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मेथीरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 1 सितंबर 2026

Rajendra Kanti

पूर्वी उगाने की स्थितियों के अनुकूल बिहार की किस्म — राजस्थान व हरियाणा की रेखाओं से छोटी अवधि, इल्ली व माहू नुक़सान तथा एक पर्ण-चित्ती रोग की मध्यम सहनशीलता के साथ।

सीज़नरबी
पकने की अवधि~120 दिन
अपेक्षित उपज~12.4 क्विंटल/हेक्टेयर (5 क्विंटल/एकड़)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मेथी
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
~120 दिन
बीज दर
बुवाई से पहले 6–8 घंटे भिगोकर 20–25 किग्रा/हेक्टेयर
अपेक्षित उपज
~12.4 क्विंटल/हेक्टेयर (5 क्विंटल/एकड़)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट

इस किस्म के बारे में

राजेंद्र कांति बिहार व इसकी आसपास की पूर्वी उगाने की स्थितियों के अनुकूल मेथी किस्म है, लगभग 120 दिन में पकती है — इस सूची की राजस्थान व हरियाणा किस्मों की सामान्य 140–150 दिन अवधि से छोटी। इसे इल्ली व माहू नुक़सान, तथा एक पर्ण-चित्ती रोग (संभवतः सर्कोस्पोरा पर्ण-चित्ती, फसल की आम पर्ण-चित्ती समस्या, हालाँकि इस शोध चरण में सटीक रोगजनक अलग से पुष्ट नहीं हुआ) की मध्यम सहनशील बताया गया है, लगभग 5 क्विंटल/एकड़ (क़रीब 12.4 क्विंटल/हेक्टेयर) तक बताई गई उपज के साथ। यह बिहार की मेथी पट्टी के किसानों के लिए मुख्य नामित विकल्प है, फसल के मुख्य पश्चिमी उगाने वाले क्षेत्र पर हावी राजस्थान- व हरियाणा-विकसित किस्मों से अलग।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि~120 दिन
    उपज क्षमता~12.4 क्विंटल/हेक्टेयर (5 क्विंटल/एकड़)
    रोग-प्रतिरोधपर्ण-चित्ती रोग मध्यम सहनशील
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयअक्टूबर–नवंबर
  • बीज दरबुवाई से पहले 6–8 घंटे भिगोकर 20–25 किग्रा/हेक्टेयर
  • दूरी~30 सेमी कतारों के बीच

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
अच्छी जल-निकासी वाली दोमट

उपज व अवधि

पकने की अवधि

~120 दिन

अपेक्षित उपज

~12.4 क्विंटल/हेक्टेयर (5 क्विंटल/एकड़)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • पर्ण-चित्ती रोग (मध्यम सहनशील)

मुख्य कीट

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • बिहार व पूर्वी उगाने की स्थितियों के लिए मुख्य स्थानीय-अनुकूलित विकल्प, फसल पर हावी पश्चिम-भारत-केंद्रित किस्मों से अलग।
  • अधिकांश राजस्थान व हरियाणा किस्मों से छोटी अवधि (लगभग 120 दिन)।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • इसकी बताई गई उपज, लगभग 12.4 क्विंटल/हेक्टेयर, हिसार सोनाली या RMt-143 के आगे निचले छोर पर है — यह शीर्ष उपज की बजाय क्षेत्रीय अनुकूलन व छोटी अवधि का समझौता है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • बिहार

स्रोत: Fenugreek: Cultivate these varieties — variety review. संपादकीय नीति.