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रोगLeifsonia xyli subsp. xyliसमीक्षा 20 अक्टूबर 2026

पेड़ी स्टंटिंग रोग (गन्ना)

छिपा हुआ जीवाणु रोग, जो गन्ने को बौना और पतला कर देता है, पर बाहर से लगभग कोई लक्षण नहीं दिखता। नुक़सान सिर्फ़ हर पेड़ी में घटती उपज के रूप में दिखता है।

रोगकारक
जीवाणु (Leifsonia xyli)
फैलाव
काटने के चाकू/हार्वेस्टर का रस; संक्रमित सेट
किसमें बढ़ता है
संक्रमित बीज; पेड़ी की फसल; साझा औज़ार
मुख्य ख़तरा
छिपा बौनापन; लगातार घटती उपज

परिचय

पेड़ी स्टंटिंग रोग (RSD) गन्ने के आर्थिक रूप से सबसे अहम रोगों में से एक है, पर सबसे आसानी से नज़र से छूट जाने वाला भी। यह जीवाणु Leifsonia xyli subsp. xyli से होता है, जो पानी ले जाने वाले ऊतक में रहता है। इसकी पहचान यही है कि बाहर से साफ़ लक्षण नहीं दिखते। प्रभावित झुंड बस बौने रहते हैं, गन्ने पतले और छोटे होते हैं, और कल्ले और ताक़त कम होती है। इसलिए फसल रोगी नहीं, आम तौर पर कमज़ोर दिखती है। और नुक़सान बढ़ता जाता है, क्योंकि हर अगली पेड़ी में उपज और घटती है।

एक भीतरी सुराग़ है। गन्ना काटने पर गाँठ वाले हिस्से में बहुत छोटे नारंगी से लाल बिंदु या छोटे अल्पविराम जैसे निशान दिखते हैं। पर पक्की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला की जाँच चाहिए। यह औज़ार से फैलता है। मुख्य रूप से काटने का चाकू या हार्वेस्टर एक पौधे का रस दूसरे तक पहुँचाता है। यह संक्रमित सेट (बीज के टुकड़े) लगाने से भी फैलता है। यह कीटों या मिट्टी से नहीं फैलता। यह रोग बीज और चाकू से चलता है और छिपा रहता है। इसलिए नियंत्रण पूरी तरह इन बातों पर टिका है: गर्म पानी से उपचारित रोगमुक्त बीज, काटने के औज़ारों को कीटाणुरहित करना, और संक्रमित फसल से अंतहीन पेड़ी न लेना।

कैसे पहचानें

  • आम बौनापन: पतले, छोटे गन्ने, कम कल्ले और कम ताक़त, पर लगभग कोई साफ़ बाहरी लक्षण नहीं।
  • ऐसी फसल जो बस कमज़ोर दिखती है और कम देती है, ख़ासकर अगली-अगली पेड़ियों में, रोगी नहीं लगती।
  • गन्ना आड़ा काटने पर गाँठ वाले हिस्से में बहुत छोटे नारंगी से लाल बिंदु या छोटे अल्पविराम (यह संकेत है, सबूत नहीं)।
  • पक्की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला की जाँच चाहिए। इसे ख़राब प्रबंधन समझ लेना आसान है।

कारण और समय

  • जीवाणु Leifsonia xyli subsp. xyli, जो गन्ने के पानी ले जाने वाले ऊतक में रहता है।
  • यह मशीन-औज़ार से फैलता है, मुख्य रूप से काटने का चाकू या हार्वेस्टर संक्रमित रस एक पौधे से दूसरे तक ले जाता है, और संक्रमित सेट लगाने से।
  • यह कीटों या मिट्टी से नहीं फैलता, इसलिए औज़ार और बीज की सफ़ाई मायने रखती है।
  • संक्रमित फसल की अगली-अगली पेड़ियों में बढ़ता है और उपज को लगातार घटाता है।

खेती और जैविक तरीक़े

  • सिर्फ़ प्रमाणित/साफ़ बीज नर्सरी का स्वस्थ, रोगमुक्त बीज-गन्ना लगाएँ।
  • जिस फसल पर शक हो, उससे अनिश्चित समय तक पेड़ी न लेते रहें। साफ़, उपचारित बीज से नए सिरे से शुरू करें।
  • तीन स्तर वाला स्वस्थ बीज कार्यक्रम बनाए रखें, ताकि साफ़ बीज मिलता रहे।
  • साफ़ तौर पर कमज़ोर, बौने झुंड निकाल दें, और बीज कहाँ से लिया गया इसका रिकॉर्ड रखें।

