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राजस्थानअनुदानसक्रियअपडेट 5 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना

किसानों के एक समूह को अपने ही खेत में अच्छा, प्रमाणित बीज उगाने पर 25–50% अनुदान — ताकि अगले साल का बीज गांव में ही तैयार मिले, बाहर से खरीदना न पड़े।

संचालक: कृषि विभाग, राजस्थान सरकार

छोटे व सीमांत किसान
बीज लागत पर 50% अनुदान
अन्य किसान
बीज लागत पर 25% अनुदान
तरीका
30–50 किसानों का समूह
आवेदन
कृषि पर्यवेक्षक / राज किसान पोर्टल

परिचय

घर में रखा बीज कुछ सालों बाद कमजोर पड़ जाता है — वही किस्म बार-बार बोने से उपज घटने लगती है। इसी वजह से राजस्थान के कई किसान हर साल बाजार से नया बीज खरीदते हैं। मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना इसी सालाना खरीद को रोकने के लिए है — यह किसानों के एक समूह को अपने ही खेत में अच्छा, प्रमाणित बीज उगाना सिखाती है, ताकि गांव बाहर के बीज पर निर्भर न रहे।

कृषि विभाग गांव में लगभग 30 से 50 किसानों का समूह बनाता है और शुरुआत में राजस्थान राज्य बीज निगम (RSSC) से अच्छा बीज देता है। समूह इसे विभाग की देखरेख में उगाता है और बीज उत्पादन व संभाल की ट्रेनिंग पाता है। इस बीज की लागत पर छोटे व सीमांत किसान को 50% और बाकी किसानों को 25% अनुदान मिलता है।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • बीज की लागत पर छोटे व सीमांत किसान को 50% और बाकी किसानों को 25% अनुदान।
  • किसान समूह को RSSC से शुरुआती अच्छा बीज मिलता है, जिसे अपने खेत में उगाकर आगे बढ़ाया जाता है।
  • बीज उत्पादन और संभाल की मुफ्त ट्रेनिंग कृषि विभाग देता है।
  • अगले साल का अच्छा बीज गांव में ही तैयार रहता है, बाहर से खरीद पर निर्भरता घटती है।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • राजस्थान में खेती करने वाला किसान, जिस क्षेत्र में उस सीजन योजना चल रही हो
  • कृषि विभाग द्वारा बनाए गए 30–50 किसानों के समूह में शामिल होने को तैयार
  • विभाग द्वारा तय की गई फसल व किस्म उगाने को तैयार
  • अनुदान हस्तांतरण के लिए बैंक खाता

शामिल नहीं

  • योजना के अधिकृत समूह से बाहर रहकर बीज उगाने वाले किसान — अनुदान समूह की सदस्यता से जुड़ा है

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • जमाबंदी भूमि रिकॉर्ड
  • बैंक पासबुक
  • कृषि पर्यवेक्षक से समूह सदस्यता फॉर्म

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    बीज उत्पादक समूह में जुड़ें

    जब आपके क्षेत्र में योजना चले, अपने कृषि पर्यवेक्षक या राज किसान पोर्टल से संपर्क कर 30–50 किसानों के समूह में शामिल हों।

  2. 2

    प्रमाणित बीज पाएं और उगाएं

    सीजन की शुरुआत में समूह को RSSC से बीज मिलता है, जिसे विभाग की तकनीकी सलाह से उगाया जाता है।

  3. 3

    बीज जांच और अनुदान

    कटाई के बाद बीज की जांच प्रमाणीकरण मानकों पर होती है, और उसकी लागत पर 25–50% अनुदान किसान को दिया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना क्या है?

यह किसानों के एक समूह को अपने ही खेत में अच्छा, प्रमाणित बीज उगाना सिखाती है, ताकि गांव हर साल बाहर से नया बीज न खरीदे।

कितना अनुदान मिलता है?

छोटे व सीमांत किसान को बीज लागत का 50%, बाकी किसानों को 25% अनुदान मिलता है।

कौन सी फसलें शामिल हैं?

रबी में मुख्यतः गेहूं, जौ और चना, और खरीफ में ज्वार, सोयाबीन, मूंगफली, मूंग, मोठ व उड़द — आपके समूह को उस सीजन कौन सी फसल व किस्म उगानी है, यह विभाग बताता है।

क्या मैं खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकता हूं?

इसका कोई अलग व्यक्तिगत ऑनलाइन फॉर्म नहीं है। योजना आपके क्षेत्र में चलने पर कृषि पर्यवेक्षक द्वारा बनाए गए किसान समूह के ज़रिए ही जुड़ना होता है।

तथ्य 5 सितंबर 2026 को rajkisan.rajasthan.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.