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भारत सरकारकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (कृषि एवं किसान कल्याण विभाग)सक्रियअपडेट 30 अगस्त 2026

वर्षा-आधारित क्षेत्र विकास

Rainfed Area Development (RAD)

PM-RKVY का वह घटक जो वर्षा-आधारित ज़मीन वाले किसानों को एक फ़सल और मानसून पर निर्भर रहने की बजाय फ़सल-पेड़-पशुपालन को मिलाकर मिश्रित खेती प्रणाली बनाने के लिए भुगतान करता है — कम से कम 20 हेक्टेयर के राज्य-चयनित क्लस्टर में हर परिवार को एक समान ₹30,000।

प्रति परिवार सहायता
₹30,000 (एक समान, किसी भी जोत पर)
क्लस्टर आकार
न्यूनतम 20 हेक्टेयर
क्षमता-निर्माण सहायता
₹10,000 प्रति क्लस्टर
किसका घटक
PM-RKVY (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना)
चयन मॉडल
राज्य-चयनित क्लस्टर, व्यक्तिगत आवेदन नहीं
मिलेट्स अनिवार्यता
क्लस्टर क्षेत्र का कम से कम 25%
नॉलेज पार्टनर
राष्ट्रीय वर्षा-आधारित क्षेत्र प्राधिकरण (NRAA)
फंडिंग पैटर्न
60:40 केंद्र:राज्य (पूर्वोत्तर/पहाड़ी में 90:10, केंद्रशासित में 100%)

त्वरित सारांश

इस पेज की मुख्य बातें लगभग दो मिनट में — पढ़ें या सुनें।

त्वरित सारांश

वर्षा-आधारित क्षेत्र विकास (RAD) उन किसानों के लिए बना PM-RKVY का घटक है जिनकी खेती पूरी तरह बारिश पर टिकी है, जहाँ नहर, ट्यूबवेल या सूक्ष्म सिंचाई जैसी पक्की सिंचाई नहीं है। यह किसी एक फ़सल-इनपुट पर सब्सिडी देने की बजाय, राज्य द्वारा चुने गए कम से कम 20 हेक्टेयर के क्लस्टर को सिर्फ़ फ़सल उगाने से आगे बढ़ाकर एक मिश्रित खेती प्रणाली में बदलने के लिए भुगतान करती है — फ़सल के साथ पेड़ (बागवानी या कृषि-वानिकी) और पशुपालन, और इनके अलावा मत्स्य पालन, मौन-पालन, साइलेज बनाने या वर्मीकम्पोस्ट में से कम से कम दो और गतिविधियाँ। सोच यह है कि जोखिम बँट जाए: अगर किसी साल मानसून धोखा दे और फ़सल मारी जाए, तो पशु, बाग़ या मछली तालाब से होने वाली आमदनी घर चलाए रखे। हर पात्र किसान परिवार को एक समान ₹30,000 मिलते हैं, चाहे उसकी ज़मीन आधा हेक्टेयर हो या पाँच, और क्लस्टर को प्रशिक्षण व फ़ील्ड सहायता के लिए अलग से ₹10,000 मिलते हैं। इसके लिए कोई व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन नहीं है — किसी गाँव में RAD तभी पहुँचती है जब राज्य कृषि विभाग उसे उस साल की RKVY वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करे, और प्राथमिकता उन ब्लॉकों को मिलती है जो ज़्यादातर वर्षा-आधारित हैं, किसी पुरानी वाटरशेड परियोजना के अंदर आते हैं, या पहले से प्राकृतिक खेती अथवा नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक में शामिल हैं। किसान के लिए असली रास्ता है — किसी पोर्टल पर फ़ॉर्म भरना नहीं, बल्कि ज़िला कृषि कार्यालय या नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से पूछना कि आसपास कोई RAD क्लस्टर सक्रिय है या नहीं।

परिचय

वर्षा-आधारित क्षेत्र विकास (RAD) को 2014-15 में राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के एक घटक के रूप में शुरू किया गया था, 2022-23 से इसे राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) में शामिल कर दिया गया, और अक्टूबर 2024 में कैबिनेट द्वारा व्यापक योजना को PM-RKVY के रूप में पुनर्गठित किए जाने के बाद भी यह उसका एक घटक बना हुआ है। इसका लक्ष्य है भारत का वह वर्षा-आधारित खेती क्षेत्र जहाँ नहर, ट्यूबवेल या सूक्ष्म सिंचाई जैसा कोई पक्का सिंचाई साधन नहीं है — जहाँ एक बार मानसून धोखा दे दे तो पूरे सीज़न की आमदनी डूब सकती है।

