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रोगBotrytis cinereaसमीक्षा 27 जुलाई 2026

बोट्राइटिस स्लेटी फफूँद

फूल, फली, फल व अंगूर-गुच्छों पर रोएँदार धूसर-भूरी फफूँद से ढका मुलायम सड़न — घने, गीले छत्रों का ठंडा, नम, गीले-मौसम फफूँद।

रोगजनक
फफूँद (Botrytis cinerea)
फैलाव
हवा-जनित बीजाणु; मलबा; घायल ऊतक पर
अनुकूल
ठंडा, नम, गीला मौसम; घना गीला छत्र
मुख्य जोखिम
सड़े फूल, फली व गुच्छे; उपज-हानि

परिचय

बोट्राइटिस स्लेटी फफूँद (Botrytis cinerea) एक व्यापक फफूँद है जो एक विशिष्ट रोएँदार, धूसर से धूसर-भूरी फफूँद से ढका मुलायम, पनीला सड़न कराती। यह फूल, फली, फल, पत्तियाँ व तने पर हमला करती, और अन्य कई फसलों के अलावा अंगूर-गुच्छों (गुच्छ-सड़न) व चने के फूलों व फलियों (चना स्लेटी फफूँद) पर ख़ास तौर पर हानिकारक है। प्रभावित ऊतक सड़ता व जल्द फफूँद के बीजाणुओं के तेल-चुगली धूसर रोएँ से ढक जाता।

यह ठंडे, नम, गीले, बादल-भरे मौसम में व घने, कम-हवादार छत्रों में जो गीले रहते पनपती, और घायल, बूढ़े या मृत ऊतक (झड़े फूल, घाव, फटे फल) को सहजता से बसाती है इससे पहले कि स्वस्थ ऊतक में फैले। चने में यह फूल व नन्ही फलियाँ सड़ाती, गीले दौर में गंभीर फली-हानि कराती; अंगूर में गुच्छे कटाई से पहले व बाद सड़ाती। यह मलबे पर बचती व हवा-जनित बीजाणुओं से फैलती। प्रबंधन छत्र खोलना, सफ़ाई व निकासी, चोट टालना, व गीले, उच्च-जोखिम काल में सुरक्षात्मक फफूँदनाशी को मिलाता है।

कैसे पहचानें

  • फूल, फली, फल या गुच्छों का मुलायम, पनीला सड़न जल्द रोएँदार, धूसर से धूसर-भूरी फफूँद से ढका।
  • चने में: ठंडे, गीले दौर में फूलों व नन्ही फलियों का स्लेटी फफूँद से सड़ना, फली-हानि कराता।
  • अंगूर में: गुच्छे का मुलायम सड़ना (गुच्छ-सड़न) धूसर रोएँ के साथ, कटाई से पहले व बाद।
  • घने, गीले, कम-हवादार छत्रों में व घायल, बूढ़े या मृत ऊतक पर सबसे बुरा।

कारण व कब

  • फफूँद Botrytis cinerea, हवा-जनित बीजाणुओं से फैलती व फसल-मलबे पर बचती।
  • ठंडे, नम, गीले, बादल-भरे मौसम व घने, कम-हवादार छत्रों से जो गीले रहते अनुकूल।
  • घायल, बूढ़े या मृत ऊतक (झड़े फूल, घाव, फटे फल) को पहले बसाती, फिर स्वस्थ ऊतक में फैलती।
  • फूल/फली पर गीले दौर में (चना) या गुच्छे पकते (अंगूर) सबसे बुरा।

सांस्कृतिक व जैविक नियंत्रण

  • छत्र खोलें — दूरी, छँटाई, सधाई व अच्छी निकासी — ताकि वह सूखे व अच्छा-हवादार हो।
  • ज़्यादा नाइट्रोजन व घनी, हरी-भरी बढ़वार से बचें, और झड़े फूल, मलबा व ममीकृत/सड़े फल हटाएँ।
  • फल व फलियों को चोट टालें, और फटना (अंगूर) सँभालें, जो फफूँद को अंदर आने देता।
  • तुरंत काटें व उपज कोमलता से सँभालें, और ठंडा व सूखा भंडारण करें।

