Green (local seedling type)
पर्पल बीज-प्रकार का हरे-छिलके समकक्ष, इसी तरह बिना-कलम व पुरानी रोपाइयों में आम — सिक्किम में आमतौर सितंबर-अक्टूबर के आसपास तोड़ा जाता, पर्पल-छिलका प्रकार से सीज़न में बाद में।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- एवोकाडो
- प्रकार
- बिना-कलम बीज-मूल प्रकार (कोई विकसित/जारी किस्म नहीं)
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- बीज-पेड़ के रूप में पहले फलन तक 5–6+ साल
- अपेक्षित उपज
- पेड़-दर-पेड़ अलग-अलग, क्योंकि बीज-मूल माता-सच्चा नहीं होता
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- कोई विकसित या जारी किस्म नहीं — भारत की नामित एवोकाडो किस्मों से पहले का एक सामान्य बीज-मूल फल-रंग प्रकार
इस किस्म के बारे में
ग्रीन प्रकार पर्पल बीज-प्रकार का हरे-छिलके समकक्ष है, कुर्ग, केरल व सिक्किम भर मिलने वाले उन पुराने, बिना-कलम बीज-मूल एवोकाडो पेड़ों को दर्शाता जो किसी औपचारिक भारतीय किस्म-कार्यक्रम से पहले के हैं। पर्पल प्रकार की तरह, गुठली से उगा पेड़ अपने मातृ-पेड़ के सटीक गुण दोबारा नहीं देता, तो फल-गुणवत्ता व उपज पेड़-दर-पेड़ व्यापक रूप से अलग-अलग होते। हरे-छिलके फल सिक्किम में आमतौर सितंबर-अक्टूबर के आसपास तोड़ा जाता, उसी क्षेत्र में उगाए जाने वाले पर्पल-छिलका प्रकार से सीज़न में बाद में, जो दोनों प्रकार रखने वाले किसान को तुड़ाई व बाज़ार-सीज़न फैलाने देता है। किसी भी बिना-कलम बीज-स्टॉक की तरह, नए पेड़ लगाने वाले किसान को अनुमानित फलन-समय व फल-गुणवत्ता के लिए एक नामित कलमी किस्म बेहतर सेवा देती है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- कटाईपरिपक्वता भर छिलका हरा रहता, तो रंग-बदलाव से ज़्यादा फल-आकार व तोड़ने-बाद-नरम होने की मानक जाँच मायने रखती; सिक्किम में आमतौर सितंबर-अक्टूबर के आसपास तोड़ा जाता है।
उपज व अवधि
पकने की अवधि
बीज-पेड़ के रूप में पहले फलन तक 5–6+ साल
अपेक्षित उपज
पेड़-दर-पेड़ अलग-अलग, क्योंकि बीज-मूल माता-सच्चा नहीं होता
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- पर्पल प्रकार से बाद की तुड़ाई-खिड़की (सितंबर-अक्टूबर), दोनों प्रकार रखने वाले बाग़ भर तुड़ाई व बाज़ार-आपूर्ति फैलाने में उपयोगी।
- कई पुराने बाग़ों में पहले से स्थापित, उत्पादन जारी रखने को दोबारा-रोपाई का फ़ैसला नहीं चाहिए।
ध्यान रखने योग्य बातें
- नई व्यावसायिक रोपाई को अनुशंसित नहीं — बीज-पेड़ को फलन में 5–6 साल या ज़्यादा लगते, कलमी किस्म के 3–4 के मुक़ाबले, और फल-गुणवत्ता या उपज की कोई गारंटी नहीं।
- चूँकि परिपक्वता पर भी छिलका हरा रहता, किसानों को परिपक्वता आँकने में रंग-बदलाव के बजाय फल-आकार व तोड़ने-बाद की मानक नरम-होने जाँच पर भरोसा करना चाहिए।
उपयुक्त क्षेत्र
कुर्ग, केरल व सिक्किम भर पुराने, बिना-कलम बाग़-पेड़ों के रूप में व्यापक रूप से उगाई जाती — किसी आधिकारिक अनुशंसित क्षेत्र वाली विकसित किस्म नहीं।
- कर्नाटक
- केरल
- सिक्किम
स्रोत: Avocado Production in India — FAO (Saurindra P. Ghosh). संपादकीय नीति.
