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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
सौंफरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 1 सितंबर 2026

Co-1

तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयंबटूर द्वारा विकसित, 1985 में जारी, दक्षिणी उगाने की स्थितियों के लिए PF-35 से पुनः-चयन द्वारा।

सीज़नरबी
पकने की अवधि160–180 दिन
अपेक्षित उपजमध्यम
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
सौंफ
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
160–180 दिन
बीज दर
सीधी बुवाई को 10–12 किग्रा/हेक्टेयर
अपेक्षित उपज
मध्यम
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
1985 में जारी · तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयंबटूर, PF-35 से पुनः-चयन

इस किस्म के बारे में

Co-1 तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयंबटूर द्वारा विकसित की गई और 1985 में आधारभूत PF-35 रेखा से पुनः-चयन द्वारा जारी हुई, इसे अधिकांश सौंफ किस्मों के लक्षित गुजरात-राजस्थान पट्टी की बजाय दक्षिण भारतीय उगाने की स्थितियों के अनुकूल बनाते हुए। यह तमिलनाडु के सौंफ किसानों के लिए मानक अनुशंसा बनी हुई है, अपने PF-35 जनक जैसी लगभग 160 से 180 दिन की अवधि में।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि160–180 दिन
    उपज क्षमतामध्यम
    रोग-प्रतिरोधमध्यम
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयमध्य सितंबर से मध्य अक्टूबर
  • बीज दरसीधी बुवाई को 10–12 किग्रा/हेक्टेयर
  • दूरीकतारों के बीच 45–60 सेमी

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
अच्छी जल-निकासी वाली दोमट

उपज व अवधि

पकने की अवधि

160–180 दिन

अपेक्षित उपज

मध्यम

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • मध्यम

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • तमिलनाडु व दक्षिणी उगाने की स्थितियों के सौंफ किसानों के लिए मानक, स्थानीय रूप से अनुकूलित अनुशंसा।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • नई, विशेष रूप से झुलसा-रोधी अजमेर किस्मों के आगे केवल मध्यम रोग-सहनशीलता व मध्यम उपज-सीमा।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • तमिलनाडु

स्रोत: Fennel (Foeniculum vulgare) — variety review. संपादकीय नीति.