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भारत सरकारकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालयसक्रियअपडेट 18 अगस्त 2026

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – तिलहन

National Mission on Edible Oils – Oilseeds (NMEO-Oilseeds)

7 साल का, ₹10,103 करोड़ का मिशन — सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी और तिल की देश में ही ज़्यादा पैदावार के लिए मुफ्त/सस्ता बीज, नए वैल्यू चेन क्लस्टर और MSP का साथ — यह सीधा नकद भुगतान नहीं है।

सहायता का प्रकार
वस्तु रूप में — बीज, क्लस्टर व वैल्यू-चेन सहायता
योजना की स्थिति
सक्रिय, 2024-25 से 2030-31
मंत्रिमंडल की मंज़ूरी
3 अक्टूबर 2024
कुल बजट
₹10,103 करोड़ (7 साल)
शामिल फ़सलें
सरसों-रेपसीड, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल
किसान कैसे जुड़ें
वैल्यू चेन क्लस्टर / FPO / ज़िला कृषि कार्यालय से
मंत्रालय
कृषि एवं किसान कल्याण
उत्पादन लक्ष्य
2030-31 तक 39 से 69.7 मिलियन टन

परिचय

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – तिलहन (NMEO-Oilseeds) एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 अक्टूबर 2024 को मंज़ूरी दी। इसकी कुल लागत ₹10,103 करोड़ है और यह 2024-25 से 2030-31 तक, यानी सात साल चलेगी। इसका मक़सद है — देश में ही ज़्यादा खाद्य तेल उगाना, ख़ासकर सरसों-रेपसीड, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी और तिल — ताकि बाहर से मंगाए जाने वाले तेल पर निर्भरता कम हो।

किसान के लिए NMEO-Oilseeds कोई नकद भुगतान नहीं है। यह 347 ज़िलों में बने 600 से ज़्यादा "वैल्यू चेन क्लस्टर" के ज़रिए काम करता है, हर क्लस्टर लगभग 1,000 हेक्टेयर का होता है। एक क्लस्टर के अंदर, "वैल्यू चेन पार्टनर" — आमतौर पर कोई किसान उत्पादक संगठन (FPO) या सहकारी समिति — ज़्यादा तेल वाली किस्मों का बीज (अक्सर मुफ्त या सस्ते मिनी-किट के रूप में), प्रशिक्षण, और जहाँ मंज़ूरी हो वहाँ मशीनरी सहायता देता है, और फसल को बाज़ार तक पहुँचाने में भी मदद करता है।

मिशन का लक्ष्य है — क़रीब 40 लाख हेक्टेयर नई ज़मीन तिलहन के नीचे लाना, ज़्यादातर उन खेतों में जहाँ धान या आलू के बाद खेत खाली रहता है (फ़ॉलो लैंड), और इसके साथ 65 नए सरकारी बीज हब और 50 बीज भंडारण इकाइयाँ बनाना, ताकि नई और बेहतर किस्मों का प्रमाणित बीज किसानों तक जल्दी पहुँचे।

किसी एक किसान के लिए अलग से कोई ऑनलाइन आवेदन फ़ॉर्म नहीं है। नामांकन आपके ज़िला कृषि कार्यालय, नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), या आपके ब्लॉक के क्लस्टर को चला रहे FPO/सहकारी समिति के ज़रिए होता है — वहीं जाकर पूछें कि क्या इस मौसम में आपका इलाक़ा मिशन के अंदर आया है।

योजना की मुख्य बातें

  • 600+ वैल्यू चेन क्लस्टर

    347 ज़िलों में 600 से ज़्यादा क्लस्टर, हर एक को एक वैल्यू चेन पार्टनर (FPO या सहकारी समिति) चलाता है, जो बीज, प्रशिक्षण और ख़रीदारों से जुड़ाव देता है।

  • मुफ़्त/सस्ते बीज मिनी-किट

    सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी और तिल की ज़्यादा तेल वाली किस्मों का बीज क्लस्टर के किसानों तक मिनी-किट के रूप में पहुँचता है, वो भी नोटिफ़ाइड किस्म के दस साल पुरानी होने से पहले।

