सांवा / सामा घास (Echinochloa)
धान-नक़ल घास — धान का नंबर-एक घासीय खरपतवार, मक्का में भी गंभीर — जो धान को चाहिए गर्म, बाढ़-युक्त दशाओं में पनपती।
- प्रकार
- घासीय खरपतवार (वार्षिक)
- जीवन-चक्र
- वार्षिक, बीज-प्रवर्धित
- फैलाव
- बीज; पानी व फसल-बीज संदूषण
- मुख्य हानि
- धान/मक्का से प्रतिस्पर्धा; भारी उपज-हानि
परिचय
सांवा घास (Echinochloa crus-galli) व जंगली धान (Echinochloa colona) धान के सबसे अहम घासीय खरपतवार हैं, और मक्का, गन्ना व अन्य गर्मी फसलों को भी परेशान करते। ये धान के साथ अंकुरित होते व आरंभिक हफ़्तों में धान अंकुरों से बहुत मिलते — एक धान-नक़ल — इसलिए हाथ से निकालना कठिन व चूकना आसान। ये तेज़ बढ़ते, भारी कल्ले फोड़ते व धान से नाइट्रोजन, पानी, रोशनी व स्थान के लिए ज़ोरदार प्रतिस्पर्धा करते, व भारी झाड़ी में बड़ा उपज-नुकसान कर सकते।
ये धान में हावी होने का एक बड़ा कारण यह है कि ये ठीक उन्हीं गर्म, गीली, बाढ़-युक्त दशाओं में पनपते जिनमें धान उगता, व बड़ी मात्रा में बीज बनाते जो बीज-भंडार दोबारा भरते। सीधी-बोई धान ख़ास तौर पर संवेदनशील। प्रबंधन अच्छे भूमि-समतलीकरण व जल-प्रबंधन (अच्छी-समतल, समय-पर बाढ़-युक्त खेत Echinochloa दबाता व धान को अनुकूल करता), साफ़ खरपतवार-मुक्त बीज, व समय पर निकास-पूर्व व निकास-पश्चात शाकनाशी पर टिकता, प्रतिरोध से बचने को शाकनाशी-चक्र के साथ।
कैसे पहचानें
- धान के साथ अंकुरित होती व आरंभिक हफ़्तों में धान अंकुरों से बहुत मिलती (धान-नक़ल)।
- एक अहम सुराग़: धान के विपरीत, इसमें पत्ती-आधार पर लिग्यूल/ऑरिकल नहीं होता, व पत्ती-आवरण व तना-आधार अक्सर लाल/बैंगनी होते।
- तेज़ बढ़ती, भारी कल्ले फोड़ती, व बाद में एक शाखित, अक्सर बैंगनी बीज-शीर्ष रखती।
- गर्म, गीले, बाढ़-युक्त खेतों में व ख़ासकर सीधी-बोई धान में सबसे बुरा।
यह समस्या क्यों है
- धान (व मक्का) से नाइट्रोजन, पानी, रोशनी व स्थान के लिए ज़ोरदार प्रतिस्पर्धा करती, घनी झाड़ी में उपज भारी घटाती।
- इसकी धान-नक़ल आरंभिक बढ़वार हाथ से निकालना कठिन व चूकना आसान बनाती, जब नियंत्रण मायने रखता।
- यह धान को चाहिए उन्हीं गर्म, बाढ़-युक्त दशाओं में पनपती, इसलिए फसल के ठीक साथ फलती-फूलती।
- यह हर साल बड़ी मात्रा में बीज बनाती जो मृदा बीज-भंडार दोबारा भरते।
सांस्कृतिक व निवारक नियंत्रण
- भूमि अच्छी समतल करें व पानी सँभालें ताकि समय पर बाढ़ Echinochloa दबाए व धान को अनुकूल करे।
- साफ़, खरपतवार-बीज-मुक्त प्रमाणित बीज इस्तेमाल करें, और स्वस्थ, प्रतिस्पर्धी फसल स्थापित करें।
- सीधी-बोई धान में, फसल को आरंभिक बढ़त देने को बासी-बीजशैया व अच्छी कृषि-विधि इस्तेमाल करें।
