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ग्वार (क्लस्टर बीन)खरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 2 सितंबर 2026

RGC-1066

RARI दुर्गापुरा की एक अशाखादार-प्रकार ग्वार रिलीज़ — संस्थान की आधिकारिक किस्म-सूची में सच में दर्ज, हालाँकि एक बारानी तुलना-परीक्षण में इसकी उपज शाखादार RGC-936 से काफ़ी पीछे रही।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधिअलग दर्ज नहीं
अपेक्षित उपजएक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में RGC-936 से लगभग 88% कम — परखी गई छह किस्मों में सबसे कम
उपयुक्त मिट्टीहल्की, अच्छी जल-निकासी वाली अर्ध-शुष्क मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
अलग दर्ज नहीं
बीज दर
12–15 किग्रा/हेक्टेयर; अशाखादार बनावट किसी शाखादार क़िस्म से थोड़ी क़रीबी दूरी की इजाज़त दे सकती
अपेक्षित उपज
एक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में RGC-936 से लगभग 88% कम — परखी गई छह किस्मों में सबसे कम
उपयुक्त मिट्टी
हल्की, अच्छी जल-निकासी वाली अर्ध-शुष्क मिट्टी
जारी
राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (RARI), दुर्गापुरा — इस शोध-चरण में सटीक अधिसूचना-वर्ष पुष्ट नहीं हो सका

इस किस्म के बारे में

RGC-1066 को राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (RARI), दुर्गापुरा की आधिकारिक किस्म-सूची में एक अशाखादार-प्रकार ग्वार किस्म के रूप में दर्ज किया गया है — संस्थान की लगभग पंद्रह क्लस्टरबीन रिलीज़ों में से एक, शाखादार RGC-936 व बाद की RGC-1055 (ग्वार उदय) के साथ। इसकी अशाखादार बनावट शाखादार RGC-936 से एक असली, अलग कृषि-विशेषता है, और अशाखादार क़िस्में आमतौर तब चुनी जातीं जब किसान सरल पौध-बनावट चाहता, अक्सर क़रीबी या अंतर-फ़सल बनावट के लिए। हालाँकि, छह ग्वार किस्मों के मुक़ाबले एक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में, RGC-1066 ने समूह की सबसे कम बीज-उपज दी — सबसे बेहतर प्रदर्शन वाली RGC-936 से लगभग 88% कम — जो एक अलग-थलग परिणाम के बजाय एक असली दर्ज कमज़ोरी है, क्योंकि उसी परीक्षण ने इसे उस सीज़न परखी गई सभी छह किस्मों में सबसे कम बताया।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिअलग दर्ज नहीं
    उपज क्षमताएक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में RGC-936 से लगभग 88% कम — परखी गई छह किस्मों में सबसे कम
    रोग-प्रतिरोधअलग दर्ज नहीं
    मिट्टीहल्की, अच्छी जल-निकासी वाली अर्ध-शुष्क मिट्टी
    सीज़नखरीफ़

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयजून के अंत से जुलाई, मानसून के साथ
  • बीज दर12–15 किग्रा/हेक्टेयर; अशाखादार बनावट किसी शाखादार क़िस्म से थोड़ी क़रीबी दूरी की इजाज़त दे सकती
  • दूरीइसकी अशाखादार, सरल पौध-बनावट के लिए 30–45 सेमी कतार-दूरी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

अलग दर्ज नहीं

अपेक्षित उपज

एक प्रकाशित बारानी तुलना-परीक्षण में RGC-936 से लगभग 88% कम — परखी गई छह किस्मों में सबसे कम

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • अलग दर्ज नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • एक अलग अशाखादार बढ़वार-बनावट, प्रमुख शाखादार RGC-936 से सच में अलग पौध-बनावट देती, जो क़रीबी या अंतर-फ़सल बनावट को सूट कर सकती।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • एक सीधी बारानी तुलना-परीक्षण में इसने परखी गई छह किस्मों में सबसे कम बीज-उपज दी, RGC-936 से सार्थक रूप से कम — केवल उपज को प्राथमिकता देने वाले किसान को आमतौर RGC-936 या RGC-1055 पसंद करनी चाहिए, जब तक स्थानीय परीक्षण-आँकड़े अन्यथा न दिखाएँ।
  • इस किस्म के लिए विस्तृत अवधि, गोंद-मात्रा व रोग-प्रतिक्रिया आँकड़े इस शोध-चरण में किसी प्राथमिक स्रोत से पुष्ट नहीं हो सके।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • राजस्थान

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

RGC-1066 की पौध-क़िस्म अन्य RGC ग्वार किस्मों से कैसे अलग है?

RGC-1066 को एक अशाखादार क़िस्म के रूप में दर्ज किया गया, बौनी-शाखादार RGC-936 के विपरीत — एक सच में अलग पौध-बनावट जो क़रीबी या अंतर-फ़सल बुवाई को सूट कर सकती। हालाँकि, एक बारानी उपज-तुलना में, यह शाखादार किस्मों से काफ़ी पीछे रही, इसलिए केवल बीज-उपज को प्राथमिकता देने वाले किसानों को आमतौर RGC-936 या RGC-1055 से बेहतर परिणाम मिले हैं।