  • 65 बीज हब, 50 भंडारण इकाइयाँ

    नए सरकारी बीज हब और भंडारण सुविधाएँ बन रही हैं, ताकि नई किस्मों का प्रमाणित बीज सिर्फ़ काग़ज़ पर नहीं, बल्कि किसान के नज़दीक असल में उपलब्ध हो।

  • 40 लाख हेक्टेयर नया रकबा

    मिशन का लक्ष्य है लगभग 40 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त ज़मीन तिलहन के नीचे लाना — ज़्यादातर धान/आलू के बाद ख़ाली रहने वाले खेतों में तीसरी फ़सल के रूप में, साथ ही ज़्यादा अंतर-फ़सल (इंटरक्रॉपिंग)।

  • PM-AASHA से MSP का सहारा

    सरसों-रेपसीड, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम और नाइजरसीड को पहले से MSP मिलती है; PM-AASHA की मूल्य समर्थन और मूल्य-कमी भुगतान योजनाएँ इस मिशन के साथ-साथ चलती रहती हैं।

  • नई बीज तकनीक

    मिशन में जीनोम एडिटिंग जैसी नई तकनीकों से ज़्यादा तेल वाली किस्में जल्दी लाने की योजना है, जिसे SATHI बीज पोर्टल की 5-साल की रोलिंग योजना से ट्रैक किया जाता है।

आपको क्या मिलता है

  • बेहतर किस्में सबसे पहले

    क्लस्टर के किसानों को नई, ज़्यादा तेल वाली किस्में मिनी-किट के ज़रिए मिलती हैं — अक्सर खुले बाज़ार में आसानी से मिलने से पहले।

  • मुफ़्त या साझा लागत, क़र्ज़ नहीं

    बीज मिनी-किट और क्लस्टर सहायता मुफ़्त होती है या केंद्र-राज्य के बीच लागत साझा होती है; मिशन के तहत मिली किसी भी चीज़ को वापस नहीं चुकाना पड़ता।

  • सहायता आपके FPO के ज़रिए

    हर क्लस्टर को एक वैल्यू चेन पार्टनर (FPO/सहकारी समिति) चलाता है, इसलिए छोटे किसानों को बीज, प्रशिक्षण और बाज़ार जुड़ाव एक साथ मिलता है, अलग-अलग भागदौड़ नहीं करनी पड़ती।

  • MSP एक न्यूनतम क़ीमत की तरह

    मिशन की फ़सल उगाने से आपका MSP का हक़ ख़त्म नहीं होता — अगर बाज़ार भाव MSP से नीचे गिरे, तो PM-AASHA की मूल्य समर्थन या मूल्य-कमी भुगतान योजनाएँ अब भी लागू होती हैं।

कौन पात्र है

दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।

आप पात्र हैं अगर

  • सरसों-रेपसीड, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी या तिल (मिशन की पाँच मुख्य फ़सलें) उगाते हों
  • खेत उस सीज़न के लिए राज्य द्वारा अधिसूचित वैल्यू चेन क्लस्टर के अंदर हो
  • क्लस्टर के वैल्यू चेन पार्टनर — आमतौर पर स्थानीय FPO या सहकारी समिति — के साथ काम करने को तैयार हों
  • व्यक्तिगत किसान हों, किसी संस्थागत या कंपनी की ज़मीन के मालिक न हों
  • ज़मीन के काग़ज़ात दिखा सकें ताकि खेत को क्लस्टर में मैप किया जा सके

ज़मीन होते हुए भी अपात्र

  • ऐसे खेत जो उस सीज़न के किसी अधिसूचित वैल्यू चेन क्लस्टर में शामिल नहीं हैं
  • संस्थागत, ट्रस्ट या कंपनी की ज़मीन — किसान-केंद्रित घटक व्यक्तिगत किसानों के लिए हैं
  • पाँच मुख्य तिलहन और मिशन के द्वितीयक स्रोतों (कपास-बीज, चावल की भूसी, वृक्ष-तिलहन) के अलावा अन्य फ़सलें — वे NFSNM या अपने अलग मिशन के अंतर्गत आती हैं
  • ऐसे ज़िले या ब्लॉक जिन्हें राज्य ने अभी मिशन में शामिल नहीं किया — यह कवरेज क्लस्टर-दर-क्लस्टर बढ़ती है, पहले दिन से पूरे राज्य में नहीं

