बाना काइह — मिज़ोरम हैंडहोल्डिंग योजना
मिज़ोरम जो फसलें सचमुच उगाता है उनके लिए गारंटीशुदा समर्थन मूल्य, और ₹50 लाख तक बिना गिरवी व ब्याज-मुक्त बैंक ऋण।
संचालक: मिज़ोरम सरकार
- MSP वाली फसलें
- अदरक, झाड़ू, हल्दी, मिर्च
- धान पायलट
- ₹30 / किलो (कोलासिब, मामित)
- ऋण
- ₹50 लाख तक, बिना गिरवी
- ब्याज छूट
- समय पर अदायगी पर 100% तक
परिचय
मिज़ोरम की खेती की दिक़्क़त उपज नहीं, भाव है: अदरक और मिर्च पहाड़ों में अच्छी होती हैं, पर बिना भंडारण और बिना ख़रीदार वाला किसान उस दिन जो व्यापारी दे दे, वही ले लेता है। बाना काइह — सितंबर 2024 में शुरू राज्य की प्रमुख हैंडहोल्डिंग योजना — भाव और पूँजी, दोनों पर एक साथ वार करती है।
भाव के मोर्चे पर राज्य ने चार फसलों के लिए MSP घोषित किया है: अदरक, झाड़ू घास, हल्दी और मिज़ो बर्ड्स आई मिर्च। अगर किसान को बाज़ार में घोषित दर न मिले, तो राज्य उस दर तक का अंतर देता है। कोलासिब और मामित जिलों का धान पायलट के तौर पर ₹30 प्रति किलो पर ख़रीदा जा रहा है। पूँजी के मोर्चे पर योजना ₹50 लाख तक बिना गिरवी और ब्याज-मुक्त बैंक ऋण देती है, और समय पर अदायगी पर 100% तक ब्याज छूट। इसने पहले की SEDP की जगह ली, जिसने खुद NLUP की जगह ली थी।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- अदरक, झाड़ू घास, हल्दी और मिज़ो बर्ड्स आई मिर्च के लिए घोषित समर्थन मूल्य — बाज़ार कम दे तो राज्य अंतर भरता है।
- कोलासिब और मामित पायलट जिलों में धान ₹30 प्रति किलो पर ख़रीदा जाता है।
- ₹50 लाख तक बिना गिरवी बैंक ऋण, जो समुदाय-स्वामित्व वाली ज़मीन वाले किसान की आम अड़चन हटा देता है।
- समय पर अदायगी पर 100% तक ब्याज छूट, जिससे कर्ज़ व्यावहारिक रूप से ब्याज-मुक्त हो जाता है।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- मिज़ोरम का निवासी किसान या उद्यमी
- समर्थन मूल्य के लिए शामिल फसलों में से कोई उगाता हुआ
- ऋण घटक के लिए व्यवहार्य गतिविधि
- समर्थन भुगतान या ऋण के लिए बैंक खाता
शामिल नहीं
- MSP के लिए अधिसूचित चार फसलों (और पायलट जिलों के धान) से बाहर की फसलें
- ऐसे ऋण जहाँ उधारकर्ता बैंक के मूल्यांकन पर खरा न उतरे
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आधार कार्ड
- मिज़ोरम निवास प्रमाण
- फसल के लिए भूमि या गतिविधि का विवरण
- बैंक पासबुक
- उपज की बिक्री के रिकॉर्ड
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
योजना के तहत पंजीकरण करें
जो फसल आप उगाते हैं या जो उद्यम सोच रहे हैं, उसके लिए कृषि विभाग / योजना के जिला ढाँचे से नामांकन करें।
- 2
घोषित दर पर या उससे ऊपर बेचें
बाज़ार घोषित समर्थन मूल्य से कम दे, तो राज्य उस दर तक का अंतर भरता है।
- 3
या ऋण घटक लें
बिना गिरवी ऋण के लिए आवेदन करें; समय पर चुकाएँ तो ब्याज छूट 100% तक ब्याज कवर कर सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किन फसलों को समर्थन मूल्य मिलता है?
अदरक, झाड़ू घास, हल्दी और मिज़ो बर्ड्स आई मिर्च। कोलासिब और मामित जिलों के पायलट में धान भी ₹30 प्रति किलो पर ख़रीदा जा रहा है।
क्या ऋण के लिए गिरवी चाहिए?
नहीं। योजना ₹50 लाख तक बिना गिरवी ऋण देती है, और समय पर अदायगी पर 100% तक ब्याज छूट मिलती है।
NLUP और SEDP का क्या हुआ?
NLUP 2018 में ख़त्म हुई और उसकी जगह SEDP आई, जिसके बाद सितंबर 2024 से बाना काइह राज्य की प्रमुख योजना है।
तथ्य 24 जुलाई 2026 को dipr.mizoram.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