RAD किसी एक इनपुट के लिए भुगतान करने की बजाय, ICAR द्वारा विकसित एकीकृत खेती प्रणाली (IFS) मॉडल को वित्तपोषित करती है: किसान की मौजूदा फ़सलों (अक्सर सूखे इलाक़ों के लिए उपयुक्त मिलेट्स, दलहन या तिलहन) के साथ बागवानी या कृषि-वानिकी की आमदनी के लिए पेड़ और एक छोटी पशुपालन इकाई जोड़ी जाती है, और इसके अलावा मत्स्य पालन, मौन-पालन, साइलेज बनाने या वर्मीकम्पोस्ट/जैविक इनपुट उत्पादन में से कम से कम दो और गतिविधियाँ जोड़ी जाती हैं — जो भी संयोजन स्थानीय बारिश, मिट्टी और बाज़ार के हिसाब से सही बैठे। यह डिज़ाइन जानबूझकर दूसरे कार्यक्रमों के ऊपर टिकी है: इसे "वाटरशेड-प्लस" परत के रूप में बनाया गया है, जो MGNREGS या PMKSY-वाटरशेड डेवलपमेंट के तहत पहले से बने जल-संचयन व भूमि-उपचार ढाँचों पर खेती-प्रणाली की गतिविधियाँ जोड़े, उन्हें दोहराए नहीं।

RAD अकेले आवेदक के लिए नहीं, बल्कि क्लस्टर के ज़रिए काम करती है। कोई गाँव या आसपास के गाँवों का समूह, जिसका कुल क्षेत्रफल कम से कम 20 हेक्टेयर हो — जिसमें से कम से कम 25% हिस्सा मिलेट्स के अंतर्गत हो — तभी क्लस्टर के रूप में अधिसूचित होता है जब राज्य कृषि विभाग उसे उस साल की RKVY वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करे। प्राथमिकता उन ग्राम पंचायतों या ब्लॉकों को मिलती है जहाँ 60% से ज़्यादा क्षेत्र वर्षा-आधारित है, जो पहले से प्राकृतिक खेती क्लस्टर हैं, पिछले 20 वर्षों में किसी वाटरशेड परियोजना के अंतर्गत आ चुके हैं, NRLM के फ़ोकस गाँव हैं, नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक हैं, या दलहन/तिलहन/मिलेट्स के लिए NFSM के अंतर्गत पहले से चुने गए ज़िले हैं। राष्ट्रीय वर्षा-आधारित क्षेत्र प्राधिकरण (NRAA), जो विभाग का एक संबद्ध कार्यालय है (गठन: 2006), नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाता है — क्लस्टर चिह्नित करना, संचालन नियमावली लिखना और निगरानी प्रणाली चलाना इसी के ज़िम्मे है।

योजना की मुख्य बातें

  • एक एकीकृत खेती प्रणाली, सिर्फ़ एक फ़सल नहीं

    क्लस्टर में फ़सल के साथ पेड़ (बागवानी या कृषि-वानिकी) और पशुपालन जोड़े जाते हैं, साथ ही मत्स्य पालन, मौन-पालन, साइलेज या वर्मीकम्पोस्ट में से कम से कम दो और गतिविधियाँ — जो उस वर्षा-आधारित ज़मीन पर वाक़ई संभव हो।

  • एक समान ₹30,000, प्रतिशत सब्सिडी नहीं

    RAD के तहत हर किसान परिवार को समान ₹30,000 मिलते हैं, चाहे उसकी जोत आधा हेक्टेयर हो या पाँच — यह सहायता नई गतिविधि के लिए है, ज़मीन के हिस्से के हिसाब से नहीं।

  • एक खेत नहीं, पूरा क्लस्टर विकसित होता है

    कम से कम 20 हेक्टेयर वाले गाँव या आसपास के गाँवों के समूह को साथ विकसित किया जाता है, ताकि जल संरचना, चारा या अनाज बैंक जैसे साझा संसाधन एक से ज़्यादा किसान तक पहुँचें।

  • गाँव राज्य चुनता है, किसान नहीं

    RAD किसी ग्राम पंचायत तक तभी पहुँचती है जब राज्य कृषि विभाग उसे उस साल की वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करे — प्राथमिकता 60% से ज़्यादा वर्षा-आधारित ब्लॉकों, प्राकृतिक खेती क्लस्टरों, पुराने वाटरशेड क्षेत्रों और नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉकों को मिलती है।

