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कुसुम (करडी)रबीकाँटेदार कुसुम किस्मअपडेट किया गया 28 अगस्त 2026

Manjira

तेलंगाना व उत्तरी आंध्र प्रदेश की कुसुम पट्टी में लंबे समय से उगाई काँटेदार किस्म (JSF-1), स्थानीय बारानी काली मिट्टी के अनुकूल, भरोसेमंद उपज के साथ।

सीज़नरबी
पकने की अवधिलगभग 120–130 दिन
अपेक्षित उपजबारानी लगभग 8–12 क्विंटल/हे.; लगभग 30% तेल
उपयुक्त मिट्टीतेलंगाना / उत्तरी आंध्र पट्टी की काली मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
काँटेदार कुसुम किस्म
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
लगभग 120–130 दिन
बीज दर
अकेली फ़सल 45 सेमी कतारों में 10–12 किग्रा/हे.; मेड़ / अंतर-फ़सल लगभग 5–6 किग्रा/हे.
अपेक्षित उपज
बारानी लगभग 8–12 क्विंटल/हे.; लगभग 30% तेल
उपयुक्त मिट्टी
तेलंगाना / उत्तरी आंध्र पट्टी की काली मिट्टी
जारी
तेलंगाना / उत्तरी आंध्र बारानी इलाक़ों के लिए काँटेदार कुसुम किस्म (JSF-1)

इस किस्म के बारे में

मंजीरा (JSF-1) एक काँटेदार कुसुम किस्म है जो तेलंगाना व उत्तरी आंध्र प्रदेश की कुसुम पट्टी भर लंबे समय से उगाई जाती है। यह स्थानीय बारानी काली मिट्टी के अच्छी अनुकूल है, लगभग 30% तेल के साथ लगभग 8–12 क्विंटल/हे. की भरोसेमंद बीज उपज देती, और उस क्षेत्र में किसानों व तेल मिलों को जानी-पहचानी है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारकाँटेदार कुसुम किस्म
    अवधिलगभग 120–130 दिन
    उपज क्षमताबारानी लगभग 8–12 क्विंटल/हे.; लगभग 30% तेल
    रोग-प्रतिरोधमध्यम
    मिट्टीतेलंगाना / उत्तरी आंध्र पट्टी की काली मिट्टी
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयसितंबर अंत से अक्टूबर, हटते-मानसून की नमी में गहरा ड्रिल
  • बीज दरअकेली फ़सल 45 सेमी कतारों में 10–12 किग्रा/हे.; मेड़ / अंतर-फ़सल लगभग 5–6 किग्रा/हे.
  • दूरी45 सेमी कतारें; कतार में लगभग 20 सेमी पर छँटाई
  • बुवाई विधिनम काली मिट्टी में हल के पीछे 4–6 सेमी गहरा ड्रिल करें
  • सिंचाईजमा नमी पर बारानी; जहाँ पानी हो वहाँ रोज़ेट-से-शाखा पर एक सिंचाई
  • उर्वरकबारानी लगभग 25:25:0 किग्रा N:P2O5:K2O/हे. बीज के नीचे; सिंचाई पर 40–60 किग्रा N/हे. बाँटकर
  • कटाई120–130 दिन पर जब पुआल-सूखी हो तब काटें; काँटेदार फ़सल, तो ठंडी सुबह जल्दी सुरक्षात्मक कपड़ों के साथ काटें

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
तेलंगाना / उत्तरी आंध्र पट्टी की काली मिट्टी
pH
6.5–8.0

जलवायु

जलवायु
तेलंगाना पट्टी की बारानी रबी फ़सल; बेमौसम बारिश या नम फूल-मौसम अल्टरनेरिया व भारी माहू लाता

उपज व अवधि

पकने की अवधि

लगभग 120–130 दिन

अपेक्षित उपज

बारानी लगभग 8–12 क्विंटल/हे.; लगभग 30% तेल

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • तेलंगाना / उत्तरी आंध्र बारानी काली मिट्टी के अच्छी अनुकूल
  • लगभग 30% तेल के साथ भरोसेमंद उपज; स्थानीय व्यापार को जानी-पहचानी

ध्यान रखने योग्य बातें

  • काँटेदार — बिना-काँटे किस्म ज़्यादातर निराई व कटाई मुश्किल टालती
  • कोई ख़ास उकठा या माहू सहनशीलता नहीं; समस्या वाले खेत पर सहनशील किस्म चुनें

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • तेलंगाना
  • आंध्र प्रदेश
  • कर्नाटक

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मंजीरा कुसुम किस क्षेत्र में उगाई जाती है?

मंजीरा (JSF-1) तेलंगाना व उत्तरी आंध्र प्रदेश की कुसुम पट्टी भर, स्थानीय बारानी काली मिट्टी पर उगाई जाती है। यह भरोसेमंद उपज व लगभग 30% तेल वाली काँटेदार किस्म है, उस क्षेत्र में किसानों व तेल मिलों को अच्छी तरह जानी-पहचानी।

स्रोत: Professor Jayashankar Telangana State Agricultural University, ICAR-Indian Institute of Oilseeds Research (IIOR), Hyderabad. संपादकीय नीति.