मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
भारत सरकारकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालयसक्रियअपडेट 19 अगस्त 2026

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन

National Mission on Natural Farming (NMNF)

इच्छुक ग्राम पंचायतों में किसान 50 हेक्टेयर के क्लस्टर बनाते हैं और प्राकृतिक (रासायनिक-मुक्त) खेती अपनाने पर 2 साल तक ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की सीधी प्रोत्साहन राशि, मुफ़्त बायो-इनपुट केंद्र, प्रशिक्षण और PGS-India प्रमाणन पाते हैं।

किसान प्रोत्साहन
₹4,000 / एकड़ / वर्ष, 2 वर्ष
योजना की स्थिति
सक्रिय
कैबिनेट मंज़ूरी
25 नवंबर 2024
आवेदन का तरीका
क्लस्टर / ग्राम पंचायत के ज़रिए
लक्ष्य
1 करोड़ किसान, 7.5 लाख हेक्टेयर
मंत्रालय
कृषि एवं किसान कल्याण
श्रेणी
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
प्रति किसान अधिकतम क्षेत्र
1 एकड़

परिचय

NMNF एक स्वतंत्र केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 नवंबर 2024 को ₹2,481 करोड़ के कुल परिव्यय (केंद्र का हिस्सा ₹1,584 करोड़, राज्यों का ₹897 करोड़) के साथ मंज़ूरी दी — यह 15वें वित्त आयोग चक्र (2025-26) तक चलेगी।

यह मिशन गाँव-दर-गाँव काम करता है: इच्छुक ग्राम पंचायतों में लगभग 50 हेक्टेयर की लगातार भूमि, जिस पर करीब 125 किसान खेती करते हैं, एक क्लस्टर बनती है। योजना है 15,000 ऐसे क्लस्टर, 1 करोड़ किसान और 7.5 लाख हेक्टेयर तक पहुँचने की। हर क्लस्टर में दो प्रशिक्षित कृषि सखी/सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (CRP) किसानों को प्रशिक्षित करने और शुरुआत में मदद के लिए जुड़े होते हैं।

प्राकृतिक खेती जैविक खेती जैसी नहीं है। इसका मतलब है सिर्फ़ खेत पर, पशुधन-आधारित, खुद तैयार किए गए इनपुट — जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत — से खेती करना, बाज़ार से खरीदा गया कोई भी रासायनिक या जैविक इनपुट बिल्कुल नहीं। साइट की दूसरी क्लस्टर-आधारित योजना PKVY (परम्परागत कृषि विकास योजना) व्यापक जैविक खेती है, जिसमें खरीदे गए जैविक इनपुट और उसका अपना PGS-India प्रमाणन रास्ता चलता रहता है। NMNF, PKVY के प्राकृतिक-खेती वाले हिस्से — भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति (BPKP, 2020-21 से 2022-23) — से निकलकर अब एक अलग, बड़े मिशन के रूप में सामने आया है।

1 एकड़ तक प्राकृतिक खेती करने वाले किसान को 2 साल तक ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की आउटपुट-आधारित प्रोत्साहन राशि मिलती है — यह राशि प्रशिक्षण, प्राकृतिक खेती के आधार देसी पशुओं के रखरखाव, इनपुट रखने के बर्तनों, या पास के बायो-इनपुट संसाधन केंद्र (BRC) से तैयार इनपुट खरीदने में काम आ सकती है। हर किसान को खुद हर इनपुट न बनाना पड़े, इसके लिए ज़रूरत के हिसाब से 10,000 BRC बनाने की योजना है।

योजना की मुख्य बातें

  • 15,000 क्लस्टर, 1 करोड़ किसान

    इच्छुक ग्राम पंचायतों में लगभग 50 हेक्टेयर के लगातार क्लस्टर, हर एक में करीब 125 किसान, कुल 7.5 लाख हेक्टेयर में।

  • ₹4,000/एकड़/वर्ष, 2 वर्ष

    हर किसान को सीधी आउटपुट-आधारित प्रोत्साहन राशि, 1 एकड़ तक सीमित — प्रशिक्षण, पशुधन रखरखाव, इनपुट भंडारण या BRC से खरीद के लिए।

