राष्ट्रीय पशुधन मिशन
National Livestock Mission (NLM)
50% बैक-एंडेड पूंजीगत सब्सिडी — ग्रामीण मुर्गी पालन के लिए ₹25 लाख तक, भेड़/बकरी या चारा-फ़ीड के लिए ₹50 लाख तक, और सुअर पालन के लिए ₹30 लाख तक — पशुधन उद्यमिता यूनिट स्थापित करने के लिए।
- राशि
- ₹2,300 करोड़, वित्त वर्ष 2021-22 से संशोधित
- चालू है
- 2014-15 से, दिशानिर्देश जनवरी 2025 में संशोधित
- योजना स्थिति
- सक्रिय
- उद्यमिता सब्सिडी
- 50% पूंजीगत सब्सिडी, दो किस्तों में बैक-एंडेड
- मुर्गी यूनिट सीमा
- ₹25 लाख तक
- भेड़/बकरी यूनिट सीमा
- ₹50 लाख तक
- सुअर पालन यूनिट सीमा
- ₹30 लाख तक
- आवेदन माध्यम
- nlm.udyamimitra.in पोर्टल
परिचय
राष्ट्रीय पशुधन मिशन पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा 2014-15 से लागू है, और वित्त वर्ष 2021-22 से ₹2,300 करोड़ की राशि के साथ संशोधित व पुनर्गठित किया गया। यह भेड़/बकरी, मुर्गी, सुअर, ऊँट, गधा, ख़च्चर व घोड़ा तथा चारा क्षेत्र में रोज़गार सृजन व उद्यमिता को लक्षित करता है, साथ ही नस्ल सुधार और पशुधन बीमा सहित जोखिम-प्रबंधन उपायों को भी।
यह योजना कई उप-मिशनों से चलती है: ग्रामीण मुर्गी, लघु जुगाली करने वाले पशु (भेड़/बकरी) व सुअर पालन के लिए उद्यमिता विकास; भेड़/बकरी, अश्व व सुअर नस्लों में आनुवंशिक सुधार; चारा व फ़ीड विकास; अनुसंधान, विस्तार व नवाचार; और पशुधन बीमा। हर उद्यमिता घटक एक बार की, बैक-एंडेड पूंजीगत सब्सिडी देता है — आधी परियोजना शुरू होने पर, आधी सत्यापित पूर्णता पर — न कि बार-बार का भुगतान।
आवेदन विभाग के अपने पोर्टल, www.nlm.udyamimitra.in, से होते हैं, और परियोजना प्रबंधन एजेंसी व राज्य पशुपालन विभाग आवेदक की सहायता करते हैं। आवेदक के पास या तो प्रासंगिक प्रशिक्षण/अनुभव, मूल्यांकन सहित बैंक-स्वीकृत ऋण, या परियोजना के लिए पहले से व्यवस्थित ज़मीन होनी चाहिए (एफपीओ/एफसीओ/एसएचजी/जेएलजी के लिए अलग मानदंड लागू), और पूर्णता के बाद कम से कम तीन साल तक यूनिट चलाने में सक्षम होना चाहिए।
योजना की मुख्य बातें
50% पूंजीगत सब्सिडी
मुर्गी, भेड़/बकरी, सुअर पालन व चारा-फ़ीड यूनिट में बैंक-ऋण आधारित या स्व-वित्तपोषित परियोजनाओं पर एक बार की, बैक-एंडेड पूंजीगत सब्सिडी।
ग्रामीण मुर्गी उद्यमिता
नस्ल विकास व ग्रामीण मुर्गी यूनिट के लिए ₹25 लाख तक सब्सिडी, कम-इनपुट, घरेलू-अनुकूल पक्षियों पर केंद्रित।
भेड़-बकरी व सुअर पालन यूनिट
भेड़/बकरी यूनिट के लिए ₹50 लाख तक और सुअर पालन यूनिट के लिए ₹30 लाख तक, दो बराबर किस्तों में।
पशुधन बीमा
एक समर्पित उप-मिशन उद्यमिता घटकों के साथ-साथ पशुधन बीमा के ज़रिए जोखिम-प्रबंधन को बढ़ावा देता है।
चारा व फ़ीड विकास
चारा बीज उत्पादन, साइलेज-निर्माण इकाई व चारा-ब्लॉक-निर्माण इकाई का समर्थन — फ़ीड/चारा उद्यमिता यूनिट पर ₹50 लाख तक सब्सिडी।
आपको क्या मिलता है
बैक-एंडेड पूंजीगत सब्सिडी
लाभार्थी द्वारा अपने हिस्से से 25% ख़र्च करने पर पहली किस्त (50% में से) जारी; बाक़ी सत्यापित परियोजना पूर्णता पर।
किसे लाभ
व्यक्तिगत, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), किसान सहकारी संस्थाएँ (एफसीओ), संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) और धारा 8 कंपनियाँ।
कई उद्यमिता मार्ग
ग्रामीण मुर्गी, लघु जुगाली करने वाले पशु (भेड़/बकरी), सुअर पालन, और फ़ीड/चारा — हर एक की अपनी सब्सिडी सीमा व पात्र-वस्तु सूची।
बीमा व नस्ल-सुधार सहायता
भेड़/बकरी व सुअर नस्लों के आनुवंशिक-सुधार कार्यक्रमों, और एक समर्पित पशुधन-बीमा उप-मिशन के साथ चलता है।
कौन पात्र है
दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।
आप पात्र हैं अगर
- व्यक्तिगत, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), एफपीओ, किसान सहकारी संस्था (एफसीओ), संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) या धारा 8 कंपनी
