Kiran
बारानी हालात के लिए सिफ़ारिशों में शामिल किस्म, T-397 से मोटे दाने के साथ। विशेष जारी-केंद्र, वर्ष व उपज को इस रिकॉर्ड के लिए स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं मानें।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 120–135 दिन
- बीज दर
- कतार बुवाई के लिए 25–30 किग्रा/हेक्टेयर (10–12 किग्रा/एकड़), मोटे दाने के लिए थोड़ा ज़्यादा; छिड़काव व धान-खूँटी बुवाई के लिए 35–40 किग्रा/हेक्टेयर
- अपेक्षित उपज
- मध्यम, बारानी हालात के लिए; T-397 से मोटा दाना
- उपयुक्त मिट्टी
- चिकनी / काली मिट्टी
- जारी
- बारानी अलसी के लिए सिफ़ारिशों में शामिल; विशेष जारी-केंद्र, वर्ष व उपज इस रिकॉर्ड के लिए स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं
इस किस्म के बारे में
किरण एक अलसी किस्म है जो भारतीय सिफ़ारिशों में बारानी खेती के लिए शामिल है, मुख्यतः मध्य पट्टी में, व पुरानी छोटे-दाने की T-397 चेक से मोटे दाने के लिए जानी जाती। यह लगभग 120–135 दिन में पकती। यह रिकॉर्ड किरण के लिए सटीक जारी-केंद्र, वर्ष, उपज-परीक्षण आँकड़ा या रोग-रेटिंग दोबारा नहीं बताता, क्योंकि ये विवरण स्रोतों के बीच अलग-अलग हैं व किसी एक प्राथमिक संदर्भ से नहीं जुड़ सके — तो इसे पूरे जारी-इतिहास के साथ नहीं, बल्कि खेती में मौजूद एक बारानी-हालात किस्म के तौर पर पेश किया गया। इसका व्यावहारिक स्थान वही कम-इनपुट, नमी-संरक्षक रबी ज़मीन है जिस पर ज़्यादातर भारतीय अलसी होती, जहाँ इसका मोटा दाना स्थानीय बाज़ार में फ़ायदा हो सकता। बड़े स्तर पर बुवाई से पहले मौजूदा उपलब्धता व अद्यतन सिफ़ारिश अपने KVK से पुष्ट करें।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयबारानी कतार फ़सल के रूप में मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर; जहाँ हो सके वहाँ पहले, ताकि रतुआ व कली-मक्खी जोख़िम घटे
- बीज दरकतार बुवाई के लिए 25–30 किग्रा/हेक्टेयर (10–12 किग्रा/एकड़), मोटे दाने के लिए थोड़ा ज़्यादा; छिड़काव व धान-खूँटी बुवाई के लिए 35–40 किग्रा/हेक्टेयर
- उर्वरकबारानी: लगभग 30–40 किग्रा N व 20 किग्रा P2O5 प्रति हेक्टेयर, पूरी बेसल, क्योंकि टॉप-ड्रेसिंग पहुँचाने को सिंचाई नहीं
- कटाईलगभग 120–135 दिन पर काटें जब कैप्सूल भूरे, सूखे व खनकते हों पर अब भी बंद; ढेर में पकाएँ, फिर हल्के से थ्रेश करें।
उपज व अवधि
पकने की अवधि
120–135 दिन
अपेक्षित उपज
मध्यम, बारानी हालात के लिए; T-397 से मोटा दाना
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- अलसी उकठा, रतुआ, चूर्णिल फफूँद व ऑल्टरनेरिया झुलसा — सभी को सामान्य ख़तरे मानें व बीज-उपचार, जल्दी बुवाई व फ़सल-चक्र से संभालें; किरण की मौजूदा रोग-रेटिंग स्थानीय रूप से पुष्ट करें
- कली मक्खी (Dasyneura lini) — किस्म चाहे जो हो, फूल-अवस्था का छिड़काव कार्यक्रम चाहिए
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- पुरानी T-397 चेक से मोटा दाना, जो स्थानीय बाज़ार में मदद कर सकता
- उस कम-इनपुट, बारानी रबी ज़मीन के लिए रखी गई जिस पर ज़्यादातर भारतीय अलसी होती
ध्यान रखने योग्य बातें
- यह रिकॉर्ड किरण के लिए पुष्ट जारी-इतिहास, उपज आँकड़ा या रोग-रेटिंग नहीं रखता — इसे खेती में मौजूद एक बारानी-हालात किस्म मानें व मौजूदा सिफ़ारिश अपने KVK से पुष्ट करें
- उस ज़मीन पर जो खाद खुराक व एक-दो सिंचाई संभाल सके, पूरी तरह दस्तावेज़ी सुधरी किस्म (शेखर, JLS श्रृंखला) इससे ज़्यादा उपज देगी
उपयुक्त क्षेत्र
मध्य भारत की बारानी अलसी हालात के लिए सिफ़ारिशों में शामिल; विशेष जारी-केंद्र, वर्ष व उपज इस रिकॉर्ड के लिए स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं।
- मध्य प्रदेश
- उत्तर प्रदेश
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किरण अलसी किसके लिए उपयुक्त है?
मध्य भारत की बारानी, कम-इनपुट रबी ज़मीन — वही नमी-संरक्षक खेत जिस पर ज़्यादातर भारतीय अलसी होती। यह पुरानी T-397 चेक से मोटे दाने के लिए जानी जाती।
यह पेज किरण का जारी-वर्ष या उपज क्यों नहीं देता?
क्योंकि वे विवरण स्रोतों के बीच अलग-अलग हैं व किसी एक प्राथमिक संदर्भ से नहीं जुड़ सके। ग़लत हो सकने वाला आँकड़ा बताने की बजाय, यह रिकॉर्ड किरण को खेती में मौजूद बारानी-हालात किस्म के तौर पर पेश करता व मौजूदा सिफ़ारिश के लिए आपको आपके KVK की ओर भेजता।
स्रोत: ICAR — AICRP on Linseed (varieties released), Vikaspedia — Linseed package of practices. संपादकीय नीति.
