PKM 2
पीकेएम 1 से बाद की, ज़्यादा उपज वाली TNAU-पेरियाकुलम किस्म, दो जनक रेखाओं के संकर से विकसित, जो कम दूरी पर ज़ोरदार प्रतिक्रिया देती।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- बीज-प्रसारित वार्षिक किस्म
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- रोपाई के लगभग 6 महीने बाद पहली फली तुड़ाई; वार्षिक खेती
- बीज दर
- सीधी बुवाई को लगभग 2–3 किग्रा/हेक्टेयर, सघन, कम-दूरी रोपाई को अनुपात में ज़्यादा
- अपेक्षित उपज
- प्रति पेड़ प्रति साल लगभग 240 फली; समान दूरी पर पीकेएम 1 से काफ़ी अधिक उपज, और कम दूरी (लगभग 1.2 मी × 1.2 मी) पर सबसे अधिक
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट से दोमट
- जारी
- HC&RI, पेरियाकुलम · तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
पीकेएम 2 को HC&RI, पेरियाकुलम (TNAU) ने दो जनक रेखाओं (आमतौर पर MP 31 व MP 38 बताई जातीं) के संकर के तौर पर जारी किया, जो पीकेएम 1 से ज़्यादा उपज के लिए विकसित। यह समान दूरी पर पीकेएम 1 से साफ़ ज़्यादा फली-गिनती देती, और इसकी उपज-बढ़त कम, सघन रोपाई पर सबसे बड़ी है — परीक्षण रिपोर्टें इसकी सबसे ऊँची दर्ज उपज लगभग 1.2 मी × 1.2 मी जितनी कड़ी दूरी पर बताती हैं, जो पीकेएम 1 की ज़्यादा दूरी पर मिलने वाली उपज से काफ़ी ऊपर है। इसे वार्षिक, बीज-उगाई फसल के तौर पर उगाया जाता, रोपाई के लगभग छह महीने बाद पहली तुड़ाई के साथ।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयजून–जुलाई (मानसून, बारानी) या फ़रवरी–मार्च (सिंचित)
- बीज दरसीधी बुवाई को लगभग 2–3 किग्रा/हेक्टेयर, सघन, कम-दूरी रोपाई को अनुपात में ज़्यादा
- दूरीइस किस्म की पहचान बने सघन प्रणाली के लिए लगभग 1.2 मी × 1.2 मी तक कम; ज़्यादा दूरी भी चलती पर पीकेएम 1 पर इसकी ज़्यादातर उपज-बढ़त छोड़ देती
- बुवाई विधिरोपाई की बजाय अंतिम स्थल पर सीधी बुवाई बेहतर
- सिंचाईजमाव तक नियमित हल्की सिंचाई; एक कम-दूरी, सघन ब्लॉक को प्रति हेक्टेयर ज़्यादा पेड़ों को एक-सा प्रबंधित करने को ड्रिप सिंचाई से फ़ायदा
- उर्वरकप्रति पेड़ पीकेएम 1 जैसी, पर कम-दूरी रोपाई में प्रति-हेक्टेयर कुल खाद बढ़ती क्योंकि खिलाने को ज़्यादा पेड़ होते
- कटाईरोपाई के लगभग 6 महीने बाद पहली तुड़ाई; सघन पीकेएम 2 ब्लॉक को ज़्यादा बार तुड़ाई चाहिए क्योंकि प्रति हेक्टेयर ज़्यादा पेड़ होते
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट से दोमट
- सिंचाई
- बेहतरीन जल-निकासी ज़रूरी, कम-दूरी ब्लॉक में शायद और ज़्यादा अहम जहाँ एक जलभराव वाला हिस्सा एक साथ कई पेड़ों को असर करता
उपज व अवधि
पकने की अवधि
रोपाई के लगभग 6 महीने बाद पहली फली तुड़ाई; वार्षिक खेती
अपेक्षित उपज
प्रति पेड़ प्रति साल लगभग 240 फली; समान दूरी पर पीकेएम 1 से काफ़ी अधिक उपज, और कम दूरी (लगभग 1.2 मी × 1.2 मी) पर सबसे अधिक
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
प्रबंधन सुझाव
- कम दूरी पर कड़ी व नियमित छंटाई करें — इस किस्म की उपज-बढ़त बार-बार छंटाई से नई शाखा निकलने पर टिकी है, सिर्फ़ पास बोकर छोड़ देने पर नहीं।
- घने, ज़्यादा-घनत्व ब्लॉक को ज़्यादा-दूरी वाले से ज़्यादा बार जाँचें, क्योंकि कीट-रोग पेड़-दर-पेड़ तेज़ी से फैल सकते।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- तमिलनाडु
- आंध्र प्रदेश
- कर्नाटक
