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कुसुम (करडी)रबीबिना-काँटे कुसुम किस्मअपडेट किया गया 28 अगस्त 2026

Phule Chandrabhaga

परभणी कार्यक्रम की बिना-काँटे, उकठा-सहनशील किस्म (PBNS-12), मराठवाड़ा की काली मिट्टी के लिए बनी — बिना-काँटे गुण के साथ अच्छा उकठा प्रतिरोध।

सीज़नरबी
पकने की अवधिलगभग 125–135 दिन
अपेक्षित उपजअच्छे प्रबंधन में बारानी लगभग 12–16 क्विंटल/हे.
उपयुक्त मिट्टीमराठवाड़ा की गहरी काली मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
बिना-काँटे कुसुम किस्म
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
लगभग 125–135 दिन
बीज दर
अकेली फ़सल 45 सेमी कतारों में 10–12 किग्रा/हे.; मेड़ / अंतर-फ़सल लगभग 5–6 किग्रा/हे.
अपेक्षित उपज
अच्छे प्रबंधन में बारानी लगभग 12–16 क्विंटल/हे.
उपयुक्त मिट्टी
मराठवाड़ा की गहरी काली मिट्टी
जारी
मराठवाड़ा काली मिट्टी के लिए VNMKV परभणी द्वारा जारी; बिना-काँटे व उकठा-सहनशील

इस किस्म के बारे में

फुले चंद्रभागा (PBNS-12) वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ (परभणी) कार्यक्रम की एक बिना-काँटे, फ्यूजेरियम-उकठा-सहनशील कुसुम किस्म है, जो मराठवाड़ा की काली-मिट्टी इलाक़ों के लिए बनी। यह बिना-काँटे गुण — आसान निराई, छिड़काव व कटाई — को अच्छे उकठा प्रतिरोध व स्थिर बारानी उपज के साथ जोड़ती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारबिना-काँटे कुसुम किस्म
    अवधिलगभग 125–135 दिन
    उपज क्षमताअच्छे प्रबंधन में बारानी लगभग 12–16 क्विंटल/हे.
    रोग-प्रतिरोधअच्छी फ्यूजेरियम-उकठा सहनशीलता
    मिट्टीमराठवाड़ा की गहरी काली मिट्टी
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयसितंबर अंत से अक्टूबर के अंत तक, नमी में गहरा ड्रिल; लंबी अवधि के कारण जल्दी बोएँ
  • बीज दरअकेली फ़सल 45 सेमी कतारों में 10–12 किग्रा/हे.; मेड़ / अंतर-फ़सल लगभग 5–6 किग्रा/हे.
  • दूरी45 सेमी कतारें; कतार में लगभग 20 सेमी पर छँटाई
  • बुवाई विधिनम काली मिट्टी में हल के पीछे 4–6 सेमी गहरा ड्रिल करें
  • सिंचाईबारानी; जहाँ पानी हो वहाँ रोज़ेट-से-शाखा पर एक और फूल पर दूसरी सिंचाई
  • उर्वरकबारानी लगभग 25:25:0 किग्रा N:P2O5:K2O/हे. बीज के नीचे; सिंचाई पर 40–60 किग्रा N/हे. बाँटकर
  • कटाई125–135 दिन पर जब पुआल-सूखी और बीज सख़्त-सफ़ेद हो तब काटें; बिना-काँटे पौधा काटना व गहाई करना सुरक्षित व तेज़

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
मराठवाड़ा पट्टी की गहरी काली मिट्टी
pH
6.5–8.0

जलवायु

जलवायु
बारानी रबी फ़सल; उकठा सहनशीलता के साथ बिना-काँटे गुण इसे उकठा इतिहास व कम मज़दूरी वाले मराठवाड़ा खेत के लिए अच्छा चुनाव बनाते

उपज व अवधि

पकने की अवधि

लगभग 125–135 दिन

अपेक्षित उपज

अच्छे प्रबंधन में बारानी लगभग 12–16 क्विंटल/हे.

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

प्रबंधन सुझाव

  • उकठा इतिहास व काँटेदार फ़सल के लिए कम मज़दूरी वाले मराठवाड़ा खेत के लिए मज़बूत चुनाव
  • लंबी अवधि के कारण जल्दी व गहरा बोएँ
  • फिर भी कुसुम से दूर फ़सल-चक्र रखें — उकठा सहनशीलता प्रतिरक्षा नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • बिना-काँटे और अच्छी फ्यूजेरियम-उकठा सहनशीलता के साथ — एक असामान्य व काम का मेल
  • ख़ासकर मराठवाड़ा काली मिट्टी के लिए बनी

ध्यान रखने योग्य बातें

  • लंबी अवधि — जल्दी, गहरी बुवाई चाहिए
  • मराठवाड़ा में बनी किस्म; उस पट्टी के बाहर स्थानीय उपयुक्तता पुष्ट करें

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • महाराष्ट्र

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या फुले चंद्रभागा और PBNS-12 एक ही हैं?

हाँ। फुले चंद्रभागा VNMKV परभणी कार्यक्रम की कुसुम किस्म PBNS-12 का जारी नाम है — मराठवाड़ा काली मिट्टी के लिए एक बिना-काँटे, फ्यूजेरियम-उकठा-सहनशील प्रकार।

स्रोत: Vasantrao Naik Marathwada Krishi Vidyapeeth (VNMKV), Parbhani, ICAR-Indian Institute of Oilseeds Research (IIOR), Hyderabad. संपादकीय नीति.