HG 563
CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की एक लंबी, अत्यधिक शाखादार ग्वार किस्म, सफ़ेद-सी मोटी दाना के साथ — ख़ासतौर अपनी ऊँची गोंद-मात्रा के लिए उगाई जाती, और ग्वार-उकठा अंतर-प्रजाति प्रजनन शोध में एक मूल-किस्म के रूप में इस्तेमाल की गई।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- अलग दर्ज नहीं
- बीज दर
- इसकी लंबी, ज़्यादा भारी-शाखादार बनावट को देखते 12–15 किग्रा/हेक्टेयर
- अपेक्षित उपज
- एक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में RGC-936 से लगभग 35.7% कम; स्वतंत्र रूप से एक ऊँची-गोंद-मात्रा क़िस्म के रूप में दर्ज
- उपयुक्त मिट्टी
- शुष्क व अर्ध-शुष्क मिट्टी
- जारी
- CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार — इस शोध-चरण में सटीक अधिसूचना-वर्ष पुष्ट नहीं हो सका
इस किस्म के बारे में
HG 563 CCS हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार की एक ग्वार किस्म है, जिसकी पहचान सफ़ेद-सी बीज-रंगत, लगभग तीन फ़ुट (क़रीब 90 सेमी) तक ऊँची अत्यधिक शाखादार बनावट, व मोटे बीज-आकार से होती है। इसका सबसे ख़ास दर्ज गुण ऊँची गोंद-मात्रा है — वह गुण जो कच्चे बीज-वज़न से आगे प्रसंस्करण-उद्योग के लिए ग्वार फ़सल की क़ीमत सीधे तय करता — जिसने इसे HG 563 को जंगली रिश्तेदार Cyamopsis serrata के साथ क्रॉस कर सूखा व रोग-गुण पढ़ने वाले प्रकाशित अंतर-प्रजाति प्रजनन शोध में एक काम की मूल-किस्म भी बनाया। छह ग्वार किस्मों के मुक़ाबले एक प्रकाशित बारानी खेत-तुलना में, HG 563 ने सबसे बेहतर प्रदर्शन वाली RGC-936 से लगभग 35.7% कम बीज-उपज दी, जो उस विशिष्ट परीक्षण में इसे मध्य-स्तर उपज-प्रदर्शक के रूप में रखता, भले इसकी गोंद-गुणवत्ता एक असली मज़बूती हो।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयजून के अंत से जुलाई, मानसून के साथ
- बीज दरइसकी लंबी, ज़्यादा भारी-शाखादार बनावट को देखते 12–15 किग्रा/हेक्टेयर
- दूरीइसकी लंबी, भारी-शाखादार बढ़वार के लिए 60 सेमी कतार-दूरी, पौधों के बीच 20–25 सेमी
उपज व अवधि
पकने की अवधि
अलग दर्ज नहीं
अपेक्षित उपज
एक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में RGC-936 से लगभग 35.7% कम; स्वतंत्र रूप से एक ऊँची-गोंद-मात्रा क़िस्म के रूप में दर्ज
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- अलग दर्ज नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- कई विकल्पों से ऊँची गोंद-मात्रा — वह गुण जो मुख्यतः गोंद-देने वाले बीज के लिए उगाई जाने वाली फ़सल में असली व्यावसायिक मूल्य तय करता।
- मोटा, सफ़ेद-सा बीज व एक लंबा, भारी-शाखादार पौधा कुल जैव-भार व फली-धारण सतह मज़बूत देते।
- असली शोध-वंशावली — Cyamopsis serrata के साथ प्रकाशित सूखा/रोग अंतर-प्रजाति प्रजनन-कार्य में एक मूल-किस्म के रूप में इस्तेमाल।
ध्यान रखने योग्य बातें
- एक सीधी बारानी उपज-तुलना में यह RGC-936 से सार्थक अंतर से पीछे रही — गोंद-गुणवत्ता से ज़्यादा कच्ची बीज-उपज को प्राथमिकता देने वाले किसान को यह ट्रेड-ऑफ़ तौलना चाहिए।
- इसकी लंबी, भारी-शाखादार बनावट को किसी बौनी क़िस्म जैसे RGC-936 से ज़्यादा दूरी चाहिए, जो बुवाई पर योजना बनाने लायक़ है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- हरियाणा
- पंजाब
- राजस्थान
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
परीक्षणों में कम बीज-उपज के बावजूद HG 563 क़ीमती क्यों है?
इसकी दर्ज मज़बूती कच्ची बीज-उपज नहीं, ऊँची गोंद-मात्रा है — चूँकि ग्वार का असली व्यावसायिक मूल्य उसके बीज से निकाले गए गोंद से आता, एक ज़्यादा गोंद वाली किस्म प्रति हेक्टेयर कुछ कम बीज-वज़न पर भी उगाने लायक़ हो सकती, यह इस पर निर्भर करता कि ख़रीदार फ़सल की क़ीमत कैसे तय करता।