  • NRAA इसकी तकनीकी रीढ़ है

    राष्ट्रीय वर्षा-आधारित क्षेत्र प्राधिकरण क्लस्टर चिह्नित करता है, संचालन नियमावली लिखता है, निगरानी प्रणाली चलाता है, और ज़मीनी स्तर पर किसानों की मदद करने वाले स्टाफ़ को प्रशिक्षित करने में सहयोग करता है।

  • दूसरी योजनाओं के ऊपर बनने के लिए डिज़ाइन

    RAD जानबूझकर एक "वाटरशेड-प्लस" परत है — MGNREGS या PMKSY-वाटरशेड डेवलपमेंट के तहत पहले से बने जल-संचयन व भूमि-उपचार ढाँचों पर खेती-प्रणाली की गतिविधियाँ जोड़ने के लिए, उन्हें दोहराने के लिए नहीं।

आपको क्या मिलता है

  • जोत का आकार कुछ भी हो, लाभ बराबर

    ₹30,000 की सहायता RAD से जुड़े हर किसान परिवार के लिए एक समान है, इसलिए एक ही क्लस्टर में लघु या सीमांत किसान को बड़े ज़मीनधारक जितनी ही सहायता मिलती है।

  • डिज़ाइन में ही फ़ील्ड-स्तर की मदद शामिल

    ₹10,000 प्रति क्लस्टर, कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन, स्वयं सहायता समूह के सदस्यों या चैंपियन फ़ार्मर्स को प्रशिक्षण व हैंडहोल्डिंग के लिए मिलते हैं — RAD सिर्फ़ एक बार का भुगतान नहीं, बल्कि साथ में सहयोग भी देती है।

  • किसान समूहों के लिए भी जगह

    किसान उत्पादक कंपनियाँ/संगठन, पंजीकृत किसान सोसाइटियाँ और सहकारी समितियाँ भी क्लस्टर विकसित कर सकती हैं, न कि सिर्फ़ राज्य विभाग के ज़रिए आने वाले व्यक्तिगत आवेदक।

  • अभिसरण (कन्वर्जेंस) ज़्यादातर काम करता है

    जहाँ MGNREGS या किसी वाटरशेड परियोजना से पहले ही तालाब, बंड या जल-संचयन ढाँचे बन चुके हैं, वहाँ RAD उसके ऊपर खेती-प्रणाली की परत जोड़ती है — किसान को पहले से मौजूद चीज़ फिर से बनाने के लिए पैसे नहीं देने पड़ते।

कौन पात्र है

दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।

आप पात्र हैं अगर

  • आपके गाँव या ग्राम पंचायत को आपके राज्य की मौजूदा RKVY वार्षिक कार्ययोजना के तहत वाक़ई किसी RAD क्लस्टर में शामिल किया जा चुका है
  • आपकी ज़मीन मुख्यतः बारिश पर निर्भर है, न कि नहर, ट्यूबवेल या सूक्ष्म सिंचाई जैसी पक्की सिंचाई पर
  • आप अपनी मौजूदा फ़सल प्रणाली में पशुपालन, बागवानी/कृषि-वानिकी, मत्स्य पालन, मौन-पालन, साइलेज या वर्मीकम्पोस्ट में से कम से कम एक-दो सहायक गतिविधियाँ जोड़ने को तैयार हैं, सिर्फ़ फ़सल जारी रखने को नहीं

ज़मीन होते हुए भी अपात्र

  • बिना कोई सहायक गतिविधि जोड़े सिर्फ़ फ़सल के लिए सहायता चाहना — RAD ख़ासतौर पर विविधीकृत खेती प्रणाली के लिए है, अकेली फ़सल-इनपुट सब्सिडी के लिए नहीं
  • ऐसी ग्राम पंचायत या ब्लॉक में रहना जिसे आपके राज्य ने उस साल RAD के लिए नहीं चुना — कवरेज पूरी तरह राज्य की स्वीकृत योजना पर निर्भर है, व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन पर नहीं
  • यह उम्मीद करना कि ₹30,000 जोत के आकार के हिसाब से बढ़ेगी — यह सहायता हर किसान परिवार के लिए ज़मीन के क्षेत्रफल से बेपरवाह, एक तय राशि है

यह योजना कहाँ लागू है

पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।

  • आधार कार्ड

    क्लस्टर स्वीकृत होने और आपके नामांकन के बाद, लाभार्थी पहचान व डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफ़र के लिए इस्तेमाल होता है।

  • ज़मीन का रिकॉर्ड

    खसरा/खतौनी या अधिकार अभिलेख, उस प्लॉट के लिए जिसे आप क्लस्टर की खेती-प्रणाली योजना में शामिल कर रहे हैं।

