Purple (local seedling type)
भारत के एवोकाडो इलाक़ों भर किसी औपचारिक किस्म-कार्यक्रम से पहले उगाई जाने वाला पुराना, बिना-कलम बीज-मूल प्रकार — परिपक्वता पर बैंगनी-छिलका, सिक्किम में आमतौर जुलाई के आसपास तोड़ा जाता।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- एवोकाडो
- प्रकार
- बिना-कलम बीज-मूल प्रकार (कोई विकसित/जारी किस्म नहीं)
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- बीज-पेड़ के रूप में पहले फलन तक 5–6+ साल
- अपेक्षित उपज
- पेड़-दर-पेड़ अलग-अलग, क्योंकि बीज-मूल माता-सच्चा नहीं होता
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- कोई विकसित या जारी किस्म नहीं — भारत की नामित एवोकाडो किस्मों से पहले का एक सामान्य बीज-मूल फल-रंग प्रकार
इस किस्म के बारे में
पर्पल प्रकार कुर्ग, केरल व सिक्किम भर मिलने वाले उन कई पुराने, बिना-कलम बीज-मूल एवोकाडो पेड़ों को दर्शाता है जो भारत के औपचारिक एवोकाडो किस्म-कार्यक्रम व नामित कलमी किस्मों के आगमन से पहले के हैं। चूँकि बीज-पेड़ कलम की बजाय गुठली से उगता, यह अपने मातृ-पेड़ के सटीक गुण दोबारा नहीं देता, तो एक ही बाग़ के भीतर भी फल-आकार, गुणवत्ता व उपज पेड़-दर-पेड़ व्यापक रूप से अलग-अलग होते। पर्पल-छिलका फल सिक्किम में आमतौर जुलाई के आसपास तोड़ा जाता, हरे-छिलके समकक्ष से सीज़न में कुछ पहले। ये पेड़ पुराने, स्थापित बाग़ों में आम बने हुए हैं, पर नए पेड़ लगाने वाले किसान को अनुमानित फलन-समय, फल-गुणवत्ता व उपज के लिए एक नामित कलमी किस्म — अर्का सुप्रीम, अर्का कुर्ग रवि, हास या फ़्यूर्ते — बेहतर सेवा देती है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- कटाईपरिपक्व पर सख़्त तोड़ा जाता, सिक्किम में आमतौर जुलाई के आसपास, और किसी भी एवोकाडो की तरह लगभग 6–10 दिन में पेड़ से अलग पकता है।
उपज व अवधि
पकने की अवधि
बीज-पेड़ के रूप में पहले फलन तक 5–6+ साल
अपेक्षित उपज
पेड़-दर-पेड़ अलग-अलग, क्योंकि बीज-मूल माता-सच्चा नहीं होता
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- कई पुराने बाग़ों में पहले से स्थापित, तो एक मौजूदा पर्पल-प्रकार पेड़ को उत्पादन जारी रखने को दोबारा-रोपाई का फ़ैसला नहीं चाहिए।
- ज़मीन में पहले से लगे पेड़ को नर्सरी-स्रोत कलमी सामग्री पर कोई निर्भरता नहीं।
ध्यान रखने योग्य बातें
- नई व्यावसायिक रोपाई को अनुशंसित नहीं — बीज-पेड़ को फलन में 5–6 साल या ज़्यादा लगते, कलमी किस्म के 3–4 के मुक़ाबले, और फल-गुणवत्ता या उपज की कोई गारंटी नहीं।
- एक ही बाग़ के भीतर भी अलग-अलग बीज-पेड़ों में फल-गुणवत्ता व उपज व्यापक रूप से अलग-अलग होते, तो एक पेड़ के नतीजे दूसरे के लिए नहीं माने जा सकते।
उपयुक्त क्षेत्र
कुर्ग, केरल व सिक्किम भर पुराने, बिना-कलम बाग़-पेड़ों के रूप में व्यापक रूप से उगाई जाती — किसी आधिकारिक अनुशंसित क्षेत्र वाली विकसित किस्म नहीं।
- कर्नाटक
- केरल
- सिक्किम
स्रोत: Avocado Production in India — FAO (Saurindra P. Ghosh). संपादकीय नीति.
