Kinnow (mandarin hybrid)
एक बहुत ज़्यादा उपज देने वाली, रसीली मैंडरिन संकर किस्म, जो उत्तर-पश्चिम (पंजाब, राजस्थान) के ताज़ा व्यापार पर हावी है। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- संतरा
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- सर्दी कटाई
- अपेक्षित उपज
- बहुत अधिक
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- हावर्ड बी. फ़्रॉस्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया सिट्रस एक्सपेरिमेंट स्टेशन द्वारा प्रजनित (1915 में क्रॉस, 1935 में नामित/जारी); डॉ. जे.सी. बख़्शी द्वारा 1959 में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय फल अनुसंधान केंद्र, अबोहर में लाई गई
इस किस्म के बारे में
किन्नू 'किंग' (Citrus nobilis) × 'विलो लीफ़' (Citrus deliciosa) का एक मैंडरिन संकर है, जिसे पहली बार 1915 में हावर्ड बी. फ़्रॉस्ट ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया सिट्रस एक्सपेरिमेंट स्टेशन में क्रॉस किया व 1935 में नाम देकर जारी किया — यह मूल रूप से भारत में प्रजनित हाइब्रिड नहीं है। डॉ. जे.सी. बख़्शी ने इसे 1959 में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय फल अनुसंधान केंद्र, अबोहर में लाया, जहाँ यह पंजाब के ताज़ा-फल व्यापार का प्रमुख सिट्रस बन गया। 2015 में, पीएयू प्रजनक रतनपाल ने इसका एक कम-बीज उत्परिवर्तन 'पीएयू किन्नू-1' नाम से जारी किया।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
सर्दी कटाई
अपेक्षित उपज
बहुत अधिक
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मध्यम
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- 2026-08-15 को सुधारा गया: इस रिकॉर्ड की अपनी नोट फ़ील्ड "उत्तर-पश्चिम (पंजाब, राजस्थान) के ताज़ा व्यापार" का उल्लेख करती है, पर `states` फ़ील्ड केवल पंजाब सूचीबद्ध करता था — यह इसी रिकॉर्ड के भीतर एक स्व-असंगति है, कोई सोर्सिंग टकराव नहीं, इसलिए states को राजस्थान जोड़कर रिकॉर्ड की अपनी गद्य सामग्री से मेल खाने के लिए सुधारा गया।
- किन्नू एक अंतरराष्ट्रीय रूप से प्रजनित हाइब्रिड है (कैलिफ़ोर्निया, 1915/1935), जिसे 1959 में पंजाब में अपनाया गया, न कि मूल रूप से भारत में प्रजनित किस्म — इस रिकॉर्ड की "उत्तर-पश्चिम ताज़ा व्यापार" पर हावी होने की फ़्रेमिंग अबोहर, पंजाब में इसके परिचय इतिहास के अनुरूप है।
- एक नया कम-बीज उत्परिवर्तन, 'पीएयू किन्नू-1' (2015 में पीएयू प्रजनक रतनपाल द्वारा जारी), एक अलग, पृथक किस्म है जो इस रिकॉर्ड में शामिल नहीं है — यदि यह व्यावसायिक महत्व प्राप्त करे तो एक अलग रिकॉर्ड लायक़, इसमें मिलाई नहीं गई।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- पंजाब
- राजस्थान
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किन्नू की उत्पत्ति कहाँ हुई?
यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया सिट्रस एक्सपेरिमेंट स्टेशन में — हावर्ड बी. फ़्रॉस्ट ने 1915 में 'किंग' × 'विलो लीफ़' मैंडरिन को क्रॉस किया, व 1935 में इस हाइब्रिड को नाम देकर जारी किया गया। यह मूल रूप से भारत में प्रजनित हाइब्रिड नहीं है।
किन्नू पंजाब कब पहुँची?
डॉ. जे.सी. बख़्शी ने इसे 1959 में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय फल अनुसंधान केंद्र, अबोहर में लाया, जहाँ से यह फैलकर क्षेत्र के ताज़ा-फल व्यापार पर हावी हो गई।
क्या इस रिकॉर्ड का states फ़ील्ड राजस्थान को भी कवर करता है?
हाँ — इस रिकॉर्ड का states फ़ील्ड पंजाब व राजस्थान दोनों सूचीबद्ध करता है, जो नोट फ़ील्ड की उत्तर-पश्चिम ताज़ा व्यापार पर किन्नू के हावी होने की फ़्रेमिंग से मेल खाता है।
क्या किन्नू का बीज-रहित संस्करण है?
एक कम-बीज उत्परिवर्तन, 'पीएयू किन्नू-1', उत्परिवर्तन प्रजनन के ज़रिए 2015 में पीएयू प्रजनक रतनपाल द्वारा जारी किया गया — यह इस रिकॉर्ड में शामिल मूल किन्नू से एक अलग, पृथक किस्म है।
किन्नू की जनक प्रजातियाँ क्या हैं?
'किंग' (Citrus nobilis) व 'विलो लीफ़' (Citrus deliciosa) — दो अलग मैंडरिन-प्रकार की सिट्रस प्रजातियाँ, जिन्हें क्रॉस कर यह हाइब्रिड बनाया गया।
