गमोसिस / पाद-सड़न (सिट्रस)
तना-आधार व कॉलर पर छाल-सड़न जो गोंद रिसाती, तना घेरती व जड़ें सड़ाती — एक गीली-मिट्टी Phytophthora जो पेड़ क्षय कर मारती।
- रोगजनक
- Phytophthora (मृदा-जनित, फफूँद-जैसा)
- फैलाव
- मिट्टी व छींटे पानी; गीला तना-आधार
- अनुकूल
- जलभराव; नीची कलम-संधि; गीला तना
- मुख्य जोखिम
- छाल व जड़-सड़न; पेड़ क्षय व मरता
परिचय
सिट्रस की गमोसिस (पाद-सड़न / कॉलर सड़न) मृदा-जनित Phytophthora से होती, और सिट्रस पेड़-क्षय के मुख्य कारणों में से एक है। यह तना-आधार व जड़-कॉलर पर छाल सड़ाती, अक्सर कलम-संधि के पास; प्रभावित छाल गहरी होती, मरती व फटती, और एक विशिष्ट गोंद (रेज़िन) दरारों से रिसकर तने पर बहता। जैसे सड़न तना घेरती, और Phytophthora फीडर जड़ें भी सड़ाती, पेड़ क्रमशः पानी व पोषक से कट जाता।
ज़मीन के ऊपर पेड़ एक घिरे, जड़-सड़े पौधे के संकेत दिखाता: पीलापन, विरल पत्ते, पत्ती व फल गिरना, टहनी-मरण, ख़राब बढ़वार और, गंभीर मामलों में, मृत्यु। यह गीली, ख़राब-निकासी मिट्टी, तने के आसपास जलभराव, और कलम-संधि बहुत नीचे लगाने से जिससे संवेदनशील ग्राफ्ट-छाल मिट्टी के पास बैठे, ज़ोरदार चलती है। चूँकि यह मृदा- व नमी-चालित, प्रबंधन प्रतिरोधी मूलवृंत व ऊँची कलम/रोपाई, अच्छी निकासी, तना-आधार सूखा रखना, व प्रभावित छाल को ताँबे से उपचारित करना मिलाता है।
कैसे पहचानें
- तना-आधार व जड़-कॉलर पर गहरी, मृत, फटी छाल, अक्सर कलम-संधि के पास।
- दरारों से रिसकर तने पर बहता एक विशिष्ट गोंद (रेज़िन)।
- सड़ी फीडर जड़ें व फैलती छाल-सड़न से घिरता तना।
- ज़मीन के ऊपर: पीलापन, विरल पत्ते, पत्ती व फल गिरना, टहनी-मरण व क्षय, और कभी मृत्यु।
कारण व कब
- मृदा-जनित Phytophthora, जो तना-आधार/कॉलर पर छाल व फीडर जड़ें सड़ाती।
- मिट्टी व पानी से फैलती व छींटी जाती, और गीली, ख़राब-निकासी मिट्टी व तने के आसपास जलभराव से अनुकूल।
- कलम-संधि बहुत नीचे लगाने से बहुत बदतर, जिससे संवेदनशील ग्राफ्ट-छाल गीली मिट्टी के पास बैठे।
- गीले मौसम में व भारी, ख़राब-निकासी या अधिक-सिंचित बाग़ों में सबसे बुरा।
सांस्कृतिक व जैविक नियंत्रण
- Phytophthora-प्रतिरोधी मूलवृंत इस्तेमाल करें व कलम-संधि मिट्टी से काफ़ी ऊपर लगाकर रोपें (ऊँची रोपाई/कलम)।
- उत्कृष्ट निकासी सुनिश्चित करें, जलभराव टालें, और सिंचाई-जल तना-आधार से दूर रखें (तने के विरुद्ध थाला नहीं)।
- तना-आधार सूखा व साफ़ रखें, चोटें टालें, और तने के विरुद्ध मिट्टी या मल्च न ढेर करें।
- गंभीर प्रभावित पेड़ निकालकर नष्ट करें, और संक्रमित मिट्टी/पानी साफ़ क्षेत्रों में ले जाने से बचें।
