Pusa Early Bunching
ICAR-IARI, नई दिल्ली से — तेज़ी से बढ़ने वाली, दोहरे-उद्देश्य किस्म, खड़ी टहनियों व मोटे बीज के साथ, सबसे कम-अवधि नामित मेथी किस्म, वहाँ लोकप्रिय जहाँ बाज़ार के लिए पत्ती-कटाई मुख्य लक्ष्य हो।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- मेथी
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 100–125 दिन
- बीज दर
- बीज फसल को 20–25 किग्रा/हेक्टेयर; घनी पत्ती फसल को अधिक, बुवाई से पहले 6–8 घंटे भिगोकर
- अपेक्षित उपज
- मध्यम (पत्ती-केंद्रित)
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली
इस किस्म के बारे में
पूसा अर्ली बंचिंग ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा तेज़ी से बढ़ने वाली, दोहरे-उद्देश्य मेथी किस्म के रूप में विकसित की गई, खड़ी टहनियों व मोटे बीज के साथ, केवल 100 से 125 दिन में पकती है — इस साइट पर शामिल नामित किस्मों में सबसे कम अवधि। इसका खड़ा बढ़वार-रूप व तेज़ फसल-चक्र इसे बार-बार कटाई के साथ ताज़ी-पत्ती बाज़ार लक्षित करने वाले किसानों के लिए स्वाभाविक रूप से उपयुक्त बनाता है, हालाँकि किसी भी दोहरे-उद्देश्य मेथी की तरह, यदि उसी बुवाई से बीज भी चाहिए तो भारी पत्ती-कटाई अंतिम बीज-उपज की क़ीमत पर आती है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयअक्टूबर–नवंबर
- बीज दरबीज फसल को 20–25 किग्रा/हेक्टेयर; घनी पत्ती फसल को अधिक, बुवाई से पहले 6–8 घंटे भिगोकर
- दूरी~30 सेमी कतारों के बीच
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल-निकासी वाली दोमट
उपज व अवधि
पकने की अवधि
100–125 दिन
अपेक्षित उपज
मध्यम (पत्ती-केंद्रित)
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- ख़ास दर्ज नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- यहाँ किसी भी नामित मेथी किस्म से सबसे कम अवधि, पत्ती-बाज़ार फसल को सबसे तेज़ फसल-चक्र देती।
- खड़ी टहनी-आदत व मोटा बीज इसे ताज़ी-पत्ती बिक्री के लिए गुच्छा बनाने में अच्छी तरह उपयुक्त बनाते हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
- कोई विशेष रोग-रोधिता गुण दर्ज नहीं — किसी भी अरेटेड किस्म जैसी मानक जड़-सड़न-सावधानियाँ (अनुशंसित बीज-दर, हल्की सिंचाई, अच्छी जल-निकासी) इसके साथ भी बरतें।
- यदि बीज-उपज पत्ती जितनी ही मायने रखती हो, पत्ती-कटाई हल्की रखें, क्योंकि यह किसी विशेष उच्च-बीज-उपज गुण के लिए नहीं विकसित की गई।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- दिल्ली
- उत्तर प्रदेश
- पंजाब
स्रोत: Fenugreek: Cultivate these varieties — variety review. संपादकीय नीति.