यह योजना कहाँ लागू है

पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।

  • ज़मीन का काग़ज़ात (खसरा/खतौनी)

    यह दिखाता है कि क्लस्टर के लिए कौन-सा खेत प्रस्तावित है, ताकि कृषि विभाग उसकी पुष्टि और मैपिंग कर सके।

  • आधार

    लाभार्थी सूची और क्लस्टर सहायता के किसी भी डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र (DBT) हिस्से के लिए इस्तेमाल होता है।

  • बैंक खाता

    जहाँ भी क्लस्टर सहायता का कोई हिस्सा DBT से दिया जाता है, वहाँ ज़रूरी है, न कि सिर्फ़ सामान के रूप में।

  • FPO/सहकारी सदस्यता (या जुड़ने की इच्छा)

    वैल्यू चेन क्लस्टर एक वैल्यू चेन पार्टनर — आमतौर पर स्थानीय FPO या सहकारी समिति — के ज़रिए चलते हैं, अकेले आवेदक के रूप में नहीं।

  • जहाँ माँगा जाए, वहाँ मृदा स्वास्थ्य कार्ड

    कुछ क्लस्टर प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड माँगा जाता है, जो आपके कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि कार्यालय से मुफ़्त मिलता है।

आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।

  1. 1

    राज्य वैल्यू चेन क्लस्टर तय करता है

    हर राज्य का कृषि विभाग ज़िले और ब्लॉक चुनता है — अक्सर धान/आलू के बाद ख़ाली रहने वाले इलाक़े — और मिशन की फ़सल के लिए लगभग 1,000 हेक्टेयर का वैल्यू चेन क्लस्टर अधिसूचित करता है।

  2. 2

    वैल्यू चेन पार्टनर तय होता है

    एक FPO, सहकारी समिति या इसी तरह की संस्था को क्लस्टर का वैल्यू चेन पार्टनर बनाया जाता है, जो बीज बँटवारे, प्रशिक्षण और बाज़ार जुड़ाव की ज़िम्मेदारी लेता है।

  3. 3

    किसान क्लस्टर के ज़रिए जुड़ते हैं

    अपने ज़िला कृषि कार्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र या स्थानीय FPO से पूछें कि क्या आपका गाँव किसी अधिसूचित क्लस्टर में आता है, और उन्हीं के ज़रिए नामांकन करें — अलग से कोई व्यक्तिगत ऑनलाइन फ़ॉर्म नहीं है।

  4. 4

    बुवाई से पहले बीज और सामान मिलता है

    ज़्यादा तेल वाली किस्मों का बीज (अक्सर मुफ़्त या सस्ते मिनी-किट के रूप में) और जहाँ मंज़ूरी हो वहाँ अन्य सामान, बुवाई के मौसम से पहले, एक ओरिएंटेशन सत्र के साथ बाँटा जाता है।

  5. 5

    फ़सल MSP के सहारे बिकती है

    क्लस्टर फ़सल को ख़रीदारों से जोड़ने में मदद करता है; अगर आपकी फ़सल का बाज़ार भाव MSP से नीचे गिरे, तो PM-AASHA की मूल्य समर्थन या मूल्य-कमी भुगतान योजना अब भी लागू होती है।

  6. 6

    प्रगति केंद्रीय स्तर पर ट्रैक होती है

    राज्य क्लस्टर-वार भौतिक प्रगति और ख़र्च की रिपोर्ट कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को भेजते हैं, जो मिशन की केंद्रीय निगरानी करता है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • मंत्रिमंडल की मंज़ूरी

