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भारत सरकारकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (कृषि एवं किसान कल्याण विभाग), विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (DMI) द्वारा क्रियान्वित; सब्सिडी नाबार्ड व एनसीडीसी द्वारा वितरितसक्रियअपडेट 6 सितंबर 2026

कृषि विपणन के लिए एकीकृत योजना (आईएसएएम) — कृषि विपणन अवसंरचना (एएमआई)

Integrated Scheme for Agricultural Marketing (ISAM) — Agricultural Marketing Infrastructure (AMI)

ग्रामीण इलाक़ों में गोदाम, शीत भंडार, ग्रेडिंग-पैकिंग इकाइयाँ व खेत-पर भंडारण बनाने के लिए 25-33.33% की ऋण से जुड़ी, पश्च-भारित पूँजी सब्सिडी — ताकि किसान फ़सल रख सके, वेयरहाउस रसीद पर गिरवी ऋण ले सके, और कटाई के तुरंत बाद की मजबूरी बिक्री से बच सके।

सब्सिडी (सामान्य)
पात्र पूँजी लागत का 25%, पश्च-भारित
सब्सिडी (एफ़पीओ, सहकारी, महिला, SC/ST, NE व पहाड़ी)
पात्र पूँजी लागत का 33.33%
किसमें फंड जाता है
गोदाम, शीत भंडार, ग्रेडिंग-पैकिंग, खेत-पर संरचनाएँ
भंडारण क्षमता दायरा
~50 से 5,000 टन (तय मामलों में 10,000 तक)
क्रियान्वयन एजेंसी
विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (DMI)
सब्सिडी वितरण एजेंसियाँ
नाबार्ड व एनसीडीसी (बैंक मियादी ऋण के बदले)
स्वरूप
माँग-आधारित, खुली, ऋण से जुड़ी
मंज़ूरी की अवधि
31 मार्च 2026 तक (कृषोन्नति योजना के तहत)

त्वरित सारांश

इस पेज की मुख्य बातें लगभग दो मिनट में — पढ़ें या सुनें।

त्वरित सारांश

कृषि विपणन के लिए एकीकृत योजना केंद्र का वह ढाँचा है जो खेत की उपज बेचने के भौतिक पहलू के लिए है, और किसान के लिए इसका मुख्य काम करने वाला हिस्सा है कृषि विपणन अवसंरचना (एएमआई) उप-योजना। एएमआई ग्रामीण इलाक़ों में भंडारण व विपणन अवसंरचना बनाने के लिए ऋण से जुड़ी, पश्च-भारित पूँजी सब्सिडी देती है — गोदाम या वेयरहाउस, शीत भंडार, ग्रेडिंग-छँटाई-पैकिंग-पकाई इकाई, प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई, या खेत पर भंडारण संरचना। सब्सिडी सामान्य आवेदक के लिए पात्र पूँजी लागत का 25% और किसानों, एफ़पीओ, सहकारी समितियों, पंचायतों, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति आवेदकों तथा पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों की परियोजनाओं के लिए 33.33% है। पात्र भंडारण परियोजनाएँ लगभग 50 टन के छोटे गोदाम से लेकर बड़े (मोटे तौर पर 5,000 टन, और तय मामलों में 10,000 टन तक) तक हैं। इसे विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (DMI) चलाता है, नाबार्ड व एनसीडीसी बैंक के मियादी ऋण के बदले सब्सिडी वितरण एजेंसी के रूप में।

मक़सद है उस मजबूरी की बिक्री को रोकना जो तब होती है जब सब एक साथ कटाई करते हैं और फ़सल रखने की जगह नहीं होती। अपने या पास के साझा गोदाम — और वेयरहाउसिंग विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (WDRA) में पंजीकृत वेयरहाउस रसीद — के साथ किसान उपज रख सकता है, उसके बदले गिरवी ऋण ले सकता है, और हफ़्तों बाद जब दाम सुधर जाए तब बेच सकता है। एएमआई माँग-आधारित व खुली है, और उप-योजना को कृषोन्नति योजना छतरी के तहत 31 मार्च 2026 तक जारी रखने की मंज़ूरी है। यह ई-नाम (डिजिटल मंडी व्यापार) के साथ-साथ चलती है पर उस भंडारण व खेत-पर विपणन संरचना को कवर करती है जो ई-नाम नहीं करता। आगे का पन्ना सब्सिडी का गणित, क्षमता सीमाएँ व बैंक के ज़रिए आवेदन का तरीक़ा देता है।