- बीज-बनना रोकें — बीजने से पहले बच निकले हटाकर बीज-भंडार घटाएँ।
शाकनाशी नियंत्रण
- धान में Echinochloa के लिए अनुशंसित निकास-पूर्व शाकनाशी (जैसे प्रेटिलाक्लोर/पेंडिमेथालिन) व समय पर निकास-पश्चात शाकनाशी (जैसे बिस्पायरिबैक-सोडियम व अनुशंसित उत्पाद) इस्तेमाल करें।
- सही अवस्था, मात्रा व पानी/मृदा-नमी दशा पर लगाएँ, और प्रतिरोध से बचने को शाकनाशी समूह बदलें।
- भरोसेमंद नियंत्रण को शाकनाशी को भूमि-समतलीकरण व जल-प्रबंधन के साथ मिलाएँ।
- अपनी फसल के लिए मौजूदा शाकनाशी, मात्रा व समय स्थानीय KVK से पक्का करें।
एकीकृत प्रबंधन
- भूमि-समतलीकरण, जल-प्रबंधन, साफ़ बीज, प्रतिस्पर्धी स्थापना व समय पर शाकनाशी मिलाएँ।
- प्रतिरोध व बीज-भंडार नीचे रखने को शाकनाशी समूह बदलें व बीज-बनना रोकें।
- सीधी-बोई धान में, आरंभिक खरपतवार-नियंत्रण सावधानी से योजना बनाएँ — Echinochloa वहाँ सबसे कठिन।
सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सांवा घास को अपने धान अंकुरों से कैसे अलग पहचानूँ?
शुरू में वाक़ई कठिन — सांवा घास व जंगली धान धान अंकुरों की नक़ल करते। सबसे उपयोगी सुराग़ पत्ती-आधार पर है: धान के विपरीत, Echinochloa में लिग्यूल व ऑरिकल नहीं होता, व इसका पत्ती-आवरण व तना-आधार अक्सर लाल या बैंगनी होते। यह तेज़ भी बढ़ती व अधिक कल्ले फोड़ती, व बाद में एक शाखित, अक्सर बैंगनी बीज-शीर्ष निकालती। चूँकि हाथ से अलग बताना कठिन, भूमि-समतलीकरण, जल-प्रबंधन व समय पर शाकनाशी हाथ-निराई से ज़्यादा करते।
सांवा घास धान खेतों में क्यों पनपती है?
क्योंकि इसे ठीक वही गर्म, गीली, बाढ़-युक्त दशाएँ भातीं जिनमें धान उगता — इसलिए यह पानी से रुकने के बजाय फसल के ठीक साथ फलती-फूलती। यह जल्दी धान की नक़ल भी करती, भारी कल्ले फोड़ती व बहुत बीज बनाती। इसीलिए जल-प्रबंधन इतना मायने रखता: अच्छी-समतल खेत में समय पर, समान बाढ़ Echinochloa दबाती व धान को अनुकूल करती, जबकि असमान, ख़राब-बाढ़ खेत खरपतवार को आगे निकलने देते।
सीधी-बोई धान में सांवा घास बदतर क्यों है?
क्योंकि रोपित धान में फसल स्थापित अंकुरों के रूप में आरंभिक बढ़त व खरपतवार दबाते ठहरे पानी के साथ शुरू होती, जबकि सीधी-बोई धान में फसल व खरपतवार नम मिट्टी पर बिना ऐसी बढ़त के साथ अंकुरित होते, इसलिए Echinochloa पहले दिन से बराबर या बेहतर शर्तों पर प्रतिस्पर्धा करती। इसीलिए सीधी-बोई धान को ख़ास तौर पर सावधान आरंभिक खरपतवार-नियंत्रण चाहिए — अच्छी बासी-बीजशैया, समय पर निकास-पूर्व व निकास-पश्चात शाकनाशी, व साफ़ बीज — सांवा घास क़ाबू में रखने को।
लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.