    3 अक्टूबर 2024

    प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल

  • मिशन की अवधि

    2024-25 से 2030-31

    7 साल की केंद्र प्रायोजित योजना

  • परिचालन दिशा-निर्देश जारी

    दिसंबर 2024

    कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश अधिसूचित

  • तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए

    18 अगस्त 2026

    pib.gov.in, pmindia.gov.in और agriwelfare.gov.in के आधार पर

अपनी पात्रता जाँचें

सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।

  1. 1.क्या आप सरसों-रेपसीड, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी या तिल उगाते हैं?
  2. 2.क्या आपका गाँव या ब्लॉक इस सीज़न में वैल्यू चेन क्लस्टर के रूप में अधिसूचित है (या उसके अंदर आता है)?
  3. 3.क्या आप क्लस्टर के वैल्यू चेन पार्टनर (FPO या सहकारी समिति) के सदस्य हैं, या उनके साथ काम करने को तैयार हैं?
  4. 4.क्या आप एक व्यक्तिगत किसान हैं, न कि किसी ट्रस्ट, कंपनी या अन्य संस्थागत ज़मीन-मालिक?
  5. 5.क्या आप उस खेत के लिए ज़मीन का काग़ज़ात (खसरा/खतौनी) दिखा सकते हैं जिसे कवर करवाना चाहते हैं?
  6. 6.क्या आपके पास किसी भी DBT घटक के लिए आधार और बैंक खाता है?

6 में से 0 जवाब दिए

यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।

डाउनलोड

केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

NMEO-Oilseeds क्या है?

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – तिलहन (NMEO-Oilseeds) एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 अक्टूबर 2024 को मंज़ूरी दी, ₹10,103 करोड़ के बजट के साथ, 2024-25 से 2030-31 तक — इसका मक़सद है सरसों-रेपसीड, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी और तिल की देश में ही ज़्यादा पैदावार करना और बाहर से मंगाए जाने वाले खाद्य तेल पर निर्भरता घटाना।

क्या NMEO-Oilseeds किसानों को नक़द भुगतान है?

नहीं। यह वस्तु रूप में मिलने वाला मिशन है — बीज, प्रशिक्षण और क्लस्टर-स्तर की सहायता, वैल्यू चेन क्लस्टर के ज़रिए — न कि PM-KISAN जैसा तय सालाना नक़द भुगतान।

NMEO-Oilseeds में कौन-सी फ़सलें शामिल हैं?

पाँच मुख्य तिलहन फ़सलें: सरसों-रेपसीड, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी और तिल। मिशन कपास-बीज, चावल की भूसी और वृक्ष-तिलहन जैसे द्वितीयक स्रोतों से तेल निकालने की क्षमता बढ़ाने पर भी काम करता है।

NMEO-Oilseeds, NFSM से कैसे अलग है?

NFSM (अब NFSNM) चावल, गेहूँ, दलहन, मोटे अनाज, पोषक-अनाज और कपास-गन्ना जैसी वाणिज्यिक फ़सलों को कवर करता है। पहले तिलहन का एक घटक पुराने खाद्य सुरक्षा/तिलहन ढाँचे के अंदर था; अक्टूबर 2024 से तिलहन को अलग और विशेष रूप से NMEO-Oilseeds कवर करता है, साथ ही पाम तेल के लिए NMEO-Oil Palm अलग से है।

किसान NMEO-Oilseeds से कैसे जुड़ें — क्या कोई ऑनलाइन आवेदन है?

व्यक्तिगत किसान के लिए अलग से कोई एक ऑनलाइन आवेदन फ़ॉर्म नहीं है। यह मिशन 600 से ज़्यादा वैल्यू चेन क्लस्टर के ज़रिए काम करता है, जिन्हें एक वैल्यू चेन पार्टनर — आमतौर पर स्थानीय FPO या सहकारी समिति — चलाता है। अपने ज़िला कृषि कार्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र या स्थानीय FPO से पूछें कि क्या आपका इलाक़ा किसी अधिसूचित क्लस्टर में आता है।

मिशन के तहत किसान को असल में क्या मिलता है?