परिचय

कृषि विपणन के लिए एकीकृत योजना (आईएसएएम) कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जो केंद्र के कृषि-विपणन अवसंरचना कार्य को एक शीर्ष के तहत लाती है। इसकी मुख्य उप-योजना, कृषि विपणन अवसंरचना (एएमआई), एक माँग-आधारित, खुली, ऋण से जुड़ी योजना है जिसमें पश्च-भारित सब्सिडी है — इसे विभाग के संबद्ध कार्यालय, विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (DMI) द्वारा क्रियान्वित किया जाता है।

एएमआई दो व्यापक श्रेणियों की संपत्ति का समर्थन करता है। भंडारण अवसंरचना मतलब गोदाम व वेयरहाउस (निचले सिरे पर लगभग 50 टन और लगभग 5,000 टन तक, तय मामलों में 10,000 टन तक) व शीत भंडार। भंडारण के अलावा अवसंरचना में ग्रेडिंग, छँटाई, सफ़ाई, पैकिंग, वैक्सिंग व पकाई इकाइयाँ, प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयाँ, और खेत पर छोटे भंडारण व संग्रह केंद्र जैसी संरचनाएँ शामिल हैं। सब्सिडी बैंक या पात्र वित्तीय संस्थान द्वारा मंज़ूर मियादी ऋण के बदले एक पश्च-भारित पूँजी सब्सिडी है: व्यक्तियों, कंपनियों व अन्य सामान्य आवेदकों के लिए पात्र परियोजना लागत का 25%, और पंजीकृत किसान सहकारी समितियों, एफ़पीओ, पंचायतों, महिलाओं, SC/ST आवेदकों, राज्य एजेंसियों, तथा पूर्वोत्तर राज्यों, पहाड़ी व कठिन इलाक़ों के सभी आवेदकों के लिए 33.33%।

नाबार्ड (जिन संस्थाओं को वह पुनर्वित्त देता है) और एनसीडीसी (सहकारी समितियों के लिए) वे वितरण एजेंसियाँ हैं जो सब्सिडी जारी करती हैं, जिसे रोककर परियोजना पूरी होने व निरीक्षण के बाद ऋण के बदले समायोजित किया जाता है। मक़सद है खेत के पास वैज्ञानिक भंडारण बनाना, कटाई के समय अधिक उपज आने पर होने वाली मजबूरी बिक्री रोकना, और WDRA में पंजीकृत परक्राम्य वेयरहाउस रसीद के बदले गिरवी वित्त संभव बनाना। आईएसएएम की एएमआई उप-योजना को कृषोन्नति योजना छतरी के तहत 31 मार्च 2026 तक जारी रखने की मंज़ूरी है। एएमआई ई-नाम का पूरक है — जो डिजिटल मंडी व्यापार के बारे में है — क्योंकि यह उस भौतिक भंडारण व खेत-पर विपणन संरचना को फंड करता है जो अकेला व्यापार नहीं देता।

योजना की मुख्य बातें

  • अपना — या साझा — गोदाम

    एएमआई लगभग 50 टन से ऊपर के गोदाम व वेयरहाउस पर सब्सिडी देता है, ताकि अकेला किसान, समूह या एफ़पीओ कटाई के दिन सब कुछ बेचने के बजाय भंडारण बना सके।

  • वेयरहाउस रसीद जिस पर उधार मिल सके

    WDRA में पंजीकृत वेयरहाउस में भंडारण से परक्राम्य वेयरहाउस रसीद मिलती है। बैंक उसके बदले गिरवी ऋण देता है, तो किसान के पास फ़सल को सबसे नीचे दाम पर बेचे बिना नक़द होता है।

  • ख़राब होने वाली उपज के लिए शीत भंडार

    शीत भंडार एएमआई के तहत पात्र संपत्ति है — आलू, प्याज़, फल व सब्ज़ी उगाने वालों के लिए जो वरना कटाई के कुछ दिनों में बेचना पड़ता है।

