कुल्थी पीला चितेरी विषाणु (HgYMV)
सफ़ेद-मक्खी से फैलता चमकीला पीला-हरा पत्ती-चितकबरापन — भारत में कुल्थी की उपज कम रहने के दो सबसे बड़े कारणों में से एक।
- रोगजनक
- विषाणु (बेगोमोवायरस, HgYMV)
- फैलाव
- सफ़ेद-मक्खी (Bemisia tabaci)
- अनुकूल
- अधिक सफ़ेद-मक्खी; पास संक्रमित दलहन
- मुख्य जोखिम
- जल्दी संक्रमण पर बौनापन व भारी फली-हानि
परिचय
कुल्थी पीला चितेरी विषाणु (HgYMV) एक बेगोमोवायरस है — मूँग, उड़द व सोयाबीन को प्रभावित करने वाले पीला चितेरी विषाणु से अलग प्रजाति, हालाँकि यह उसी तरह फैलता व खेत में वैसा ही दिखता है। यह पौधे-दर-पौधे सफ़ेद-मक्खी (Bemisia tabaci) से फैलता, बीज या स्पर्श से नहीं। संक्रमित पत्तियों पर बिखरे चमकीले पीले धब्बे बनते जो पीले-हरे मोज़ेक में फैलते; बुरी तरह प्रभावित पत्तियाँ लगभग पूरी पीली हो जातीं।
कुल्थी की जर्मप्लाज़्म जाँच में अत्यधिक प्रतिरोधी से लेकर अत्यधिक संवेदनशील तक व्यापक प्रतिक्रियाएँ मिली हैं, और जल्दी संक्रमित संवेदनशील पौधे पर उपज-हानि बहुत ऊँची हो सकती — यही कारण है कि ICAR-CRIDA की कई नई किस्में (CRHG-4, CRIDA-18R, CRHG-19) ख़ासतौर HgYMV-सहनशीलता के लिए विकसित व प्रचारित हैं। चूँकि विषाणु स्वयं छिड़ककर नहीं हटाया जा सकता, नियंत्रण का मतलब है सफ़ेद-मक्खी को रोकना और शुरू से ही खेत में व आसपास मौजूद विषाणु-स्रोत घटाना।
कैसे पहचानें
- नई पत्तियों पर बिखरे चमकीले पीले धब्बे जो पीले-हरे चितकबरे रूप में फैलते।
- बुरी तरह प्रभावित पत्तियाँ लगभग पूरी पीली हो जातीं व पौधा दूर से फीका दिखता।
- जल्दी संक्रमित पौधे स्पष्ट रूप से बौने रहते व कम, छोटी फलियाँ बनाते।
- लक्षण एक नज़र में पोषक-तत्व समस्या जैसे लग सकते — चितकबरे (एक-समान नहीं) पीलेपन व पत्तियों की निचली सतह पर सफ़ेद-मक्खी देखकर फ़र्क़ पहचानें।
कारण व कब
- एक बेगोमोवायरस जो केवल सफ़ेद-मक्खी (Bemisia tabaci) से फैलता — यह बीज में या पौधों के सीधे संपर्क से नहीं जाता।
- सफ़ेद-मक्खियाँ संक्रमित पौधे पर भोजन करते समय विषाणु उठातीं व अगले स्वस्थ पौधे में डाल देतीं, इसलिए फैलाव सफ़ेद-मक्खी संख्या का अनुसरण करता, अकेले मौसम का नहीं।
- पास की संक्रमित दलहन फ़सलें, स्वतः-उगे पौधे व कुछ खरपतवार विषाणु को सीज़नों के बीच ले जा सकते।
- फसल के जीवन में जितनी जल्दी संक्रमण होता, बौनापन व फली-हानि उतनी ज़्यादा।
सांस्कृतिक व जैविक नियंत्रण
- जहाँ बीज उपलब्ध हो वहाँ HgYMV-सहनशीलता के लिए विकसित किस्म चुनें — CRHG-4, CRIDA-18R व CRHG-19 ICAR-CRIDA परीक्षणों में सहनशील दर्ज हैं, और यही सबसे भरोसेमंद नियंत्रण है।
- बहुत देर के बजाय अपने क्षेत्र की अनुशंसित खिड़की में बोएँ, ताकि सफ़ेद-मक्खी संख्या आमतौर चरम पर पहुँचने से पहले फसल अपनी सबसे संवेदनशील छोटी अवस्था पार कर चुकी हो।
- जल्दी दिखते बुरी तरह संक्रमित पौधे उखाड़कर नष्ट करें, इससे पहले कि सफ़ेद-मक्खियाँ वहाँ से विषाणु आगे फैलाएँ।
