Pant Lentil 8 (PL 8)
पंतनगर की पुरानी छोटे-दाने की मसूर, अब भी उत्तरी मैदानों में भरोसे व अच्छी दाल-निकासी के लिए उगाई जाती। इसका रोग-प्रतिक्रिया मध्यम मानें व उकठा वाली ज़मीन पर फफूँदनाशी बीज-उपचार साथ रखें।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- मसूर
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 130–135 दिन
- बीज दर
- नमी में कतार बुवाई के लिए 30–40 किग्रा/हेक्टेयर (12–16 किग्रा/एकड़)
- अपेक्षित उपज
- मध्यम से ज़्यादा — संभली हालात में लगभग 12–15 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- GBPUAT, पंतनगर द्वारा विकसित — उत्तरी मैदानों के लिए पुरानी पीढ़ी की छोटे-दाने की किस्म
इस किस्म के बारे में
पंत मसूर 8 (PL 8, जिसे पंत L 8 भी लिखा जाता) गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर की पुरानी छोटे-दाने की मसूर है। यह अब भी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के उत्तरी मैदानों में उगाई जाती, किसानों द्वारा इसके भरोसे, अच्छी दलहन-निकासी व लगभग 130–135 दिन में समय पर बोई रबी खिड़की में फ़िट होने के लिए रखी जाती। यह मौजूदा पीढ़ी की बहु-रोग-प्रतिरोधी किस्मों से पहले की है, इसलिए इसका रतुआ व उकठा प्रतिक्रिया भरोसे लायक़ प्रतिरोध की बजाय मध्यम माना जाना चाहिए: किसी भी उकठा-इतिहास वाली ज़मीन पर PL 8 फफूँदनाशी बीज-उपचार के साथ बोई जाए व बेहतर हो तो फ़सल-चक्र में घुमाई जाए। जहाँ आपके क्षेत्र के लिए PL 406, IPL 316 या HUL 57 जैसी अद्यतन, उकठा-रोधी किस्म उपलब्ध हो, वह आमतौर सुरक्षित आधुनिक चुनाव है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयमध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर — समय पर बोई रबी फ़सल; देर बुवाई दाना-भराव को टर्मिनल हीट में ले जाती
- बीज दरनमी में कतार बुवाई के लिए 30–40 किग्रा/हेक्टेयर (12–16 किग्रा/एकड़)
- उर्वरकलगभग 15–20 किग्रा N व 40–50 किग्रा P2O5 प्रति हेक्टेयर बेसल, हल्की मिट्टी पर 20 किग्रा S; कोई नाइट्रोजन टॉप-ड्रेसिंग नहीं। फफूँदनाशी सूखने के बाद राइज़ोबियम व PSB बीज-टीका
- कटाईलगभग 130–135 दिन पर काटें जब पौधे पीले पड़ें व नीचे की फलियाँ भूरी सूखें; ऊपरी फलियाँ चटकने से पहले काटें।
उपज व अवधि
पकने की अवधि
130–135 दिन
अपेक्षित उपज
मध्यम से ज़्यादा — संभली हालात में लगभग 12–15 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- फ्यूज़ेरियम उकठा — PL 8 का प्रतिक्रिया मध्यम मानें; उकठा-इतिहास वाली ज़मीन पर फफूँदनाशी बीज-उपचार व फ़सल-चक्र अपनाएँ
- रतुआ — मध्यम प्रतिक्रिया; बहुत देर बुवाई से बचें जो फली अवस्था को सबसे बुरे रतुआ मौसम में धकेलती
- स्टेम्फीलियम झुलसा — जहाँ भी सर्दी नम हो वहाँ ख़तरा; जल्दी बुवाई व पहले धब्बों पर सुरक्षात्मक फफूँदनाशी जवाब है
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- लंबे समय से जानी-पहचानी, आसानी से उपलब्ध किस्म, अनुमान लगाने योग्य व्यवहार व अच्छी दलहन-निकासी के साथ
- उत्तरी मैदानों की मानक समय पर बोई रबी खिड़की में फ़िट
ध्यान रखने योग्य बातें
- यह नई किस्मों के बहु-रोग-प्रतिरोध पैकेज के बिना पुरानी किस्म है — उकठा वाली ज़मीन पर PL 406 या IPL 316 जैसी किस्म सुरक्षित चुनाव है
- विशेष जारी-वर्ष व वंशावली यहाँ दोबारा नहीं दी क्योंकि स्रोत अलग-अलग हैं; PL 8 को पुरानी पीढ़ी की दस्तावेज़ी पंतनगर किस्म मानें
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या PL 8 अब भी उगाने लायक़ है?
यह उत्तरी मैदानों के लिए भरोसेमंद, आसानी से उपलब्ध छोटे-दाने की मसूर है, पर पुरानी किस्म है। किसी भी उकठा-इतिहास वाली ज़मीन पर PL 406, IPL 316 या HUL 57 जैसी नई उकठा-रोधी किस्म सुरक्षित आधुनिक चुनाव है।
PL 8 कब बोऊँ?
घटती मिट्टी की नमी में मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर। देर बुवाई दाना-भराव को टर्मिनल हीट में ले जाती व उपज घटाती, तो समय पर बोना मायने रखता।
स्रोत: ICAR-IIPR, Kanpur — lentil varieties and package of practices, Directorate of Pulses Development — Central released varieties of Lentil (Masoor). संपादकीय नीति.
