मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
कुसुम (करडी)रबीकाँटेदार कुसुम किस्मअपडेट किया गया 28 अगस्त 2026

Bhima

महाराष्ट्र के बारानी इलाक़ों के लिए जारी काँटेदार किस्म, मध्यम-से-लंबी अवधि, अच्छी बारानी उपज व चौड़ी अनुकूलता के साथ।

सीज़नरबी
पकने की अवधिलगभग 125–135 दिन
अपेक्षित उपजमहाराष्ट्र भर चौड़ी अनुकूलता के साथ बारानी लगभग 9–13 क्विंटल/हे.
उपयुक्त मिट्टीमराठवाड़ा व पश्चिमी महाराष्ट्र की गहरी काली मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
काँटेदार कुसुम किस्म
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
लगभग 125–135 दिन
बीज दर
अकेली फ़सल 45 सेमी कतारों में 10–12 किग्रा/हे.; मेड़ / अंतर-फ़सल लगभग 5–6 किग्रा/हे.
अपेक्षित उपज
महाराष्ट्र भर चौड़ी अनुकूलता के साथ बारानी लगभग 9–13 क्विंटल/हे.
उपयुक्त मिट्टी
मराठवाड़ा व पश्चिमी महाराष्ट्र की गहरी काली मिट्टी
जारी
महाराष्ट्र बारानी कुसुम इलाक़ों के लिए जारी

इस किस्म के बारे में

भीमा महाराष्ट्र के बारानी काली-मिट्टी इलाक़ों के लिए जारी एक काँटेदार कुसुम किस्म है। यह अवधि में मध्यम-से-लंबी है, भरोसेमंद बारानी बीज उपज देती, और मराठवाड़ा व पश्चिमी महाराष्ट्र भर चौड़ी अनुकूल है, इसीलिए यह नई उकठा-सहनशील किस्मों के साथ एक आम चुनाव बनी रही है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारकाँटेदार कुसुम किस्म
    अवधिलगभग 125–135 दिन
    उपज क्षमतामहाराष्ट्र भर चौड़ी अनुकूलता के साथ बारानी लगभग 9–13 क्विंटल/हे.
    रोग-प्रतिरोधमध्यम
    मिट्टीमराठवाड़ा व पश्चिमी महाराष्ट्र की गहरी काली मिट्टी
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयसितंबर अंत से अक्टूबर के अंत तक, हटते-मानसून की नमी में गहरा ड्रिल; लंबी-अवधि प्रकार, तो बहुत देर बुवाई से बचें
  • बीज दरअकेली फ़सल 45 सेमी कतारों में 10–12 किग्रा/हे.; मेड़ / अंतर-फ़सल लगभग 5–6 किग्रा/हे.
  • दूरी45 सेमी कतारें; कतार में लगभग 20 सेमी पर छँटाई
  • बुवाई विधिनम काली मिट्टी में हल के पीछे 4–6 सेमी गहरा ड्रिल करें
  • सिंचाईबारानी; जहाँ पानी हो वहाँ रोज़ेट-से-शाखा पर एक और फूल पर दूसरी सिंचाई
  • उर्वरकबारानी लगभग 25:25:0 किग्रा N:P2O5:K2O/हे. बीज के नीचे ड्रिल; सिंचाई पर 40–60 किग्रा N/हे. बाँटकर
  • कटाई125–135 दिन पर जब फ़सल पुआल-सूखी और बीज सख़्त-सफ़ेद हो तब काटें; ठंडी सुबह जल्दी सुरक्षात्मक कपड़ों के साथ काटें

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
पूरे जमा-नमी प्रोफ़ाइल वाली गहरी काली (वर्टिसोल) मिट्टी
pH
6.5–8.0

जलवायु

जलवायु
बारानी रबी फ़सल; लंबी अवधि का मतलब इसे इतना जल्दी बोना चाहिए कि काली-मिट्टी प्रोफ़ाइल सूखने से पहले दाना भरना पूरा हो जाए

उपज व अवधि

पकने की अवधि

लगभग 125–135 दिन

अपेक्षित उपज

महाराष्ट्र भर चौड़ी अनुकूलता के साथ बारानी लगभग 9–13 क्विंटल/हे.

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

प्रबंधन सुझाव

  • लंबी अवधि के कारण जल्दी बोएँ — देर की भीमा फ़सल आख़िरी सूखे से मिलती
  • पहली कली बस्तियों पर माहू जाँचें व छिड़कें
  • कुसुम से दूर 3–4 साल के फ़सल-चक्र पर रहें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • महाराष्ट्र भर चौड़ी अनुकूलता व भरोसेमंद बारानी उपज
  • मराठवाड़ा व पश्चिमी महाराष्ट्र काली मिट्टी के लिए जाना-पहचाना, अच्छी परखा विकल्प

ध्यान रखने योग्य बातें

  • काँटेदार — बिना-काँटे किस्म ज़्यादातर निराई व कटाई की मुश्किल टालती
  • लंबी अवधि — छोटे बची-नमी दौर या देर बुवाई के लिए अच्छी नहीं

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या भीमा देर बुवाई के लिए उपयुक्त है?

ज़्यादा नहीं। भीमा मध्यम-से-लंबी-अवधि किस्म है, तो देर बुवाई दाना भरना उस दौर में धकेलती है जब काली-मिट्टी नमी प्रोफ़ाइल सूख चुका होता, उपज व तेल तेज़ी से घटाते हुए। देर बुवाई के लिए जल्दी पकने वाली किस्म बेहतर चुनाव है।

स्रोत: ICAR-Indian Institute of Oilseeds Research (IIOR), Hyderabad, Vasantrao Naik Marathwada Krishi Vidyapeeth, Parbhani. संपादकीय नीति.