  • ग्रेडिंग, पैकिंग व पकाई इकाइयाँ

    ग्रेडिंग, छँटाई, सफ़ाई, वैक्सिंग, पैकिंग व पकाई इकाइयाँ कवर हैं, जिससे उत्पादक समूह ग्रेडेड, बेहतर दिखने वाला लॉट ऊँची दर पर बेच सकता है।

  • किसान समूहों के लिए एक-तिहाई छूट

    पंजीकृत किसान सहकारी समितियों, एफ़पीओ, पंचायतों, महिलाओं व SC/ST आवेदकों के लिए, और पूर्वोत्तर, पहाड़ी व कठिन इलाक़ों के हर आवेदक के लिए सब्सिडी 25% से बढ़कर 33.33% हो जाती है।

  • वह भंडारण पहलू जो ई-नाम कवर नहीं करता

    ई-नाम मंडी व्यापार को डिजिटल करता है; एएमआई वह भौतिक गोदाम, शीत भंडार व खेत-पर संरचना बनाता है जो किसान को उस व्यापार से पहले उपज रखने व तैयार करने के लिए चाहिए।

आपको क्या मिलता है

  • जब दाम सुधरे तब बेचें

    कटाई के समय अधिक आवक में बेचने के बजाय फ़सल को कुछ हफ़्ते रोकना अक्सर नुक़सान और उचित मुनाफ़े का फ़र्क़ होता है।

  • अभी बेचे बिना अभी नक़द

    वेयरहाउस रसीद के बदले गिरवी ऋण तुरंत कार्यशील पूँजी देता है, ताकि किसान मजबूरी बिक्री के बिना ख़र्च पूरे कर सके।

  • कम ख़राबी व वज़न-हानि

    वैज्ञानिक भंडारण — सही गोदाम, शीत भंडार, धूमन — नमी, कीट व सड़न से होने वाले नुक़सान घटाता है जो खुला या जुगाड़ू भंडारण देता है।

  • बेहतर दिखने वाला लॉट

    एएमआई-फंडेड इकाई से ग्रेडेड, साफ़ की व पैक की उपज ऊँचा दाम पाती है और संस्थागत व दूर के ख़रीदारों को बेचना आसान होता है।

कौन पात्र है

दोनों सूचियाँ अधिसूचित परिचालन दिशानिर्देशों से हैं — बाईं सूची पूरी करना काफ़ी नहीं है, अगर दाईं सूची की कोई भी बात आपके परिवार पर लागू होती है।

आप पात्र हैं अगर

  • ग्रामीण इलाक़े में भंडारण या विपणन अवसंरचना बनाने वाले अकेले किसान, किसानों या उत्पादकों के समूह, व कृषि-उद्यमी
  • किसान उत्पादक संगठन, पंजीकृत किसान सहकारी समितियाँ, स्वयं सहायता समूह व उनके महासंघ
  • साझेदारी व स्वामित्व फ़र्म, कंपनियाँ, निगम और कृषि उपज मंडी समितियाँ / बोर्ड / विपणन महासंघ
  • पंचायतें, राज्य एजेंसियाँ व राज्य-सरकार-समर्थित निकाय, जहाँ लागू हो वहाँ बढ़ी हुई 33.33% सब्सिडी के साथ

ज़मीन होते हुए भी अपात्र

  • बिना बैंक या पात्र वित्तीय संस्थान के मियादी ऋण वाली परियोजना — एएमआई पूरी तरह ऋण से जुड़ी है
  • संपत्ति प्रकार के लिए तय दायरे से कम या ज़्यादा भंडारण क्षमता (सामान्य गोदाम के लिए मोटे तौर पर 50 से 5,000 टन, 10,000 टन तक सिर्फ़ तय मामलों में)
  • पूरा होने से पहले सब्सिडी की उम्मीद करना — यह पश्च-भारित है, सिर्फ़ परियोजना बनने व निरीक्षण के बाद जारी होती है
  • मौजूदा संरचना का नवीनीकरण या ख़रीद जहाँ दिशा-निर्देश नई निर्माण / नई क्षमता सृजन माँगते हैं

