क्लब रूट / जड़ गाँठ (गोभी कुल की फसलें)
जड़ें फूलकर बड़ी, बेढंगी गाँठें बन जाती हैं, इसलिए पौधा दिन में मुरझाता और बौना रहता है। यह अम्लीय, गीली मिट्टी का रोग है, जिसके बीजाणु सालों टिके रहते हैं।
- रोगकारक
- Plasmodiophora brassicae (मिट्टी का जीव)
- फैलाव
- मिट्टी, पानी, औज़ार और संक्रमित पौध
- किसमें बढ़ता है
- अम्लीय, गीली या जलभराव वाली, गर्म मिट्टी
- मुख्य ख़तरा
- जड़ों पर गाँठें; मुरझाना, बौनापन, गोभी न बनना
परिचय
क्लब रूट मिट्टी में रहने वाले जीव Plasmodiophora brassicae से होता है। यह पत्तागोभी, फूलगोभी और इसी कुल की दूसरी फसलों का गंभीर रोग है। यह जड़ों को संक्रमित करके उन्हें फुला देता है और वे बड़ी, बेढंगी, गदा या तकले जैसी गाँठें बन जाती हैं। यह जड़-गाँठ सूत्रकृमि की छोटी गाँठों से बहुत अलग है। जड़ें बेढंगी गाँठों में बदल जाने से पौधा पानी और खुराक ठीक से नहीं ले पाता। इसलिए वह दिन की गर्मी में मुरझाता है। शुरू में रात को ठीक हो जाता है। फिर वह पीला पड़ता है, बौना रहता है और गोभी या फूल ठीक से नहीं बनाता।
गाँठें बाद में सड़ती हैं और मिट्टी में बहुत बड़ी संख्या में आराम करने वाले बीजाणु छोड़ती हैं। ये बीजाणु कई साल, दस साल या उससे भी ज़्यादा, टिके रहते हैं। इसलिए एक बार संक्रमित खेत लंबे समय तक संक्रमित रहता है। क्लब रूट अम्लीय मिट्टी, गीली या जलभराव वाली मिट्टी और गर्म मिट्टी में खूब बढ़ता है। यह मिट्टी, पानी, संक्रमित पौध और औज़ारों के साथ फैलता है। बीजाणु इतने टिकाऊ हैं कि बचाव लंबा चलने वाला होना चाहिए: चूने से मिट्टी का pH बढ़ाना, निकासी ठीक करना, लंबा फसल-चक्र, साफ़ पौध और सख़्त सफ़ाई।
कैसे पहचानें
- जड़ें फूलकर बड़ी, बेढंगी, गदा या तकले जैसी गाँठें बन जाती हैं। यह जड़-गाँठ सूत्रकृमि की छोटी गाँठों से काफ़ी अलग है।
- पौधे दिन की गर्मी में मुरझाते हैं (शुरू में रात को ठीक हो जाते हैं), पीले पड़ते हैं और बौने रहते हैं।
- गोभी या फूल ख़राब बनता है या बनता ही नहीं। खेत में हर साल बढ़ते हुए धब्बे दिखते हैं।
- आगे चलकर गाँठें सड़ती हैं और बीजाणु छोड़ती हैं, इसलिए मिट्टी बुरी तरह संक्रमित हो जाती है।
कारण और समय
- मिट्टी में रहने वाला जीव Plasmodiophora brassicae। इसके आराम करने वाले बीजाणु मिट्टी में कई साल (दस साल या उससे भी ज़्यादा) टिके रहते हैं।
- अम्लीय मिट्टी, गीली या जलभराव वाली हालत और गर्म मिट्टी इसे बहुत बढ़ाती है।
- यह मिट्टी, पानी, संक्रमित पौध, औज़ारों और मशीनों के साथ फैलता है।
- संक्रमित खेत सालों तक संक्रमित रहता है, और हर बार गोभी कुल की फसल इस जीव को फिर जगा देती है और बढ़ा देती है।
खेती और जैविक तरीक़े
- चूना डालकर मिट्टी का pH उदासीन या हल्के क्षारीय की ओर बढ़ाएँ। अम्लीय मिट्टी में यह क्लब रूट को ज़ोर से दबाता है।
- पानी की निकासी ठीक करें और जलभराव से बचें, क्योंकि गीली मिट्टी रोग को बढ़ाती है।
- गोभी कुल की सभी फसलों से दूर लंबा फसल-चक्र अपनाएँ (कई साल) और इसी कुल के खरपतवार संभालें।
- सिर्फ़ साफ़, रोगमुक्त पौध लगाएँ। संक्रमित मिट्टी या पौध को साफ़ खेतों में कभी न ले जाएँ।