  • 10,000 बायो-इनपुट संसाधन केंद्र

    ज़रूरत के हिसाब से बने स्थानीय केंद्र, जो जीवामृत, बीजामृत और अन्य खेत-आधारित इनपुट बेचते हैं, ताकि किसान को सब कुछ खुद न बनाना पड़े।

  • 30,000 कृषि सखी / CRP

    हर क्लस्टर में दो प्रशिक्षित सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, जो किसानों को जोड़ते, प्रशिक्षित करते और बदलाव में साथ देते हैं।

  • सरल PGS-India प्रमाणन

    प्राकृतिक-खेती उपज के लिए किसान-अनुकूल प्रमाणन रास्ता, NCONF द्वारा संचालित, साथ ही एक राष्ट्रीय ब्रांड बनाने की योजना।

  • जैविक खेती जैसी नहीं

    प्राकृतिक खेती में सिर्फ़ खेत-आधारित, पशुधन-आधारित इनपुट चलते हैं — कोई खरीदा इनपुट नहीं, चाहे रासायनिक हो या जैविक — PKVY के जैविक मॉडल से अलग।

आपको क्या मिलता है

  • सीधी किसान प्रोत्साहन राशि

    1 एकड़ तक, 2 साल तक ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष — यह आउटपुट-आधारित भुगतान है, कोई कर्ज़ नहीं।

  • पास में बायो-इनपुट

    लगभग हर क्लस्टर के लिए एक बायो-इनपुट संसाधन केंद्र, जो तैयार जीवामृत, बीजामृत जैसे इनपुट बेचता है।

  • मुफ़्त प्रशिक्षण और सहयोग

    कृषि सखी/CRP, मॉडल फार्म, और प्रशिक्षण संस्थान के तौर पर जुड़े कृषि विज्ञान केंद्र व कृषि विश्वविद्यालय — किसान के लिए बिना किसी शुल्क के।

  • प्रमाणन में मदद

    प्राकृतिक-खेती उपज के लिए सरल PGS-India प्रमाणन, NCONF द्वारा संचालित, ताकि किसान खरीदारों को अपनी उपज असल में रासायनिक-मुक्त दिखा सके।

कौन पात्र है

दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।

आप पात्र हैं अगर

  • ऐसा किसान जिसकी ग्राम पंचायत मिशन में स्वेच्छा से शामिल हुई हो और क्लस्टर बना हो
  • सिर्फ़ खेत-आधारित, पशुधन-आधारित प्राकृतिक-खेती इनपुट से खेती करने को तैयार — कोई खरीदा रासायनिक या जैविक इनपुट नहीं
  • ज़मीन क्लस्टर के लगभग 50 हेक्टेयर के लगातार क्षेत्र में हो, वित्तीय प्रोत्साहन के लिए 1 एकड़ तक पात्र
  • छोटे और सीमांत किसानों को खासतौर पर शामिल और प्राथमिकता दी जाती है, साथ ही अन्य सभी भूमिधारक किसान भी पात्र
  • प्रशिक्षण में शामिल होने, बुनियादी खेत रिकॉर्ड रखने, और क्लस्टर की कृषि सखी/CRP या BRC से इनपुट सहायता लेने को तैयार

ज़मीन होते हुए भी अपात्र

  • NMNF क्लस्टर से बाहर के किसान — यह मिशन इच्छुक ग्राम पंचायतों और क्लस्टरों के ज़रिए काम करता है, अलग-अलग व्यक्तिगत आवेदन से नहीं
  • ₹4,000/एकड़/वर्ष प्रोत्साहन के लिए प्रति किसान 1 एकड़ से ज़्यादा का क्षेत्र (बड़ी जोत पर उस अतिरिक्त क्षेत्र के बिना प्रोत्साहन के प्राकृतिक खेती की जा सकती है)
  • सिर्फ़ प्रमाणन चाहने वाले या पूरी तरह जैविक (खरीदे इनपुट वाले) रास्ते के इच्छुक किसान — वह PKVY/PGS-India का जैविक रास्ता है, NMNF का प्राकृतिक-खेती रास्ता नहीं
  • ऐसी ज़मीन जिसे उसी अवधि के लिए किसी अन्य केंद्रीय योजना से पहले से ही उसी क्षेत्र पर प्राकृतिक-खेती वित्तीय सहायता मिल रही हो