यह योजना कहाँ लागू है

पूरे भारत में लागू केंद्रीय योजना — हर राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश के पात्र किसानों के लिए खुली है।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — कुछ भी न छूटे तो ऑनलाइन फॉर्म दस मिनट में भर जाता है।

  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट

    प्रस्तावित क्षमता, स्थान, लागत अनुमान, ज़मीन के काग़ज़ात और गोदाम, शीत भंडार या प्रसंस्करण इकाई का तकनीकी डिज़ाइन शामिल।

  • ज़मीन स्वामित्व / पट्टा काग़ज़ात

    जिस जगह अवसंरचना बनेगी उसका मालिकाना हक़ या पंजीकृत दीर्घकालिक पट्टा।

  • बैंक ऋण मंज़ूरी

    बैंक या पात्र वित्तीय संस्थान से मियादी ऋण की मंज़ूरी पत्र — सब्सिडी दावा ऋणदाता के ज़रिए नाबार्ड या एनसीडीसी को दाख़िल होता है।

  • आवेदक पहचान व पंजीकरण

    व्यक्ति के लिए आधार / पैन, और एफ़पीओ, सहकारी, स्वयं सहायता समूह, फ़र्म या कंपनी के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र।

आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

चाहे खुद ऑनलाइन पंजीकरण करें या CSC पर बैठकर — यही छह कदम लागू होते हैं।

  1. 1

    परियोजना बनाएँ व बैंक ऋण लें

    गोदाम, शीत भंडार या ग्रेडिंग इकाई के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाएँ और बैंक या पात्र वित्तीय संस्थान को मियादी ऋण के लिए आवेदन दें।

  2. 2

    DMI / एएमआई पोर्टल पर परियोजना दर्ज करें

    ऋण देने वाला बैंक परियोजना को एएमआई सिस्टम पर दर्ज करता है और वितरण एजेंसी (नाबार्ड या एनसीडीसी) के पास अग्रिम सब्सिडी दावा दाख़िल करता है।

  3. 3

    अवसंरचना बनाएँ

    मंज़ूर डिज़ाइन व क्षमता के अनुसार गोदाम या इकाई बनाएँ, बैंक ऋण निकालते हुए।

  4. 4

    संयुक्त निरीक्षण

    DMI / वितरण एजेंसी पूरी हुई परियोजना का निरीक्षण करके क्षमता, विनिर्देश व पात्र लागत की पुष्टि करती है।

  5. 5

    सब्सिडी जारी व समायोजित

    25% या 33.33% की पश्च-भारित सब्सिडी बैंक को जारी होती है और ऋण खाते के बदले समायोजित होती है, जिससे बकाया मूलधन घटता है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • एएमआई उप-योजना स्वरूप

    माँग-आधारित, खुली

    आवेदन लगातार स्वीकार, कोई तय खिड़की नहीं

  • सब्सिडी प्रकार

    पश्च-भारित, ऋण से जुड़ी

    परियोजना पूरी होने व संयुक्त निरीक्षण के बाद जारी

  • जारी रखने की मंज़ूरी

    31 मार्च 2026 तक

    कृषोन्नति योजना छतरी के तहत आईएसएएम की एएमआई उप-योजना

  • तथ्य आख़िरी बार जाँचे गए

    6 सितंबर 2026

    DMI एएमआई योजना दस्तावेज़ों (dmi.gov.in), नाबार्ड एएमआई उप-योजना पन्ने, और आईएसएएम परिचालन दिशा-निर्देशों के आधार पर

अपनी पात्रता जाँचें

सवाल सीधे अधिसूचित मानदंडों से हैं। आपकी दी गई जानकारी आपके फोन से बाहर नहीं जाती।

  1. 1.क्या आप ग्रामीण इलाक़े में भंडारण या विपणन अवसंरचना — गोदाम, शीत भंडार, ग्रेडिंग-पैकिंग इकाई या खेत-पर संरचना — बना रहे हैं?
  2. 2.क्या परियोजना बैंक या पात्र वित्तीय संस्थान के मियादी ऋण से वित्तपोषित होगी?
  3. 3.क्या नियोजित भंडारण क्षमता संपत्ति प्रकार के लिए तय दायरे में है (सामान्य गोदाम के लिए मोटे तौर पर 50 से 5,000 टन)?