रासायनिक नियंत्रण
- जड़ों में गाँठें बन जाने के बाद कोई भरोसेमंद दवा का इलाज नहीं है। नियंत्रण बचाव से होता है: चूना, निकासी, फसल-चक्र और साफ़ पौध।
- जहाँ सिफ़ारिश हो, वहाँ मिट्टी में मिलाने वाले पदार्थ या जैव-कारक प्रबंधन में मदद कर सकते हैं, पर संक्रमित फसल को नहीं बचा सकते।
- चूने से pH बढ़ाना और निकासी ठीक करना किसी भी छिड़काव से ज़्यादा काम करता है।
- अपनी मिट्टी और फसल के लिए ताज़ा चूने और प्रबंधन की सिफ़ारिश अपने KVK से पक्की कर लें।
दोबारा न हो, इसके लिए
- गोभी कुल की ज़मीन में चूने से मिट्टी का pH ऊँचा और निकासी अच्छी रखें, और लंबा फसल-चक्र अपनाएँ।
- साफ़ पौध लगाएँ, इसी कुल के खरपतवार संभालें, और गाँठ वाले पौधे उनकी मिट्टी समेत निकाल दें।
- औज़ारों और मशीनों से मिट्टी साफ़ करें, और संक्रमित मिट्टी या पौध को साफ़ खेतों में कभी न ले जाएँ।
सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरी पत्तागोभी/फूलगोभी की जड़ें बड़ी, बेढंगी गाँठों में फूल गई हैं और पौधे मुरझा रहे हैं और बौने हैं। यह क्या है?
जड़ें बड़ी, बेढंगी, गदा जैसी गाँठों में फूल जाएँ, पौधे दिन में मुरझाएँ और बौने रहकर ख़राब गोभी बनाएँ, तो यह क्लब रूट (Plasmodiophora brassicae) है। यह मिट्टी का रोग है। इसके बीजाणु कई साल टिके रहते हैं, इसलिए नियंत्रण लंबा चलने वाला और बचाव पर टिका है। चूने से मिट्टी का pH बढ़ाएँ, निकासी ठीक करें, गोभी कुल की सभी फसलों से कई साल दूर फसल-चक्र रखें और साफ़ पौध लगाएँ। संक्रमित मिट्टी को साफ़ खेतों में कभी न ले जाएँ। जड़ों में गाँठें बन जाने के बाद कोई इलाज नहीं है।
क्लब रूट जड़-गाँठ सूत्रकृमि की गाँठों से कैसे अलग है?
दोनों जड़ें फुलाते हैं, पर गाँठें अलग दिखती हैं और कारण भी अलग हैं। क्लब रूट में मुख्य जड़ें बड़ी, बेढंगी, गदा या तकले जैसी फूल जाती हैं। यह गोभी कुल की फसलों में मिट्टी के जीव Plasmodiophora से होता है और अम्लीय, गीली मिट्टी में बढ़ता है। जड़-गाँठ सूत्रकृमि कई फसलों की जड़ों पर छोटी, मनके जैसी गाँठें बनाता है। क्लब रूट को ज़्यादातर pH बढ़ाने के लिए चूना, निकासी और लंबे फसल-चक्र से संभाला जाता है। जड़-गाँठ को प्रतिरोधी किस्मों, सौरीकरण और जैव-कारकों से संभालते हैं। शक हो तो फसल और गाँठ का आकार देखें।
मिट्टी में चूना डालना क्लब रूट के ख़िलाफ़ क्यों मदद करता है?
क्लब रूट को अम्लीय मिट्टी बहुत सूट करती है। चूना डालकर मिट्टी का pH उदासीन या हल्के क्षारीय की ओर बढ़ाने से हालात इस जीव के लिए बहुत कम अनुकूल हो जाते हैं और रोग तेज़ी से घटता है। बेहतर निकासी के साथ चूना और भी असर करता है, क्योंकि जीव को गीली मिट्टी भी पसंद है। गोभी कुल की फसलों से लंबा फसल-चक्र और साफ़ पौध भी जोड़ें। तब चूना क्लब रूट के ख़िलाफ़ सबसे असरदार तरीक़ों में से एक है। यह किसी भी छिड़काव से कहीं ज़्यादा काम का है, क्योंकि जड़ों में गाँठें बन जाने के बाद कोई इलाज नहीं है।
लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल और क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.
