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मेथीरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 1 सितंबर 2026

Hisar Suvarna

CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से — दोहरे-उद्देश्य पत्ती-व-बीज किस्म, रोधिताओं के दुर्लभ संयोजन के साथ: चूर्णिल फफूँदी-रोधी व मृदुरोमिल फफूँदी भी मध्यम-रोधी।

सीज़नरबी
पकने की अवधिमध्यम
अपेक्षित उपजमध्यम-उच्च
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मेथी
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
मध्यम
बीज दर
बुवाई से पहले 6–8 घंटे भिगोकर 20–25 किग्रा/हेक्टेयर
अपेक्षित उपज
मध्यम-उच्च
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, देसी जननद्रव्य से शुद्ध-रेखा चयन

इस किस्म के बारे में

हिसार सुवर्णा CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा देसी जननद्रव्य से शुद्ध-रेखा चयन द्वारा विकसित की गई, और हरियाणा, राजस्थान व गुजरात के लिए दोहरे-उद्देश्य किस्म के रूप में अनुशंसित है। यहाँ शामिल मेथी किस्मों में इसकी विशिष्ट विशेषता रोग-रोधिता की चौड़ाई है: यह चूर्णिल फफूँदी-रोधी व मृदुरोमिल फफूँदी भी मध्यम-रोधी है, एक संयोजन जो अधिकांश अन्य नामित किस्मों के लिए दर्ज नहीं, जो आमतौर पर इनमें से ज़्यादा से ज़्यादा एक गुण या कोई नहीं रखतीं। जिस खेत में कोई भी फफूँदी बार-बार समस्या रही हो, वहाँ के किसान के लिए हिसार सुवर्णा एक मज़बूत पहला चुनाव है — इसके लिए जड़-सड़न-रोधिता दर्ज नहीं, तो जड़-सड़न-इतिहास वाले खेत में किस्म-चुनाव को मानक बीज-दर व सिंचाई-सावधानियों के साथ जोड़ना अब भी मायने रखता है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिमध्यम
    उपज क्षमतामध्यम-उच्च
    रोग-प्रतिरोधचूर्णिल फफूँदी-रोधी; मृदुरोमिल फफूँदी मध्यम-रोधी
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयअक्टूबर–नवंबर
  • बीज दरबुवाई से पहले 6–8 घंटे भिगोकर 20–25 किग्रा/हेक्टेयर
  • दूरी~30 सेमी कतारों के बीच

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
अच्छी जल-निकासी वाली दोमट

उपज व अवधि

पकने की अवधि

मध्यम

अपेक्षित उपज

मध्यम-उच्च

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • फसल के दोनों मुख्य पर्ण-रोगों, चूर्णिल फफूँदी व मृदुरोमिल फफूँदी, दोनों के प्रति रोधिता का दुर्लभ संयोजन।
  • तीन राज्यों (हरियाणा, राजस्थान, गुजरात) में आधिकारिक रूप से अनुशंसित, व्यापक क्षेत्रीय प्रासंगिकता देती है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • इस किस्म के लिए जड़-सड़न-रोधिता दर्ज नहीं — जड़-सड़न-इतिहास वाले खेत में, मानक रोकथाम क़दम (अनुशंसित बीज-दर, हल्की सिंचाई, अच्छी जल-निकासी) किस्म-चुनाव से परे भी लागू होते हैं।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • हरियाणा
  • राजस्थान
  • गुजरात

स्रोत: Production technology of fenugreek — variety review. संपादकीय नीति.