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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
ग्वार (क्लस्टर बीन)खरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 2 सितंबर 2026

HG 563

CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की एक लंबी, अत्यधिक शाखादार ग्वार किस्म, सफ़ेद-सी मोटी दाना के साथ — ख़ासतौर अपनी ऊँची गोंद-मात्रा के लिए उगाई जाती, और ग्वार-उकठा अंतर-प्रजाति प्रजनन शोध में एक मूल-किस्म के रूप में इस्तेमाल की गई।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधिअलग दर्ज नहीं
अपेक्षित उपजएक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में RGC-936 से लगभग 35.7% कम; स्वतंत्र रूप से एक ऊँची-गोंद-मात्रा क़िस्म के रूप में दर्ज
उपयुक्त मिट्टीशुष्क व अर्ध-शुष्क मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
अलग दर्ज नहीं
बीज दर
इसकी लंबी, ज़्यादा भारी-शाखादार बनावट को देखते 12–15 किग्रा/हेक्टेयर
अपेक्षित उपज
एक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में RGC-936 से लगभग 35.7% कम; स्वतंत्र रूप से एक ऊँची-गोंद-मात्रा क़िस्म के रूप में दर्ज
उपयुक्त मिट्टी
शुष्क व अर्ध-शुष्क मिट्टी
जारी
CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार — इस शोध-चरण में सटीक अधिसूचना-वर्ष पुष्ट नहीं हो सका

इस किस्म के बारे में

HG 563 CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार की एक ग्वार किस्म है, जिसकी पहचान सफ़ेद-सी बीज-रंगत, लगभग तीन फ़ुट (क़रीब 90 सेमी) तक ऊँची अत्यधिक शाखादार बनावट, व मोटे बीज-आकार से होती है। इसका सबसे ख़ास दर्ज गुण ऊँची गोंद-मात्रा है — वह गुण जो कच्चे बीज-वज़न से आगे प्रसंस्करण-उद्योग के लिए ग्वार फ़सल की क़ीमत सीधे तय करता — जिसने इसे HG 563 को जंगली रिश्तेदार Cyamopsis serrata के साथ क्रॉस कर सूखा व रोग-गुण पढ़ने वाले प्रकाशित अंतर-प्रजाति प्रजनन शोध में एक काम की मूल-किस्म भी बनाया। छह ग्वार किस्मों के मुक़ाबले एक प्रकाशित बारानी खेत-तुलना में, HG 563 ने सबसे बेहतर प्रदर्शन वाली RGC-936 से लगभग 35.7% कम बीज-उपज दी, जो उस विशिष्ट परीक्षण में इसे मध्य-स्तर उपज-प्रदर्शक के रूप में रखता, भले इसकी गोंद-गुणवत्ता एक असली मज़बूती हो।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिअलग दर्ज नहीं
    उपज क्षमताएक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में RGC-936 से लगभग 35.7% कम; स्वतंत्र रूप से एक ऊँची-गोंद-मात्रा क़िस्म के रूप में दर्ज
    रोग-प्रतिरोधअलग दर्ज नहीं
    मिट्टीशुष्क व अर्ध-शुष्क मिट्टी
    सीज़नखरीफ़

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयजून के अंत से जुलाई, मानसून के साथ
  • बीज दरइसकी लंबी, ज़्यादा भारी-शाखादार बनावट को देखते 12–15 किग्रा/हेक्टेयर
  • दूरीइसकी लंबी, भारी-शाखादार बढ़वार के लिए 60 सेमी कतार-दूरी, पौधों के बीच 20–25 सेमी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

अलग दर्ज नहीं

अपेक्षित उपज

एक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में RGC-936 से लगभग 35.7% कम; स्वतंत्र रूप से एक ऊँची-गोंद-मात्रा क़िस्म के रूप में दर्ज

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • अलग दर्ज नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • कई विकल्पों से ऊँची गोंद-मात्रा — वह गुण जो मुख्यतः गोंद-देने वाले बीज के लिए उगाई जाने वाली फ़सल में असली व्यावसायिक मूल्य तय करता।
  • मोटा, सफ़ेद-सा बीज व एक लंबा, भारी-शाखादार पौधा कुल जैव-भार व फली-धारण सतह मज़बूत देते।
  • असली शोध-वंशावली — Cyamopsis serrata के साथ प्रकाशित सूखा/रोग अंतर-प्रजाति प्रजनन-कार्य में एक मूल-किस्म के रूप में इस्तेमाल।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • एक सीधी बारानी उपज-तुलना में यह RGC-936 से सार्थक अंतर से पीछे रही — गोंद-गुणवत्ता से ज़्यादा कच्ची बीज-उपज को प्राथमिकता देने वाले किसान को यह ट्रेड-ऑफ़ तौलना चाहिए।
  • इसकी लंबी, भारी-शाखादार बनावट को किसी बौनी क़िस्म जैसे RGC-936 से ज़्यादा दूरी चाहिए, जो बुवाई पर योजना बनाने लायक़ है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • हरियाणा
  • पंजाब
  • राजस्थान

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

परीक्षणों में कम बीज-उपज के बावजूद HG 563 क़ीमती क्यों है?

इसकी दर्ज मज़बूती कच्ची बीज-उपज नहीं, ऊँची गोंद-मात्रा है — चूँकि ग्वार का असली व्यावसायिक मूल्य उसके बीज से निकाले गए गोंद से आता, एक ज़्यादा गोंद वाली किस्म प्रति हेक्टेयर कुछ कम बीज-वज़न पर भी उगाने लायक़ हो सकती, यह इस पर निर्भर करता कि ख़रीदार फ़सल की क़ीमत कैसे तय करता।