक्रम चलाने के लिए फंड देती है। यह कोई ऐसी चीज़ नहीं जिसमें व्यक्ति समग्र रूप से आवेदन करे — किसानों को प्रशिक्षण, प्रदर्शन व फार्म स्कूल जैसी विशिष्ट गतिविधियों के लाभार्थी के रूप में चुना जाता है।

क्या एटीएमए और एसएमएई एक ही चीज़ हैं?

एटीएमए एसएमएई का मुख्य केंद्र प्रायोजित घटक है। एसएमएई अलग से किसान कॉल सेंटर, कृषि-क्लिनिक व कृषि-व्यवसाय केंद्र, जनसंचार माध्यम/डिजिटल कृषि विस्तार, DAESI, विस्तार शिक्षा संस्थानों व MANAGE को भी केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं के रूप में फंड करती है।

केंद्र व राज्यों के बीच फंडिंग कैसे बँटती है?

अधिकांश राज्यों के लिए 60:40 (केंद्र:राज्य), पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों के लिए 90:10, और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए हर एटीएमए घटक पर 100% केंद्र-वित्तपोषित।

किसान मुफ़्त प्रशिक्षण कैसे पाता है या प्रदर्शन में कैसे शामिल होता है?

कोई ऑनलाइन फ़ॉर्म नहीं है। स्थानीय किसान मित्र व ब्लॉक टेक्नोलॉजी टीम पंचायत-दर-पंचायत बारी-बारी किसानों की पहचान व लामबंदी करती है, कम से कम 50% लघु/सीमांत किसानों व 30% महिलाओं के साथ। सीधे अपने ब्लॉक कृषि अधिकारी या ज़िला एटीएमए कार्यालय से पूछें।

किसान कॉल सेंटर का नंबर क्या है, और यह कब खुला रहता है?

1800-180-1551, टोल-फ्री, हफ़्ते के हर दिन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक, देशभर के 21 केंद्रों से 22 भारतीय भाषाओं में जवाब।

मैं कृषि स्नातक हूँ — क्या मुझे अपना कृषि-क्लिनिक शुरू करने के लिए ऋण मिल सकता है?

हाँ, कृषि-क्लिनिक व कृषि-व्यवसाय केंद्र घटक के ज़रिए। पहले मुफ़्त 45-दिन का MANAGE-समन्वित प्रशिक्षण पूरा करें, फिर बैंक ऋण (व्यक्तिगत रूप से ₹20 लाख तक, या 5-स्नातक समूह परियोजना के लिए ₹1 करोड़ तक) के लिए आवेदन करें, जिसमें 36-44% सरकारी सब्सिडी शामिल है।

2025 में जोड़ा गया पूर्व-ज्ञान-मान्यता (RPL) प्रशिक्षण क्या है?

एक 2-दिवसीय, गाँव-स्तरीय पुल कोर्स जो पहले एक संरचित प्रश्नावली से आँकता है कि किसान पहले से क्या जानता है, फिर विशेष ज्ञान-कमियाँ भरता है, अंत में "प्रगतिशील किसान" प्रमाणपत्र के साथ समाप्त होता है।

क्या एसएमएई आज भी "NMAET" के रूप में मौजूद है?

नहीं। NMAET एक अलग छतरी के रूप में वित्त वर्ष 2017-18 से कृषोन्नति योजना में समाहित हो गया, और कृषोन्नति योजना ख़ुद 3 अक्टूबर 2024 को कैबिनेट द्वारा PM-RKVY के साथ-साथ कृषि मंत्रालय की केवल दो योजना-छतरियों में से एक के रूप में फिर से पुष्ट हुई। एसएमएई अब सीधे कृषोन्नति योजना के तहत आती है।

एसएमएई/एटीएमए ने वाक़ई कितने किसानों तक पहुँच बनाई है?

अकेले 2016-17 से 2020-21 के बीच लगभग 2.1 करोड़ किसानों को एटीएमए से लाभ हुआ, जिनमें 53 लाख से ज़्यादा महिला किसान शामिल हैं, और 2021-22 से 2023-24 के बीच लगभग 40 लाख और किसान प्रशिक्षित हुए, अब तक की गिनती में 734 ज़िलों में।

क्या मैं बिना एटीएमए से गुज़रे भी खेती की सलाह पा सकता हूँ?

हाँ — किसी भी दिन किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर कॉल करें, या अपनी भाषा में मुफ़्त एसएमएस/वॉयस सलाह के लिए mKisan पोर्टल पर पंजीकरण करें; दोनों बिना किसी पूर्व चयन के हर किसान के लिए खुले हैं।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन 1800-180-1551 ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।