अधिसूचित क्लस्टर के अंदर: ज़्यादा तेल वाली किस्मों का बीज, अक्सर मुफ़्त या सस्ते मिनी-किट के रूप में; प्रशिक्षण; और फ़सल को ख़रीदारों से जोड़ने में मदद — यह सब क्लस्टर के वैल्यू चेन पार्टनर के ज़रिए तय होता है। ठीक-ठीक मात्रा और लागत-साझेदारी मिशन के परिचालन दिशा-निर्देशों में दी गई है।

क्या NMEO-Oilseeds से तिलहन की MSP पर कोई असर पड़ता है?

नहीं, यह MSP के साथ-साथ चलता है। सरसों-रेपसीड, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम और नाइजरसीड को पहले से न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलता है, और अगर बाज़ार भाव MSP से नीचे गिरे तो PM-AASHA की मूल्य समर्थन या मूल्य-कमी भुगतान योजनाएँ अब भी किसानों का साथ देती हैं।

मिशन का उत्पादन लक्ष्य क्या है?

2022-23 के लगभग 39 मिलियन टन से बढ़ाकर 2030-31 तक मुख्य तिलहन उत्पादन 69.7 मिलियन टन करना। ऑयल पाम मिशन (NMEO-OP) के साथ मिलाकर, 2030-31 तक 25.45 मिलियन टन घरेलू खाद्य तेल का लक्ष्य है — जो अनुमानित माँग का क़रीब 72% पूरा करेगा।

मिशन कितने ज़िलों और कितनी नई ज़मीन को लक्ष्य बनाता है?

347 ज़िलों में 600 से ज़्यादा वैल्यू चेन क्लस्टर, साथ ही लगभग 40 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त ज़मीन तिलहन के नीचे लाने का लक्ष्य — ज़्यादातर धान/आलू के बाद ख़ाली रहने वाले खेतों में तीसरी फ़सल के रूप में, और ज़्यादा अंतर-फ़सल के साथ।

65 बीज हब और 50 बीज भंडारण इकाइयाँ किसलिए हैं?

ये मिशन द्वारा बनाई जा रही नई सरकारी सुविधाएँ हैं, ताकि नई और ज़्यादा तेल वाली किस्मों का प्रमाणित बीज किसानों तक जल्दी पहुँचे, न कि बेहतर किस्में आने के सालों बाद भी पुरानी किस्में ही चलती रहें।

इस मिशन के साथ जुड़ा SATHI पोर्टल क्या है?

SATHI (सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसेबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंट्री) बीज-क्षेत्र का पोर्टल है, जिसे मिशन 5-साल की रोलिंग बीज योजना के लिए इस्तेमाल करता है, ताकि राज्य और बीज एजेंसियाँ पहले से यह योजना बना सकें कि किसी क्लस्टर को कितना प्रमाणित बीज चाहिए होगा।

NMEO-Oilseeds को ज़मीनी स्तर पर कौन लागू करता है?

राज्य कृषि विभाग, राज्य बीज निगम, कृषि विश्वविद्यालय, KVK, ICAR संस्थान और वैल्यू चेन पार्टनर (FPO/सहकारी समितियाँ) ज़मीनी स्तर पर मिशन चलाते हैं; कृषि एवं किसान कल्याण विभाग इसकी केंद्रीय निगरानी करता है।

क्या NMEO-Oilseeds और NMEO-Oil Palm (NMEO-OP) एक ही हैं?

नहीं, ये दोनों साथ में मंज़ूर हुए दो जुड़े हुए मिशन हैं। NMEO-Oilseeds मौसमी तिलहन फ़सलों — सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल — को कवर करता है। NMEO-OP ऑयल पाम बागान को कवर करता है, जो एक अलग बहुवर्षीय फ़सल है और जिसके अपने अलग दिशा-निर्देश व रकबा-विस्तार लक्ष्य हैं।

आधिकारिक दिशा-निर्देश कहाँ पढ़ सकते हैं?

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने NMEO-Oilseeds परिचालन दिशा-निर्देश agriwelfare.gov.in पर PDF के रूप में प्रकाशित किए हैं — इस पेज पर डाउनलोड लिंक देखें।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन 1800-180-1551 ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।