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इसबगोल (साइलियम)रबीखुली-परागितअपडेट किया गया 2 सितंबर 2026

Jawahar Isabgol-4 (JI-4)

मध्य प्रदेश के मंदसौर बाग़वानी महाविद्यालय की 1996 रिलीज़, नामित इसबगोल किस्मों में सबसे ऊँचे दर्ज उपज-आँकड़ों में से एक व नाव-आकार, सख़्त, हल्के-गुलाबी बीज सहित।

सीज़नरबी
पकने की अवधिअलग दर्ज नहीं
अपेक्षित उपज1,300–1,500 किग्रा/हेक्टेयर — किसी नामित किस्म के लिए दर्ज ऊँचे आँकड़ों में से
उपयुक्त मिट्टीहल्की, अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
अलग दर्ज नहीं
बीज दर
4–5 किग्रा/हेक्टेयर, एक-सी छिड़काव को रेत या बारीक मिट्टी में मिलाकर
अपेक्षित उपज
1,300–1,500 किग्रा/हेक्टेयर — किसी नामित किस्म के लिए दर्ज ऊँचे आँकड़ों में से
उपयुक्त मिट्टी
हल्की, अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट
जारी
रिलीज़ 1996 · बाग़वानी महाविद्यालय, RVSKVV, मंदसौर, मध्य प्रदेश

इस किस्म के बारे में

जवाहर इसबगोल-4 (JI-4) 1996 में राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (RVSKVV) के बाग़वानी महाविद्यालय, मंदसौर, मध्य प्रदेश द्वारा जारी की गई। इसमें संकरी, घनी, रोमिल गहरे-हरे पत्ते व नाव-आकार, सख़्त, हल्के-गुलाबी बीज पर गुलाबी-सफ़ेद भूसी है — नामित इसबगोल किस्मों में एक काफ़ी अलग शारीरिक विवरण। इसका दर्ज उपज-सामर्थ्य, 1,300–1,500 किग्रा/हेक्टेयर, इस पेज की नामित किस्मों में दर्ज सबसे ऊँचे आँकड़ों में से है, जो इसे उपज को प्राथमिकता देने वाले किसान के लिए एक उचित विकल्प बनाता जहाँ JI-4 बीज सच में उपलब्ध हो। इस पेज के लिए जाँचे गए स्रोतों में इसकी सटीक अवधि अलग दर्ज नहीं, तो इसके इर्द-गिर्द योजना बनाने से पहले किसान को अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से स्थानीय बुवाई-से-कटाई खिड़की पक्की करनी चाहिए।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिअलग दर्ज नहीं
    उपज क्षमता1,300–1,500 किग्रा/हेक्टेयर — किसी नामित किस्म के लिए दर्ज ऊँचे आँकड़ों में से
    रोग-प्रतिरोधउपलब्ध स्रोतों में अलग दर्ज नहीं
    मिट्टीहल्की, अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयसबसे अच्छी उपज को नवंबर का पहला पखवाड़ा
  • बीज दर4–5 किग्रा/हेक्टेयर, एक-सी छिड़काव को रेत या बारीक मिट्टी में मिलाकर

उपज व अवधि

पकने की अवधि

अलग दर्ज नहीं

अपेक्षित उपज

1,300–1,500 किग्रा/हेक्टेयर — किसी नामित किस्म के लिए दर्ज ऊँचे आँकड़ों में से

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • उपलब्ध स्रोतों में अलग दर्ज नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • किसी नामित इसबगोल किस्म के लिए दर्ज सबसे ऊँचे उपज-आँकड़ों में से (1,300–1,500 किग्रा/हेक्टेयर)।
  • अलग, अच्छी तरह वर्णित बीज व पत्ती विशेषताएँ इसे पहचानना आसान बनातीं।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सटीक फ़सल-अवधि अलग दर्ज नहीं — स्थानीय बुवाई-से-कटाई कैलेंडर किसी KVK से पक्का करें।
  • डाउनी मिल्ड्यू सहनशीलता अलग दर्ज नहीं; मानिए कि सामान्य निगरानी व फफूँदनाशी प्रथा फिर भी चाहिए।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • मध्य प्रदेश
  • गुजरात
  • राजस्थान

स्रोत: RVSKVV, Gwalior (parent university). संपादकीय नीति.