- समान परियोजना प्रबंधन का प्रासंगिक प्रशिक्षण, प्रशिक्षित विशेषज्ञ, या पर्याप्त अनुभव हो — या उतने अनुभव वाले तकनीकी विशेषज्ञ उपलब्ध हों
- परियोजना मूल्यांकन सहित बैंक-स्वीकृत ऋण हो, या ज़रूरी मार्जिन मनी के साथ स्व-वित्तपोषण संभव हो
- परियोजना ज़मीन का स्वामित्व या पट्टा हो (एफपीओ/एफसीओ/एसएचजी/जेएलजी के लिए अलग प्रक्रिया लागू)
- पूर्णता के बाद कम से कम तीन साल तक परियोजना चला सके
- परियोजना लागत का कम से कम 10% मार्जिन मनी के रूप में दे सके, और केवाईसी दस्तावेज़ पूरे हों
ज़मीन होते हुए भी अपात्र
- कोई ज़मीन व्यवस्था नहीं, और अलग ज़मीन प्रक्रिया के योग्य एफपीओ/एफसीओ/एसएचजी/जेएलजी भी नहीं
- प्रासंगिक प्रशिक्षण, अनुभव, या बैंक-मूल्यांकित ऋण स्वीकृति नहीं दिखा सकते
- पूर्णता के बाद कम से कम तीन साल तक परियोजना चलाने की प्रतिबद्धता नहीं दे सकते
- परियोजना सूचीबद्ध उद्यमिता श्रेणियों (ग्रामीण मुर्गी, भेड़/बकरी, सुअर पालन, अश्व, फ़ीड/चारा) से बाहर हो
यह योजना कहाँ लागू है
पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।
परियोजना प्रस्ताव / डीपीआर
यूनिट आकार, लागत, और जिस घटक के तहत आवेदन किया जा रहा है उसकी पात्र-वस्तु सूची सहित।
केवाईसी दस्तावेज़
आवेदक की, या समूह इकाई के लिए उसके अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता की, पहचान व पते का प्रमाण।
ज़मीन स्वामित्व या पट्टा प्रमाण
परियोजना स्थल के लिए — एफपीओ, एफसीओ, एसएचजी व जेएलजी के लिए अलग प्रक्रिया लागू।
बैंक खाता व ऋण स्वीकृति (यदि वित्तपोषित)
सब्सिडी क्रेडिट के लिए बैंक खाता, और यदि परियोजना बैंक-वित्तपोषित है तो मूल्यांकन सहित ऋण स्वीकृति पत्र।
बैंक गारंटी
तीन साल के लिए वैध, मांगी गई सब्सिडी राशि को कवर करते हुए, योजना की मानक संचालन प्रक्रिया अनुसार आवश्यक।
आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम
चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।
- 1
अपना उद्यमिता घटक चुनें
अपनी यूनिट से मेल खाता उप-मिशन चुनें — ग्रामीण मुर्गी, भेड़/बकरी, सुअर पालन, या फ़ीड/चारा — हर एक की अपनी सब्सिडी सीमा व पात्र-वस्तु सूची है।
- 2
प्रस्ताव तैयार करें व ज़मीन/वित्त व्यवस्थित करें
परियोजना प्रस्ताव बनाएँ, परियोजना ज़मीन व्यवस्थित करें, और या तो मूल्यांकन सहित बैंक ऋण लें या स्व-वित्तपोषण के लिए मार्जिन मनी व्यवस्थित करें।
- 3
एनएलएम उद्यमी मित्र पोर्टल से आवेदन करें
www.nlm.udyamimitra.in से प्रस्ताव जमा करें — राज्य क्रियान्वयन एजेंसी व परियोजना प्रबंधन एजेंसी आवेदन में सहायता करती हैं।
- 4
स्वीकृति
प्रस्ताव की जाँच व स्वीकृति राज्य क्रियान्वयन एजेंसी विभाग के समन्वय से करती है; मांगी गई सब्सिडी राशि को कवर करती बैंक गारंटी दी जाती है।
- 5
सब्सिडी की पहली किस्त
लाभार्थी द्वारा अपने हिस्से से परियोजना लागत का कम से कम 25% ख़र्च करने पर, राज्य क्रियान्वयन एजेंसी की पुष्टि के बाद जारी।
- 6
पूर्णता व अंतिम किस्त
परियोजना पूरी व सत्यापित होने पर बाक़ी सब्सिडी जारी होती है — इसके बाद यूनिट कम से कम तीन साल तक चलानी होती है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
चालू है
2014-15 से
संशोधित व पुनर्गठित
वित्त वर्ष 2021-22
राशि ₹2,300 करोड़
नवीनतम परिचालन दिशानिर्देश
जनवरी 2025
तथ्य अंतिम जाँच
2026-08-03
जनवरी 2025 की एनएलएम व्यापक परिचालन दिशानिर्देश, dahd.gov.in के अनुसार
अपनी पात्रता जाँचें
सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।
6 में से 0 जवाब दिए
यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।
डाउनलोड
केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।
आधिकारिक लिंक और हेल्पलाइन
पोर्टल को ही बुकमार्क करें — कोई भी तीसरी वेबसाइट भुगतान न जारी कर सकती है, न रोक सकती है, न तेज़ कर सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राष्ट्रीय पशुधन मिशन क्या है?
भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना, जो 2014-15 से चालू है और वित्त वर्ष 2021-22 से ₹2,300 करोड़ की राशि के साथ संशोधित हुई, जो मुर्गी, भेड़, बकरी, सुअर, ऊँट, गधे, ख़च्चर व घोड़े में उद्यमिता विकास, नस्ल सुधार, चारा विकास व पशुधन बीमा का समर्थन करती है।
एनएलएम मुर्गी यूनिट के लिए कितनी सब्सिडी देती है?
₹25 लाख तक — ग्रामीण मुर्गी नस्ल-विकास उद्यमिता यूनिट के लिए कुल परियोजना लागत पर एक बार की 50% पूंजीगत सब्सिडी, दो बराबर किस्तों में जारी।
एनएलएम भेड़ या बकरी यूनिट के लिए कितनी सब्सिडी देती है?
₹50 लाख तक — भेड़ व बकरी उद्यमिता-विकास यूनिट के लिए कुल परियोजना लागत का 50% पूंजीगत सब्सिडी के रूप में, दो बराबर किस्तों में जारी।
एनएलएम सुअर पालन यूनिट के लिए कितनी सब्सिडी देती है?
₹30 लाख तक — केंद्र सरकार सुअर पालन उद्यमिता यूनिट के लिए परियोजना लागत पर उस सीमा के अधीन 50% पूंजीगत सब्सिडी देती है।
क्या एनएलएम चारा व फ़ीड यूनिट भी कवर करती है?
हाँ — चारा व फ़ीड विकास उप-मिशन चारा बीज उत्पादन, साइलेज-निर्माण इकाई व चारा-ब्लॉक-निर्माण इकाई का समर्थन करता है, पात्र फ़ीड/चारा उद्यमिता यूनिट पर ₹50 लाख तक सब्सिडी के साथ, साथ ही चारा बीज (ब्रीडर, फ़ाउंडेशन व प्रमाणित बीज) उत्पादन के लिए अलग सहायता भी।
एनएलएम सब्सिडी कैसे जारी होती है?
दो बराबर किस्तों में बैक-एंडेड पूंजीगत सब्सिडी के रूप में — पहली किस्त लाभार्थी द्वारा अपने हिस्से से परियोजना लागत का कम से कम 25% ख़र्च करने पर (राज्य क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा सत्यापित), और दूसरी परियोजना की सत्यापित पूर्णता पर। यह पहले से नहीं दी जाती।
एनएलएम उद्यमिता सहायता के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
व्यक्तिगत, स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन, किसान सहकारी संस्थाएँ, संयुक्त देयता समूह और धारा 8 कंपनियाँ, बशर्ते उनके पास प्रासंगिक अनुभव या तकनीकी सहायता, परियोजना ज़मीन, और या तो बैंक-स्वीकृत ऋण या स्व-वित्तपोषण के लिए मार्जिन मनी हो।
एनएलएम के लिए आवेदन कैसे करें?
विभाग के अपने पोर्टल, www.nlm.udyamimitra.in, से — राज्य क्रियान्वयन एजेंसी व विभाग की परियोजना प्रबंधन एजेंसी आवेदकों को प्रस्ताव तैयार करने व जमा करने में सहायता करती हैं।
क्या एनएलएम में पशुधन बीमा शामिल है?
हाँ — पशुधन बीमा एनएलएम के समर्पित उप-मिशनों में से एक है, जो उद्यमिता व नस्ल-सुधार घटकों के साथ-साथ किसानों के लिए जोखिम-प्रबंधन उपायों को बढ़ावा देता है, न कि अलग स्वतंत्र योजना के रूप में चलाया जाता है।
सब्सिडी जारी होने के बाद यूनिट कितने समय तक चलानी होगी?
परियोजना पूर्णता के बाद कम से कम तीन साल — यह प्रस्ताव स्वीकृत होने से पहले जाँची जाने वाली मुख्य पात्रता शर्तों में से एक है, और यूनिट जल्दी बंद होने पर वसूली प्रक्रिया लागू होती है।
अब भी कोई सवाल है?
आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन undefined ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।
