मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
कीटObereopsis brevisसमीक्षा 25 जुलाई 2026

गर्डल बीटल (चक्र भृंग)

सोयाबीन का छेदक जो तने के चारों ओर दो साफ़ छल्ले काटता है — ऊपर का हिस्सा मुरझाकर सूखता, और ग्रब अंदर नीचे सुरंग बनाता है।

कीट का प्रकार
तना-छेदक भृंग
हमला
तने व शाखाएँ
सबसे बुरा
वानस्पतिक व फली सोयाबीन
मुख्य जोखिम
गर्डल मुरझाते तने; सुरंग

परिचय

गर्डल बीटल सोयाबीन का एक अहम तना-कीट है जिसकी पहचान अचूक है। मादा भृंग तने या पर्णवृंत के चारों ओर थोड़ी दूरी पर दो साफ़, समानांतर कट (गर्डल) बनाती और उनके बीच के ऊतक में एक अंडा देती है। गर्डलिंग रस-प्रवाह रोक देती है, इसलिए ऊपरी छल्ले के ऊपर का पौधा-हिस्सा मुरझाता, पीला पड़ता व सूख जाता है।

निकला ग्रब फिर तने के अंदर नीचे छेदता है, आधार की ओर सुरंग बनाकर उसे खोखला करता, जो पौधे को कमज़ोर करता और शाखा या पूरा पौधा मार सकता है। चूँकि दो साफ़ गर्डलिंग छल्ले इतने विशिष्ट हैं और जल्दी दिखते हैं, कीट पहचानना आसान है — और गर्डल किए हिस्से (अंदर अंडे या ग्रब सहित) को काटकर हटाना सरल, असरदार नियंत्रण है।

कैसे पहचानें

  • तने या पर्णवृंत के चारों ओर थोड़ी दूरी पर दो साफ़, समानांतर छल्ले कटे — इस भृंग का अचूक संकेत।
  • गर्डल के ऊपर का पौधा-हिस्सा मुरझाता, पीला व सूखता जबकि बाक़ी हरा रहता है।
  • गर्डल किया तना चीरने पर अंदर ग्रब व नीचे बनी सुरंग मिलती है।
  • अंडे देने की अवधि में फसल पर लंबे-सींग वाले वयस्क भृंग।

यह क्या नुकसान करता है

  • हर गर्डल के ऊपर पौधे का मुरझाना व सूखना, शाखाएँ या पूरे छोटे पौधे मारता।
  • तने में नीचे ग्रब-सुरंग जो उसे खोखला व कमज़ोर करती और पौधा तोड़ या गिरा सकती है।
  • ग्रस्त पौधों पर घटी फलियाँ व दाना, और जितने ज़्यादा तने गर्डल हों उतनी बढ़ती हानि।
  • सीज़न में जल्दी मुख्य तने का गर्डलिंग सबसे नुकसानदेह।

कब कार्रवाई करें

  • शुरुआती वानस्पतिक अवस्था से पहचान-गर्डलिंग छल्ले व मुरझाती नोकें खोजें; छल्ले ग्रब के मुख्य नुकसान से पहले दिखते हैं।
  • तुरंत कार्रवाई करें — गर्डल किए हिस्से जल्दी काटना अंडे या छोटे ग्रब को तने में नीचे सुरंग बनाने से पहले हटा देता है।
  • अंडे देने की अवधि भर नज़र रखें जब वयस्क भृंग फसल पर हों।

जैविक व सांस्कृतिक नियंत्रण

  • तने का गर्डल किया हिस्सा (अंदर अंडे/ग्रब सहित) निचले छल्ले के नीचे से काटकर नष्ट करें — प्रकोप हल्का रहते सबसे सरल व असरदार नियंत्रण।
  • अनुशंसित सहनशील किस्में उगाएँ और अनुशंसित बुवाई-समय व दूरी अपनाएँ।
  • कटाई के बाद फसल-अवशेष हटाकर नष्ट करें ताकि तनों में बचाव करते ग्रब/प्यूपा मरें।
  • सोयाबीन को ग़ैर-आश्रयी फसलों से बदलकर चक्र तोड़ें।

रासायनिक नियंत्रण

  • जहाँ गर्डलिंग व्यापक हो, सोयाबीन तना/पत्ती-भक्षी कीटों के लिए CIB&RC-पंजीकृत कीटनाशक, वयस्क व अंडे देने की अवधि पर साधा, नई गर्डलिंग घटाता है।
  • कीटनाशक मुख्यतः वयस्कों व नए-रखे अंडों पर मदद करते हैं; ग्रब तने में गहरे पहुँचने के बाद काटना छिड़काव से भरोसेमंद है।
  • कीटनाशक समूह बदलें और कटाई-पूर्व अंतराल मानें।
  • अपने क्षेत्र के लिए मौजूदा सिफ़ारिश व मात्रा स्थानीय KVK से पक्की करें।

सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें

हमारी फसल गाइडों में जहाँ यह समस्या बताई गई है — पूरी पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ के लिए कोई फसल खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरे सोयाबीन के ऊपरी हिस्से मुरझाते हैं और तने के चारों ओर दो छल्ले कटे दिखते हैं। यह क्या है?

यह गर्डल बीटल है। मादा तने के चारों ओर दो साफ़ समानांतर छल्ले काटती और उनके बीच अंडा देती है, इसलिए ऊपर का हिस्सा मुरझाकर सूखता है। फिर ग्रब तने में नीचे सुरंग बनाता है। छल्ले अचूक हैं — निचले छल्ले के नीचे से गर्डल किया हिस्सा काटकर नष्ट करें ताकि अंडा या ग्रब निकले।

गर्डल बीटल क़ाबू करने का सबसे सरल तरीक़ा क्या है?

काटना। चूँकि गर्डलिंग छल्ले इतने स्पष्ट हैं और जल्दी दिखते हैं, तने का गर्डल किया हिस्सा — अंदर अंडे या छोटे ग्रब सहित, निचले छल्ले के नीचे से — काटकर नष्ट करना कीट को नीचे सुरंग बनाने से पहले हटा देता है। प्रकोप हल्का रहते किया यह हाथ-तरीक़ा सरल व बहुत असरदार है।

क्या अकेला छिड़काव इसे क़ाबू करेगा?

सिर्फ़ आंशिक रूप से। कीटनाशक मुख्यतः अंडे देने की अवधि में वयस्क भृंगों व नए-रखे अंडों पर मदद करते हैं; ग्रब तने के अंदर गहरे छेदने के बाद कोई छिड़काव उस तक नहीं पहुँचता। इसलिए किसी साधे छिड़काव को गर्डल तने काटने व कटाई के बाद फसल-अवशेष नष्ट करने से जोड़ें, और मौजूदा सिफ़ारिश KVK से जाँचें।

लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.