  • बैंक पासबुक

    ₹30,000 की सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफ़र से आपके खाते में पहुँचाने के लिए ज़रूरी; क्लस्टर नामांकन के दौरान कृषि विभाग या कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन इसे लेता है, किसान इसे ख़ुद ऑनलाइन अपलोड नहीं करता।

आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।

  1. 1

    राज्य प्राथमिकता वाले वर्षा-आधारित ब्लॉक चुनता है

    प्राथमिकता उन ग्राम पंचायतों/ब्लॉकों को मिलती है जहाँ 60% से ज़्यादा क्षेत्र वर्षा-आधारित है, जो प्राकृतिक खेती क्लस्टर हैं, जहाँ पुरानी वाटरशेड परियोजना रही है, NRLM के फ़ोकस गाँव हैं, नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक हैं, या NFSM दलहन/तिलहन/मिलेट्स ज़िले हैं।

  2. 2

    NRAA क्लस्टर चिह्नित करने में मदद करता है

    नॉलेज पार्टनर के रूप में राष्ट्रीय वर्षा-आधारित क्षेत्र प्राधिकरण प्रोजेक्ट क्लस्टर पहचानने में मदद करता है और वह संचालन नियमावली देता है जिसे राज्य अपनाता है।

  3. 3

    राज्य क्लस्टर बनाकर वार्षिक कार्ययोजना दाख़िल करता है

    कम से कम 20 हेक्टेयर वाला गाँव या आसपास के गाँव — जिसमें कम से कम एक-चौथाई हिस्सा मिलेट्स के अंतर्गत हो — क्लस्टर के रूप में अधिसूचित होकर राज्य की RKVY वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया जाता है।

  4. 4

    किसान नामांकन करते हैं और गतिविधियाँ चुनते हैं

    स्वीकृत क्लस्टर के भीतर, किसान ज़िला कृषि विभाग या कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के ज़रिए नामांकन करता है और तय करता है कि अपनी मौजूदा फ़सलों में पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन, मौन-पालन, साइलेज या वर्मीकम्पोस्ट में से कौन-सी सहायक गतिविधि जोड़नी है।

  5. 5

    सहायता जारी होती है

    स्वीकृत योजना के आधार पर, खेती-प्रणाली पैकेज के लिए प्रति नामांकित किसान परिवार ₹30,000, और CRP-नेतृत्व वाले प्रशिक्षण के लिए प्रति क्लस्टर ₹10,000 जारी होते हैं।

  6. 6

    प्रगति जियो-टैग होकर रिपोर्ट होती है

    हर ज़मीन-आधारित हस्तक्षेप जियो-टैग किया जाता है, और राज्य हर महीने RAD MIS पोर्टल पर भौतिक व वित्तीय प्रगति अपलोड करता है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • RAD शुरू हुई

    2014-15

    राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (NMSA) के एक घटक के रूप में

  • RKVY में शामिल

    2022-23

    प्रशासन NMSA से हटकर राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के घटक के रूप में आया

  • PM-RKVY पुनर्गठन

    3 अक्टूबर 2024

    कैबिनेट द्वारा RKVY को कृषोन्नति योजना के साथ प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में युक्तिसंगत बनाए जाने के बाद भी RAD इसका घटक बनी रही

  • क्लस्टर व वार्षिक कार्ययोजना समय-सीमा

    हर राज्य तय करता है

    किसी गाँव में क्लस्टर तभी खुलता है जब उस राज्य की मौजूदा RKVY वार्षिक कार्ययोजना में उसे शामिल किया गया हो — ज़िला कृषि कार्यालय से पता करें

  • तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए

    30 अगस्त 2026

    agriwelfare.gov.in पर मौजूद RAD संचालन दिशा-निर्देश (RKVY घटक) और RAD की फंडिंग व क्षेत्र-कवरेज पर PIB की रिपोर्टिंग के आधार पर — दिशा-निर्देश दस्तावेज़ पर स्वयं कोई मुद्रित जारी-तारीख़ अंकित नहीं है

अपनी पात्रता जाँचें

सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।

  1. 1.क्या आपके राज्य कृषि विभाग ने आपके गाँव या ग्राम पंचायत को अपनी मौजूदा वार्षिक कार्ययोजना के तहत वाक़ई किसी RAD क्लस्टर में शामिल किया है?
  2. 2.क्या आपकी ज़मीन मुख्यतः बारिश पर निर्भर है, न कि नहर, ट्यूबवेल या सूक्ष्म सिंचाई जैसी पक्की सिंचाई पर?
  3. 3.क्या आप अपनी मौजूदा फ़सल प्रणाली में पशुपालन, बागवानी/कृषि-वानिकी, मत्स्य पालन, मौन-पालन, साइलेज या वर्मीकम्पोस्ट में से कम से कम एक-दो सहायक गतिविधियाँ जोड़ने को तैयार हैं?
  4. 4.क्या आप जानते हैं कि ₹30,000 की सहायता हर किसान परिवार के लिए एक तय राशि है, आपकी ज़मीन के आकार के हिसाब से नहीं बढ़ती?

