Rajendra Kanti
पूर्वी उगाने की स्थितियों के अनुकूल बिहार की किस्म — राजस्थान व हरियाणा की रेखाओं से छोटी अवधि, इल्ली व माहू नुक़सान तथा एक पर्ण-चित्ती रोग की मध्यम सहनशीलता के साथ।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- मेथी
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- ~120 दिन
- बीज दर
- बुवाई से पहले 6–8 घंटे भिगोकर 20–25 किग्रा/हेक्टेयर
- अपेक्षित उपज
- ~12.4 क्विंटल/हेक्टेयर (5 क्विंटल/एकड़)
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
इस किस्म के बारे में
राजेंद्र कांति बिहार व इसकी आसपास की पूर्वी उगाने की स्थितियों के अनुकूल मेथी किस्म है, लगभग 120 दिन में पकती है — इस सूची की राजस्थान व हरियाणा किस्मों की सामान्य 140–150 दिन अवधि से छोटी। इसे इल्ली व माहू नुक़सान, तथा एक पर्ण-चित्ती रोग (संभवतः सर्कोस्पोरा पर्ण-चित्ती, फसल की आम पर्ण-चित्ती समस्या, हालाँकि इस शोध चरण में सटीक रोगजनक अलग से पुष्ट नहीं हुआ) की मध्यम सहनशील बताया गया है, लगभग 5 क्विंटल/एकड़ (क़रीब 12.4 क्विंटल/हेक्टेयर) तक बताई गई उपज के साथ। यह बिहार की मेथी पट्टी के किसानों के लिए मुख्य नामित विकल्प है, फसल के मुख्य पश्चिमी उगाने वाले क्षेत्र पर हावी राजस्थान- व हरियाणा-विकसित किस्मों से अलग।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयअक्टूबर–नवंबर
- बीज दरबुवाई से पहले 6–8 घंटे भिगोकर 20–25 किग्रा/हेक्टेयर
- दूरी~30 सेमी कतारों के बीच
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल-निकासी वाली दोमट
उपज व अवधि
पकने की अवधि
~120 दिन
अपेक्षित उपज
~12.4 क्विंटल/हेक्टेयर (5 क्विंटल/एकड़)
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- पर्ण-चित्ती रोग (मध्यम सहनशील)
मुख्य कीट
- इल्ली (मध्यम सहनशील)
- माहू (मध्यम सहनशील)
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- बिहार व पूर्वी उगाने की स्थितियों के लिए मुख्य स्थानीय-अनुकूलित विकल्प, फसल पर हावी पश्चिम-भारत-केंद्रित किस्मों से अलग।
- अधिकांश राजस्थान व हरियाणा किस्मों से छोटी अवधि (लगभग 120 दिन)।
ध्यान रखने योग्य बातें
- इसकी बताई गई उपज, लगभग 12.4 क्विंटल/हेक्टेयर, हिसार सोनाली या RMt-143 के आगे निचले छोर पर है — यह शीर्ष उपज की बजाय क्षेत्रीय अनुकूलन व छोटी अवधि का समझौता है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- बिहार
स्रोत: Fenugreek: Cultivate these varieties — variety review. संपादकीय नीति.