रासायनिक नियंत्रण
- आरंभिक घाव पर, मृत छाल स्वस्थ ऊतक तक खुरचें व घाव व तना-आधार को ताँबा (बोर्डो) पेस्ट/फफूँदनाशी से पोतें।
- जहाँ अनुशंसित हो तना-आधार व जड़-क्षेत्र पर अनुशंसित Phytophthora फफूँदनाशी (जैसे ताँबा-आधारित, मेटालैक्सिल या फ़ॉस्फ़ोनेट जैसा सलाह हो) लगाएँ।
- किसी भी रसायन को निकासी व तना-आधार नमी ठीक करने के साथ मिलाएँ — अकेले रसायन जलभराव नहीं जीतेंगे।
- अपने क्षेत्र के लिए मौजूदा मूलवृंत-चयन व फफूँदनाशी पैकेज स्थानीय KVK से पक्का करें।
दोबारा न हो, इसके लिए
- बाग़ प्रतिरोधी मूलवृंतों पर ऊँची कलम-संधि व उत्कृष्ट निकासी के साथ स्थापित करें।
- तना-आधार सूखा रखें — तने से दूर सींचें, इसके विरुद्ध मिट्टी/मल्च न ढेर करें — और चोटें टालें।
- आरंभिक घाव तुरंत खुरचें व उपचारित करें, और गीले मौसम भर मृदा-नमी सँभालें।
सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरे सिट्रस तना-आधार पर गहरी फटी छाल गोंद रिसा रही है, और पेड़ क्षय हो रहा है। यह क्या है?
तना-आधार व कॉलर पर गोंद रिसाती गहरी, मृत, फटी छाल, सड़ी जड़ों व पीले पड़ते, क्षय होते छत्र के साथ, गमोसिस / पाद-सड़न (Phytophthora) है। यह गीली, ख़राब-निकासी मिट्टी व नीची कलम-संधि से चलती। मृत छाल स्वस्थ ऊतक तक खुरचें व ताँबा पेस्ट से पोतें, निकासी ठीक करें व तना-आधार सूखा रखें, और ऊँची कलम-संधि के साथ प्रतिरोधी मूलवृंत पर पुनःरोपें। गंभीर पेड़ निकालना बेहतर।
कलम-संधि ऊँची लगाना गमोसिस के विरुद्ध क्यों मदद करता है?
क्योंकि गमोसिस तना-आधार पर संवेदनशील ग्राफ्ट-छाल का सड़न है, और यह वहाँ सबसे बुरा जहाँ वह छाल गीली मिट्टी के पास बैठे। कलम-संधि मिट्टी से काफ़ी ऊपर हो ऐसे लगाना संवेदनशील ग्राफ्ट-छाल ऊँची व सूखी रखता, छींटे पानी व जलभराव के उस क्षेत्र से बाहर जहाँ Phytophthora हमला करता। प्रतिरोधी मूलवृंत (जिसकी छाल फफूँद झेलती), अच्छी निकासी व तना-आधार सूखा रखने के साथ, ऊँची कलम सबसे प्रभावी निवारक कदमों में से है।
गमोसिस निकासी व सिंचाई से कैसे जुड़ी है?
बहुत क़रीब से — Phytophthora एक जल-प्रेमी, मृदा-जनित जीव है, इसलिए जलभराव, ख़राब-निकासी मिट्टी व तने के विरुद्ध ठहरा पानी छाल व जड़-सड़न को ज़ोरदार अनुकूल करते। ख़राब निकासी, भारी मिट्टी या तना-आधार गीला करते थालों वाले बाग़ कहीं अधिक भुगतते। इसलिए उत्कृष्ट निकासी सुनिश्चित करना, तने से दूर सींचना (इसके विरुद्ध थाले में नहीं), व तना-आधार सूखा रखना नियंत्रण के केंद्र में हैं — अकेले रसायन लगातार गीले तना-आधार को नहीं जीत सकते।
लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.