यह योजना कहाँ लागू है

पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।

  • आधार कार्ड

    पहचान सत्यापन और प्रोत्साहन राशि पाने वाले बैंक खाते को आधार से जोड़ने के लिए ज़रूरी।

  • बैंक खाते का विवरण

    ₹4,000/एकड़/वर्ष की प्रोत्साहन राशि DBT से पाने के लिए खाता संख्या और IFSC।

  • भूमि रिकॉर्ड

    क्लस्टर में शामिल किए जा रहे खेत का खसरा/भूमि दस्तावेज़ और उसका क्षेत्रफल।

  • किसान पंजीकरण / शपथ पत्र

    क्लस्टर में नामांकन के समय लिया गया, प्राकृतिक-खेती अपनाने का हस्ताक्षरित पत्र।

  • मोबाइल नंबर

    NMNF पोर्टल पर पंजीकरण और अपनी कृषि सखी/CRP से अपडेट पाने के लिए ज़रूरी।

आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।

  1. 1

    ग्राम पंचायत जुड़ती है

    आपकी ग्राम पंचायत स्वेच्छा से NMNF में शामिल होती है; राज्य कृषि विभाग उसमें लगभग 50 हेक्टेयर का लगातार क्लस्टर तय करता है।

  2. 2

    किसान क्लस्टर में नामांकन कराता है

    क्लस्टर क्षेत्र के इच्छुक किसान स्थानीय कृषि सखी/CRP के पास आधार, बैंक और भूमि विवरण देकर नामांकन कराते हैं।

  3. 3

    प्रशिक्षण और सहयोग

    कृषि सखी/CRP और पास के मॉडल फार्म किसानों को जीवामृत, बीजामृत जैसे इनपुट बनाना, या क्लस्टर के बायो-इनपुट संसाधन केंद्र से खरीदना सिखाते हैं।

  4. 4

    खेती और निगरानी

    किसान सिर्फ़ प्राकृतिक-खेती इनपुट से फसल उगाता है; प्रगति NMNF पोर्टल पर जियो-टैग निगरानी से ट्रैक होती है।

  5. 5

    प्रोत्साहन राशि मिलती है

    ₹4,000/एकड़/वर्ष की आउटपुट-आधारित प्रोत्साहन राशि DBT से आधार-जुड़े बैंक खाते में आती है, 1 एकड़ तक, 2 साल तक।

  6. 6

    प्रमाणन और बिक्री

    तैयार होने पर, उपज को NCONF द्वारा संचालित सरल PGS-India रास्ते से प्रमाणित कराया जा सकता है, और प्रस्तावित राष्ट्रीय प्राकृतिक-खेती ब्रांड के तहत बेचा जा सकता है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • कैबिनेट मंज़ूरी

    25 नवंबर 2024

    स्वतंत्र केंद्र प्रायोजित योजना

  • परिचालन दिशा-निर्देश जारी

    26 दिसंबर 2024

  • योजना अवधि

    15वें वित्त आयोग चक्र तक

    2025-26

  • प्रगति (रिपोर्ट के अनुसार)

    10 लाख से ज़्यादा किसान नामांकित

    जुलाई 2025 तक — 1,100+ मॉडल फार्म, 806 प्रशिक्षण संस्थान जुड़े

  • आवेदन की अंतिम तारीख़

    कोई नहीं — ग्राम पंचायतों के जुड़ने और राज्यों के रोलआउट के साथ क्लस्टर जुड़ते रहते हैं

  • तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए

    19 अगस्त 2026

    pib.gov.in, pmindia.gov.in, ddnews.gov.in और naturalfarming.dac.gov.in के आधार पर