3 में से 0 जवाब दिए

यह जाँच आधिकारिक परिचालन दिशानिर्देशों के मानदंड लागू करती है, पर यह मार्गदर्शन भर है — अंतिम फ़ैसला केवल राज्य सरकार का भूमि रिकॉर्ड सत्यापन है।

डाउनलोड

केवल आधिकारिक दस्तावेज़ — नीचे की हर चीज़ सरकार के अपने सर्वर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एएमआई असल में किसका भुगतान करता है?

ग्रामीण इलाक़ों में भंडारण व विपणन अवसंरचना बनाने की लागत पर पश्च-भारित पूँजी सब्सिडी: गोदाम व वेयरहाउस, शीत भंडार, ग्रेडिंग-छँटाई-सफ़ाई-पैकिंग-वैक्सिंग-पकाई इकाइयाँ, प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयाँ, और खेत-पर भंडारण व संग्रह संरचनाएँ।

सब्सिडी कितनी है?

सामान्य आवेदकों (व्यक्ति, फ़र्म, कंपनियाँ) के लिए पात्र पूँजी लागत का 25%, और पंजीकृत किसान सहकारी समितियों, एफ़पीओ, पंचायतों, महिलाओं व SC/ST आवेदकों के लिए, तथा पूर्वोत्तर, पहाड़ी व कठिन इलाक़ों के सभी आवेदकों के लिए 33.33%।

क्या मुझे बैंक ऋण चाहिए?

हाँ। एएमआई एक ऋण से जुड़ी योजना है। सब्सिडी सिर्फ़ बैंक या पात्र वित्तीय संस्थान द्वारा मंज़ूर मियादी ऋण के बदले जारी होती है, और यह पश्च-भारित है — परियोजना पूरी होने व संयुक्त निरीक्षण के बाद ऋण खाते में समायोजित।

भंडारण मुझे मजबूरी बिक्री से बचने में कैसे मदद करता है?

पूरी कटाई तब बेचने के बजाय जब दाम सबसे कम हैं, आप फ़सल अपने या पास के गोदाम में रखते हैं। अगर वह WDRA में पंजीकृत वेयरहाउस है, तो परक्राम्य वेयरहाउस रसीद मिलती है और उसके बदले गिरवी ऋण ले सकते हैं — नक़द अभी, बिक्री बाद में जब दाम सुधर जाए।

कौन-सी भंडारण क्षमता पात्र है?

मोटे तौर पर लगभग 50 टन से लेकर लगभग 5,000 टन तक के गोदाम, और तय मामलों में 10,000 टन तक। संपत्ति प्रकार के लिए तय दायरे से बाहर की क्षमता सब्सिडी के लिए पात्र नहीं।

क्या योजना अब भी खुली है?

हाँ। आईएसएएम की एएमआई उप-योजना को कृषोन्नति योजना छतरी के तहत 31 मार्च 2026 तक जारी रखने की मंज़ूरी है। यह माँग-आधारित व खुली है, इसलिए आवेदन लगातार स्वीकार होते हैं।

यह ई-नाम से कैसे अलग है?

ई-नाम वह इलेक्ट्रॉनिक व्यापार मंच है जो मंडियों को जोड़ता है ताकि उपज बाज़ारों के आर-पार ऑनलाइन बेची जा सके। एएमआई वह भौतिक अवसंरचना — गोदाम, शीत भंडार, ग्रेडिंग इकाई, खेत-पर संरचना — बनाता है जो किसान को उस व्यापार से पहले व आस-पास उपज रखने व तैयार करने के लिए चाहिए।

आवेदन कौन करता है — किसान या बैंक?

किसान, समूह, एफ़पीओ या सहकारी समिति परियोजना बनाती है और मियादी ऋण मंज़ूर करवाती है। फिर ऋण देने वाला बैंक परियोजना दर्ज करता है और उधारकर्ता की ओर से नाबार्ड या एनसीडीसी के पास सब्सिडी दावा दाख़िल करता है।

अब भी कोई सवाल है?

आम सवालों के जवाब ऊपर FAQs में हैं। आपके अपने आवेदन से जुड़ी किसी भी बात के लिए मंत्रालय की हेल्पलाइन undefined ही आधिकारिक जवाब है — और सही दिशा दिखाने में हमें खुशी होगी।