IPL 316 (Pusa Ageti Masoor)
ICAR-IIPR, कानपुर की अगेती, ज़्यादा उपज वाली छोटे-दाने की मसूर, मध्य क्षेत्र में टर्मिनल हीट से बचने व तंग धान-खूँटी समय में फ़िट होने के लिए पैदा — व्यापक खेती वाली सबसे कम अवधि की मसूर में से एक।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- मसूर
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 110–120 दिन
- बीज दर
- कतार बुवाई के लिए 30–40 किग्रा/हेक्टेयर (12–16 किग्रा/एकड़); धान-खूँटी फ़सल के लिए थोड़ी घनी
- अपेक्षित उपज
- कम अवधि की मसूर के लिए ज़्यादा — परीक्षणों में लगभग 11–13 क्विंटल/हेक्टेयर, अच्छे प्रबंधन में और ज़्यादा
- उपयुक्त मिट्टी
- काली मिट्टी व अच्छी जल-निकासी वाली दोमट; मध्य क्षेत्र के लिए पैदा
- जारी
- ICAR-IIPR, कानपुर द्वारा पूसा अगेती मसूर के नाम से जारी; मध्य क्षेत्र के लिए सुझाई
इस किस्म के बारे में
IPL 316, जो पूसा अगेती मसूर के नाम से जारी हुई, ICAR-भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर की कम अवधि की छोटे-दाने की मसूर है, जो मध्य क्षेत्र (मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व लगे इलाक़े) के लिए सुझाई गई। लगभग 110–120 दिन में यह व्यापक खेती वाली सबसे अगेती मसूरों में से एक है, व यही अगेती पकाव इसका मुख्य मक़सद है: यह दाना-भराव को उस टर्मिनल हीट से पहले पूरा करा देती जो देर से बोई मसूर का दाना सिकोड़ती, व खरीफ़ धान या सोयाबीन के बाद के छोटे अंतराल में — धान-खूँटी (उतेरा) फ़सल सहित — फ़िट होती। इसे फ्यूज़ेरियम उकठा प्रतिरोधी व रतुआ सहनशील बताया जाता, व परीक्षणों में अपनी अवधि श्रेणी के लिए ज़्यादा बीज उपज दिखाई है — उद्धृत मूल्यांकनों में लगभग 11 क्विंटल/हेक्टेयर, अच्छे प्रबंधन में और संभव।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयमध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर; इसकी कम अवधि इसे जान-बूझकर देर या धान-खूँटी बुवाई के लिए भी पसंदीदा बनाती, जहाँ सामान्य अवधि की मसूर सीज़न से बाहर हो जाती
- बीज दरकतार बुवाई के लिए 30–40 किग्रा/हेक्टेयर (12–16 किग्रा/एकड़); धान-खूँटी फ़सल के लिए थोड़ी घनी
- उर्वरकलगभग 15–20 किग्रा N व 40–50 किग्रा P2O5 प्रति हेक्टेयर बेसल, हल्की मिट्टी पर 20 किग्रा S; कोई नाइट्रोजन टॉप-ड्रेसिंग नहीं। राइज़ोबियम व PSB बीज-टीका
- कटाईलगभग 110–120 दिन पर काटें — ज़्यादातर मसूरों से पहले — जब पौधे पीले पड़ें व नीचे की फलियाँ भूरी सूखें।
उपज व अवधि
पकने की अवधि
110–120 दिन
अपेक्षित उपज
कम अवधि की मसूर के लिए ज़्यादा — परीक्षणों में लगभग 11–13 क्विंटल/हेक्टेयर, अच्छे प्रबंधन में और ज़्यादा
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- व्यापक खेती वाली सबसे कम अवधि की मसूरों में से एक — दाना-भराव टर्मिनल हीट से पहले पूरा होता
- खरीफ़ धान या सोयाबीन के बाद के छोटे अंतराल में फ़िट, धान-खूँटी (उतेरा) फ़सल सहित
- उकठा प्रतिरोध व अगेती पकाव मध्य क्षेत्र के लिए मज़बूत मेल है
ध्यान रखने योग्य बातें
- कम अवधि की फ़सल के पास उपज बनाने की खिड़की छोटी होती — सचमुच अच्छी हालात में सामान्य अवधि की किस्म इससे ज़्यादा उपज दे सकती; IPL 316 की बढ़त तंग या देर बुवाई हालात में है
- यह छोटे-दाने की है; मोटे-दाने के प्रीमियम बाज़ार के लिए DPL 62 या L 4076 चुनें
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- मध्य प्रदेश
- उत्तर प्रदेश
- छत्तीसगढ़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
IPL 316 को "अगेती" मसूर क्यों कहते?
क्योंकि यह लगभग 110–120 दिन में पकती, ज़्यादातर मसूरों से कम। इससे दाना-भराव उस टर्मिनल हीट से पहले पूरा होता जो देर की फ़सल सिकोड़ती, व मसूर खरीफ़ धान या सोयाबीन के बाद के छोटे अंतराल में फ़िट होती।
क्या IPL 316 धान-खूँटी (उतेरा) बुवाई के लिए अच्छी है?
हाँ — इसकी कम अवधि ठीक वही है जो देर या रिले बुवाई को चाहिए, क्योंकि सामान्य अवधि की मसूर टर्मिनल हीट में फँस जाती। इसे खड़े लगभग पके धान में थोड़ा घना छिड़कें।
स्रोत: ICAR-IIPR, Kanpur — lentil varieties (IPL 316 / Pusa Ageti Masoor), Directorate of Pulses Development — Central released varieties of Lentil (Masoor). संपादकीय नीति.
