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पोषक तत्व की कमीBसमीक्षा 20 अक्टूबर 2026

बोरॉन की कमी

यह पत्तियों की नहीं, बढ़ते बिंदुओं और फल की कमी है — मरती नोकें, खोखले भूरे गूदे, फटे-कॉर्की फल और फूल जो फल नहीं बनाते।

पोषक का प्रकार
सूक्ष्म-पोषक
पौधे में गतिशीलता
स्थिर
लक्षण शुरू होते हैं
बढ़ते बिंदु और फल
सबसे ज़्यादा जोखिम
बलुई, उच्च-pH, बहाव वाली मिट्टी

परिचय

बोरॉन कोशिकाओं की दीवारों को जोड़े रखता है और परागण तथा बीज/फल बनने के लिए ज़रूरी है। पत्ती पीली करने वाले दूसरे पोषक तत्वों से उलट, इसकी कमी बढ़ते बिंदुओं और प्रजनन-अंगों पर असर करती है। टहनी की नोकें मर जाती हैं। तने और जड़ें अंदर से खोखले और भूरे हो जाते हैं। फल फटता और कॉर्क जैसा हो जाता है। और फूल बिना फल बने झड़ जाते हैं।

यह तत्व पौधे में एक जगह टिका रहता है, इसलिए नुक़सान हमेशा सबसे नई बढ़वार और बनते फल पर होता है। बोरॉन की सुरक्षित सीमा किसी भी पोषक तत्व से सबसे तंग है — थोड़ा कम हो तो फ़सल फल नहीं बनाती, ज़रा ज़्यादा हो तो ज़हरीला हो जाता है। इसलिए सुधार सावधानी और नाप से करना चाहिए, कभी "बस एहतियातन" ज़्यादा नहीं।

कैसे पहचानें

  • बढ़ती नोकें और नई पत्तियाँ मुड़ती, मोटी होती और मर जाती हैं; मुख्य नोक मरने पर पौधा कई बग़ल की टहनियाँ निकाल सकता है।
  • तने, जड़ें और गूदे अंदर से खोखले और भूरे या पानी भरे हो जाते हैं — फूलगोभी-पत्तागोभी का "ब्राउनिंग"/खोखला तना, और मूँगफली के दाने का "हॉलो हार्ट"।
  • फल फट जाता है, और कॉर्क जैसे भूरे धब्बे और खुरदरी त्वचा बन जाती है — टमाटर, आम, अनार और सेब में यह आम है।
  • फूल कमज़ोर आते हैं और फल बनना नाकाम रहता है। फूलगोभी का फूल भूरा हो जाता है। सूरजमुखी और आम कम बीज बनाते हैं। और नारियल के नन्हे फल (बटन) गिर जाते हैं।

ऐसा क्यों होता है

  • बलुई, हल्की और अधिक वर्षा में बहुत बह जाने वाली मिट्टी बोरॉन जल्दी खो देती है।
  • उच्च मिट्टी pH (चूनेदार या अधिक-चूना मिट्टी) बोरॉन को अनुपलब्ध कर देती है।
  • सूखे दौर मिट्टी में पर्याप्त होने पर भी बोरॉन-अवशोषण घटा देते हैं, इसलिए सूखे में लक्षण भड़कते हैं।
  • कम जैविक पदार्थ — बोरॉन मुख्यतः मिट्टी के जैविक पदार्थ से रुकता और छूटता है।

खर्च से पहले पक्का करें

  • पहचान लक्षण की जगह से होती है: बोरॉन की कमी बढ़ते बिंदुओं, गूदों और फल पर दिखती है, पकी पत्तियों के रंग पर नहीं। खोखले तने, कॉर्क जैसे फटे फल और फल बनने की नाकामी बोरॉन की कमी बताते हैं।
  • बोरॉन की मिट्टी जाँच इसलिए ज़रूरी है कि सुरक्षित सीमा बहुत तंग है — आप कमी पूरी करने के लिए नाप से दे रहे हैं, खेत भर नहीं रहे।

कैसे ठीक करें

  • बुवाई/रोपाई के समय बोरैक्स कम मात्रा में, नाप से मिट्टी में डालें (फूलगोभी जैसी संवेदनशील फ़सल के लिए आमतौर पर करीब 10 किग्रा/हेक्टेयर बोरैक्स — फ़सल की सटीक सिफ़ारिश मानें)।
  • खड़ी फ़सल के लिए फूल आने से पहले/फूल की अवस्था में, जब फल बनना तय होता है, पत्तियों पर 0.1–0.2% बोरैक्स या घुलनशील बोरॉन छिड़कें।
  • बोरैक्स को अच्छी तरह मिलाकर एक-सा डालें — कभी बीज के पास गाढ़ी पट्टी में न दें, और "एहतियातन" मात्रा दोगुनी न करें: बोरॉन का ज़हरीला असर कमी जितना ही हानिकारक है।
  • फूल आने के दौरान मिट्टी में एक-सी नमी रखें, क्योंकि अकेला सूखा भी बोरॉन-कमी के लक्षण ला सकता है।

दोबारा न हो, इसके लिए

  • हल्की या ऊँचे pH वाली मिट्टी में ज़्यादा बोरॉन माँगने वाली फ़सलों (फूलगोभी, पत्तागोभी, मूँगफली, सूरजमुखी) के लिए छोटी, सही मात्रा में बोरॉन नियमित दें।
  • गोबर खाद/कम्पोस्ट से जैविक पदार्थ बढ़ाएँ, जो बोरॉन को बहने से रोकने वाला मुख्य भंडार है।
  • ज़रूरत से ज़्यादा चूना डालने से बचें, जो pH बढ़ाकर बोरॉन को बाँध देता है।

सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें

हमारी फसल गाइडों में जहाँ यह समस्या बताई गई है — पूरी पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ के लिए कोई फसल खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरी फूलगोभी का फूल भूरा हो रहा है और तना खोखला है। कारण क्या है?

यह बोरॉन की कमी का जाना-पहचाना रूप है — कोल फ़सलों का "ब्राउनिंग" और खोखला तना। बोरॉन बढ़ते ऊतक को जोड़े रखता है, और फूलगोभी सबसे ज़्यादा बोरॉन माँगने वाली फ़सलों में से एक है। रोपाई पर बोरैक्स की मिट्टी में मात्रा और फूल बनने से पहले 0.1–0.2% बोरैक्स का छिड़काव इसे रोकता भी है और ठीक भी करता है।

क्या एहतियातन ज़्यादा बोरॉन डाल दूँ?

नहीं। बोरॉन की सुरक्षित सीमा किसी भी पोषक तत्व से सबसे तंग है। ज़रा कम हो तो फल-बीज नहीं बनते; ज़रा ज़्यादा हो तो वह ज़हरीला होकर पत्ती के किनारे झुलसाता है और उपज घटाता है। हमेशा नापी हुई सिफ़ारिश की मात्रा इस्तेमाल करें, एक-सा मिलाएँ, और बीमा समझकर दोगुनी न करें।

सूखे मौसम में लक्षण क्यों आते हैं?

बोरॉन मिट्टी के पानी में घुलकर जड़ों तक पहुँचता है, इसलिए सूखे के दौर में मिट्टी में पर्याप्त होने पर भी फ़सल बोरॉन से वंचित रह सकती है। लक्षण अक्सर सूखे में भड़कते हैं और नमी लौटने पर घटते हैं। फूल के दौरान मिट्टी में एक-सी नमी रखना, सही मात्रा में बोरॉन के साथ, व्यावहारिक इलाज है।

लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल और क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.