अपनी पात्रता जाँचें

सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।

  1. 1.क्या आपके गाँव की ग्राम पंचायत किसी बने हुए NMNF क्लस्टर का हिस्सा है, या एक बनाने को इच्छुक है?
  2. 2.क्या आप सिर्फ़ खेत-आधारित, पशुधन-आधारित प्राकृतिक-खेती इनपुट से खेती करने को तैयार हैं — कोई खरीदा रासायनिक या जैविक इनपुट नहीं?
  3. 3.क्या जिस क्षेत्र पर आप प्रोत्साहन राशि चाहते हैं वह 1 एकड़ या उससे कम है?
  4. 4.क्या आपको इसी ज़मीन पर, इसी अवधि के लिए, किसी अन्य केंद्रीय योजना से पहले से प्राकृतिक-खेती वित्तीय सहायता मिल रही है?
  5. 5.क्या आपके पास आधार है, और उससे जुड़ा जा सकने वाला बैंक खाता है?
  6. 6.क्या आप अपने क्लस्टर की कृषि सखी/CRP से प्रशिक्षण लेने और बुनियादी खेत रिकॉर्ड रखने को तैयार हैं?

6 में से 0 जवाब दिए

यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।

डाउनलोड

केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) क्या है?

NMNF भारत सरकार की एक योजना है, जिसे कैबिनेट ने 25 नवंबर 2024 को मंज़ूरी दी — यह इच्छुक ग्राम पंचायतों के किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने में मदद करती है, यानी सिर्फ़ खेत पर पशुधन से बने इनपुट से खेती, बिना किसी खरीदे गए रासायनिक या जैविक इनपुट के। यह 50 हेक्टेयर के किसान-क्लस्टरों के ज़रिए काम करती है, जिसे प्रशिक्षण, बायो-इनपुट केंद्रों और 2 साल तक ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की प्रोत्साहन राशि का सहारा मिलता है।

NMNF किसान को कितना पैसा देती है?

प्रति किसान 1 एकड़ तक, 2 साल तक ₹4,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की आउटपुट-आधारित प्रोत्साहन राशि। इसका उपयोग प्रशिक्षण, प्राकृतिक खेती के आधार पशुओं के रखरखाव, इनपुट रखने के बर्तनों, या बायो-इनपुट संसाधन केंद्र से तैयार इनपुट खरीदने में हो सकता है।

क्या NMNF जैविक खेती या PKVY जैसी ही है?

नहीं। प्राकृतिक खेती (NMNF) का मतलब है सिर्फ़ खेत-आधारित, पशुधन-आधारित इनपुट जैसे जीवामृत और बीजामृत का उपयोग — कुछ भी खरीदा हुआ नहीं, जैविक खाद भी नहीं। PKVY (परम्परागत कृषि विकास योजना) के तहत जैविक खेती ज़्यादा व्यापक है: किसान समूह कंपोस्ट, वर्मीकंपोस्ट या अन्य जैविक इनपुट खरीद सकते हैं और PGS-India जैविक प्रमाणन ले सकते हैं। NMNF, PKVY के प्राकृतिक-खेती हिस्से — भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति (BPKP) — से निकलकर अब यह अलग, बड़ा मिशन बना है।

NMNF क्लस्टर कैसे बनता है?

जो ग्राम पंचायत स्वेच्छा से जुड़ती है, उसमें लगभग 50 हेक्टेयर की लगातार भूमि, जिस पर करीब 125 इच्छुक किसान खेती करते हैं, एक क्लस्टर बनाती है। मिशन का लक्ष्य 15,000 ऐसे क्लस्टर, 7.5 लाख हेक्टेयर और 1 करोड़ किसानों तक पहुँचना है।

बायो-इनपुट संसाधन केंद्र (BRC) क्या है?

एक स्थानीय केंद्र, जो लगभग हर क्लस्टर के लिए बनाया जाता है (देशभर में 10,000 की योजना), और जो तैयार प्राकृतिक-खेती इनपुट — जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत आदि — बेचता है, ताकि किसान को घर पर हर इनपुट खुद न बनाना पड़े।

NMNF में कृषि सखी या सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (CRP) कौन होता है?

एक प्रशिक्षित स्थानीय संसाधन व्यक्ति — मिशन में इनकी संख्या 30,000 रखी गई है, हर क्लस्टर में दो — जो किसानों को जोड़ता है, प्रशिक्षण और प्रदर्शन आयोजित करता है, और प्राकृतिक खेती अपनाने में साथ देता है।

NMNF के लिए आवेदन कैसे करें?

