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लद्दाखअनुदानसक्रियअपडेट 24 जुलाई 2026

लद्दाख जैविक खेती मिशन

लद्दाख को भारत का पहला पूर्ण जैविक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मुहिम — PKVY के तहत जैविक रूपांतरण सहायता, और 2025-26 से चल रहा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन।

संचालक: कृषि विभाग, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख

PKVY रूपांतरण
₹31,500 / हेक्टेयर, 3 वर्ष
लाभार्थी हिस्सा
25%
PKVY रूपांतरण
₹31,500 / हेक्टेयर, 3 वर्ष
लक्ष्य
भारत का पहला जैविक UT

परिचय

लद्दाख की खेती परिस्थिति से ही जैविक के क़रीब है — छोटा ठंडा मौसम, रसायनों का कम उपयोग, और ऐसी उपज जो साफ़ होने के कारण ही प्रीमियम पाती है। पहाड़ी विकास परिषद द्वारा बनाया जैविक खेती मिशन इसे नीति में बदलता है: लक्ष्य लद्दाख को भारत का पहला पूर्ण जैविक केंद्र शासित प्रदेश बनाना है, और सहायता ख़रीदी रासायनिक खाद की जगह खेत पर बने जैविक पोषक के इर्द-गिर्द बनी है।

किसान जिस सहायता का नाम ले सकता है वह है केंद्रीय PKVY के तहत जैविक रूपांतरण, तीन साल में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर, और 2025-26 से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन — कृषि विभाग इन दोनों को अपनी चालू योजनाओं में गिनाता है, साथ में पर ड्रॉप मोर क्रॉप, यंत्रीकरण और मृदा-स्वास्थ्य कार्य। दो-टन जैव-उर्वरक इकाई पर 75% सब्सिडी — जो स्थानीय भेड़-बकरी अपशिष्ट को खाद में बदलती है — लेह जिले में बड़ी जोत वाले पालकों को दी गई है, पर यह जिला-स्तरीय पहल है, पूरे UT का अधिकार नहीं; भरोसा करने से पहले अपने मुख्य कृषि अधिकारी से पुष्टि कर लें।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • PKVY के तहत जैविक रूपांतरण सहायता, और 2025-26 से चल रहा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन।
  • PKVY के तहत जैविक रूपांतरण सहायता — तीन साल में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर।
  • साफ़, ऊँचाई की लद्दाखी उपज को पहले से मिलने वाले मूल्य प्रीमियम तक रास्ता।
  • विभाग द्वारा जागरूकता व मृदा-सूक्ष्मजीव कार्यक्रम, ताकि बदलाव सिर्फ़ थोपा नहीं, समर्थित हो।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • लद्दाख का निवासी किसान या पशुपालक
  • जैव-उर्वरक इकाई के लिए: बड़ी भेड़/बकरी जोत (जैसा जिले के लिए अधिसूचित)
  • जैविक प्रबंधन में खेती या उसकी ओर रूपांतरण
  • सब्सिडी हस्तांतरण के लिए बैंक खाता

शामिल नहीं

  • स्वीकृति से पहले लगाई गई इकाइयाँ
  • जैव-उर्वरक सब्सिडी के लिए अधिसूचित आकार से छोटी जोत

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • लद्दाख निवास प्रमाण
  • भूमि रिकॉर्ड या पशुधन जोत प्रमाण
  • बैंक पासबुक

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    कृषि विभाग के ज़रिए आवेदन करें

    जैव-उर्वरक इकाई और PKVY रूपांतरण के आवेदन UT कृषि विभाग और जिला कार्यालयों से होते हैं।

  2. 2

    लगाने से पहले स्वीकृति लें

    जैव-उर्वरक इकाई के लिए स्वीकृति का इंतज़ार करें; 75% सब्सिडी स्वीकृत इकाई के विरुद्ध है, 25% आपका।

  3. 3

    रूपांतरण करें और PKVY सहायता लें

    इकाई सब्सिडी के साथ तीन साल में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर पाने के लिए PKVY के तहत जैविक रूपांतरण में नामांकन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या लद्दाख पहले से जैविक है?

बड़े हद तक परिस्थिति से — रसायनों का उपयोग कम है। मिशन इसे नीति बनाता है, लद्दाख को भारत के पहले पूर्ण जैविक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में प्रमाणित करने के लक्ष्य से।

क्या जैव-उर्वरक इकाई पर 75% सब्सिडी है?

दो-टन इकाई पर 75% सब्सिडी लेह जिले में बड़ी जोत वाले भेड़-बकरी पालकों को दी गई है, जिसमें लाभार्थी 25% देता है। यह पूरे UT का अधिकार नहीं, जिला-स्तरीय पहल है — अपने मुख्य कृषि अधिकारी से पूछें कि आपके यहाँ खुली है या नहीं।

क्या पूरे खेत को बदलने के लिए सहायता है?

हाँ, केंद्रीय PKVY के ज़रिए — जैविक रूपांतरण के लिए तीन साल में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर, जिसे मिशन अपनी जैव-उर्वरक सब्सिडी के साथ इस्तेमाल करता है।

तथ्य 24 जुलाई 2026 को ladakh.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.