4 में से 0 जवाब दिए

यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।

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केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

RAD क्या है?

वर्षा-आधारित क्षेत्र विकास (RAD), PM-RKVY (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना) का एक घटक है जो राज्य द्वारा चुने गए वर्षा-आधारित किसानों के क्लस्टर को सिर्फ़ फ़सल उगाने से आगे बढ़ाकर एक एकीकृत खेती प्रणाली में बदलने के लिए भुगतान करता है — पशुपालन, बागवानी/कृषि-वानिकी, मत्स्य पालन, मौन-पालन जैसी सहायक गतिविधियाँ जोड़कर, प्रति परिवार एक समान ₹30,000 की सहायता से।

RAD का पूरा नाम क्या है?

रेनफ़ेड एरिया डेवलपमेंट (वर्षा-आधारित क्षेत्र विकास)।

RAD में कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?

एकीकृत खेती प्रणाली अपनाने पर प्रति किसान परिवार ₹30,000, जो जोत के आकार से बेपरवाह एक समान है, साथ ही कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के ज़रिए क्षमता-निर्माण के लिए प्रति क्लस्टर ₹10,000।

किसान RAD के लिए आवेदन कैसे करता है?

इसका कोई व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन नहीं है। RAD किसी गाँव तक तभी पहुँचती है जब राज्य कृषि विभाग उसे उस साल की RKVY वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करे; चयनित क्लस्टर के अंदर किसान ज़िला कृषि विभाग या कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के ज़रिए नामांकन करता है।

RAD में न्यूनतम क्लस्टर आकार क्या है?

कम से कम 20 हेक्टेयर — एक साथ लगा हुआ, या कठिन भौगोलिक इलाक़ों में गाँव और आसपास के गाँवों में फैला हुआ — जिसमें से कम से कम 25% क्षेत्र मिलेट्स की खेती के अंतर्गत होना चाहिए।

RAD में कौन-सी गतिविधियाँ शामिल हैं?

फ़सल के साथ पेड़ (बागवानी या कृषि-वानिकी) और पशुपालन, साथ ही मत्स्य पालन, मौन-पालन, साइलेज बनाने या वर्मीकम्पोस्ट/जैविक इनपुट उत्पादन में से कम से कम दो और गतिविधियाँ — जो क्लस्टर की विशिष्ट कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल हों।

क्या RAD हर राज्य में उपलब्ध है?

RAD पूरे भारत में लागू होने वाला RKVY घटक है, लेकिन बाक़ी RKVY घटकों की तरह किसी गाँव में यह तभी पहुँचती है जब राज्य ने अपनी मौजूदा वार्षिक कार्ययोजना में वहाँ क्लस्टर को वित्तपोषित करने का फ़ैसला किया हो।

क्या व्यक्ति की जगह किसान समूह आवेदन कर सकता है?

हाँ। किसान उत्पादक कंपनियाँ/संगठन, पंजीकृत किसान सोसाइटियाँ और सहकारी समितियाँ भी क्लस्टर विकसित कर सकती हैं, न कि सिर्फ़ राज्य विभाग के ज़रिए आने वाले व्यक्तिगत किसान।

RAD और PM-RKVY में क्या अंतर है?

PM-RKVY व्यापक योजना है; RAD उसके अंतर्गत एक विशिष्ट घटक है — जो वर्षा-आधारित ज़मीन पर एकीकृत खेती प्रणाली को वित्तपोषित करता है, ठीक उसी तरह जैसे PDMC (सूक्ष्म सिंचाई) या PKVY (जैविक खेती) अन्य घटक हैं।

क्या RAD सिंचाई अवसंरचना के लिए फंड देती है?

सीधे तौर पर नहीं। RAD का मक़सद MGNREGS या PMKSY-वाटरशेड डेवलपमेंट के तहत पहले से बने जल-संचयन ढाँचों के साथ अभिसरण करना है — नई सिंचाई परियोजनाओं को वित्तपोषित करने की बजाय, उनके ऊपर खेती-प्रणाली की परत जोड़ना।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन 1800-180-1551 ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।