Gujarat Isabgol-1 (GI-1)
भारत की पहली समर्पित इसबगोल रिलीज़, आणंद कृषि विश्वविद्यालय, गुजरात से — नई डाउनी-मिल्ड्यू-सहनशील रिलीज़ों के साथ अब भी एक पुरानी मानक किस्म के रूप में उगाई जाती।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 110–115 दिन
- बीज दर
- 4–5 किग्रा/हेक्टेयर, एक-सी छिड़काव को रेत या बारीक मिट्टी में मिलाकर
- अपेक्षित उपज
- 800–900 किग्रा/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- हल्की, अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट
- जारी
- रिलीज़ 1976 · आणंद कृषि विश्वविद्यालय (AAU), गुजरात
इस किस्म के बारे में
गुजरात इसबगोल-1 (GI-1) 1976 में आणंद कृषि विश्वविद्यालय, गुजरात द्वारा जारी की गई — पेश की गई सामग्री से चुनी गई, भारत की पहली समर्पित नामित इसबगोल किस्म। इसमें गहरा-हरा पत्ता व लगभग 4.0–4.5 सेमी की मध्यम फूल-बाली है, व सामान्य खेती में लगभग 800–900 किग्रा/हेक्टेयर बीज उपज देती है। इस्तेमाल में सबसे पुरानी नामित रिलीज़ों में से एक होने के नाते, यह बाद के रोग-सहनशीलता परीक्षणों में एक मानक चेक किस्म रही, जहाँ इसने व इसकी सहोदर रिलीज़ GI-2 ने आमतौर नई RI- व वल्लभ-शृंखला रिलीज़ों से कमज़ोर डाउनी मिल्ड्यू सहनशीलता दिखाई, जो ख़ासतौर उसी गुण के लिए विकसित की गईं। यह गुजरात व राजस्थान में एक जाना-पहचाना, आसानी से उपलब्ध विकल्प बना हुआ है, हालाँकि डाउनी मिल्ड्यू के इतिहास वाले इलाक़े के किसान के लिए, जहाँ बीज उपलब्ध हो, एक नई, सहनशीलता-विकसित किस्म बेहतर विकल्प है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयसबसे अच्छी उपज को नवंबर का पहला पखवाड़ा
- बीज दर4–5 किग्रा/हेक्टेयर, एक-सी छिड़काव को रेत या बारीक मिट्टी में मिलाकर
उपज व अवधि
पकने की अवधि
110–115 दिन
अपेक्षित उपज
800–900 किग्रा/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- उपलब्ध स्रोतों में अलग दर्ज नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- गुजरात व राजस्थान भर लंबा उपयोग-इतिहास व व्यापक रूप से उपलब्ध बीज।
- जहाँ कोई नई नामित किस्म स्थानीय रूप से उपलब्ध न हो वहाँ एक जाना-पहचाना, आसानी से मिलने वाला विकल्प।
ध्यान रखने योग्य बातें
- नई RI-1 व वल्लभ इसबगोल रिलीज़ों से कमज़ोर डाउनी मिल्ड्यू सहनशीलता — रोग-इतिहास वाले इलाक़ों में एक असली विचारणीय बात।
- सामान्य डाउनी-मिल्ड्यू तुलना से परे अवधि व रोग-प्रतिरोध आँकड़े उपलब्ध स्रोतों में अलग दर्ज नहीं।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- गुजरात
- राजस्थान
स्रोत: Anand Agricultural University (AAU), Gujarat. संपादकीय नीति.