प्रोत्साहन राशि के लिए कोई अलग व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन नहीं है। NMNF पंचायत-दर-पंचायत काम करती है: पहले आपकी ग्राम पंचायत और उसका क्लस्टर राज्य कृषि विभाग के ज़रिए मिशन से जुड़ना चाहिए, फिर स्थानीय कृषि सखी/CRP क्लस्टर क्षेत्र के इच्छुक किसानों का नामांकन करती है।

क्या NMNF से जुड़ते ही मेरी ज़मीन जैविक प्रमाणित हो जाएगी?

अपने आप नहीं। NMNF प्राकृतिक-खेती उपज के लिए एक सरल, किसान-अनुकूल PGS-India प्रमाणन रास्ते का समर्थन करती है, जिसे राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (NCONF) संभालता है, और ऐसी उपज के लिए एक राष्ट्रीय ब्रांड बनाने की योजना है। प्रमाणन फिर भी PGS-India की प्रक्रिया और समय-सीमा के अनुसार ही होता है।

NMNF का कुल बजट कितना है?

मिशन अवधि में कुल ₹2,481 करोड़ — केंद्र सरकार से ₹1,584 करोड़ और राज्य सरकारों से ₹897 करोड़ — जो 15वें वित्त आयोग चक्र (2025-26) तक चलेगा।

NMNF, BPKP से कैसे अलग है?

भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति (BPKP) 2020-21 से 2022-23 तक PKVY के तहत चलने वाला प्राकृतिक-खेती वाला हिस्सा था। नवंबर 2024 में मंज़ूर हुई NMNF, प्राकृतिक खेती को अपनी अलग, बड़ी, स्वतंत्र केंद्र प्रायोजित योजना बना देती है — बड़े बजट, अपने क्लस्टर मॉडल, BRC और ₹4,000/एकड़/वर्ष की किसान प्रोत्साहन राशि के साथ — न कि PKVY के भीतर सिर्फ़ एक हिस्से के तौर पर।

क्या मुझे 1 एकड़ से ज़्यादा पर NMNF सहायता मिल सकती है?

आप ज़्यादा ज़मीन पर प्राकृतिक खेती कर सकते हैं, लेकिन ₹4,000-प्रति-एकड़-प्रति-वर्ष की वित्तीय प्रोत्साहन राशि प्रति किसान सिर्फ़ 1 एकड़ तक ही दी जाती है।

क्या NMNF पूरे भारत में उपलब्ध है?

NMNF पूरे भारत में लागू होने वाली, राज्यों द्वारा चलाई जाने वाली योजना है — लेकिन यह किसी ग्राम पंचायत तक तभी पहुँचती है जब वह पंचायत स्वेच्छा से जुड़े और वहाँ क्लस्टर बने, और राज्य उसे अपने रोलआउट में शामिल करे। अपने क्षेत्र में योजना पहुँची है या नहीं, इसके लिए राज्य कृषि विभाग या स्थानीय कृषि सखी से पता करें।

NMNF की हेल्पलाइन क्या है?

फिलहाल आधिकारिक पोर्टल पर कोई एक राष्ट्रीय टोल-फ्री NMNF हेल्पलाइन सूचीबद्ध नहीं है। किसी भी सवाल के लिए अपने राज्य कृषि विभाग, अपने क्लस्टर की कृषि सखी/CRP से संपर्क करें, या naturalfarming.dac.gov.in पर दिए गए संपर्क विकल्प इस्तेमाल करें।

अब तक NMNF कितने किसानों तक पहुँची है?

2025 के मध्य तक की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 10 लाख से ज़्यादा किसान नामांकित हो चुके थे, 1,100 से ज़्यादा मॉडल फार्म बन चुके थे, और 806 प्रशिक्षण संस्थान — जिनमें कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालय शामिल हैं — जुड़ चुके थे। जैसे-जैसे राज्य क्लस्टर शुरू करते हैं, नामांकन जारी है।

क्या NMNF में किसान को कुछ खर्च करना पड़ता है?

क्लस्टर में नामांकन, कृषि सखी/CRP से प्रशिक्षण, या NMNF के तहत सरल PGS-India प्रमाणन रास्ते के लिए किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन undefined ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।