कृषक उन्नति योजना
MSP और राज्य द्वारा घोषित धान मूल्य के बीच का अंतर, खरीद के बाद किसान को आदान सहायता के रूप में वापस।
संचालक: कृषि संचालनालय, छत्तीसगढ़ सरकार
- क्या मिलता है
- MSP और घोषित मूल्य का अंतर
- KMS 2023–24 दर
- ₹917 / क्विंटल
- किस पर
- खरीद केंद्र पर बेचा गया धान
- दर संशोधन
- हर विपणन वर्ष
परिचय
छत्तीसगढ़ बाक़ी राज्यों की तरह MSP पर धान ख़रीदता है, और फिर किसान को दूसरी राशि — आदान सहायता — देता है ताकि राज्य द्वारा घोषित मूल्य तक का अंतर पूरा हो जाए। KMS 2023–24 में यह अंतर ₹917 प्रति क्विंटल था: सामान्य ग्रेड का MSP ₹2,183 और घोषित मूल्य ₹3,100।
यह दर तय नहीं है। हर खरीफ विपणन वर्ष में इसकी नई गणना होती है, क्योंकि MSP हर साल बदलता है जबकि घोषित मूल्य एक नीतिगत फ़ैसला है। कहीं भी दिखी प्रति-क्विंटल राशि को किसी एक KMS की मानें, और बजट बनाने से पहले चालू वर्ष की अधिसूचना देख लें।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- खरीद केंद्र पर मिल चुके MSP के ऊपर प्रति क्विंटल आदान सहायता।
- खरीद पंजीयन से जुड़े खाते में DBT से भुगतान — अलग से दावा नहीं करना पड़ता।
- पंजीकृत केंद्र पर वास्तव में बेची गई मात्रा पर लागू, इसलिए रिकॉर्ड अपने आप बनता है।
- सीज़न की खरीद बंद होने के बाद एकमुश्त जारी।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- राज्य की धान खरीद प्रणाली में पंजीकृत किसान
- राज्य भूमि रिकॉर्ड में दर्ज ज़मीन, जो पंजीयन से जुड़ी हो
- विपणन वर्ष में पंजीकृत खरीद केंद्र पर धान वास्तव में बेचा गया हो
- पंजीयन से जुड़ा बैंक खाता
शामिल नहीं
- राज्य खरीद प्रणाली के बाहर बेचा गया धान — निजी व्यापारी को बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं बनता
- ऐसे पंजीयन जिनका भूमि रिकॉर्ड सत्यापित नहीं हो सका
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- खरीद पंजीयन (गिरदावरी) रिकॉर्ड
- आधार कार्ड
- भूमि रिकॉर्ड — बी-1 / खसरा
- पंजीयन से जुड़ी बैंक पासबुक
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
सीज़न से पहले पंजीयन कराएँ
पंजीयन और गिरदावरी सत्यापन खरीद शुरू होने से पहले होते हैं। यह मौका चूके तो बाद में भुगतान का आधार ही नहीं बचता।
- 2
पंजीकृत खरीद केंद्र पर बेचें
सिर्फ़ राज्य केंद्र पर दर्ज मात्रा गिनी जाती है। सहायता खाते में आने तक टोकन और रसीद सँभाल कर रखें।
- 3
सीज़न के बाद के भुगतान का इंतज़ार करें
आदान सहायता हर बिक्री पर अलग नहीं, पूरे सीज़न की एक साथ जारी होती है। यह पंजीयन से जुड़े खाते में आती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ₹917 प्रति क्विंटल अभी की दर है?
वह KMS 2023–24 की दर थी — सामान्य धान के ₹2,183 MSP और ₹3,100 घोषित मूल्य का अंतर। MSP बदलने के साथ यह अंतर हर सीज़न नए सिरे से तय होता है; चालू अधिसूचना देखें।
मैंने निजी व्यापारी को बेचा। क्या फिर भी मिलेगा?
नहीं। सहायता की गणना राज्य खरीद केंद्र पर दर्ज मात्रा से होती है। निजी बिक्री का कोई रिकॉर्ड गणना के लिए नहीं होता।
क्या आदान सहायता के लिए आवेदन करना पड़ता है?
नहीं। यह आपके खरीद पंजीयन और बेची गई मात्रा से अपने आप बनती है। ध्यान बस सीज़न से पहले पंजीयन और गिरदावरी ठीक कराने पर देना है।
तथ्य 24 जुलाई 2026 को agridept.cg.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
