GC-4 (Gujarat Cumin-4)
सरदारकृष्णनगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय की सबसे व्यापक उगाई जाने वाली अधिक-उपज किस्म — मोटा, अधिक-तेल बीज, असली फ्यूज़ेरियम उकठा-रोधिता के साथ।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- जीरा
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 105–110 दिन
- बीज दर
- कतार बुवाई को 10–12 किग्रा/हेक्टेयर
- अपेक्षित उपज
- 8.7–12.5 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
- जारी
- सरदारकृष्णनगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय, गुजरात
इस किस्म के बारे में
GC-4 गुजरात-राजस्थान के मुख्य उकठा-पट्टी की बेंचमार्क जीरा किस्म है, जो सरदारकृष्णनगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय से जारी की गई और ख़ासतौर पर फ्यूज़ेरियम उकठा, जीरा खेती को सबसे ज़्यादा सीमित करने वाले रोग, का सामना करने के लिए विकसित की गई। कई स्वतंत्र स्रोत 8.7 से 12.5 क्विंटल/हेक्टेयर की उपज-क्षमता बताते हैं — पुरानी, ग़ैर-रोधी स्थानीय किस्मों के सामान्य 5–7 क्विंटल/हेक्टेयर से काफ़ी ऊपर — साथ ही मोटा दाना व अधिक वाष्पशील-तेल मात्रा, दोनों सीधे किसान को मिलने वाले दाम से जुड़े हैं। चूँकि उकठा मिट्टी-जनित है और जहाँ बार-बार एक ही ज़मीन पर जीरा उगाया जाए वहाँ जमा होता है, GC-4 की रोधिता उपज-बोनस से ज़्यादा उकठा-इतिहास वाले खेतों में फसल को व्यवहार्य बनाए रखने का तरीक़ा है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयमध्य नवंबर से दिसंबर का आरंभ
- बीज दरकतार बुवाई को 10–12 किग्रा/हेक्टेयर
- दूरीकतारों के बीच 30 सेमी
- सिंचाईबुवाई पर हल्की सिंचाई, अंकुरण को 7–10 दिन पर फिर, फिर हर 20–25 दिन — कुल लगभग 4–6
- उर्वरक15–20 टन/हेक्टेयर गोबर खाद के ऊपर लगभग 30:15:0 किग्रा N:P2O5:K2O/हेक्टेयर, आधी नाइट्रोजन बेसल व बाक़ी 25–30 दिन पर
- कटाईपौधा भूरा व बीज सख़्त होने पर काटें, आमतौर पर बुवाई के लगभग 105–110 दिन बाद, अक्सर फ़रवरी में
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट
- pH
- 7.0–8.5
उपज व अवधि
पकने की अवधि
105–110 दिन
अपेक्षित उपज
8.7–12.5 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- असली फ्यूज़ेरियम उकठा-रोधिता इसे मुख्य उगाने वाली पट्टी में उकठा-इतिहास वाले किसी भी खेत के लिए सबसे सुरक्षित डिफ़ॉल्ट चुनाव बनाती है।
- मोटा दाना व अधिक वाष्पशील-तेल मात्रा लगातार स्थानीय, ग़ैर-रोधी किस्मों से बेहतर दाम दिलाने वाली बताई जाती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- रोधिता विशेष रूप से फ्यूज़ेरियम उकठा तक सीमित है — फसल को फूल पर अब भी मानक अल्टरनेरिया झुलसा व चूर्णिल फफूँदी छिड़काव कार्यक्रम चाहिए।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- गुजरात
- राजस्थान
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
GC-4 सबसे आम अनुशंसित जीरा किस्म क्यों है?
यह असली फ्यूज़ेरियम उकठा-रोधिता — जीरा खेती को सबसे ज़्यादा सीमित करने वाला रोग — को 8.7–12.5 क्विंटल/हेक्टेयर की उपज-क्षमता के साथ जोड़ती है, जो पुरानी स्थानीय किस्मों से काफ़ी ऊपर है, साथ ही मोटा दाना व अधिक तेल-मात्रा जो बेहतर दाम दिलाते हैं।
स्रोत: AICRPS Technical Bulletin — Gujarat Cumin-4. संपादकीय नीति.
