बिहार राज्य फसल सहायता योजना
बिना प्रीमियम फसल-क्षति भुगतान — 20% तक क्षति पर ₹7,500/हेक्टेयर, उससे अधिक पर ₹10,000/हेक्टेयर — अधिसूचित सीजन में हर पंजीकृत किसान को।
संचालक: सहकारिता विभाग, बिहार सरकार
- 20% तक क्षति
- ₹7,500 / हेक्टेयर
- 20% से अधिक क्षति
- ₹10,000 / हेक्टेयर
- प्रीमियम
- कोई नहीं
- कौन पंजीकरण कर सकता है
- रैयत व गैर-रैयत किसान
परिचय
बिहार केवल केंद्रीय फसल बीमा योजना पर निर्भर रहने के बजाय अपनी फसल-क्षति सहायता योजना चलाता है, और किसान के लिए जो फ़र्क़ मायने रखता है वह है प्रीमियम — यहां कोई नहीं है। हर रैयत (भूमिधारक) या गैर-रैयत (काश्तकार/बटाईदार) किसान जो उस सीजन के लिए पंजीकरण करता है और जिसकी अधिसूचित फसल सूखे, बाढ़, ओलावृष्टि या अन्य आपदा से क्षतिग्रस्त होती है, उसे भुगतान मिलता है — बिना कोई पॉलिसी पहले से खरीदे।
पंजीकरण सीजनवार होता है और फसल कटाई से पहले करना ज़रूरी है — खरीफ (लगभग जुलाई–अक्टूबर) और रबी (लगभग नवंबर–अप्रैल) दोनों के लिए योजना पोर्टल पर अलग-अलग पंजीकरण चाहिए। सीजन के बाद सहकारिता विभाग अधिसूचित क्षेत्रों में क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (CCE) कर वास्तविक उपज हानि मापता है, और प्रभावित पंचायतों के किसानों को उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT से भुगतान करता है — हर किसान के लिए अलग नुकसान सर्वे या खेत विज़िट की ज़रूरत नहीं।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- 20% तक फसल क्षति आंकी जाने पर ₹7,500 प्रति हेक्टेयर।
- 20% से अधिक फसल क्षति आंकी जाने पर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर।
- किसान से किसी भी चरण में प्रीमियम नहीं लिया जाता।
- भूमिधारक (रैयत) और काश्तकार/बटाईदार (गैर-रैयत) दोनों किसान पंजीकरण व दावा कर सकते हैं।
- पंचायत के क्षति-प्रभावित घोषित होने पर सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT से भुगतान।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- बिहार में अधिसूचित फसल उगाने वाला किसान, रैयत या गैर-रैयत
- उस सीजन (खरीफ या रबी) के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि से पहले पंजीकृत
- कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर पंजीकृत, किसान पंजीकरण संख्या योजना आवेदन में दर्ज
- DBT भुगतान के लिए आधार-लिंक्ड बैंक खाता
शामिल नहीं
- उस विशेष सीजन में समय-सीमा से पहले पंजीकरण न कराने वाले किसान
- सीजन की अधिसूचना में शामिल न फसलें या प्रखंड
- बिना वैध आधार-लिंक्ड बैंक खाते के आवेदन
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- बिहार किसान पंजीकरण संख्या (DBT कृषि)
- आधार कार्ड, बैंक खाते से लिंक्ड
- भूमि रिकॉर्ड — रैयत के लिए LPC/रसीद, गैर-रैयत के लिए स्वघोषणा
- पंजीकरण के समय दिए गए जियो-टैग खेत/फसल विवरण
- बैंक पासबुक
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
पहले DBT कृषि पोर्टल पर पंजीकरण करें
योजना के लिए आवेदन से पहले dbtagriculture.bihar.gov.in पर वैध किसान पंजीकरण संख्या ज़रूरी है।
- 2
BRFSY पोर्टल पर सीजन के लिए पंजीकरण करें
बुवाई/पंजीकरण की अंतिम तिथि से पहले pacsonline.bih.nic.in पर खरीफ या रबी के लिए अलग आवेदन करें, फसल व खेत का विवरण दर्ज करें।
- 3
CCE आकलन और DBT भुगतान
अगर आपका क्षेत्र क्षति-प्रभावित अधिसूचित होता है, तो क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट क्षति मापता है, और उसी अनुसार प्रति-हेक्टेयर राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इस योजना के लिए कोई प्रीमियम देना पड़ता है?
नहीं। बिहार राज्य फसल सहायता योजना कोई प्रीमियम नहीं लेती — क्षति-प्रभावित अधिसूचित क्षेत्र के हर पात्र पंजीकृत किसान को भुगतान मिलता है।
मैं ऐसी ज़मीन पर खेती करता हूं जो मेरी नहीं है। क्या पंजीकरण कर सकता हूं?
हां। गैर-रैयत (काश्तकार/बटाईदार) किसान ज़रूरी स्वघोषणा के साथ रैयत (भूमिधारक) किसानों के साथ पंजीकरण कर सकते हैं।
क्या बाढ़ या सूखे के बाद अलग नुकसान का दावा भरना पड़ता है?
अलग व्यक्तिगत दावा फॉर्म की ज़रूरत नहीं। पंचायत के प्रभावित घोषित होते ही सहकारिता विभाग का क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट क्षति आंकता है और पंजीकृत किसानों को अपने-आप DBT से भुगतान करता है।
क्या पंजीकरण एक बार का है?
नहीं — पंजीकरण सीजनवार है। हर साल खरीफ और रबी के लिए अलग-अलग, उस सीजन की अंतिम तिथि से पहले पंजीकरण कराना होता है।
तथ्य 5 सितंबर 2026 को esahkari.bihar.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