बीज और औज़ार का उपचार

  • बीज के सेट को सिफ़ारिश के तापमान और समय पर गर्म पानी से उपचारित करें (HWT), ताकि वे जीवाणु से मुक्त हो जाएँ। यही मुख्य नियंत्रण है।
  • काटने के चाकू/हार्वेस्टर के ब्लेड हर झुंड/खेत के बीच नियमित कीटाणुरहित करें, ताकि वे रस से फैलने वाला संक्रमण न ले जाएँ।
  • इलाज वाला कोई छिड़काव नहीं है। नियंत्रण पूरी तरह बीज और सफ़ाई पर टिका है।
  • अपने इलाक़े के लिए गर्म पानी उपचार का ताज़ा कार्यक्रम और बीज कार्यक्रम अपने KVK/गन्ना शोध केंद्र से पक्का कर लें।

दोबारा न हो, इसके लिए

  • हर रोपाई साफ़ बीज नर्सरी के गर्म पानी से उपचारित, रोगमुक्त बीज पर रखें।
  • काटने के औज़ार नियमित कीटाणुरहित करें, और किसी एक बीज स्रोत से पेड़ियों की संख्या सीमित रखें।
  • स्वस्थ बीज कार्यक्रम बनाए रखें, ताकि RSD सालों में चुपचाप उपज न घटाता रहे।

सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरी गन्ने की उपज बिना किसी साफ़ रोग के हर पेड़ी में घटती जाती है। क्यों?

पेड़ी की उपज का धीरे-धीरे, चुपचाप घटना, पतले, बौने गन्ने, और कोई साफ़ बाहरी लक्षण नहीं, यह पेड़ी स्टंटिंग रोग (RSD) की जानी-पहचानी निशानी है। यह एक जीवाणु है जो गन्ने के अंदर रहता है और बाहर लगभग कुछ नहीं दिखाता। यह काटने के चाकू और संक्रमित सेट से फैलता है। गर्म पानी से उपचारित, रोगमुक्त बीज से नए सिरे से शुरू करें, काटने के औज़ार कीटाणुरहित करें, और संक्रमित फसल से पेड़ी न लेते रहें। RSD इसी तरह टूटता है।

जिस रोग में लक्षण ही नहीं दिखते, वह बड़ा नुक़सान कैसे करता है?

ठीक इसीलिए, क्योंकि वह छिपा हुआ है। RSD गन्ने को बौना करता है और फसल पतली कर देता है, पर दूसरे रोगों की तरह साफ़ धब्बे, मुरझाना या सड़न नहीं दिखाता। इसलिए किसान इसे ख़राब मिट्टी या ख़राब प्रबंधन समझकर पेड़ी लेते रहते हैं। उधर जीवाणु चाकू और सेट के साथ फैलता रहता है और उपज हर पेड़ी में चुपचाप घटती जाती है। कुल मिलाकर नुक़सान बड़ा हो सकता है। इसी छिपे रहने की वजह से नियंत्रण आँख से देखकर निगरानी में नहीं, बल्कि गर्म पानी से उपचारित साफ़ बीज और औज़ारों की सफ़ाई में है।

गर्म पानी का उपचार पेड़ी स्टंटिंग के ख़िलाफ़ क्यों मदद करता है?

RSD का जीवाणु बीज के सेट के पानी ले जाने वाले ऊतक के अंदर रहता है। सिफ़ारिश के तापमान और समय पर गर्म पानी का उपचार (HWT), रोपाई से पहले सेट को इससे मुक्त कर देता है। रोग मुख्य रूप से संक्रमित बीज और काटने के चाकू से फैलता है, कीटों या मिट्टी से नहीं। इसलिए साफ़ नर्सरी का HWT उपचारित बीज लेकर शुरू करना और काटने के औज़ार कीटाणुरहित करना ही पूरे नियंत्रण की नींव है। गर्म पानी उपचार का कार्यक्रम अपने KVK से पक्का कर लें।

लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल और क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.