- सीज़नों के बीच स्वतः-उगे कुल्थी पौधे व पास के खरपतवार आश्रय हटाएँ ताकि विषाणु को टिकने की जगह न मिले।
रासायनिक (वाहक) नियंत्रण
- चूँकि विषाणु स्वयं किसी छिड़काव से नहीं मरता, यहाँ हर रासायनिक उपाय उसे ले जाने वाली सफ़ेद-मक्खी को लक्षित करता है।
- पीले चिपचिपे ट्रैप खेत में व आसपास सफ़ेद-मक्खी संख्या पर नज़र रखने व घटाने में मदद करते हैं।
- संख्या बढ़ने पर सफ़ेद-मक्खी के विरुद्ध एक CIB&RC-पंजीकृत कीटनाशी, समझदारी से व अलग-अलग क्रिया-विधि बदल-बदलकर, वाहक नियंत्रित करता — मौजूदा सिफ़ारिश के लिए स्थानीय KVK से पूछें।
- नियमित, कैलेंडर-आधारित छिड़काव से बचें जो सफ़ेद-मक्खी संख्या रोकने में मदद करने वाले प्राकृतिक शत्रुओं को भी मार देता है।
दोबारा न हो, इसके लिए
- HgYMV-इतिहास वाले क्षेत्रों में सहनशील किस्म को विकल्प नहीं, डिफ़ॉल्ट चुनाव बनाएँ।
- खेत की मेड़ों व किनारों को स्वतः-उगे फलीदार व खरपतवार आश्रयों से मुक्त रखें जो विषाणु सीज़नों के बीच ले जाते।
- फसल की शुरुआती बढ़वार से ही सफ़ेद-मक्खी संख्या पर नज़र रखें, क्योंकि जल्दी संक्रमण ही सबसे ज़्यादा नुक़सान करता है।
सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें
हमारी फसल गाइडों में जहाँ यह समस्या बताई गई है — पूरी पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ के लिए कोई फसल खोलें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरी कुल्थी की पत्तियों पर पीले-हरे धब्बे हैं — क्या यह मूँग वाली YMV जैसी ही बीमारी है?
यह दिखने व फैलने में मिलती-जुलती है, पर कुल्थी पीला चितेरी विषाणु (HgYMV) एक अपनी अलग बेगोमोवायरस प्रजाति के रूप में पहचाना गया है, मूँग, उड़द व सोयाबीन पर दर्ज पीला चितेरी विषाणु जैसा ही जीव नहीं। दोनों को व्यवहार में एक जैसे ही सँभाला जाता — उन्हें ले जाने वाली सफ़ेद-मक्खी नियंत्रित करके और संक्रमित पौधे व खरपतवार आश्रय हटाकर।
क्या मैं पहले से HgYMV वाले कुल्थी पौधे को ठीक करने के लिए कुछ छिड़क सकता हूँ?
नहीं — एक बार पौधा संक्रमित हो जाए तो कोई छिड़काव उससे विषाणु नहीं हटाता। पहले से संक्रमित पौधे के लिए बस इतना कर सकते हैं कि उसे उखाड़कर सफ़ेद-मक्खियों के लिए फैलाव-स्रोत बनने से रोकें, या सफ़ेद-मक्खी वाहक नियंत्रित कर बाक़ी फसल बचाते हुए उस पौधे का नुक़सान स्वीकार करें।
इस विषाणु को कौन-सी कुल्थी किस्में सहन करती हैं?
ICAR-CRIDA की CRHG-4, CRIDA-18R व CRHG-19 परीक्षणों में कुल्थी पीला चितेरी विषाणु के प्रति सहनशील दर्ज हैं, किस्म अनुसार चूर्णिल आसिता या माइट-सहनशीलता जैसे अन्य गुणों के साथ। जहाँ आपके क्षेत्र के लिए इनमें से किसी का बीज उपलब्ध हो, वह सीज़न के बीच किसी भी छिड़काव से ज़्यादा भरोसेमंद बचाव है, क्योंकि पौधा संक्रमित होने के बाद विषाणु का कोई इलाज नहीं।
लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.