रासायनिक नियंत्रण

  • ठंडे, गीले, उच्च-जोखिम काल में सुरक्षात्मक फफूँदनाशी लगाएँ — CIB&RC-पंजीकृत Botrytis फफूँदनाशी, प्रतिरोध से बचने को बदल-बदलकर।
  • छिड़काव फूल/फली (चना) या कटाई-पूर्व गुच्छ काल (अंगूर) से समयबद्ध करें जब संक्रमण होता।
  • संवेदनशील ऊतक ढकें व कटाई-पूर्व अंतराल मानें, ख़ासकर टेबल/बाज़ार के अंगूर पर।
  • अपनी फसल के लिए मौजूदा उत्पाद, मात्रा व कार्यक्रम स्थानीय KVK से पक्का करें।

दोबारा न हो, इसके लिए

  • खुला, अच्छी-निकासी, अच्छा-हवादार छत्र व सफ़ाई को नियमित बनाएँ, और ज़्यादा नाइट्रोजन से बचें।
  • मलबा, झड़े फूल व सड़े/ममीकृत फल हटाएँ, और चोट व फटना टालें।
  • सड़न फैलने के बाद प्रतिक्रिया के बजाय संवेदनशील अवस्था पर ठंडे, गीले दौर के लिए सुरक्षात्मक छिड़काव योजना बनाएँ।

सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें

हमारी फसल गाइडों में जहाँ यह समस्या बताई गई है — पूरी पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ के लिए कोई फसल खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरे चना फूल/फली (या अंगूर-गुच्छे) गीले मौसम में रोएँदार स्लेटी फफूँद के साथ सड़ रहे हैं। यह क्या है?

रोएँदार धूसर से धूसर-भूरी फफूँद से ढका वह मुलायम, पनीला सड़न बोट्राइटिस स्लेटी फफूँद (Botrytis cinerea) है। यह ठंडे, नम, गीले मौसम व घने, गीले छत्रों में पनपती, चने में फूल व फलियाँ व अंगूर में गुच्छे सड़ाती। हवा व सुखाने के लिए छत्र खोलें, मलबा व झड़े फूल हटाएँ, चोट टालें, और फूल/फली या कटाई-पूर्व गुच्छ अवस्था पर ठंडे, गीले, उच्च-जोखिम दौर में सुरक्षात्मक फफूँदनाशी लगाएँ।

बोट्राइटिस झड़े फूलों व घायल ऊतक पर पहले क्यों हमला करती है?

क्योंकि बोट्राइटिस कमज़ोर, बूढ़े या मृत ऊतक की बढ़िया बसाने वाली है: झड़े फूल, घाव व फटे या अधिक-पके फल इसे जमने को आसान भोजन-आधार देते, जहाँ से यह फिर पास के स्वस्थ ऊतक में फैलती। इसीलिए झड़े फूल व सड़े फल हटाना, चोट व फटना टालना, और छत्र खुला व सूखा रखना इतने प्रभावी हैं — वे फफूँद को शुरू होने को चाहिए नम, मृत ऊतक नकारते, घटाते कि यह कितनी स्वस्थ उपज सड़ा सकती।

केवल फफूँदनाशी पर निर्भर हुए बिना स्लेटी फफूँद कैसे घटाऊँ?

छत्र व नमी पर ध्यान दें, चूँकि बोट्राइटिस को ठंडी, गीली, कम-हवादार दशाएँ चाहिए। दूरी, छँटाई व सधाई से छत्र खोलें, अच्छी निकासी सुनिश्चित करें, और ज़्यादा नाइट्रोजन व घनी हरी-भरी बढ़वार से बचें ताकि पत्ते व फल जल्दी सूखें। झड़े फूल, मलबा व सड़े या ममीकृत फल हटाएँ, चोट व (अंगूर में) फटना टालें, और कोमलता से काटें व सँभालें। ये सांस्कृतिक कदम रोग तेज़ी से घटाते, इसलिए गीले दौर में कोई सुरक्षात्मक फफूँदनाशी कहीं बेहतर काम करता।

लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.